मैहर: जिले के नादन देहात थाना क्षेत्र में एक भयानक सड़क दुर्घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है। नेशनल हाईवे–30 पर तिलौरा गांव के निकट एक तेज गति वाले ट्रक ने बाइक पर बैठे पिता और उसके बेटे को कुचल दिया। यह घटना इतनी भयंकर थी कि वे दोनों उसी पल के दौरान जीवित नहीं रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता का शव ट्रक के नीचे आ जाने के कारण सड़क पर चिपक गया था। शव को वहां से हटाने के लिए फावड़ा और बेलचा की सहायता लेनी पड़ी।
इस दुखद दृश्य को देखकर वहां उपस्थित लोग चौंक गए और कुछ समय तक हाईवे पर अव्यवस्था का माहौल बना रहा। मृतक की पहचान अमरपाटन के निवासी राम क्लेश कुशवाहा (45) और उनके बेटे भीमसेन कुशवाहा (26) के तौर पर हुई है। दोनों बाइक संख्या MP 19 ZK 5738 द्वारा मैहर सिविल अस्पताल की ओर जा रहे थे। परिजनों ने बताया कि गुरुवार की सुबह लगभग 5 बजे राम क्लेश की बेटी का मैहर सिविल अस्पताल में जन्म हुआ, जिसमें दुर्भाग्य से मृत शिशु था। इस दुखद समाचार को सुनते ही पिता और बेटा अस्पताल के लिए निकल पड़े, लेकिन रास्ते में यह दुर्घटना हुई। भीमसेन कुशवाहा अपने तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। उसके पिता राम क्लेश कुशवाहा खेती करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। इस घटना में एक ही परिवार के दो आर्थिक रूप से सक्षम सदस्यों के निधन से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।गांव वालों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही ठीक-ठाक थी, लेकिन इस दुर्घटना के बाद उनके ऊपर गंभीर वित्तीय संकट आ गया है। नादन देहात थाने के प्रभारी रेणु मिश्रा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही लगभग 10 मिनट के भीतर पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी। राम क्लेश का शव बेहद गंभीर अवस्था में पाया गया, जबकि भीमसेन गंभीर चोटों के साथ मिला। उसे तुरंत थाने के वाहन से मैहर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक की खोज की जा रही है। इस मामले में मर्ग दर्ज कर लिया गया है और जांच की प्रक्रिया शुरू की गई है। दोनों शवों को मैहर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को उनके परिवार वालों को सौंपे जाएंगे। इस भयानक घटना ने केवल एक परिवार को बर्बाद कर दिया, बल्कि एक बार फिर तेज गति और लापरवाही से चलाए जाने वाले भारी वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
