सराफा बाजार में निर्माणाधीन भवन से गिरकर मजदूर की मौत, सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

कटनी। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सराफा बाजार में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंदार ज्वेलर्स के बाजू में चल रहे एक निर्माणाधीन भवन में काम करने के दौरान लगभग 15 फीट की ऊंचाई से गिरने से 32 वर्षीय मजदूर की अकाल मौत हो गई।मृतक की पहचान दीपक रैदास (32 वर्ष), पिता फागूराम, हाल निवासी चुनकाई मोहल्ला (थाना एनकेजे क्षेत्र) के रूप में हुई है।अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दमप्रत्यक्षदर्शियों एवं प्राप्त जानकारी के अनुसार, दीपक सराफा बाजार स्थित निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी कार्य कर रहा था। काम के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह लगभग 15 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर पड़ा। हादसे के तुरंत बाद उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है।तीन लोगों का बताया जा रहा निर्माणाधीन भवनअस्पताल पुलिस चौकी से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जिस भवन का निर्माण कराया जा रहा है, वह ललित सोनी, संजय बरस्कार और रंजन पटेल का बताया गया है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है।पुलिस ने कायम किया मर्ग, जांच शुरूघटना के संबंध में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामले में कोतवाली पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन थाना प्रभारी राखी पाण्डेय के थाने में मौजूद न रहने और फोन पर संपर्क न हो पाने के कारण उनका आधिकारिक वक्तव्य नहीं मिल सका। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही हादसे की वास्तविक वजहों और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति साफ हो पाएगी।

कटनी: बड़वारा में राजनीतिक रंजिश के चलते कांग्रेस नेता व समाजसेवी राघवेंद्र सिंह पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला, हालत नाजुक; क्षेत्र में आक्रोश

बड़वारा (कटनी) मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रोहनिया से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राजनीतिक रंजिश के चलते क्षेत्र के जाने-माने समाजसेवी एवं कांग्रेस नेता राघवेंद्र सिंह पर कुछ असामाजिक तत्वों ने धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ जानलेवा हमला कर दिया। हमले में राघवेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और स्थानीय निवासियों तथा समर्थकों में भारी आक्रोश है।

मित्र के घर रोहनिया गए थे राघवेंद्र, घात लगाकर किया गया हमलामिली जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह अपने मित्र कुलदीप सोनी से मिलने उनके निवास ग्राम रोहनिया पहुंचे थे। इसी दौरान राजनीतिक रंजिश और पुरानी खुन्नस को लेकर आरोपी प्रदीप, रामकिशोर एवं नंदनी कचेर वहां आ धमके। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने पूरी योजना के तहत राघवेंद्र सिंह पर धारदार हथियारों से हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में वे गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान अवस्था में जमीन पर गिर पड़े।

प्राथमिक उपचार के बाद हालत बेहद चिंताजनकवारदात के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और साथियों की मदद से लहूलुहान अवस्था में राघवेंद्र सिंह को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बड़वारा पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने और शरीर पर गंभीर चोटें होने के कारण उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों द्वारा स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च स्तरीय इलाज के लिए रेफर किए जाने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश में दबिशघटना की सूचना मिलते ही बड़वारा पुलिस बल तुरंत मौके पर और अस्पताल पहुंचा। पुलिस ने पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज कर मुख्य आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला राजनीतिक रंजिश और आपसी विवाद से जुड़ा नजर आ रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

बड़वारा क्षेत्र में तनाव, सुरक्षा बल तैनात एक प्रमुख समाजसेवी और सक्रिय कांग्रेस नेता पर हुए इस तरह के दुस्साहसिक हमले की खबर फैलते ही बड़वारा और आसपास के इलाकों में लोगों की भारी भीड़ जमा होने लगी है। राजनीतिक रंजिश के एंगल से मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

कटनी: छात्रावास की दो छात्राओं के कथित अपहरण से हड़कंप; पुलिस जांच में जुटी

बरही (कटनी):मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खितौली स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस छात्रावास की दो नाबालिग छात्राओं के कथित अपहरण की खबर से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। कक्षा सातवीं में पढ़ने वाली दोनों छात्राओं ने दो अज्ञात नकाबपोश बाइक सवार युवकों पर नशीला पदार्थ सुंघाकर ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच करते हुए इसे छात्राओं के छात्रावास से भागने की साजिश के कोण से भी देख रही है।स्कूल से अपहरण का आरोपछात्राओं के अनुसार, बुधवार को दोपहर के भोजन अवकाश (लंच ब्रेक) के दौरान वे पास की एक किराना दुकान पर गई थीं। उनका आरोप है कि इसी दौरान बाइक पर आए दो नकाबपोश युवकों ने उन्हें कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया, जिससे वे बेहोश हो गईं। छात्राओं का दावा है कि जब उन्हें होश आया, तो वे बरही के मेला ग्राउंड में थीं।परिचित ऑटो चालक ने की मददछात्राओं ने बताया कि होश में आने के बाद वे किसी तरह मेला ग्राउंड से निकलकर बरही-विजयराघवगढ़ मार्ग पर पहुंचीं। वहां उन्हें एक परिचित ऑटो चालक मिला, जिसे उन्होंने आपबीती सुनाई। ऑटो चालक दोनों छात्राओं को ग्राम देवरा ले गया, जहां एक छात्रा के रिश्तेदार और ग्राम सरपंच की मदद से पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही बरही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों छात्राओं को थाने ले आई।पहले भी मिली थी धमकी?मामले में एक नया मोड़ तब आया जब छात्राओं ने बताया कि घटना से एक दिन पहले भी दो नकाबपोश युवकों ने उन्हें धमकी दी थी। छात्राओं का दावा है कि उन्होंने इस बात की जानकारी छात्रावास में ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका को दी थी और परिजनों को सूचित करने का आग्रह किया था।पुलिस का पक्ष:घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों के साथ-साथ पुलिस बल भी थाने पहुंच गया। बरही थाना प्रभारी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर आशंका जताई है कि यह मामला छात्राओं द्वारा छात्रावास से भागने की साजिश भी हो सकता है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं और सीसीटीवी फुटेज आदि की गंभीरता से पड़ताल कर रहे हैं।

कटनी में खाकी पर दाग: आदिवासी महिला का बरही पुलिस पर सनसनीखेज आरोप, फर्जी बयान के लिए बरती बर्बरता!

कटनी। कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली और खाकी को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम झिरिया बैकोना टोला निवासी आदिवासी महिला ऊषा बाई भूमिया ने बरही पुलिस के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र सौंपा है। महिला का आरोप है कि पुलिस ने थाने में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, उस पर दबाव बनाकर झूठा बयान दिलवाया और ससुर की मौत के मामले में उसे ही फंसाने की साजिश रची।ससुर की संदिग्ध मौत और एफआईआर दर्ज न करने का आरोपशिकायत के अनुसार, महिला के ससुर चुन्दुल भूमिया 27 जून को गांव की पारंपरिक पूजा के लिए चंदा एकत्र करने बगदरी टोला गए थे। वहां से लौटने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने परिजनों को बताया कि रमेश बर्मन और उनके बेटे गोपी बर्मन ने उनके साथ मारपीट की और जबरन “एसिड जैसा कोई जहरीला पदार्थ” पिला दिया।गंभीर हालत में इलाज के दौरान 10 जुलाई को चुन्दुल भूमिया की मौत हो गई। पीड़िता का दावा है कि इस जघन्य अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए वे कई बार बरही थाने के चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।”एसपी साहब का आदेश है…” कहकर थाने में दी गई यातनाएं!मामले में सबसे सनसनीखेज मोड़ 12 जुलाई को आया। महिला का आरोप है कि पुलिस उसे और उसके पति को जबरन थाने ले गई, जहाँ उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएँ दी गईं।महिला ने आरोप लगाया:”पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ‘एसपी साहब का आदेश है कि तुमसे यह कबूल करवाना है।’ उन्होंने धमकाया कि अगर पुलिस के बताए अनुसार बयान नहीं दिया, तो पूरी जिंदगी जेल में सड़ा देंगे।”आरोप है कि बर्बरतापूर्वक मारपीट करने के बाद दबाव में महिला का वीडियो बयान रिकॉर्ड कराया गया और कोरे/लिखित कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए।मेडिकल जांच में भी धमकी का सायापीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी उजागर किया है कि अस्पताल ले जाते समय पुलिस ने उसे डॉक्टर के सामने मुंह न खोलने और मारपीट की बात छिपाने की सख्त हिदायत दी थी। डर के मारे महिला ने उस वक्त कुछ नहीं कहा, लेकिन बाद में स्वास्थ्य में थोड़ा सुधार होने पर हिम्मत जुटाकर उच्च अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाई।उच्च अधिकारियों और आरोपियों पर कार्रवाई की मांगपीड़िता ऊषा बाई ने प्रशासनिक तंत्र से न्याय की मांग करते हुए:मुख्य आरोपी रमेश बर्मन, गोपी बर्मन एवं अन्य पर हत्या का मामला दर्ज कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।बर्बरता करने और पद के दुरुपयोग के आरोप में एसडीओपी वीरेन्द्र सिंह धारवे तथा टीआई अरविंद कुमार चौबे के खिलाफ जांच व सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि भविष्य में उसके या उसके पति के साथ कोई भी अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस अधिकारियों की होगी।

दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस का लाठीचार्ज, कई छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली:

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर पुलिस कार्रवाई को लेकर बवाल मच गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर संसद की ओर रुख कर रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे युवाओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने भारी लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।

​कई छात्र घायल, RML अस्पताल में भर्ती

​पुलिस के इस कड़े एक्शन के बाद घटनास्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लाठीचार्ज में दर्जनों छात्र और प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत पास के डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।

  • गंभीर चोटें: कई छात्रों के सिर पर चोटें आई हैं और हाथ-पैर में फ्रैक्चर की खबरें हैं।
  • वेंटिलेटर पर छात्रा: रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाठीचार्ज के दौरान गंभीर रूप से घायल हुई एक युवा छात्रा की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे ICU में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

​CJP ने लगाया अमानवीयता का आरोप

​कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि छात्र पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे थे। सरकार और पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी हैं।

​पुलिस का पक्ष

​दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग की ओर बढ़ने से रोका गया था। पुलिस के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

​घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है। विरोध प्रदर्शन में छात्रों के घायल होने की घटना के बाद अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी हंगामा, पुलिस बल प्रयोग के बाद तनाव बढ़ा”

नई दिल्ली:राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों और दिल्ली पुलिस के जवानों के बीच अचानक स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग और लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर है।घटनाक्रम: क्या हुआ जंतर-मंतर पर?प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभिन्न मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। दोपहर के समय प्रदर्शनकारी जब अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने और बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने लगे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।देखते ही देखते बहस धक्का-मुक्की में बदल गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बुजुर्गों सहित कई निहत्थे आंदोलनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।प्रदर्शनकारियों के गंभीर आरोपआंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठा रहे थे।”हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना किसी उकसावे के जबरन लाठियां भांजना शुरू कर दिया।

कई साथियों को सिर और हाथों में गंभीर चोटें आई हैं।” — एक प्रत्यक्षदर्शी/प्रदर्शनकारीघायलों को पास के ही राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।पुलिस का पक्षघटना पर पुलिस प्रशासन की ओर से भी बयान आया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों को बार-बार निर्धारित दायरे में रहने की हिदायत दी जा रही थी।बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश: पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र की तरफ बढ़ने की कोशिश की।हल्का बल प्रयोग: स्थिति बिगड़ने और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को खतरा देखकर केवल “हल्का बल प्रयोग” किया गया।कानून-व्यवस्था का हवाला: जंतर-मंतर पर स्थिति को अब नियंत्रण में बताया जा रहा है और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

कटनी-बीना मेमू ट्रेन में खूनी संघर्ष, अवैध वेंडरों ने यात्रियों पर किया हमला, एक घंटे तक खड़ी रही ट्रेन

कटनी। कटनी से बीना की दिशा में जा रही मेमू ट्रेन (संख्या 61620) शनिवार की शाम उस समय हंगामे का केंद्र बन गई, जब ट्रेन के अंदर अवैध विक्रेताओं और यात्रियों के बीच हिंसक झगड़ा शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि विक्रेताओं ने यात्रियों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और इसके साथ ही पथराव भी होने लगा। इस अफरातफरी के कारण ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पर लगभग एक घंटे तक रुक गई।

विक्रेताओं
और यात्रियों के बीच टकराव
प्राप्त
जानकारी के अनुसार, कटनी से ट्रेन के चलने के कुछ समय बाद ही सालीया के अवैध विक्रेताओं और दमोह के यात्रियों के बीच किसी किसी मुद्दे पर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक रूप धारण कर गया। आरोप है कि विक्रेताओं ने कुछ यात्रियों पर धारदार हथियार से बार-बार हमला किया, जिससे वे घायल हो गए।

बकलेहटा
स्टेशन पर स्थिति और बिगड़ी, इंजन में घुसे युवा
लगभग
7:30 बजे जब ट्रेन रीठी थाना क्षेत्र के बकलेहटा स्टेशन पर पहुंची, तो वहां माहौल और बिगड़ गया। हमले से उत्तेजित दमोह के कुछ युवक ट्रेन से उतरे और मेमू के इंजन में घुस गए। इस कारण ट्रेन चालक को सुरक्षा कारणों से ट्रेन रोकनी पड़ी और तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इस दौरान स्टेशन पर दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होने लगी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस
ने की कार्रवाई
जैसे ही
घटना की जानकारी मिली, रीठी थाने के प्रभारी मो. शाहिद पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के आते ही उपद्रव कर रहे असामाजिक तत्व अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत डायल 112 की सहायता से रीठी अस्पताल भेजा गया। पुलिस की सुरक्षा में लगभग एक घंटे की देरी के बाद रात 8:30 बजे ट्रेन को आगे चलने दिया गया। इस घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कटनी से आरपीएफ और जीआरपी की टीमें रात में ही मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और अवैध वेंडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हाईवे पर ‘अंधी हत्या’ का सनसनीखेज खुलासा: लिफ्ट मांगकर ट्रक में बैठे, शराब पी और फिर व्हील पाना से उतार दिया मौत के घाट

कटनी। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक चालक की खून से सनी अवस्था में मिली शव की हत्या के रहस्य को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में पता चला कि चालक ने रास्ते में तीन युवाओं को लिफ्ट दी थी, जिन्होंने पहले उसके साथ बैठकर शराब का सेवन किया और फिर पैसे मांगने लगे। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और व्हील पाना से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली।
पुलिस
अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुदेश कुमार के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने इस मामले का खुलासा किया।

हाईवे
पर गाड़ी में मिला था शव
पुलिस
ने बताया कि 10-11 अप्रैल की रात को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि छपरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन संख्या MP 20 GA 6242 में एक व्यक्ति खून में सना हुआ पड़ा है। घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया, जहाँ के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृत
व्यक्ति की पहचान राकेश दाहिया (42) निवासी खितौला, सिहोरा, जबलपुर के रूप में हुई, जो पेशे से चालक था।

CCTV और तकनीकी सबूतों से हुआ खुलासा
स्लीमनाबाद
थाना पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल से सबूत जुटाए, परिवार वालों और वाहन के मालिक से पूछताछ की, साथ ही विभिन्न स्थलों से CCTV फुटेज की जांच की। इस प्रक्रिया में संदिग्धों की पहचान की गई।

22 अप्रैल को एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोहित कोल (21) निवासी ग्राम बंधी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कहा कि उसने अपने साथी अमन चौबे उर्फ पंकज उर्फ भूत (22) और एक अन्य साथी मनोज के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। लिफ्ट देने की कीमत जान देकर चुकाई
आरोपियों
ने पुलिस को बताया कि वे चालक से लिफ्ट लेकर उसकी गाड़ी में बैठे थे। रास्ते में शराब पीते हुए पैसे मांगना शुरू कर दिया। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तब तीनों ने हाथ-मुक्कों और व्हील पाना से उस पर हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हुई।

हथियार
और मोबाइल confiscated
पुलिस
ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके घटनास्थल पर इस्तेमाल किया गया व्हील पाना और मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

बिलहरी पुलिस को “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मिली सफलता नाबालिग बालिका को हैदराबाद से किया दस्तयाब

बिलहरी पुलिस को “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मिली सफलता नाबालिग बालिका को हैदराबाद से किया दस्तयाब

बिलहरी
पुलिस ने एक अपचारी बालक को, जिसने एक नाबालिग बालिका का अपहरण कर उसे हैदराबाद ले जाकर बलात्कार किया, बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने अपहृत बच्चों की भीड़ से बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे ”ऑपरेशन मुस्कान” का निर्देश दिया है। इसके अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया और नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पांण्डेय के नेतृत्व में, 17/04/2026 को इस मामले पर कार्रवाई की। पुलिस ने अपहृत बालिका का अपहरण कर हैदराबाद ले जाने वाले अपचारी बालक को पकड़ लिया।

11/04/2026 को, शिकायतकर्ता ने थाना कुठला में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी 16 साल 4 महीने की बेटी जो कक्षा 11 की छात्रा है। 10/04/2026 को, वह सुबह करीब 10 बजे अपने परिणाम लेने के लिए शासकीय स्कूल बिलहरी गई, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची। जब घर वापस आकर उसे खोजा गया, तो उसके बारे में कुछ पता नहीं चला, और ऐसा लगा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर ले जाया है। इस रिपोर्ट पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया और अपहृत बालिका और अज्ञात आरोपी की खोज के लिए चौकी बिलहरी थाना कुठला पुलिस ने पारंपरिक और तकनीकी सहायता से जांच की। इस बीच, जब यह जानकारी मिली कि अपहृता हैदराबाद में है, पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए तुरंत वहां हरकत की, जहां से 17/04/2026 को 16 साल 4 महीने की नाबालिग बालिका और 16 महीने 10 महीने का अपचारी बालक को उनके संरक्षण में लिया गया। अपचारी बालक को माननीय किशोर न्यायालय में पेश किया गया और वारंट बनने के बाद उसे बाल संप्रेक्षण गृह सिवनी भेजा गया।

पुलिस
कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका

इस
सफलता में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी उप निरीक्षक सुयश पांण्डेय, सहायक उप निरीक्षक राम सिंह, दामोदर राव, संतोषभरत, सविता तिवारी, दिलकेश्वर, संदीप भलावी, सौरभ जैन, विकास, महिला आरक्षक पूजा द्विवेदी और अन्य स्टाफ की सराहनीय भागीदारी रही है।

कटनी में पैतृक मकान विवाद ने लिया उग्र रूप

शहर के रंगनाथ नगर थाने के क्षेत्र में भीमराव चौक पर विरासत में मिली संपत्ति को लेकर प्रारंभ हुआ पारिवारिक विवाद अब गंभीर स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है। एक ही परिवार के सदस्य के बीच दीवार तोड़ने को लेकर उत्पन्न हुआ विवाद इतना बढ़ गया है कि यह मामला पुलिस थाने तक पहुँच गया है। शिकायतकर्ता संतोष कुमार गुप्ता के अनुसार, 16 अप्रैल को दोपहर लगभग 1:30 बजे जब वे अपने पारिवारिक मकान पहुंचे, तब उनके भतीजे दीपक गुप्ता, गोविंद गुप्ता और कृष्णा गुप्ता उस मकान की दीवार को तोड़ने में लगे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन पर गालियां देने और जान से मारने की धमकी देते हुए मकान खाली करवाने का दबाव डाला गया।इस घटना के समय आस-पास के लोगों ने भी इस पूरे घटनाक्रम को देखा, जो इसके प्रति गंभीरता को और बढ़ा देता है। पीड़ित की शिकायत पर रंगनाथ नगर थाने की पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रारंभ कर दी है। हालाँकि, शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद दीवार तोड़ने का कार्य नहीं रुका। इस आरोप के चलते स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक पारिवारिक संपत्ति का विवाद है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। जांच के परिणामस्वरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष: यदि पारिवारिक विवादों का त्वरित समाधान नहीं किया गया, तो ये कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है।

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