धारदार चाकू सहित पकड़ा गया नाबालिग 

थाना कोतवाली में तैनात सउनि कोतवाली कोतनी को जानकारी मिली कि एक युवक धारदार चाकू लेकर अपराध करने के इरादे से गायत्री नगर पुलिया पंप हाउस रोड के पास खड़ा है।

सोमवार को इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रआर 309 वीरेंद्र तिवारी, आर 262 अमित सिंह, आर 546 अजय सिंह, आर 327 उपेंद्र सिंह सरकारी वाहन और विवेचना किट के साथ घटनास्थल के लिए भेजे गए।

जब पुलिस टीम मुखबिर द्वारा बताई गई जगह पर पहुंची, तो वहां पर बताए गए लक्षणों वाला एक युवक संदिग्ध स्थित में देखा गया। उसे चारों ओर से घेर कर पकड़ा गया और उसकी तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान युवक की कमर के दाईं ओर एक काले कवर में लोहे का धारदार चाकू बरामद हुआ।
पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम आयुष दाहिया, पिता का नाम अमित दाहिया, उम्र 16 वर्ष, और निवास स्थान खैर माता मंदिर के पास, बैलट घाट, थाना कोतवाली कटनी बताया।

चाकू रखने के संदर्भ में वैध कागजात दिखाने को कहा गया, पर वह किसी भी दस्तावेज को प्रस्तुत नहीं कर सका।
पुलिस ने जब चाकू का माप लिया तो विवरण इस प्रकार था—
कुल लंबाई: 12 इंच
धार (फन) की लंबाई: 7 इंच
फन की चौड़ाई: डेढ़ इंच
हैंडल की लंबाई: 5 इंच
ऊपरी हिस्से पर: 8 कट्टरनुमा निशान पाए गए
ऐप के माध्यम से विधि उल्लंघनकर्ता बालक के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसमें पूर्व में रिकॉर्ड मिलने पर उसे अभिरक्षा में लिया गया। अभिरक्षा में लेने की सूचना उसे के परिवार के सदस्यों को अलग से दी जा रही है।

विधि उल्लंघनकर्ता बालक द्वारा किए गए कृत्य को धारा 25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दंडनीय पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25 के तहत कार्रवाई की गई, और वापस लौटने पर अपराध क्रमांक दर्ज कर प्रकरण की विवेचना शुरू की गई।

बस में महिला शूटर से छेड़छाड़

इंदौर में एक निजी ट्रैवल्स की बस में एक महिला शूटर के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब 30 वर्षीया महिला भोपाल से वर्मा ट्रेवल्स की बस में पुणे की ओर यात्रा कर रही थी। रास्ते में, एक नशे में धुत हेल्पर ने सीट का बहाना बनाकर महिला को गलत तरीके से छुआ।

जब महिला ने इसका विरोध किया, तो वह वहां से चला गया, लेकिन कुछ समय बाद वह कई बार आकर छेड़छाड़ करने की कोशिश करता रहा। जैसे ही महिला राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में पहुंची, उसने बस रुकवाई और पुलिस को सूचित करने की बात कही। इसी बीच, पुलिस की चेकिंग देखकर चालक और हेल्पर घबरा गए और बस को सड़क पर रोककर भाग गए।

इसके बाद, बस में मौजूद यात्री घंटों तक ठंड में सड़क पर खड़े रहे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, बस के मालिक से संपर्क किया और दूसरे चालक व हेल्पर को बुलवाया, जिसके बाद बस को आगे के लिए रवाना किया गया।
राजेंद्रनगर थाना पुलिस ने जानकारी दी कि महिला ने एक लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल मामला दर्ज नहीं हुआ है क्योंकि पीड़िता ने कानूनी सलाह लेने का उल्लेख किया है। पुलिस ट्रैवल्स के संचालक से आरोपी चालक और हेल्पर के बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है।घटनाक्रम के बाद यात्रियों में भी अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया।

बस रुकने और चालक-हेल्पर के भाग जाने के कारण यात्रियों को कई घंटों तक कठिनाई का सामना करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चालक के आने तक यात्रियों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया।

यह ध्यान देने योग्य है कि इसी थाना क्षेत्र में पिछले सप्ताह मुंबई-इंदौर बस में भी एक युवती के साथ छेड़छाड़ का मामला रिपोर्ट हुआ था, जिसमें आरोपी यात्री के साथ-साथ चालक और हेल्पर को भी जिम्मेदार ठहराया गया था। लगातार ऐसी घटनाओं ने बस यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 सरपंच पति पर चाकू से किया प्राणघातक हमला

जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के पनागर थाना क्षेत्र में नाली बनाने के मुद्दे को लेकर सरपंच पति पर चाकू से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। इस वारदात में शामिल एक व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ लिया है।

वहीं, अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जबलपुर शहर में चाकू से हमलों की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं, जिसके कारण शहर में डर का माहौल बना हुआ है।

जबलपुर के थाना पनागर में ग्राम कंदराखेड़ा परियट में विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां पर घायल इंद्रकुमार पटेल को इलाज के लिए स्वास्तिक अस्पताल ले जाया गया। स्वास्तिक अस्पताल पहुंचने पर इंद्रकुमार पटेल, जो कि 50 वर्ष के हैं और ग्राम कंदराखेड़ा पुरानी बस्ती के निवासी हैं, ने बताया कि वह जिला पंचायत सदस्य हैं।

उनकी पत्नी ज्योति पटेल ग्राम पंचायत कंदराखेड़ा की सरपंच हैं। कंदराखेड़ा में सड़क निर्माण के कारण पानी की पाइपलाइन टूट गई थी। लगभग 1:30 बजे, कंदराखेड़ा स्थित अवस्थी डेयरी के पास, इंद्रकुमार पाइपलाइन की मरम्मत कर रहा था। तभी गांव का सौरभ पटेल अपने दोस्तों हर्ष यादव और बबलू के साथ मोटरसाइकिल पर आया और उससे पूछा कि उसके घर के पीछे की नाली क्यों नहीं बनवाई जा रही है।

इंद्रकुमार ने बताया कि नाली का काम स्वीकृत हो चुका है और जैसे ही पंचायत का बजट आएगा, नाली का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसी बात पर सौरभ, हर्ष यादव और बबलू ने उसकी पत्नी का नाम लेकर गालियाँ देना शुरू कर दिया। जब इंद्रकुमार ने गालियां देने से मना किया, तो सौरभ ने चाकू से हमला करके उसके पेट में चोट पहुंचा दी और फिर तीनों मोटरसाइकिल पर बैठकर परियट की ओर भाग गए। इस संबंध में धारा 296, 109, 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और इसकी जांच प्रारंभ कर दी गई है।

जबलपुर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की जल्दी गिरफ्तारी का आदेश दिया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता और नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल राजेश्वरी कौरव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पनागर विपिन ताम्रकार की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया।

इस टीम ने सक्रियता से तलाश करते हुए आरोपी सौरभ पटेल, जो 20 वर्ष का है और नई बस्ती परियट पनागर का निवासी है, को हिरासत में लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चायना चाकू भी बरामद कर लिया गया। आरोपी को कानूनी तरीके से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जबकि अन्य फरार आरोपियों की खोज जारी है।

बेंगलुरु में युवक की दर्दनाक मौत

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक व्यक्ति की दूसरी पत्नी ने उसकी हत्या कर दी। उनकी शादी छह साल पहले हुई थी। विवाह के थोड़े समय बाद से ही उनके बीच विवाद शुरू हो गए थे। पत्नी वेंकटेश से उसका घर अपने नाम करवाने के लिए कह रही थी, पर पति इस पर सहमत नहीं हो रहा था। इसके बाद पत्नी ने उसकी हत्या की योजना बनाई और उसे छत से धक्का दे दिया, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई। यह घटना बेंगलुरु के अंदराहल्ली के मंजूनाथ लेआउट में हुई, जहां मृतक की पहचान वेंकटेश के रूप में हुई है। वेंकटेश की हत्या उसकी पत्नी पार्वती और उसके देवर ने मिलकर की। वेंकटेश ने दस साल पहले अपनी पहली पत्नी को छोड़ दिया था, और इसके बाद उसने पार्वती से छह साल पहले दूसरी शादी की थी।
शादी के उपरांत पार्वती ने वेंकटेश से उसके नाम पर घर कराने का आग्रह किया। उसने कहा कि या तो घर उसके नाम कर दो या फिर उसे छह लाख रुपये दो, लेकिन वेंकटेश इस बात पर बिलकुल भी सहमत नहीं था। इस वजह से उसने घर नाम करने से इनकार कर दिया, पर पत्नी की जिद के चलते उसने सिर्फ दो लाख पचास हजार रुपये देने की बात कही। पैसे और घर के नाम को लेकर दोनों के बीच लगातार झगड़े होते रहे। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच फिर से लड़ाई हुई। जब घटना की जानकारी पुलिस को मिली, तो वे मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही ब्यादराहल्ली पुलिस ने पार्वती और उसके देवर रंगास्वामी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या वेंकटेश की हत्या पैसे या घर के नाम करने के कारण हुई या फिर कोई और कारण था।
विवाद के बाद वेंकटेश ने रात नौ बजे अपनी पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पार्वती ने अपने देवर रंगास्वामी को बुलाया और दोनों ने मिलकर वेंकटेश को बिल्डिंग की छत से नीचे धक्का दे दिया। इससे वेंकटेश गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन फिर भी पार्वती ने उसके सिर पर फिर से हमला किया, जिससे वेंकटेश की मौके पर ही मौत हो गई।

SSP ने पुलिसकर्मी को किया सस्पेंड

अंबिकापुर में एक गाड़ी मोड़ने के दौरान इंडिकेटर न देने को लेकर हुए विवाद में हेड कॉन्स्टेबल और उसके सदस्यों ने एक वकील और उसके बेटे की मारपीट कर दी। इसके अलावा, पत्नी के साथ भी असभ्य व्यवहार किया गया। यह घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र में घटित हुई है।
सूचना के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। घटना पर ब्राह्मण समाज और वकील संघ ने अपना विरोध प्रकट किया है। हालांकि, सरगुजा के SSP राजेश अग्रवाल ने हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है।
गाड़ी मोड़ने के विवाद के कारण की गई मारपीट में संतोष कश्यप ने राहुल की कार के सामने अपनी गाड़ी खड़ी कर दी और बिना इंडिकेटर के गाड़ी मोड़ने पर गाली-गलौज शुरू कर दी। जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, हेड कॉन्स्टेबल और उसके साथियों ने राहुल की पिटाई कर दी। राहुल ने अपने पिता को फोन कर मामले की सूचना दी। इसी दौरान संतोष ने अपने दो अन्य साथियों को भी घटनास्थल पर बुला लिया।
राजेश और उनकी पत्नी संध्या तिवारी मौके पर पहुंचे। इस समय संतोष और उसके साथी राहुल पर हमला कर रहे थे। जब राजेश बचाव के लिए कदम बढ़ाए, तो हेड कॉन्स्टेबल और उसके तीन साथियों ने उन पर भी हमला कर दिया। राजेश की पत्नी ने जब बचाने की कोशिश की, तो उन्हें धक्का दीया गया जिससे उनके सिर में चोट आई और वह बेहोश हो गईं। इस मारपीट में वकील का बायां पैर फ्रैक्चर हो गया। रात में ही सरगुजा के SSP राजेश अग्रवाल को मामले की सूचना दी गई। SSP के निर्देश पर, गांधीनगर पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल संतोष कश्यप और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ धाराओं 296, 351(3), 115(2), 3(5) के तहत FIR दर्ज की है। हेड कॉन्स्टेबल को लाइन अटैच करने के लिए आदेश जारी किया गया है। इस मामले को लेकर ब्राह्मण समाज और वकील संघ ने नाराजगी जताई है। वकील संघ की बैठक आज निर्धारित की गई है। साथ ही, ब्राह्मण समाज और वकील संघ सरगुजा IG और SSP के पास जाकर मामले की शिकायत करेंगे।
सोमवार को SSP राजेश अग्रवाल ने स्थिति को देखते हुए हेड कॉन्स्टेबल संतोष कश्यप को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आधी रात मजदूरों पर हमला, मोबाइल लूट की कोशिश

मध्य प्रदेश : जबलपुर जिले में अपराधियों के हिम्मत दिन पर दिन अधिक होती जा रही है, जहां पुलिस को इन अपराधियों से कोई डर नहीं है।

अपराधी खुलेआम वारदातें कर रहे हैं, और शहर में हत्या, चोरी, लूट तथा चाकू मारने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। जबलपुर पुलिस इन घटनाओं पर नियंत्रण पाने में असमर्थ रही है। मजदूरों पर नकाबपोश अपराधियों ने हमला किया, जिसकी रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरे में हुई है।


बेलबाग थाना क्षेत्र में शनिवार रात चार मजदूरों के साथ मारपीट की गई और उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। नकाबपोश अपराधियों ने मजदूरों पर हमला किया। शनिवार रात लगभग 12 से 1 बजे के बीच चार नकाबपोश अपराधी डंडे लेकर स्थल पर पहुंचे।

उस समय सभी मजदूर सो रहे थे। अपराधियों ने पीड़ितों से मोबाइल मांगा। जब उन्होंने मोबाइल देने से मना किया, तो उन्होंने डंडों से उनकी पिटाई की। मारपीट के बाद अपराधी गालियाँ देते हुए वहां से भाग गए। पीड़ित ने इस घटना की जानकारी ठेकेदार संजय परेत को दी, जिसके बाद अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।


बेलबाग थाना प्रभारी राजकुमार खटीक ने बताया कि पीड़ितों द्वारा दिए गए कुछ वीडियो फुटेज के आधार पर नकाबपोश अपराधियों की तलाश जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही आरोपियों को पकड़कर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

पढ़ुआ में युवक की निर्मम हत्या चाकू के वार से बाहर निकल आईं आंतें

रमियाबेहड़ इलाके के पढुआ गाँव में शुक्रवार की शाम एक विवाद के चलते 19 वर्षीय आदर्श की चाकू से हत्या कर दी गई। इस घटना के पश्चात उनके परिवार वालों और अन्य ग्रामीणों ने मिलकर पढुआ चौराहे पर जाम लगा दिया।

ग्रामीणों का यह आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।
चंदन शुक्ला को इस घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार किया गया था।

एक अन्य आरोपी की खोज जारी है। शनिवार दोपहर जैसे ही लोगों को जानकारी मिली कि आदर्श रस्तोगी का शव पोस्टमॉर्टम के बाद उनके घर लाया गया है, तब परिजन और सैकड़ों रिश्तेदार चक्का जाम करने की मंशा से पढुआ चौराहे की ओर बढ़ गए।

उनकी मांग है कि आरोपियों को गाँव से बाहर निकाल दिया जाए तथा गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाए। आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया जाए और एक वांछित व्यक्ति की गिरफ्तारी की जाए।

इस स्थिति से निपटने के लिए पढुआ और तिकुनिया थाना के प्रभारी पुष्पराज कुशवाहा, सिंगाही के अजीत सिंह, निघासन के महेश चंद्र, धौरहरा के शिवम दुबे, तथा मझगई के राजू राव पुलिस बल के साथ मौजूद थे।


चंदन शुक्ला ने पहले आदर्श को पीटा और फिर पेट में चाकू मारा। चाकू आदर्श के पेट के दाहिने हिस्से में लगा। वार बहुत जोर से हुआ कि उसके पेट की आंतें बाहर निकल गईं।

गंभीर रूप से घायल आदर्श को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां रात के समय उनकी मौत हो गई। आदर्श रस्तोगी तराई किसान महाविद्यालय लालपुर निघासन में बीएससी एग्रीकल्चर का छात्र थे।

उनकी परीक्षा होने वाली थी, जिसकी फीस उन्होंने दो दिन पहले ही विद्यालय में जमा की थी। ग्रामीणों के अनुसार, आदर्श और चंदन दोनों अच्छे दोस्त थे। इतनी बड़ी घटना की संभावना किसी ने नहीं की थी। दोनों एक ही गाड़ी में अक्सर साथ में घूमते थे।

सरपंच ने महिला तहसीलदार से की अभद्रता

स्लीमनाबाद तहसील में गुरुवार को एक बड़ा बवाल हुआ। ग्राम सलैया फाटक के सरपंच बसोरी लाल यादव, जिन्हें आफत यादव के नाम से भी जाना जाता है, तहसील परिसर में घुस आए और वहां मौजूद आदिवासी महिला तहसीलदार सारिका रावत के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए ऊंची आवाज में धमकियाँ देने लगे।

सरपंच ने उपस्थित स्टाफ के सामने “राज चल रहा है तुम्हारा… राजस्व विभाग का पुतला बनाकर जूता–जूता मारूँगा” जैसे विवादास्पद वाक्य कहे। महिला तहसीलदार ने अपनी शिकायत में बताया कि सरपंच की पूर्व की शिकायत के मद्देनजर 14 नवंबर को ग्राम सलैया फाटक की सरकारी भूमि (ख.नं. 158 व 160) से अवैध कब्जा हटाने के लिए एक टीम भेजी गई थी।

लेकिन वहां कब्जाधारी की पत्नी ने विष लेकर आत्महत्या का प्रयास करने की धमकी दी, जिससे कार्रवाई रोकना पड़ा। इस दौरान पुलिस का कोई बल भी मौजूद नहीं था।
इसी मुद्दे पर सरपंच दोपहर लगभग 2 बजे तहसील पहुंचा और गुस्से में तहसीलदार पर चिल्लाने लगा।

तहसीलदार के अनुसार, सरपंच ने बार-बार धमकियाँ देते हुए स्टाफ की उपस्थिति में उनके आदिवासी होने को लेकर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।

घटना के बाद महिला तहसीलदार ने पूरे मामले की लिखित शिकायत 14 नवंबर 2025 को स्लीमनाबाद थाने में दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने सरपंच के खिलाफ संबन्धित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कर्मचारियों में पटवारी अजय मार्को, रीडर सोनल मिश्रा, सर्वेश मिश्रा, दुर्गेश बर्मन और निजी ऑपरेटर शामिल थे।

सभी ने सरपंच का व्यवहार प्रत्यक्ष रूप से देखाशिकायत में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरपंच पहले भी सरकारी कामों में कई बार बाधा उत्पन्न कर चुका है। थाना प्रभारी सुदेश कुमार सुवन ने बताया कि शिकायत के आधार पर सरपंच बसोरी लाल यादव के खिलाफ धारा 221, 351(2), 3(1)द, 3(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। विवेचना जारी है।


10 नवंबर को पुरानी तहसील से नई तहसील में सामग्री का स्थानांतरण करते समय भी उसने धमकी देते हुए कहा था कि “उद्घाटन में ही आंदोलन करूंगा”।


महिला तहसीलदार का मत है कि सरपंच निरंतर उनके आदिवासी होने पर अपमानजनक बातें करता है। यह पहली बार नहीं है जब सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 12 दिसंबर 2023 को पूर्व नायब तहसीलदार मौसमी केवट के साथ भी इसी तरह का अभद्रता का मामला दर्ज हो चुका है।

बेटा ही निकला माता-पिता का हत्यारा हत्याकांड का खुलासा

कटनी-बड़वारा थाना क्षेत्र के निगहरा गांव में एक दंपत्ति की क्रूर हत्या के मामले में पुलिस ने केवल 24 घंटे के भीतर महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।

दोहरे हत्याकांड की तहकीकात करते हुए पुलिस ने मृतक के बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी बेटे ने गुस्से और घरेलू विवाद के चलते अपने पिता और सौतेली मां की निर्दयता से हत्या की।

घटना के बाद वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बड़वारा पुलिस की सजगता और टीम की तेज कार्रवाई से उसे पकड़ लिया गया।

मृतक दंपत्ति की पहचान गांव के ही निवासियों के रूप में की गई है। घटना के पश्चात गांव में हलचल मच गई थी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर एफएसएल टीम के साथ जांच शुरू की और सुराग जुटाए।

संदेह के आधार पर परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों से पूछताछ की गई, जिसमें बेटे पर शक अधिक गहरा हो गया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया।


बड़वारा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी ने पारिवारिक झगड़ा और नाराज़गी के कारण इस घटना को अंजाम देने की बात स्वीकारी है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


पुलिस की इस तत्परता और तेज कार्रवाई की वजह से 24 घंटे के भीतर ही दोहरे हत्याकांड का खुलासा हो गया है, जिससे क्षेत्र में दहशत के बीच एक आंतरिक शांति का अहसास हुआ है।

दिल्ली ब्लास्ट युवाओं को बनाया गया दहशतगर्द

कैसे सहानुभूति दिखाकर युवाओं को आतंकवादी बनाया गया। डॉ. शाहीन सहानुभूति दर्शाकर युवाओं को आतंकवादी बनाने की साजिश में शामिल थी।

वह सिर्फ मेडिकल के छात्रों को प्रभावित नहीं कर रही थी, बल्कि मुस्लिम मरीजों का भी मस्तिष्क धोने का प्रयास कर रही थी। एटीएस के सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में शाहीन की गतिविधियों के संकेत मिले हैं।

यह पहला अवसर नहीं है जब चिकित्सकों की आतंकवादी गतिविधियों में भागीदारी देखने को मिली है। इससे पहले अगस्त 2024 में दिल्ली पुलिस ने यूपी एटीएस, राजस्थान और झारखंड पुलिस के सहयोग से आतंकवादियों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया था।

उस समय रांची के डॉ. इश्तियाक अहमद को गिरफ्तार किया गया, जो गिरोह का नेता था। खुफिया एजेंसियों ने अलकायदा इन इंडियन सब कांटिनेंट नामक मॉड्यूल का मामला उजागर करते हुए कई राज्यों से 14 लोगों को पकड़ा था।


एक बार फिर से चिकित्सकों की आतंकवादी गतिविधियों की संलिप्तता सामने आने के बाद एटीएस अलकायदा इन इंडियन सब कांटिनेंट मॉड्यूल से जुड़े व्यक्तियों की जानकारी की जांच कर रही है। दोनों मॉड्यूल के बीच के संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।

एटीएस की एक टीम ने दिल्ली में भी जांच की है। एक बार फिर से चिकित्सकों की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता उजागर होने के बाद एटीएस उस मॉड्यूल से संबंधित लोगों की जानकारी की जांच कर रही है। दोनों मॉड्यूल के आपसी संबंध का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

एटीएस की एक टीम ने दिल्ली में भी जांच की है। सूत्रों के अनुसार, शाहीन विदेश में पढ़ाई कर रही लड़कियों से ऑनलाइन संपर्क करती थी। वह उन्हें जमात उल मोमिनात से जोड़ने के लिए मानसिक रूप से प्रभावित करती थी। वह छात्राओं से ऑनलाइन मार्गदर्शन के बहाने संवाद करती थी।

धीरे-धीरे सहानुभुति जताने के नाम पर वह उन्हें संदिग्ध गतिविधियों में समाहित कर लेती थी। यह भी कहा जा रहा है कि शाहीन ने कई बार जम्मू-कश्मीर की यात्रा की थी। शाहीन का कार्य आतंकियों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करना था। आतंकवादी संबंधों के चलते गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीन का सामना उसके भाई डॉ. परवेज से कराया जाएगा।

वर्तमान में दोनों से अलग-अलग पूछताछ की जा चुकी है। इसके बाद दोनों को एक साथ पूछताछ किया जाएगा। इसी मामले में गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल से भी परवेज के संबंध के बारे में जानकारी प्राप्त की जाएगी।

error: Content is protected !!