स्लीमनाबाद थाने के सहायक उपनिरीक्षक पर महिला ने लगाए गंभीर आरोप, एसपी तक पहुंची शिकायत 

स्लीमनाबाद पुलिस थाने में तैनात एएसआई बृजेंद्र उरमलिया के खिलाफ एक स्थानीय महिला, हंसा ठाकुर ने कटनी पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान गंभीर आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। इस शिकायत में महिला ने एएसआई पर अनुचित संदेश भेजने, आपत्तिजनक बातचीत करने, ब्लैकमेलिंग करने की कोशिश करने और अपने पद का दुरुपयोग करने जैसे गंभीर और संवेदनशील आरोप लगाए हैं। इस मामले के उजागर होने के बाद क्षेत्र में पुलिस के व्यवहार पर चर्चा कई गुना बढ़ गई है।
हंसा ठाकुर का कहना है कि एएसआई बृजेंद्र उर्मालिया ने उन्हें बार-बार फोन पर अनुचित संदेश भेजे और अभद्र बातें कही, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गईं। महिला के अनुसार, अपने पति की आंखों की बीमारी का फायदा उठाकर, एएसआई ने उन्हें थाने आने के लिए दबाव डाला और लगातार उनसे संपर्क कर अनुचित टिप्पणियां कीं। शिकायत में यह भी उल्लेखित किया गया कि एएसआई अक्सर उनके आना-जाना पर नजर रखते थे और सवाल पूछते थे कि वह कहाँ जा रही हैं और किससे मिल रही हैं। इस प्रकार का व्यवहार उन्हें असहज और डरा हुआ महसूस कराने वाला था।
इसके अतिरिक्त, हंसा ठाकुर ने आरोप लगाया कि एएसआई ने उनके देवर के माध्यम से उन पर गलत आरोप लगाने और चार लाख रुपये की मांग करने का प्रयास भी किया। महिला ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने उनकी इज्जत, मान और सामाजिक छवि को गहरा नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एएसआई अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। महिला ने मांग की है कि एएसआई बृजेंद्र उरमालिया को तुरंत स्लीमनाबाद थाने से स्थानांतरित किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी इस मामले में हस्तक्षेप करके न्याय दिलाने की प्रार्थना की है।

बाकल ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, स्टॉप

कटनी, मध्यप्रदेश। जिले के बहोरीबंद जनपद क्षेत्र में स्थित बाकल ग्राम पंचायत में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप उभर कर आए हैं। गांव के ग्रामीणों का कहना है कि सभी आवश्यक साधनों के मौजूद होने के बावजूद सामान्य कार्य जैसे फोटोकॉपी बाहरी स्रोतों से कराए जा रहे हैं और इन कार्यों के लिए बिल अत्यधिक बताए जा रहे हैं।ग्रामीणों का इसी आरोप है कि ई-रिक्शा के नाम पर जाली बिल बनाए जा रहे हैं, जबकि पंचायत में ऐसे किसी वाहन का असली उपयोग आवश्यकता के अनुसार दिखाई नहीं दे रहा। इस संदर्भ में कई मामलों में चाय और समोसे तक के बिल पंचायत में पंजीकृत हैं, जिससे खर्चों की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच अपने को ईमानदारी का प्रतीक बताता है और साथ ही वह सरपंच फोरम का अध्यक्ष भी है, परंतु पंचायत की वास्तविकता इससे भिन्न है। उनके अनुसार पंचायत में चल रहे कामों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं नजर आ रही हैं, जिन पर किसी सरकारी अधिकारी ने अभी तक ध्यान नहीं दिया है।स्टॉप डैम की 24 लाख की लागत से बनी निर्माण का हाल यह है कि इसकी खिड़की तक नहीं लगाई गई। कुछ दिन पहले बाकल पंचायत में 24 लाख रुपए की लागत से एक स्टॉप डैम का निर्माण किया गया था, ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ है, जिसके चलते यह आज भी अधूरा और खुला पड़ा है। डैम में खिड़की न लगने की जानकारी के अनुसार, पंचायत को यह डर है कि अगर खिड़की लगाई गई, तो पानी का तेज बहाव उसके खराब निर्माण की असलियत को उजागर कर देगा। इसलिए इसे अभी तक अधूरा ही रखा गया है।स्थानीय निवासियों ने बताया कि स्टॉप डैम के बनने से ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी आई थी, किंतु अब पता चला है कि इस घटिया काम ने हमारी खुशी को प्रभावित कर दिया है। आज इस खराब निर्माण पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि कमीशन आधारित कार्यप्रणाली के तहत यह डैम बनाया गया है, इसलिए इसकी स्थिति शुरू से ही संदेह के घेरे में है।

बेंगलुरु में युवक की दर्दनाक मौत

कर्नाटक के बेंगलुरु में एक व्यक्ति की दूसरी पत्नी ने उसकी हत्या कर दी। उनकी शादी छह साल पहले हुई थी। विवाह के थोड़े समय बाद से ही उनके बीच विवाद शुरू हो गए थे। पत्नी वेंकटेश से उसका घर अपने नाम करवाने के लिए कह रही थी, पर पति इस पर सहमत नहीं हो रहा था। इसके बाद पत्नी ने उसकी हत्या की योजना बनाई और उसे छत से धक्का दे दिया, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई। यह घटना बेंगलुरु के अंदराहल्ली के मंजूनाथ लेआउट में हुई, जहां मृतक की पहचान वेंकटेश के रूप में हुई है। वेंकटेश की हत्या उसकी पत्नी पार्वती और उसके देवर ने मिलकर की। वेंकटेश ने दस साल पहले अपनी पहली पत्नी को छोड़ दिया था, और इसके बाद उसने पार्वती से छह साल पहले दूसरी शादी की थी।
शादी के उपरांत पार्वती ने वेंकटेश से उसके नाम पर घर कराने का आग्रह किया। उसने कहा कि या तो घर उसके नाम कर दो या फिर उसे छह लाख रुपये दो, लेकिन वेंकटेश इस बात पर बिलकुल भी सहमत नहीं था। इस वजह से उसने घर नाम करने से इनकार कर दिया, पर पत्नी की जिद के चलते उसने सिर्फ दो लाख पचास हजार रुपये देने की बात कही। पैसे और घर के नाम को लेकर दोनों के बीच लगातार झगड़े होते रहे। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच फिर से लड़ाई हुई। जब घटना की जानकारी पुलिस को मिली, तो वे मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही ब्यादराहल्ली पुलिस ने पार्वती और उसके देवर रंगास्वामी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या वेंकटेश की हत्या पैसे या घर के नाम करने के कारण हुई या फिर कोई और कारण था।
विवाद के बाद वेंकटेश ने रात नौ बजे अपनी पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद पार्वती ने अपने देवर रंगास्वामी को बुलाया और दोनों ने मिलकर वेंकटेश को बिल्डिंग की छत से नीचे धक्का दे दिया। इससे वेंकटेश गंभीर रूप से घायल हो गया, लेकिन फिर भी पार्वती ने उसके सिर पर फिर से हमला किया, जिससे वेंकटेश की मौके पर ही मौत हो गई।

बिल्डिंग मे चढ़कर आरोपी ने मचाया हंगामा

 विश्रमबाबा स्थित एसडीएम कोर्ट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक आरोपी कोर्ट से रिहा होते ही अचानक एसडीएम कार्यालय की बिल्डिंग पर चढ़ गया आरोपी की पहचान कन्हैया बर्मन के रूप में हुई है सोमवार शाम 7:30  बजे की घटना बतायी जा रहीं है एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र बैलेट घाट निवासी आरोपी कन्हैया बर्मन को 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा के तहत जीआरपी थाना पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किया गया था। मामला निपटने के बाद जैसे ही आरोपी बाहर निकला उसने वन विभाग की टीम को देखा और वह एडीएम कोर्ट की बिल्डिंग में चढ़ा गया और बिल्डिंग के सभी सीढ़ियों के दरवाजे छत से बंद कर दिए एसडीएम कोर्ट से रिहा हुए आरोपी कन्हैया को वन विभाग की टीम किसी अन्य मामले में कोर्ट से गिरफ्तार करने पहुंची थी।वन विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी घबराहट में अचानक कोर्ट भवन की छत पर चढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

अज्ञात कारणों से लगी आग एक की मौत महिला की हालत गंभीर, जिला अस्पताल में इलाज जारी

जिले की सीमाओं के निकट शाहनगर पन्ना के बिहरिया गांव में खेत में स्थित एक झोपड़ी और वहां रखी कटाई के बाद की धान में अनजान कारणों से आग लग गई। इस घटना में झोपड़ी में मौजूद दिव्यांग श्यामले आदिवासी और सिया बाई आदिवासी गंभीर रूप से जल गईं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती किया गया। इस दौरान, इलाज करवा रही श्यामले आदिवासी की मृत्यु हो गई, जबकि सिया बाई का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

रीठी अध्ययन केंद्र में मनाई गई बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती

मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा चलाए जा रहे मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत, शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रीठी के अध्ययन केंद्र में बीएसडब्ल्यू और एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम की कक्षाएँ प्रति रविवार आयोजित की जाती हैं।

इसी शैक्षणिक क्रियाकलाप के तहत, आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। आयोजनों में लोकगीत, नृत्य, भाषण और निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से जनजातीय नायकों की विरासत से युवाओं को जोड़ा गया।

कक्षा की शुरुआत प्रेरणादायक गीत, विचारों और असाइनमेंट निर्माण जैसी नियमित शैक्षणिक गतिविधियों से हुई। इसके पश्चात प्रयोगशाला ग्राम में आने वाली सामाजिक गतिविधियों पर चर्चा हुई। जनअभियान परिषद की शैक्षणिक परंपरा के अनुसार, कक्षा में महत्वपूर्ण त्यौहार, जयंती और महान जन नायकों की पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, और आज का आयोजन भी इसी क्रम में एक अहम पहल रहा।

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती समारोह का प्रारंभ उनकी प्रतिमा पर तिलक एवं फूल अर्पित करने से हुआ। इस अवसर पर विकासखंड समन्वयक जगह सिंह मसराम और समाजसेवी अनिल यादव मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में निबंध प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों ने बेहद उत्साह के साथ भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति पर आधारित नृत्य में स्वाति ने अद्भुत प्रदर्शन कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि काशी विश्वकर्मा दूसरे स्थान पर रहीं।

गायन प्रतियोगिता में एमएसडब्ल्यू की छात्रा मीनू प्रधान ने पहला और अंजू बर्मन ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता में एमएसडब्ल्यू द्वितीय वर्ष के महेश बर्मन ने पहला स्थान जीता और प्रथम वर्ष के छात्र अतुल बेन ने दूसरा स्थान हासिल किया।

उद्बोधन में परामर्शदाता अरुण तिवारी ने भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, उनकी संघर्षों, समाज सुधार के लिए प्रयासों और अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनके निष्कलंक नेतृत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा न सिर्फ जनजातीय समाज के प्रेरणास्रोत थे, बल्कि न्याय, आत्मसमर्पण और अधिकारों के लिए लड़ाई के प्रतीक भी माने जाते हैं।

विकासखंड समन्वयक ने छात्रों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने पर जोर दिया। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि छात्रों के लिए जनजातीय नायकों की गौरवमयी परंपरा एवं उनके सामाजिक योगदान को समझाने का एक उत्कृष्ट साधन भी साबित हुआ।

इंजीनियर के परिवार की कार को मारी जोरदार टक्कर

खितौला-खंपरिया के नजदीक एक नशे में धुत कार चालक भाग निकला, पति, पत्नी और उनकी दो साल की बेटी गंभीर रूप से घायल, पुलिस ने धारा 281 और 125A के तहत मामला दर्ज किया। सिहोरा–सिलौंडी मार्ग पर खितौला-खंपरिया के पास सोमवार की रात एक भयंकर सड़क दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 नवंबर 2025 की रात लगभग 9 बजे एक इंजीनियर का परिवार — पति, पत्नी और उनकी दो वर्षीय बच्ची — अपनी ससुराल सिलौंडी की ओर जा रहा था। जब उनकी कार खितौला-खंपरिया मोड़ के नजदीक पहुँची, तो सामने से तेज गति में आ रही कार MP 20 ZL 6192 के चालक ने नशे में गाड़ी पर नियंत्रण खो दिया और इंजीनियर की कार में जोरदार टक्कर मार दी।

यह टक्कर इतनी शक्तिशाली थी कि गाड़ी में सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इंजीनियर निखिल जैन को हाथ में गंभीर चोट आई, उनकी पत्नी के गले पर गहरा बदनू खींचा गया, जबकि दो वर्षीय बच्ची के हाथ के अंगूठे में फ्रैक्चर होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना के तुरंत बाद आरोपी चालक अपने सहयोगियों के साथ मौके से भाग गया।
सूचना मिलते ही मझगवां थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित दंपत्ति की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ धारा 281 और 125A के अंतर्गत मामला दर्ज किया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस फरार आरोपी और उसके साथियों की तलाश में जुटी हुई है।


स्थानीय निवासी यह कहते हैं कि सिहोरा–सिलौंडी मार्ग पर रात में नशे में गाड़ी चलाने की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिसके कारण गंभीर हादसे हो रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और शराब के प्रभाव में गाड़ी चलाने वालों पर सख्त नियंत्रण की आवश्यकता को सामने ला रही है।

सबकुछ जलकर राख, कौन भरेगा लाखों का नुकसान?

जिले के रामनगर में एक गंभीर घटना घटित हुई। जानकारी के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र के सिगड़ी ठुठी गाँव में एक घर में अचानक आग पकड़ ली। आग की लपटें इतनी भयंकर थीं कि देखते ही देखते इसने कई अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इसके अलावा, घर में बंधी पांच बकरियों के साथ-साथ वहाँ रखे धान, चावल और लगभग 80 हजार रुपए नकद भी जलकर खाक हो गए। कई घरों को नुकसान हुआ।
असल में, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस अग्निकांड से गाँव में अफरातफरी का माहौल बन गया। उधर, आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से काफी मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक सब कुछ राख में बदल चुका था। इससे अग्नि पीड़ितों में चीख-पुकार मच गई है। हालाँकि, प्रशासनिक दृष्टिकोण से अभी तक कितने घर जले हैं और आग कैसे लगी, इसकी किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पीड़ितों और ग्रामीणों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट के कारण ये मकान जल गए और इससे लाखों का नुकसान हुआ है।
सोमवार की रात को हुई यह घटना
यह ध्यान देने योग्य है कि पूरी घटनाक्रम रामनगर थाना क्षेत्र के तौलाहा पंचायत स्थित सिगड़ी ठुठी गाँव की है। जहाँ सोमवार रात बिजली विभाग की लापरवाही के कारण आग लगने से भगदड़ मच गई। एहतियात के तौर पर बिजली की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य के लिए क्षति का आकलन करने में जुटा हुआ है।

बहोरींबद थाना पुलिस द्वारा मुस्कान अभियान

कटनी
माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश के अनुसार पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 01.01.25 से 30.11.25 तक “मुस्कान विशेष अभियान” चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के नेतृत्व में तथा श्रीमान अति.पु.अधीक्षक डाँ. श्री संतोष डेहरिया और एसडीओपी स्लीमनाबाद के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बहोरीबंद, अखलेश दाहिया ने उत्कृष्ट हायर सेकेंडरी स्कूल बहोरीबंद में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी अखलेश दाहिया ने छात्रों को गुड टच और बैड टच के बारे में जानकारी दी और सुरक्षा से संबंधित व्यवहारिक जानकारी साझा की। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम, साइबर अपराध, सोशल मीडिया पर अनुचित सामग्री साझा करने के नकारात्मक प्रभावों और इसी प्रकार के कानूनी प्रावधानों के संबंध में भी समझाया गया।

बालिकाओं को किसी भी समस्या या शोषण की स्थिति में डायल-112, महिला हेल्पलाइन 1090, बाल सहायता हेल्पलाइन 1098, और नजदीकी पुलिस थाने से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई। इसके अलावा, थाना प्रभारी ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि जब भी कोई उनके साथ किसी भी प्रकार की घटना के लिए हिम्मत करे, तो उन्हें तुरंत विरोध करने की जरूरत है। यदि रास्ते में, बाजार में, या वाहन में कोई छेड़छाड़ करता है, तो तुरंत सहायता मांगें और आस-पास के लोगों को सूचित करें। घटना को दबाने की बजाय समय पर अपने अधिकारों की रक्षा करें, ताकि उन असामाजिक तत्वों को रोक कर उन्हें सजा मिल सके। इस मौके पर स्टाफ और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति देखी गई।

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