कटनी, मध्यप्रदेश। जिले के बहोरीबंद जनपद क्षेत्र में स्थित बाकल ग्राम पंचायत में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप उभर कर आए हैं। गांव के ग्रामीणों का कहना है कि सभी आवश्यक साधनों के मौजूद होने के बावजूद सामान्य कार्य जैसे फोटोकॉपी बाहरी स्रोतों से कराए जा रहे हैं और इन कार्यों के लिए बिल अत्यधिक बताए जा रहे हैं।ग्रामीणों का इसी आरोप है कि ई-रिक्शा के नाम पर जाली बिल बनाए जा रहे हैं, जबकि पंचायत में ऐसे किसी वाहन का असली उपयोग आवश्यकता के अनुसार दिखाई नहीं दे रहा। इस संदर्भ में कई मामलों में चाय और समोसे तक के बिल पंचायत में पंजीकृत हैं, जिससे खर्चों की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच अपने को ईमानदारी का प्रतीक बताता है और साथ ही वह सरपंच फोरम का अध्यक्ष भी है, परंतु पंचायत की वास्तविकता इससे भिन्न है। उनके अनुसार पंचायत में चल रहे कामों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं नजर आ रही हैं, जिन पर किसी सरकारी अधिकारी ने अभी तक ध्यान नहीं दिया है।स्टॉप डैम की 24 लाख की लागत से बनी निर्माण का हाल यह है कि इसकी खिड़की तक नहीं लगाई गई। कुछ दिन पहले बाकल पंचायत में 24 लाख रुपए की लागत से एक स्टॉप डैम का निर्माण किया गया था, ग्रामीणों का आरोप है कि इस निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ है, जिसके चलते यह आज भी अधूरा और खुला पड़ा है। डैम में खिड़की न लगने की जानकारी के अनुसार, पंचायत को यह डर है कि अगर खिड़की लगाई गई, तो पानी का तेज बहाव उसके खराब निर्माण की असलियत को उजागर कर देगा। इसलिए इसे अभी तक अधूरा ही रखा गया है।स्थानीय निवासियों ने बताया कि स्टॉप डैम के बनने से ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी आई थी, किंतु अब पता चला है कि इस घटिया काम ने हमारी खुशी को प्रभावित कर दिया है। आज इस खराब निर्माण पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि कमीशन आधारित कार्यप्रणाली के तहत यह डैम बनाया गया है, इसलिए इसकी स्थिति शुरू से ही संदेह के घेरे में है।
