अंबिकापुर में एक गाड़ी मोड़ने के दौरान इंडिकेटर न देने को लेकर हुए विवाद में हेड कॉन्स्टेबल और उसके सदस्यों ने एक वकील और उसके बेटे की मारपीट कर दी। इसके अलावा, पत्नी के साथ भी असभ्य व्यवहार किया गया। यह घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र में घटित हुई है।
सूचना के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल समेत चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। घटना पर ब्राह्मण समाज और वकील संघ ने अपना विरोध प्रकट किया है। हालांकि, सरगुजा के SSP राजेश अग्रवाल ने हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है।
गाड़ी मोड़ने के विवाद के कारण की गई मारपीट में संतोष कश्यप ने राहुल की कार के सामने अपनी गाड़ी खड़ी कर दी और बिना इंडिकेटर के गाड़ी मोड़ने पर गाली-गलौज शुरू कर दी। जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, हेड कॉन्स्टेबल और उसके साथियों ने राहुल की पिटाई कर दी। राहुल ने अपने पिता को फोन कर मामले की सूचना दी। इसी दौरान संतोष ने अपने दो अन्य साथियों को भी घटनास्थल पर बुला लिया।
राजेश और उनकी पत्नी संध्या तिवारी मौके पर पहुंचे। इस समय संतोष और उसके साथी राहुल पर हमला कर रहे थे। जब राजेश बचाव के लिए कदम बढ़ाए, तो हेड कॉन्स्टेबल और उसके तीन साथियों ने उन पर भी हमला कर दिया। राजेश की पत्नी ने जब बचाने की कोशिश की, तो उन्हें धक्का दीया गया जिससे उनके सिर में चोट आई और वह बेहोश हो गईं। इस मारपीट में वकील का बायां पैर फ्रैक्चर हो गया। रात में ही सरगुजा के SSP राजेश अग्रवाल को मामले की सूचना दी गई। SSP के निर्देश पर, गांधीनगर पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल संतोष कश्यप और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ धाराओं 296, 351(3), 115(2), 3(5) के तहत FIR दर्ज की है। हेड कॉन्स्टेबल को लाइन अटैच करने के लिए आदेश जारी किया गया है। इस मामले को लेकर ब्राह्मण समाज और वकील संघ ने नाराजगी जताई है। वकील संघ की बैठक आज निर्धारित की गई है। साथ ही, ब्राह्मण समाज और वकील संघ सरगुजा IG और SSP के पास जाकर मामले की शिकायत करेंगे।
सोमवार को SSP राजेश अग्रवाल ने स्थिति को देखते हुए हेड कॉन्स्टेबल संतोष कश्यप को निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच पूरी होने के बाद कठोर कार्रवाई की जाएगी।
