रमियाबेहड़ इलाके के पढुआ गाँव में शुक्रवार की शाम एक विवाद के चलते 19 वर्षीय आदर्श की चाकू से हत्या कर दी गई। इस घटना के पश्चात उनके परिवार वालों और अन्य ग्रामीणों ने मिलकर पढुआ चौराहे पर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों का यह आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।
चंदन शुक्ला को इस घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार किया गया था।
एक अन्य आरोपी की खोज जारी है। शनिवार दोपहर जैसे ही लोगों को जानकारी मिली कि आदर्श रस्तोगी का शव पोस्टमॉर्टम के बाद उनके घर लाया गया है, तब परिजन और सैकड़ों रिश्तेदार चक्का जाम करने की मंशा से पढुआ चौराहे की ओर बढ़ गए।
उनकी मांग है कि आरोपियों को गाँव से बाहर निकाल दिया जाए तथा गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाए। आरोपियों की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया जाए और एक वांछित व्यक्ति की गिरफ्तारी की जाए।
इस स्थिति से निपटने के लिए पढुआ और तिकुनिया थाना के प्रभारी पुष्पराज कुशवाहा, सिंगाही के अजीत सिंह, निघासन के महेश चंद्र, धौरहरा के शिवम दुबे, तथा मझगई के राजू राव पुलिस बल के साथ मौजूद थे।
चंदन शुक्ला ने पहले आदर्श को पीटा और फिर पेट में चाकू मारा। चाकू आदर्श के पेट के दाहिने हिस्से में लगा। वार बहुत जोर से हुआ कि उसके पेट की आंतें बाहर निकल गईं।
गंभीर रूप से घायल आदर्श को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां रात के समय उनकी मौत हो गई। आदर्श रस्तोगी तराई किसान महाविद्यालय लालपुर निघासन में बीएससी एग्रीकल्चर का छात्र थे।
उनकी परीक्षा होने वाली थी, जिसकी फीस उन्होंने दो दिन पहले ही विद्यालय में जमा की थी। ग्रामीणों के अनुसार, आदर्श और चंदन दोनों अच्छे दोस्त थे। इतनी बड़ी घटना की संभावना किसी ने नहीं की थी। दोनों एक ही गाड़ी में अक्सर साथ में घूमते थे।
