कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा फसल अवशेषों को जलाने के संबंध में लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद एक उल्लंघन की घटना सामने आई है।
शुक्रवार शाम को इस मामले में बाकल पुलिस थाने में एक एफआईआर दर्ज की गई। ग्राम पंचायत इमलिया के कोटवार अयोध्या प्रसाद ने हल्का नंबर 2 के पटवारी बिपिन पटेल द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट और पंचनामा को बाकल थाने में पेश करते हुए ग्राम सकरवारा के निवासी सुदर्शन पुत्र रत्तू पर नरवाई जलाने का आरोप लगाया।
आवेदन में कलेक्टर के निषेधात्मक आदेशों का उल्लंघन की बात कहते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया गया। इसी आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
यह मामला पूरी तरह से इस प्रकार है, कि सैटेलाइट मानचित्रण रिपोर्ट (8 नवंबर) के आधार पर मिली जानकारी की जांच कृषि विस्तार अधिकारी, हल्का पटवारी और कोटवार टीम द्वारा मौके पर की गई।
इस जांच में सामने आया कि ग्राम सकरवारा के खसरा नंबर 57, जिसमें 3.48 हेक्टेयर भूमि है, के एक हिस्से 0.48 हेक्टेयर पर नरवाई को जलाया गया है। इस भूमि का नाम बतसिया पुत्र रत्तू के पास है, लेकिन इस भाग में कृषि कार्य उनका पुत्र सुदर्शन पुत्र रत्तू करता है।
जांच दल ने यह पाया कि धान की कटाई के बाद खेत में बचे हुए नरवाई को आग लगाई गई थी। यह कार्य कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन है, जो कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163, और भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडनीय कार्रवाई की श्रेणी में आता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नरवाई जलाने की किसी भी घटना पर कठोर कदम उठाए जाते रहेंगे।
