katni news today धारदार चाकू लहराते 19 वर्षीय युवक को रंगनाथ पुलिस ने पकड़ा

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को एक मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि आर्डनेन्स फैक्ट्री के पर्यावरण ग्राउंड के पास एक व्यक्ति लोहे का तेज चाकू लेकर लोगों को भयभीत कर रहा है और वह किसी गंभीर वारदात को अंजाम दे सकता है। इस सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए, थाना प्रभारी ने साक्षी सतीश गौटिया और अपने सहयोगी स्टाफ तथा गवाहों के साथ उक्त स्थान पर पहुंचे।
पुलिस को देखकर संदिग्ध युवक भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन उसे घेरकर पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान उस युवक ने अपना नाम अजय गौड़, पिता का नाम लल्लू गौड़, उम्र 19 वर्ष तथा निवास स्थान बंधवा टोला, थाना रंगनाथनगर, जिला कटनी बताया। उसकी तलाशी लेने पर उसके जींस की दाहिनी जेब से एक लोहे का धारदार चाकू बरामद हुआ।
जब आरोपी से चाकू के वैध कागजात दिखाने के लिए कहा गया, तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस ने मौके पर उपस्थित गवाहों की मौजूदगी में उस धारदार चाकू को विधिपूर्वक जब्त कर सील कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी रात में किसी गंभीर घटना को अंजाम दे सकता था, इसी कारण उसका चेकलिस्ट तैयार कर उसे विधिपूर्वक गिरफ्तार करके थाने लाया गया।
थाने में आरोपी की जामा तलाशी कर उसे हवालात में रखा गया और जब्त चाकू को मालखाने में समर्पित किया गया। आरोपी के खिलाफ धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और इसकी जांच की जा रही है।

jabalpur news कुर्मी समाज को लेकर की गई आपत्ति जनक टिप्पणी को लेकर कुर्मी समाज मे आक्रोश

मुरारी पांडे द्वारा कुर्मी समुदाय पर की गई विवादास्पद टिप्पणियों के चलते कुर्मी समाज में असंतोष जबलपुर: दमोह रहली से संबंधित मुरारी पांडे के फेसबुक पर किए गए विवादास्पद पोस्ट के बाद अखिल भारतीय कुर्मी समाज के सदस्यों ने एसपी को एक ज्ञापन सौंपते हुए मुरारी पांडे के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और नई धाराएं लगाने की मांग की है। लोगों ने कहा कि मुरारी पांडे की कुर्मी समाज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर प्रसार हासिल कर लिया, जिससे पूरे कुर्मी समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया है। हालांकि पुलिस ने मुरारी पांडे को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच, कुर्मी समाज की मांग है कि मुरारी पांडे के खिलाफ आरोप बढ़ाकर सख्त कदम उठाए जाएं।

maugan new पुलिस ने शुरू की चोरों की तलाश स्कूटी की डिग्गी तोड़कर उड़ाए 2 लाख रुपये

स्कूटी की डिग्गी तोड़कर उड़ाए 2 लाख रुपये
जानकारी के अनुसार, ढढनी के निवासी रामबहादुर तिवारी ने बुधवार को एसबीआई मऊगंज शाखा से 2 लाख रुपये निकालकर लौटते समय अपनी स्कूटी की डिग्गी में पैसे और दस्तावेजों को एक छोटे बैग में रखते हुए यात्रा की। बैंक से बाहर निकलने के बाद, वे भाठी मोड़ पर स्थित एक किराना स्टोर पर कुछ समय के लिए रुके। यहां पर हमेशा लोगों की भीड़ रहती है, जिसका फायदा उठाकर बदमाशों ने उनकी स्कूटी को अपना निशाना बनाया। किराना दुकान से बाहर आने के बाद, रामबहादुर सीधे बनवारीलाल शुक्ला के निवास पहुंचे, जहां उन्हें पैसे देने थे। जैसे ही उन्होंने स्कूटी की डिग्गी खोली, वे चौंक गए। डिग्गी का ताला टूटा हुआ था और भीतर रखा बैग पूरी तरह से गायब था। उस बैग में नकदी के अलावा पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड शामिल कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी थे।
घटना का पता चलते ही उन्होंने आस-पास के लोगों से पूछताछ की और अनेक स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन चोर का कोई संकेत नहीं मिला। यह आशंका जताई जा रही है कि भीड़ में मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने मौके का उपयोग करते हुए चोरी की घटना को अंजाम दिया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर मऊगंज पुलिस ने एक अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस भाठी मोड़ और उसके आसपास के इलाकों में लगे संभावित सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।
इस संदर्भ में एसडीओपी सची पाठक ने जानकारी दी कि शिकायत मिलते ही पुलिस की टीम सक्रिय हो गई है और विभिन्न स्थानों के फुटेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्दी ही आरोपी की गिरफ्तारी होगी और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

रीठी पुलिस की सतर्कता से बचे दो दर्जन यात्री, नशे में धुत्त बस चालक की जानलेवा हरकत

कटनी। रीठी पुलिस की सतर्कता से आज दो दर्जन से अधिक बस यात्रियों की जान बच गई। अगर पुलिस ने समय रहते एक्शन नहीं लिया होता तो फिर भयावह दुर्घटना घटित हो सकती थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि नशे में धुत्त एक बस चालक यात्रियों से भरी बस को लहराते हुए तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ा रहा था। जानकारी मिलते ही पुलिस ने किसी तरह बस चालक को रोक कर जांच की। बस को जब्त कर यात्रियों को सुरक्षित दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य तक भिजवाया।
कटनी पुलिस द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालको के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत आज 04 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया व उप पुलिस अधीक्षक उषा राय के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी रीठी के नेतृत्व में रीठी पुलिस ने शराबी बस  चालक के विरूद्ध कार्यवाही कर गंभीर घटना घटित होने से रोकी
आज कटनी दमोह मुख्यमार्ग पर एक बडी दुर्घटना उस समय टल गई जब कटनी से पन्ना जा रही यात्री बस क्रमांक एमपी 41 आर 0747 के चालक को बस तेज गति से लहराते हुए चलाते हुए पकड़ा गया। बस चालक नशे में धुत्त था, जबकि बस में करीब 25 से ज्यादा यात्री सवार थे। उसकी यह लापरवाही किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकती थी। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर रीठी कस्बे में वाहनो की नियमित जांच की जा रही थी। चेकिंग के दौराना बस की जानकारी मिलते ही रीठी पुलिस ने बस को रोक कर चालक की जांच की, जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चालक अत्यधिक शराब के नशे में था और सुरक्षित ड्राइविंग में पूरी तरह अयोग्य स्थिति में था। रीठी पुलिस ने तत्काल बस को जप्त कर चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्यवाही की। वहीं यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने सभी यात्रियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य के लिए रवाना करवाया। समय रहते की गई इस कार्यवाही से दर्जनों यात्रियों की जाने बच गईं।

मुफ्त में नही दी मिठाई तो फरसा तलवार से जानलेवा हमला

मिठाई मुफ्त में देने से मना करने पर बदमाशों ने तलवार और फरसा से जानलेवा हमला किया, जिसका वीडियो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ है।
जबलपुर के हनुमानताल पुलिस थाने के तहत स्लॉटर हाउस गेट नंबर 3 के पास एक मिठाई की दुकान चलाने वाले मो तोहिद पर क्षेत्र के अपराधियों जग्गा, रमजान, राजा और अन्य ने 25 तारीख को दुकान में आकर मुफ्त मिठाई लेने का दबाव डाला। जब मो तोहिद ने मुफ्त मिठाई देने से इनकार किया, तो जग्गा, रमजान, राजा और उनके साथी घर से तलवार और फरसा लेकर आए और मो तोहिद तथा उसके परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे मो तोहिद और उसके परिजन घायल हो गए। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई।
पीड़ित ने हनुमानताल थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने कहा कि एफआईआर तो दर्ज हो गई है, लेकिन धाराएं हल्की हैं, और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण वह एसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़ित को गंभीर चोटें आई हैं और उन्होंने एसपी से न्याय की मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों ने जानलेवा हमला किया, उनके खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके कारण अपराधी उन्हें केस वापस लेने की धमकी दे रहे हैं और लगातार पैसे मांग रहे हैं। आरोपियों की पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता है और वे नशे के आदी हैं, जिससे पीड़ित बेहद डर गया है।

latest katni news today जनसुनवाई में हंगामा- पीड़िता ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर आत्मदाह का किया प्रयास

जिला कलेक्टर कार्यालय में उस समय भगदड़ मच गई जब जनसुनवाई में पहुंची स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के गांव धुरी (बंधी) की 18 वर्षीय लक्ष्मी लोधी ने विभिन्न आरोपों से भरा अपना आवेदन लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की, अपने उपर पेट्रोल डालकर।
खासतौर पर, वहाँ मौजूद व्यक्तियों ने उसे समझाकर आत्मदाह से रोक लिया, लेकिन इस घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर संदेह उत्पन्न कर दिए हैं।
लक्ष्मी लोधी ने स्लीमनाबाद थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जनसुनवाई के दौरान लक्ष्मी लोधी ने कलेक्टर को दिए अपने आवेदन में बताया कि पिछले ढाई वर्षों से उसके परिवार पर लगातार हमले हो रहे हैं, जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, लेकिन स्लीमनाबाद थाने की पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
पीड़िता के अनुसार, 23 दिसंबर 2024 को उसके पिता भारत लोधी पर गांव के लोटन सोनी और उसके परिवार ने गालियाँ देते हुए हमला किया।
हमले के दौरान, गोविंद सोनी, विजय सोनी, रोशन सोनी, रक्कू सोनी, संतु सोनी और गोलू सोनी ने उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि हमलावर उसके घर में घुस गए और उसके भाई कृष्णा लोधी के साथ मारपीट की, जिससे उसे सिर में अंदरूनी चोटें आईं।पीड़िता ने यह भी कहा कि—
“हमारी रिपोर्ट को पुलिस ने हमारी बताई बातों के अनुसार नहीं लिखा, अपनी मनमर्जी से रिपोर्ट बना ली। आज तक किसी भी आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
पिता का लापता होना, परिवार में भय
लक्ष्मी ने कहा कि घटना के बाद से उसे अपने पिता का कोई पता नहीं चल रहा है, जिससे उनका परिवार डर और चिंता में है। रात के समय गुंडों द्वारा उनके घर को घेरने और धमकाने की घटनाएं भी सुनाई गई हैं।
गांव के कुछ लोगों पर मिलीभगत का आरोप
पीड़िता ने अपने आवेदन में यह भी कहा कि शिवप्रसाद लोधी, संजय लोधी और लखन लोधी मेरे विरोधियों के साथ मिलकर मेरे नाम पर गैरकानूनी धन इकट्ठा करते हैं और दबाव डालकर जबरदस्ती समझौता कराते हैं। प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए लक्ष्मी ने कलेक्टर से अपील की है कि उसके पिता को ढूंढा जाए।
परिवार को सुरक्षा दी जाए।
स्लीमनाबाद थाना पुलिस निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करे और आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
कलेक्ट्रेट में मामला चर्चा का विषय
कलेक्ट्रेट परिसर में इस घटना को लेकर भीड़ इकट्ठा हो गई और लोग पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे। लोगों का कहना है कि यदि समय पर न्याय न मिला, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

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इंस्टाग्राम से रचा हनी ट्रैप, झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी

इंस्टाग्राम पर युवाओं को फंसाने और उनसे पैसे लेने वाले एक संगठित हनी ट्रैप गिरोह का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पावला बेलखेडा के दो सगे भाइयों को ईडब्ल्यूएस क्वार्टर, शताब्दीपुरम बुलाकर न केवल उनकी पिटाई की गई, बल्कि वीडियो बनाकर उनसे एक लाख रुपये लेने का दबाव भी डाला गया। पैसे ना देने पर उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पूरे घटनाक्रम में यादव कॉलोनी चौकी के कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध साबित हुई है, जिनकी कॉल डिटेल्स और डायरी एंट्री की जांच शुरू कर दी गई है।
सीएसपी रितेश शिव ने जानकारी दी कि एक 19 वर्षीय युवक ने शिकायत की है कि उसके बड़े चाचा के बेटे के साथ ‘रागिनी शर्मा’ नामक इंस्टाग्राम आईडी से बातचीत हो रही थी। दो दिन बाद, युवती ने शुक्रवार दोपहर मिलने का संदेश भेजा। युवती मेहता पेट्रोल पंप के करीब मिली और पहले 500 रुपये लेकर दोनों भाइयों को ईडब्ल्यूएस क्वार्टर ले गई। वहाँ पहुँचकर उसने चाइनीज भोजन, बियर और सिगरेट मंगवाई। कुछ ही मिनटों बाद, उसने फोन कर अपने साथियों विवेक तिवारी और साहिल बर्मन को बुला लिया। “या तो हमें एक लाख रुपये दो, नहीं तो हम बलात्कार का मामला दर्ज कर देंगे।” पीड़ित युवक भयभीत हो गया और अपने परिवार को बुलाया। परिवार ने पैसे देने से साफ मना कर दिया और थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई।
इस मामले को संदिग्ध बनाने वाला सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि युवती द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगाने के केवल दो मिनट के भीतर पुलिस घटना स्थल पर पहुँच गई। पीड़ित का आरोप है कि इतनी त्वरित कार्रवाई तभी संभव है जब पुलिस को पहले से सूचना हो या कोई समन्वय हो। इसी कारण से चौकी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। उच्च अधिकारी अब यह सुनिश्चित करने के लिए जांच कर रहे हैं कि कहीं पुलिसकर्मियों का इस गिरोह से कोई संबंध तो नहीं था।रागिनी शर्मा, विवेक तिवारी और साहिल बर्मन के खिलाफ धारा 308(2), 61(2), 296, 115(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है और इन तीनों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह पहले कितने युवाओं को इसी प्रकार से हनी ट्रैप में फंसा चुका है। सूत्रों के मुताबिक, अगर जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भागीदारी के सबूत मिले तो उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही, निलंबन, और आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है।

Latest Katni News देशी कट्टा लेकर अपराध की फिराक में घूम रहा युवक रंगे हाथों गिरफ्तार

पुलिस की तत्परता और निरंतर गश्त के कारण एक संभावित अपराध को होने से पूर्व ही रोका गया। थाना कोतवाली की पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को देसी कट्टे और जीवित कारतूस के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ऐसा कहा जा रहा है कि आरोपी किसी गंभीर घटना को अंजाम देने की योजना बनाए हुए था। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार, शहर में अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी संदर्भ में, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय के नेतृत्व में लगातार पैट्रोलिंग की जा रही थी। शुक्रवार, 29 नवंबर 2025 को आदि शिवधाम दुबे कॉलोनी के निकट पुलिस की गश्त के दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध स्थिति में खड़ा दिखाई दिया, जो पुलिस की गाड़ी को देख नदी की ओर भागने लगा। स्टाफ ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ा। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम अमित दाहिया, पिता स्व. गणेश दाहिया, उम्र 40 वर्ष, निवासी बैलट घाट, कटनी बताया। खोजबीन के दौरान उसके कमर में जैकेट के अंदर छिपा एक देसी कट्टा और पैंट की जेब से एक जिंदा कारतूस मिला। लाइसेंस दिखाने पर आरोपी कोई कागजात नहीं दे सका। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराएं 25, 27 के तहत मामला क्र. 994/2025 दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी पर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय ने कहा कि पुलिस की तत्परता के कारण एक संभावित गंभीर घटना टल गई। उन्होंने बताया कि आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी जारी है, ताकि नागरिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में रह सकें। गिरफ्तार आरोपी का नाम: अमित दाहिया, पिता: बैलट घाट, थाना कोतवाली, जिला कटनी, उम्र: 40 वर्ष, जप्त वस्त्र: 01 देसी कट्टा, 01 जीवित कारतूस। पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका में हैं: पुलिस अधीक्षक – श्री अभिनय विश्वकर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक – डॉ. संतोष डेहरी, नगर पुलिस अधीक्षक – श्रीमती नेहा पच्चीसी, थाना प्रभारी – निरीक्षक राखी पाण्डेय, उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र तिवारी, आरक्षक अजय प्रताप सिंह, उपेन्द्र सिंह, मंसूर हुसैन, अजीत सिंह, दिनेश सेन।

 Latest Katni Jabalpur News झगड़े के बाद कर दी पत्नी की हत्या अदालत ने सुनाई पटवारी को उम्रकैद

जबलपुर के एक न्यायालय ने पत्नी की हत्या करने वाले व्यक्ति को जीवन की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश एमडी रजक ने मुकदमे के दौरान पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दी। डिंडोरी जिले के शाहपुरा ब्लॉक में कार्यरत पटवारी रंजीत मार्को ने खुद अप्रैल 2024 में पुलिस थाने में अपनी पत्नी सरला मार्को के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। सरला अपने घर से लापता थी। इस सूचना के बाद, पुलिस ने तुरंत रंजीत के साथ मिलकर सरला की तलाश आरंभ की। लगभग पांच दिनों की खोजबीन के बाद सरला का शव छीताखुदरी डैम में पाया गया।
पुलिस की जांच के पश्चात, आरोपी रंजीत ने अपनी हत्या की बात को स्वीकार कर लिया, जबकि पहले पुलिस को समझ नहीं आ रहा था कि सरला की हत्या किसने की और उसके शरीर को किसने फेंका। लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रंजीत ने अपनी पत्नी की हत्या के बाद उसके शव को दो हिस्सों में काटकर उसे एक बोरी में डालकर तालाब में फेंक दिया। रंजीत को विश्वास था कि उसकी हत्या का राज किसी को नहीं पता चलेगा। लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल के बाद, रंजीत ने अपने अपराध की स्वीकृति दे दी। रंजीत और सरला ने इस घटना से लगभग तीन साल पहले लॉकडाउन के दौरान विवाह किया था। उनकी पहली मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी, जहां दोनों के बीच प्यार हुआ। उस समय वे इंदौर में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, और उनके रिश्ते की गहराई को देखते हुए उन्होंने शादी करने का निर्णय किया। चूंकि दोनों एक ही समुदाय से थे, उनके परिवार वाले भी इस विवाह के लिए राजी हो गए, और इसी वजह से लॉकडाउन के दौरान दोनों की शादी कर दी गई।हत्या का कारण चौंकाने वाला था। विवाह के प्रारंभिक चरण में पति रंजीत अपनी पत्नी सरला को सभी बाहरी कार्यक्रमों में ले जाता था, लेकिन जब सरला ने दो वर्ष बाद एक बेटे को जन्म दिया, तो रंजीत ने उसे अपने साथ बाहर ले जाना बंद कर दिया। इस विषय पर अक्सर उनके बीच झगड़े होते थे, और घटना की रात भी इसी कारण संघर्ष हुआ था। अपर सत्र न्यायाधीश एमडी रजक की अदालत ने आरोपित को दोषी करार दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत रंजीत को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी रंजीत को जिला न्यायालय के जज ने दस हजार रुपये का जुर्माना के साथ जीवन भर की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अभिषेक दीक्षित ने दलीलें प्रस्तुत कीं।
उन्होंने बताया कि यह घटना 22 अप्रैल 2024 की है। आरोपी रंजीत मार्को (31) पटवारी के पद पर कार्यरत था। आरोपी ने अपनी पत्नी सरला को विवाह में न ले जाने को लेकर बहस की। इसी तर्ज पर उसने अपनी पत्नी को थप्पड़ मारा। इस पर सरला पुलिस को शिकायत करने के लिए 100-डायल नंबर पर फोन करने लगी। इस पर आरोपी ने उसे लात मारी, जिससे वह जमीन पर गिर गई। इसके बाद आरोपी पति ने उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
हत्या को छिपाने के लिए आरोपी ने शव को काटकर छीताखुदरी डैम में फेंका। फिर आरोपी ने इस हत्या को छुपाने के लिए शव को दो बोरियों में भरकर डेम में फेंक दिया। सिर्फ यही नहीं, उसने पुलिस में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवा दी। कुंडम पुलिस ने संदेह के आधार पर जांच शुरू की, जिसके फलस्वरूप मामले की परतें खुलने लगीं।

गोली मारकर हत्या के आरोपित अकरम खान का मकान गिराने पर हाईकोर्ट ने लगाई 15 दिन की रोक

जबलपुर। अकरम खान, जो भाजपा नेता नीलू रजक की गोली मारकर हत्या के मामले में आरोपी है, के मकान को गिराने पर हाईकोर्ट ने 15 दिनों का रोक लगा दिया है। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कटनी के इस प्रकरण में 15 दिन के भीतर युगलपीठ में अपील करने की अनुमति भी दी है, यदि आवश्यक समझे। कैमोर नगर परिषद ने मकान को गिराने के लिए नोटिस जारी किया है, जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई है। इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और पैनल अधिवक्ता आकाश मालपाणी ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पास संपत्ति के अधिकार और निर्माण की स्वीकृति से संबंधित कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं है।
हालांकि, मकान मोहम्मद इमरान खान की माता के नाम पर है, लेकिन उनके पास केवल एग्रीमेंट के प्रमाण हैं। इस प्रकार, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई उचित है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के पास आवश्यक दस्तावेज न होने की स्थिति में उसे राहत नहीं मिल सकती। फिर भी, बुलडोजर संचालन से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदान की गई निर्देशों के आलोक में याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई पर 15 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह पाया कि आवेदक के पास घर से संबंधित कानूनन वैध दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। हत्या के अभियुक्त अकरम खान के भाई इमरान खान ने घर गिराने के मामले में उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता मोहम्मद इमरान खान ने अदालत को बताया कि उसके भाई अकरम खान और नेल्सन जोसेफ को नीलू रजक की 28 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या करने के आरोप में कटनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

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