जिला कलेक्टर कार्यालय में उस समय भगदड़ मच गई जब जनसुनवाई में पहुंची स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के गांव धुरी (बंधी) की 18 वर्षीय लक्ष्मी लोधी ने विभिन्न आरोपों से भरा अपना आवेदन लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आत्मदाह करने की कोशिश की, अपने उपर पेट्रोल डालकर।
खासतौर पर, वहाँ मौजूद व्यक्तियों ने उसे समझाकर आत्मदाह से रोक लिया, लेकिन इस घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर संदेह उत्पन्न कर दिए हैं।
लक्ष्मी लोधी ने स्लीमनाबाद थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जनसुनवाई के दौरान लक्ष्मी लोधी ने कलेक्टर को दिए अपने आवेदन में बताया कि पिछले ढाई वर्षों से उसके परिवार पर लगातार हमले हो रहे हैं, जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, लेकिन स्लीमनाबाद थाने की पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
पीड़िता के अनुसार, 23 दिसंबर 2024 को उसके पिता भारत लोधी पर गांव के लोटन सोनी और उसके परिवार ने गालियाँ देते हुए हमला किया।
हमले के दौरान, गोविंद सोनी, विजय सोनी, रोशन सोनी, रक्कू सोनी, संतु सोनी और गोलू सोनी ने उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि हमलावर उसके घर में घुस गए और उसके भाई कृष्णा लोधी के साथ मारपीट की, जिससे उसे सिर में अंदरूनी चोटें आईं।पीड़िता ने यह भी कहा कि—
“हमारी रिपोर्ट को पुलिस ने हमारी बताई बातों के अनुसार नहीं लिखा, अपनी मनमर्जी से रिपोर्ट बना ली। आज तक किसी भी आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
पिता का लापता होना, परिवार में भय
लक्ष्मी ने कहा कि घटना के बाद से उसे अपने पिता का कोई पता नहीं चल रहा है, जिससे उनका परिवार डर और चिंता में है। रात के समय गुंडों द्वारा उनके घर को घेरने और धमकाने की घटनाएं भी सुनाई गई हैं।
गांव के कुछ लोगों पर मिलीभगत का आरोप
पीड़िता ने अपने आवेदन में यह भी कहा कि शिवप्रसाद लोधी, संजय लोधी और लखन लोधी मेरे विरोधियों के साथ मिलकर मेरे नाम पर गैरकानूनी धन इकट्ठा करते हैं और दबाव डालकर जबरदस्ती समझौता कराते हैं। प्रशासन से सुरक्षा की मांग करते हुए लक्ष्मी ने कलेक्टर से अपील की है कि उसके पिता को ढूंढा जाए।
परिवार को सुरक्षा दी जाए।
स्लीमनाबाद थाना पुलिस निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करे और आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।
कलेक्ट्रेट में मामला चर्चा का विषय
कलेक्ट्रेट परिसर में इस घटना को लेकर भीड़ इकट्ठा हो गई और लोग पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे। लोगों का कहना है कि यदि समय पर न्याय न मिला, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
