सेवाकाल के दौरान पिता के आकस्मिक निधन अजय सिंह बागरी को मिली अनुकंपा नियुक्ति

एक तरफ जहां सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने लापरवाह लोक सेवकों के प्रति सख्त और कठोर कदम उठाए हैं, वहीं दूसरी तरफ संवेदनशील मुद्दों पर तत्परता से कार्य करते हुए पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत सेवा काल में पिता के आकस्मिक निधन के कारण परिवार के आश्रित सदस्य अजय सिंह बागरी को अनुकंपा नियुक्ति का आदेश प्रदान किया गया। सुश्री कौर ने नए सचिव को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हुए आम लोगों के लिए उत्कृष्ट कार्य करने का यह एक शानदार अवसर है। आपको योजनाबद्ध तरीके से मेहनत करके तथा सरकारी नियमों और निर्देशों के अनुसार समय सीमा में अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
यह ध्यान देने योग्य है कि जिला पंचायत की सीईओ सुश्री कौर ने जिला स्तरीय अनुकंपा नियुक्ति समिति की जांच के बाद अजय सिंह को नियम और शर्तों के तहत अस्थायी रूप से अनुकंपा नियुक्ति देने की अनुशंसा की। जारी किए गए आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत सचिव के रूप में नियुक्ति की तारीख से 2 वर्षों की अवधि के लिए 10,000 रुपये प्रति माह का निश्चित वेतन अजय सिंह को दिया जाएगा। नए सचिव को 15 दिनों के भीतर बताए गए चौदह नियमों और शर्तों का पालन करते हुए ग्राम पंचायत अतरसूमा में अपना कार्यभार संभालना होगा।

katni news मूलभूत सुविधाएँ ठप जनता पूछ रह कब मिलेगी राहत ?

शहर की खराब सड़कों और बढ़ते प्रदूषण ने आम लोगों के जीवन को मुश्किल बना दिया है। कटनी नगर निगम की अनदेखी ने कई लोगों की जान को खतरे में डाल दिया है और कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार होकर गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें बड़े विकास परियोजनाओं की आवश्यकता नहीं है—कम से कम इतनी व्यवस्था हो कि वे खुली और साफ हवा में सांस ले सकें और गड्ढों से भरी सड़कों पर सुरक्षित यात्रा कर सकें।
शहर में करोड़ों की लागत वाले प्रोजेक्ट का सपना तो दिखाया जाता है, लेकिन उनकी दैनिक समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं जाता। सड़क की मरम्मत के लिए कुछ हजार रुपए में काम किया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार लोग इन मुद्दों पर ध्यान नहीं देते। इसका कारण शहरवाले अच्छी तरह समझते हैं—यहां जनता के हितों की तुलना में निजी लाभ को अधिक महत्व दिया जा रहा है।
नगर निगम के मेयर, कमिश्नर, पार्षद और अन्य अधिकारी दिन में कई बार इन सड़कों से गुजरते हैं, लेकिन वातानुकूलित गाड़ियों में सफर करते समय उन्हें न तो गड्ढे नजर आते हैं और न ही धूल-मिट्टी। सुभाष चौक, अंजुमन स्कूल के पास जिला अस्पताल मार्ग, मुड़वारा स्टेशन रोड, पीर बाबा से पन्ना मोड़ तक—हर जगह धूल, मिट्टी, उखड़ी हुई सड़कें और गहरे गड्ढे जैसे शहरवासियों का स्वागत कर रहे हों।
कटनी के लोग अपनी सहनशीलता और धैर्य के लिए मशहूर हैं। इस स्थिति में जीने का हुनर शायद यहां के निवासियों को आता है, लेकिन सवाल आज भी वैसा का वैसा है कि उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान कब किया जाएगा? लोग अब यही उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए शहर की मुख्य समस्याओं का जल्द समाधान निकाले।

सीधी में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा

सीधी जिले में रविवार को एक भयानक और हृदय विदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई, जिसने एक उल्लासित शादी के माहौल को क्षण भर में शोक में बदल दिया। यह घटना ग्राम रजडिहा के निकट उस समय हुई, जब देवतालाब से वापस लौट रहे परिवार ने अचानक एक भयंकर दुर्घटना का सामना किया। जानकारी के अनुसार, अमरपुर से बारात देवतालाब गई थी और वापसी के समय तेज गति से चल रही कार अचानक से अनियंत्रित हो गई। चालक अपनी गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिसके परिणामस्वरूप कार सड़क के किनारे खड़े एक विशाल पेड़ से जोरदार टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला भाग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
इस दुर्घटना में दूल्हे के पिता गोपाल गुप्ता ने घटनास्थल पर ही अपनी जान खो दी। उनकी मृत्यु की सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। वहीं, कार में मौजूद दूल्हे की बहन वर्षा गुप्ता और उनके पति नीरज गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय निवासियों ने तुरंत घायलों को कार से निकालकर जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि कार बहुत तेज चल रही थी और अचानक मोड़ पर वाहन का संतुलन बिगड़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और इस घटना की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। इस दुर्घटना के बाद दूल्हे के घर में जो खुशियाँ मनाई जानी थीं, उनकी जगह अब गहरा सन्नाटा और शोक का माहौल छा गया है।

KATNI NEWS तीन दिन से लापता मनोज साहू की महानदी के किनारे लावारिस मिली बाइक

ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र के खमतरा गांव का एक युवक पिछले तीन दिनों से गायब है और उसका कोई भी निशान नहीं मिल रहा है। कल रविवार की सुबह उसकी मोटर साइकिल महानदी के किनारे बेकार स्थिति में पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम के साथ मिलकर उस युवक की खोजबीन आरंभ कर दी है। इसी बीच, युवक की मोटर साइकिल मिलने के कारण उसके परिवार वाले और ग्रामीण भी नाराज हो गए और क्षेत्र में मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। यह जाम लगभग एक घंटे तक चला। पुलिस की समझाने पर लोगों का गुस्सा थमता है और जाम खत्म हो जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खमतरा के निवासी मनोज साहू एक मैकेनिक हैं। वे पिछले तीन दिनों से लापता हैं और उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। परिवार वाले अपने स्तर पर मनोज की खोज कर चुके हैं, लेकिन उन्हें उसकी गुमशुदगी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल रही है। इधर, पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर मनोज की तलाश के लिए चारों ओर खोजबीन कर रही है। दूसरी ओर, कल रविवार को मनोज की मोटर साइकिल महानदी के किनारे बेकार अवस्था में मिली। इसके बाद पुलिस एसडीआरएफ की सहायता से महानदी में मनोज को खोजने का कार्य कर रही है। इस समाचार के लिखे जाने तक महानदी में मनोज की खोज जारी थी, मगर उनका कोई भी पता नहीं चल सका है। ढीमरखेड़ा थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने कहा कि मनोज की तलाश सभी संभावित स्थलों पर की जा रही है, और एसडीआरएफ टीम को भी महानदी में खोज अभियान के लिए लगाया गया है।

ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत एक माह में 45 बच्चों की घर वापसी

लापता बच्चों की तलाश को प्रमुखता देते हुए मैहर पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के अंतर्गत महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। पिछले 48 घंटों के दौरान, जिले के विभिन्न थानों से लापता 14 लड़कियों को देश के विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों से सुरक्षित रूप से ढूंढ निकाला गया है। इसके अतिरिक्त, मात्र एक महीने में इस अभियान ने कुल 45 बच्चों को खोजकर उनके परिवारों के पास पहुँचाने में सहायता की है। इस जानकारी को 30 नवंबर को मैहर पुलिस ने प्रस्तुत किया था।
पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर और अनुविभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में, जिले के सभी थाना प्रमुखों ने लापता नाबालिगों की खोज में संवेदनशीलता और तत्परता से प्रयास किए हैं। तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और विभिन्न राज्यों और जिलों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। एसपी सिंह ने पहले ही निर्देश जारी किए थे कि लापता बच्चों की खोज पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन निर्देशों का पालन करते हुए सभी थाना प्रमुखों ने लगातार निगरानी और प्रयास जारी रखे, जिसका परिणाम हाल की सफलताओं के रूप में सामने आया है।बरामद की गई लड़कियों में अमरपाटन थाना क्षेत्र से भोपाल, विदिशा और अहमदाबाद (गुजरात), रामनगर थाना क्षेत्र से जबलपुर, खरगोन, रामनगर कस्बा और सतना, कोतवाली मैहर से रायबरेली (उत्तर प्रदेश), सूरत (गुजरात), बालाघाट (मध्य प्रदेश) और वाराणसी (उत्तर प्रदेश), इसके अतिरिक्त अमदरा थाना से नई दिल्ली, बदेरा थाना से बड़ौदा (गुजरात) तथा ताला थाना से सतना से लड़कियां हासिल की गईं।
पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की वजह से मैहर क्षेत्र में लापता बच्चों की तलाश में लगातार सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान लगातार जारी रहेगा और प्रत्येक लापता बच्चे को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुँचाना पुलिस का मुख्य उद्देश्य है।

इंस्टाग्राम से रचा हनी ट्रैप, झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी

इंस्टाग्राम पर युवाओं को फंसाने और उनसे पैसे लेने वाले एक संगठित हनी ट्रैप गिरोह का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पावला बेलखेडा के दो सगे भाइयों को ईडब्ल्यूएस क्वार्टर, शताब्दीपुरम बुलाकर न केवल उनकी पिटाई की गई, बल्कि वीडियो बनाकर उनसे एक लाख रुपये लेने का दबाव भी डाला गया। पैसे ना देने पर उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। पूरे घटनाक्रम में यादव कॉलोनी चौकी के कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध साबित हुई है, जिनकी कॉल डिटेल्स और डायरी एंट्री की जांच शुरू कर दी गई है।
सीएसपी रितेश शिव ने जानकारी दी कि एक 19 वर्षीय युवक ने शिकायत की है कि उसके बड़े चाचा के बेटे के साथ ‘रागिनी शर्मा’ नामक इंस्टाग्राम आईडी से बातचीत हो रही थी। दो दिन बाद, युवती ने शुक्रवार दोपहर मिलने का संदेश भेजा। युवती मेहता पेट्रोल पंप के करीब मिली और पहले 500 रुपये लेकर दोनों भाइयों को ईडब्ल्यूएस क्वार्टर ले गई। वहाँ पहुँचकर उसने चाइनीज भोजन, बियर और सिगरेट मंगवाई। कुछ ही मिनटों बाद, उसने फोन कर अपने साथियों विवेक तिवारी और साहिल बर्मन को बुला लिया। “या तो हमें एक लाख रुपये दो, नहीं तो हम बलात्कार का मामला दर्ज कर देंगे।” पीड़ित युवक भयभीत हो गया और अपने परिवार को बुलाया। परिवार ने पैसे देने से साफ मना कर दिया और थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई।
इस मामले को संदिग्ध बनाने वाला सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि युवती द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगाने के केवल दो मिनट के भीतर पुलिस घटना स्थल पर पहुँच गई। पीड़ित का आरोप है कि इतनी त्वरित कार्रवाई तभी संभव है जब पुलिस को पहले से सूचना हो या कोई समन्वय हो। इसी कारण से चौकी पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। उच्च अधिकारी अब यह सुनिश्चित करने के लिए जांच कर रहे हैं कि कहीं पुलिसकर्मियों का इस गिरोह से कोई संबंध तो नहीं था।रागिनी शर्मा, विवेक तिवारी और साहिल बर्मन के खिलाफ धारा 308(2), 61(2), 296, 115(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है और इन तीनों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह पहले कितने युवाओं को इसी प्रकार से हनी ट्रैप में फंसा चुका है। सूत्रों के मुताबिक, अगर जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भागीदारी के सबूत मिले तो उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही, निलंबन, और आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है।

कटनी जिले में रेत ठेका शुरू होते ही अवैध रेत खनन

जांच नाकों पर 10 रुपये के नोटों का लेन-देन जारी
सूत्रों के अनुसार, कटनी जिले में रेत के नए अनुबंध के लागू होते ही अवैध रेत की खुदाई और परिवहन का काम एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की कथित सहमति ने इस अवैध धंधे को खुलेआम बढ़ावा देने का काम किया है, जिससे रेत माफियाओं का तंत्र स्थायी हो गया है। रेत के ट्रांजिट पास (टीपी) की जांच के लिए बनाए गए स्थानों पर नियमों का उलंघन करते हुए 10 रुपये के नोटों पर लेन-देन होते देखा जा रहा है। वास्तविक दस्तावेजों के बजाय यह ‘नकद वसूली प्रणाली’ रातभर और सुबह के शुरुआती घंटों में बिना किसी बाधा के जारी है। परिवहन विभाग के नियमों की अनदेखी करते हुए ओवरलोडेड रेत से भरे हाईवा गाड़ियाँ सड़कों पर निर्भीकता के साथ चल रही हैं। यह बताया जा रहा है कि खनिज विभाग से लेकर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में माफियाओं के गहरे गठजोड़ की वजह से यह अवैध रेत व्यापार बिना रुकावट के जारी है। स्थानीय समुदाय के लोगों ने जिले में चल रहे इस अवैध खनन पर चिंता व्यक्त करते हुए तुरंत कठोर कदम उठाने की मांग की है।

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