लापता बच्चों की तलाश को प्रमुखता देते हुए मैहर पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के अंतर्गत महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। पिछले 48 घंटों के दौरान, जिले के विभिन्न थानों से लापता 14 लड़कियों को देश के विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों से सुरक्षित रूप से ढूंढ निकाला गया है। इसके अतिरिक्त, मात्र एक महीने में इस अभियान ने कुल 45 बच्चों को खोजकर उनके परिवारों के पास पहुँचाने में सहायता की है। इस जानकारी को 30 नवंबर को मैहर पुलिस ने प्रस्तुत किया था।
पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर और अनुविभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में, जिले के सभी थाना प्रमुखों ने लापता नाबालिगों की खोज में संवेदनशीलता और तत्परता से प्रयास किए हैं। तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और विभिन्न राज्यों और जिलों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। एसपी सिंह ने पहले ही निर्देश जारी किए थे कि लापता बच्चों की खोज पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन निर्देशों का पालन करते हुए सभी थाना प्रमुखों ने लगातार निगरानी और प्रयास जारी रखे, जिसका परिणाम हाल की सफलताओं के रूप में सामने आया है।बरामद की गई लड़कियों में अमरपाटन थाना क्षेत्र से भोपाल, विदिशा और अहमदाबाद (गुजरात), रामनगर थाना क्षेत्र से जबलपुर, खरगोन, रामनगर कस्बा और सतना, कोतवाली मैहर से रायबरेली (उत्तर प्रदेश), सूरत (गुजरात), बालाघाट (मध्य प्रदेश) और वाराणसी (उत्तर प्रदेश), इसके अतिरिक्त अमदरा थाना से नई दिल्ली, बदेरा थाना से बड़ौदा (गुजरात) तथा ताला थाना से सतना से लड़कियां हासिल की गईं।
पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की वजह से मैहर क्षेत्र में लापता बच्चों की तलाश में लगातार सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान लगातार जारी रहेगा और प्रत्येक लापता बच्चे को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुँचाना पुलिस का मुख्य उद्देश्य है।
