शहर की खराब सड़कों और बढ़ते प्रदूषण ने आम लोगों के जीवन को मुश्किल बना दिया है। कटनी नगर निगम की अनदेखी ने कई लोगों की जान को खतरे में डाल दिया है और कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार होकर गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें बड़े विकास परियोजनाओं की आवश्यकता नहीं है—कम से कम इतनी व्यवस्था हो कि वे खुली और साफ हवा में सांस ले सकें और गड्ढों से भरी सड़कों पर सुरक्षित यात्रा कर सकें।
शहर में करोड़ों की लागत वाले प्रोजेक्ट का सपना तो दिखाया जाता है, लेकिन उनकी दैनिक समस्याओं पर किसी का ध्यान नहीं जाता। सड़क की मरम्मत के लिए कुछ हजार रुपए में काम किया जा सकता है, लेकिन जिम्मेदार लोग इन मुद्दों पर ध्यान नहीं देते। इसका कारण शहरवाले अच्छी तरह समझते हैं—यहां जनता के हितों की तुलना में निजी लाभ को अधिक महत्व दिया जा रहा है।
नगर निगम के मेयर, कमिश्नर, पार्षद और अन्य अधिकारी दिन में कई बार इन सड़कों से गुजरते हैं, लेकिन वातानुकूलित गाड़ियों में सफर करते समय उन्हें न तो गड्ढे नजर आते हैं और न ही धूल-मिट्टी। सुभाष चौक, अंजुमन स्कूल के पास जिला अस्पताल मार्ग, मुड़वारा स्टेशन रोड, पीर बाबा से पन्ना मोड़ तक—हर जगह धूल, मिट्टी, उखड़ी हुई सड़कें और गहरे गड्ढे जैसे शहरवासियों का स्वागत कर रहे हों।
कटनी के लोग अपनी सहनशीलता और धैर्य के लिए मशहूर हैं। इस स्थिति में जीने का हुनर शायद यहां के निवासियों को आता है, लेकिन सवाल आज भी वैसा का वैसा है कि उनकी बुनियादी समस्याओं का समाधान कब किया जाएगा? लोग अब यही उम्मीद कर रहे हैं कि नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए शहर की मुख्य समस्याओं का जल्द समाधान निकाले।
