Latest Katni Jabalpur News झगड़े के बाद कर दी पत्नी की हत्या अदालत ने सुनाई पटवारी को उम्रकैद

जबलपुर के एक न्यायालय ने पत्नी की हत्या करने वाले व्यक्ति को जीवन की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश एमडी रजक ने मुकदमे के दौरान पेश किए गए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा दी। डिंडोरी जिले के शाहपुरा ब्लॉक में कार्यरत पटवारी रंजीत मार्को ने खुद अप्रैल 2024 में पुलिस थाने में अपनी पत्नी सरला मार्को के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। सरला अपने घर से लापता थी। इस सूचना के बाद, पुलिस ने तुरंत रंजीत के साथ मिलकर सरला की तलाश आरंभ की। लगभग पांच दिनों की खोजबीन के बाद सरला का शव छीताखुदरी डैम में पाया गया।
पुलिस की जांच के पश्चात, आरोपी रंजीत ने अपनी हत्या की बात को स्वीकार कर लिया, जबकि पहले पुलिस को समझ नहीं आ रहा था कि सरला की हत्या किसने की और उसके शरीर को किसने फेंका। लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि रंजीत ने अपनी पत्नी की हत्या के बाद उसके शव को दो हिस्सों में काटकर उसे एक बोरी में डालकर तालाब में फेंक दिया। रंजीत को विश्वास था कि उसकी हत्या का राज किसी को नहीं पता चलेगा। लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल के बाद, रंजीत ने अपने अपराध की स्वीकृति दे दी। रंजीत और सरला ने इस घटना से लगभग तीन साल पहले लॉकडाउन के दौरान विवाह किया था। उनकी पहली मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी, जहां दोनों के बीच प्यार हुआ। उस समय वे इंदौर में शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, और उनके रिश्ते की गहराई को देखते हुए उन्होंने शादी करने का निर्णय किया। चूंकि दोनों एक ही समुदाय से थे, उनके परिवार वाले भी इस विवाह के लिए राजी हो गए, और इसी वजह से लॉकडाउन के दौरान दोनों की शादी कर दी गई।हत्या का कारण चौंकाने वाला था। विवाह के प्रारंभिक चरण में पति रंजीत अपनी पत्नी सरला को सभी बाहरी कार्यक्रमों में ले जाता था, लेकिन जब सरला ने दो वर्ष बाद एक बेटे को जन्म दिया, तो रंजीत ने उसे अपने साथ बाहर ले जाना बंद कर दिया। इस विषय पर अक्सर उनके बीच झगड़े होते थे, और घटना की रात भी इसी कारण संघर्ष हुआ था। अपर सत्र न्यायाधीश एमडी रजक की अदालत ने आरोपित को दोषी करार दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत रंजीत को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी रंजीत को जिला न्यायालय के जज ने दस हजार रुपये का जुर्माना के साथ जीवन भर की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अभिषेक दीक्षित ने दलीलें प्रस्तुत कीं।
उन्होंने बताया कि यह घटना 22 अप्रैल 2024 की है। आरोपी रंजीत मार्को (31) पटवारी के पद पर कार्यरत था। आरोपी ने अपनी पत्नी सरला को विवाह में न ले जाने को लेकर बहस की। इसी तर्ज पर उसने अपनी पत्नी को थप्पड़ मारा। इस पर सरला पुलिस को शिकायत करने के लिए 100-डायल नंबर पर फोन करने लगी। इस पर आरोपी ने उसे लात मारी, जिससे वह जमीन पर गिर गई। इसके बाद आरोपी पति ने उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
हत्या को छिपाने के लिए आरोपी ने शव को काटकर छीताखुदरी डैम में फेंका। फिर आरोपी ने इस हत्या को छुपाने के लिए शव को दो बोरियों में भरकर डेम में फेंक दिया। सिर्फ यही नहीं, उसने पुलिस में पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवा दी। कुंडम पुलिस ने संदेह के आधार पर जांच शुरू की, जिसके फलस्वरूप मामले की परतें खुलने लगीं।

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