NEET पेपर लीक मामला:  लोगो का अनोखा प्रदर्शन, बीजेपी नेताओं की ‘आत्मिक शांति’ के लिए जलाईं मोमबत्तियाँ

बड़वारा कटनी देशभर में NEET परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। आज बड़वारा कटनी समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खिलाफ एक अनोखा और तीखा विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने हाथों में मोमबत्तियाँ लेकर मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि इस महाघोटाले में सत्ताधारी दल के नेताओं की संलिप्तता है।”नेताओं की आत्मा मर चुकी है” – प्रदर्शनकारी जय सूर्यवंशी प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था:”लाखों छात्रों के भविष्य के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ हो गया, लेकिन सरकार और उसके नेता मूकदर्शक बने हुए हैं। ऐसा लगता है कि बीजेपी के नेताओं की अंतरात्मा मर चुकी है। आज हम यहाँ किसी शोक में नहीं, बल्कि उन नेताओं की सोई हुई और मृत आत्मा की शांति तथा उनकी सद्बुद्धि के लिए मोमबत्तियाँ जलाकर प्रार्थना कर रहे हैं।

“मुख्य बिंदु और मांगें:

सीबीआई जांच की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष अदालती निगरानी में सीबीआई (CBI) जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।छात्रों के भविष्य की चिंता: वक्ताओं ने कहा कि सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले होनहार छात्रों का भरोसा इस पूरी शिक्षा व्यवस्था से उठ गया है।

इस्तीफे की मांग: विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की भी मांग दोहराई है।

बरगी डेम हादसा: 15 घंटे बाद मिली तस्वीर ने झकझोरा—माँ ने आखिरी सांस तक बेटे को सीने से लगाए रखा

दर्दनाक क्रूज दुर्घटना में मां-बेटे की मौत, तस्वीर ने ममता के अटूट रिश्ते को किया उजागरजबलपुरबरगी डेम में हुई एक दुखद क्रूज घटना के बाद सामने आई एक तस्वीर ने पूरे राज्य को अत्यंत भावुक कर दिया है। इस तस्वीर में, जो लगभग 15 घंटे के बचाव उपायों के दौरान प्राप्त हुई, एक मां अपने बेटे को अपने सीने से लगाते हुए दिख रही है, जिसने सभी की आंखों में आंसू ला दिए।यह कहा जा रहा है कि जब क्रूज जल में डूब रहा था, तो भी इस मां ने हर तरह की अफरा-तफरी और भय के बीच अपने बच्चे को अपने से दूर नहीं होने दिया। कठिन हालात के बावजूद, उसने अपने बेटे को अपनी बांहों में मजबूती से थामे रखा।हालांकि, इस दुखद दुर्घटना में मां और बेटे दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी, परंतु यह तस्वीर उस ममता की कहानी बन गई, जिसने अपनी अंतिम सांस तक अपने बच्चे की सुरक्षा का ख्याल रखा।गवाहों और बचाव दल के सदस्यों के अनुसार, यह दृश्य अत्यंत भावुक था, जिसे देखकर सभी की भावना में एक गहरा उतार-चढ़ाव आया। यह घटना केवल एक भयानक मामले तक सीमित नहीं है, बल्कि मां के प्यार, बलिदान और साहस का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।बरगी डेम क्रूज दुर्घटना ने कई परिवारों को गहरे आघात पहुंचाए हैं, किन्तु यह तस्वीर हमेशा याद दिलाएगी कि एक मां अपने बच्चे के लिए किसी भी स्थिति में एक ढाल के रूप में मौजूद रहती है।

SP का बड़वारा दौरा, हादसा स्थल का किया निरीक्षण, थाने का किया औचक मुआयना

कटनी। कटनी जिले में एक गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना बड़वारा क्षेत्र के ग्राम बसाड़ी मोड़ जाकर दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने इस मौके पर स्थल की भौगोलिक विशेषताओं का विस्तृत अध्ययन किया और घटना के संभावित कारणों का मूल्यांकन किया। निरीक्षण के बाद, पुलिस अधीक्षक बड़वारा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने थाने का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने विभिन्न पुलिसकर्मियों से बातचीत की और उनकी कार्यप्रणाली तथा समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।इस समय, पुलिस अधीक्षक ने निर्देश देते हुए कहा कि लंबित अपराधों और धारा 173(8) के मामलों का तुरंत समाधान किया जाए। हिस्ट्रीशीटरों और गुंडे तत्वों पर निरंतर निगरानी रखने के साथ सख्त कार्रवाई की जाए। सभी रजिस्टरों का सुव्यवस्थित रखरखाव भी किया जाना चाहिए। उन्होंने स्टाफ को फरियादियों और आगंतुकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर त्वरित समाधान करने, न्यायालयीन समंस और वारंट के तामील को अधिकतम सुनिश्चित करने एवं थाना परिसर की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट बताया कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनता के प्रति संवेदनशीलता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। पुलिसकर्मियों को समझाते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में बड़ा हादसा: बरगी डैम में क्रूज डूबा, 30 से ज्यादा लोग थे सवार, अब तक 4 की मौत

मध्य प्रदेश के जबलपुर से बरगी डैम में एक क्रूज के डूबने की घटना की खबर आ रही है। इस हादसे में चार व्यक्तियों की मृत्यु होने की जानकारी प्राप्त हुई है। आइए समझते हैं कि इस घटना के बारे में अब तक क्या जानकारी मिलती है। जबलपुर से एक गंभीर घटना की सूचना आई है। जबलपुर के मशहूर बरगी डैम में गुरुवार को एक क्रूज जल में डूब गया है। बीते जानकारी के अनुसार, इस घटना में चार लोगों की मृत्यु हो चुकी है। यह दुर्घटना गुरुवार को खमरिया टापू के नजदीक हुई जब एक पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया। प्रारंभिक जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि क्रूज में 30 से अधिक यात्रियों की उपस्थिति थी। तेज तूफान के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और डूब गया। 15 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला गया है।जबलपुर में इस दुखद घटना के बारे में पुलिस ने जानकारी प्रदान की है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अचानक आई आंधी के चलते क्रूज पलट गया। अब तक चार शव इस हादसे से बरामद हुए हैं। बरगी डैम क्रूज दुर्घटना में SDERF की टीम ने 15 लोगों को सुरक्षित रूप से बचाया है। पुलिस के अनुसार, लापता लोगों की खोज के लिए बचाव अभियान जारी है। प्रशासन ने कहा कि बरगी डैम में क्रूज में कुल 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे। लापता व्यक्तियों की खोज और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। घटना स्थल पर जबलपुर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौजूद हैं और राहत कार्य निरंतर चल रहा है।बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। क्रूज पर 29 टिकट धारक थे। जबलपुर के कलेक्टर और आयुक्त घटना स्थल पर पहुँच चुके हैं। स्थानीय सांसद आशीष दुबे भी वहां पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर बरगी डैम दुर्घटना स्थल पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी पहुंच रहे हैं।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर में हुए हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम मोहन यादव ने X पर अपने आधिकारिक हैंडल पर लिखा, “आज जबलपुर में तेज आंधी और तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन और बचाव बल का ऑपरेशन निरंतर जारी है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुँचने के निर्देश दिए गए हैं। त्वरित बचाव कार्य में 15 नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। जो लोग लापता हैं, उन्हें जल्दी ही खोजने का प्रयास किया जा रहा है। इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों का साथ दे रही है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।”

इंदिरा नगर में बारातियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में आज पूरा क्षेत्र सड़कों पर उतरा

कटनी: शहर के इंदिरा नगर क्षेत्र में बीते दिनों एक शादी समारोह के दौरान पुलिस द्वारा बारातियों के साथ की गई कथित मारपीट और अभद्रता का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस घटना के विरोध में आज स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने एकत्रित होकर उग्र आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि इंदिरा नगर में एक विवाह कार्यक्रम के दौरान पुलिस और बारातियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए बारातियों पर लाठियां भांजीं, जिसमें कई लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस का व्यवहार बेहद अमानवीय था, जिसके कारण शादी की खुशियां मातम और दहशत में बदल गईं।

मौके की स्थिति:
आंदोलन को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस का काम सुरक्षा देना है, न कि आम नागरिकों और उत्सव मना रहे लोगों को पीटना। यदि जल्द ही दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई, तो यह आंदोलन पूरे जिले में उग्र रूप लेगा।

पसे स्पष्ट मांगें निम्नलिखित हैं:

न्याय सुनिश्चित करना: इस घटना के सभी पीड़ितों को तत्काल न्याय प्रदान किया जाए।

निलंबन की कार्यवाही: घटना में संलिप्त दोषी पुलिसकर्मियों को उनकी कर्तव्यहीनता और बर्बरता के लिए तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित (Suspend) किया जाए।

FIR दर्ज करना: कानून का उल्लंघन करने वाले और मारपीट में शामिल आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।

निष्पक्ष जांच: इस पूरे प्रकरण की किसी उच्च अधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भविष्य में वर्दी की आड़ में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर महिलाओं का जनआक्रोश

कटनी– गुरुवार को शहर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर महिलाओं का गुस्सा खुलकर प्रकट हुआ। बड़ी संख्या में महिलाओं ने “जन आक्रोश महिला सम्मेलन” में भाग लेकर इस अधिनियम के लंबित रहने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और सरकार से इसकी तात्कालिक स्वीकृति की मांग की। सम्मेलन के पश्चात महिलाओं ने काली पट्टी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और जन आक्रोश महिला पदयात्रा आयोजित करते हुए अपनी बात रखी। इस वक्त महिलाओं ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाते हुए अधिनियम को जल्दी लागू करने की अपील की। कार्यक्रम में महापौर प्रीति संजीव सूरी, महिला एमआईसी सदस्य, पार्षद तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मिलित मातृशक्ति ने इस कार्यक्रम को प्रभावशाली बना दिया। महापौर प्रीति संजीव सूरी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि देश का समग्र विकास महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है, इसलिए इसे जल्द से जल्द पारित होना चाहिए। महिला प्रतिभागियों ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समान अवसरों का एक मजबूत साधन है, लेकिन इसके लंबित रहने के कारण महिलाओं के अधिकारों पर असर पड़ रहा है। पूरे कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की एकजुटता और गुस्सा स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सम्मेलन और पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं ने अपनी आवाज को उठाते हुए अधिनियम की तात्कालिक लागू करने की मांग को फिर से दोहराया।

कटनी-बीना मेमू ट्रेन में खूनी संघर्ष, अवैध वेंडरों ने यात्रियों पर किया हमला, एक घंटे तक खड़ी रही ट्रेन

कटनी। कटनी से बीना की दिशा में जा रही मेमू ट्रेन (संख्या 61620) शनिवार की शाम उस समय हंगामे का केंद्र बन गई, जब ट्रेन के अंदर अवैध विक्रेताओं और यात्रियों के बीच हिंसक झगड़ा शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि विक्रेताओं ने यात्रियों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और इसके साथ ही पथराव भी होने लगा। इस अफरातफरी के कारण ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पर लगभग एक घंटे तक रुक गई।

विक्रेताओं
और यात्रियों के बीच टकराव
प्राप्त
जानकारी के अनुसार, कटनी से ट्रेन के चलने के कुछ समय बाद ही सालीया के अवैध विक्रेताओं और दमोह के यात्रियों के बीच किसी किसी मुद्दे पर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक रूप धारण कर गया। आरोप है कि विक्रेताओं ने कुछ यात्रियों पर धारदार हथियार से बार-बार हमला किया, जिससे वे घायल हो गए।

बकलेहटा
स्टेशन पर स्थिति और बिगड़ी, इंजन में घुसे युवा
लगभग
7:30 बजे जब ट्रेन रीठी थाना क्षेत्र के बकलेहटा स्टेशन पर पहुंची, तो वहां माहौल और बिगड़ गया। हमले से उत्तेजित दमोह के कुछ युवक ट्रेन से उतरे और मेमू के इंजन में घुस गए। इस कारण ट्रेन चालक को सुरक्षा कारणों से ट्रेन रोकनी पड़ी और तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इस दौरान स्टेशन पर दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होने लगी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस
ने की कार्रवाई
जैसे ही
घटना की जानकारी मिली, रीठी थाने के प्रभारी मो. शाहिद पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के आते ही उपद्रव कर रहे असामाजिक तत्व अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत डायल 112 की सहायता से रीठी अस्पताल भेजा गया। पुलिस की सुरक्षा में लगभग एक घंटे की देरी के बाद रात 8:30 बजे ट्रेन को आगे चलने दिया गया। इस घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कटनी से आरपीएफ और जीआरपी की टीमें रात में ही मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और अवैध वेंडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सायरन बजाती एम्बुलेंस में मरीज नहीं, कॉलेज की लड़की! 108 ड्राइवर की यूं खुली पोल

मध्य प्रदेश के छतरपुर में आपातकालीन सेवा के रूप में जानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गई है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब एक सायरन बजाते हुए एम्बुलेंस में किसी मरीज की बजाय एक कॉलेज की छात्रा पाई गई। रिपोर्टों के अनुसार, एम्बुलेंस का चालक सरकारी वाहन का उपयोग निजी काम के लिए कर रहा था और छात्रा को ले जा रहा था, जिससे प्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं। कॉलेज की लड़की के साथ पकड़े गए एम्बुलेंस चालक

यह
घटना मंगलवार को शाम के समय हुई। एक स्थानीय युवक ने एम्बुलेंस के अंदर छात्रा को देखकर संदेह किया। इसके बाद, उसने अपनी मोटरसाइकिल से एम्बुलेंस का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रोक लिया। जब चालक भगत सिंह यादव से सवाल पूछे गए, तो वह चिंतित हो गया और छात्रा को अपनी बहन बताने लगा, लेकिन वह उसका नाम तक नहीं बता सका।

सोशल
मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

इस
घटना का एक वीडियो मौके पर ही रिकॉर्ड किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। आम लोगों का कहना है कि जब गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलती, तब इस तरह के दुरुपयोग को देखना अत्यंत चिंताजनक है। यह न केवल सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि आपातकालीन व्यवस्था की निगरानी पर भी गहरी चिंताएं व्यक्त करता है। एम्बुलेंस चालक को नौकरी से निकाल दिया गया

इसी प्रकार,
जिम्मेदार अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जननी बाहन यानी 108 एम्बुलेंस के चालक को तुरंत नौकरी से निकाल दिया है। इसके साथ ही, वाहन के विक्रेता को भी उसके वाहन समेत हमेशा के लिए बर्खास्त कर दिया गया है।

हाईवे पर ‘अंधी हत्या’ का सनसनीखेज खुलासा: लिफ्ट मांगकर ट्रक में बैठे, शराब पी और फिर व्हील पाना से उतार दिया मौत के घाट

कटनी। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक चालक की खून से सनी अवस्था में मिली शव की हत्या के रहस्य को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में पता चला कि चालक ने रास्ते में तीन युवाओं को लिफ्ट दी थी, जिन्होंने पहले उसके साथ बैठकर शराब का सेवन किया और फिर पैसे मांगने लगे। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और व्हील पाना से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली।
पुलिस
अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुदेश कुमार के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने इस मामले का खुलासा किया।

हाईवे
पर गाड़ी में मिला था शव
पुलिस
ने बताया कि 10-11 अप्रैल की रात को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि छपरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन संख्या MP 20 GA 6242 में एक व्यक्ति खून में सना हुआ पड़ा है। घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया, जहाँ के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृत
व्यक्ति की पहचान राकेश दाहिया (42) निवासी खितौला, सिहोरा, जबलपुर के रूप में हुई, जो पेशे से चालक था।

CCTV और तकनीकी सबूतों से हुआ खुलासा
स्लीमनाबाद
थाना पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल से सबूत जुटाए, परिवार वालों और वाहन के मालिक से पूछताछ की, साथ ही विभिन्न स्थलों से CCTV फुटेज की जांच की। इस प्रक्रिया में संदिग्धों की पहचान की गई।

22 अप्रैल को एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोहित कोल (21) निवासी ग्राम बंधी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कहा कि उसने अपने साथी अमन चौबे उर्फ पंकज उर्फ भूत (22) और एक अन्य साथी मनोज के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। लिफ्ट देने की कीमत जान देकर चुकाई
आरोपियों
ने पुलिस को बताया कि वे चालक से लिफ्ट लेकर उसकी गाड़ी में बैठे थे। रास्ते में शराब पीते हुए पैसे मांगना शुरू कर दिया। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तब तीनों ने हाथ-मुक्कों और व्हील पाना से उस पर हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हुई।

हथियार
और मोबाइल confiscated
पुलिस
ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके घटनास्थल पर इस्तेमाल किया गया व्हील पाना और मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

बेक़ाबू ट्रक बना काल: लमतरा ब्रिज पर व्यक्ति की जान गई

कटनी : कुठला थाना इलाके में लमतरा पुल पर गुरुवार दोपहर एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। जानकारी के मुताबिक, इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

प्राप्त
विवरण के अनुसार, दुर्जनपुर (कैमोर) का निवासी विनोद विश्वकर्मा (45 वर्ष), जो फिलहाल लमतरा में रह रहे थे, 23 अप्रैल को दोपहर लगभग 12 बजे किसी काम से जा रहे थे, तभी लमतरा पुल पर एक तेज गति वाले ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि विनोद विश्वकर्मा की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घटना
की जानकारी मिलते ही कुठला थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मृतक
की पत्नी उमा विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग क्रमांक 31/26 के तहत धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

error: Content is protected !!