नदियों से रेत निकालने का खेल? बड़वारा के कई घाटों पर अवैध उत्खनन के आरोप, वीडियो सामने आने के बाद मचा हड़कंप

कटनी/बड़वारा। बड़वारा तहसील क्षेत्र में छोटी महानदी और उमड़ार नदी से रेत के कथित अवैध उत्खनन का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। बुधवार सुबह गुड़ा कला-देवरी घाट से सामने आए एक वीडियो में बड़ी मात्रा में रेत जमा दिखाई देने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई एक दिन की गतिविधि नहीं है, बल्कि लंबे समय से नदी क्षेत्र में रेत निकालने का सिलसिला चल रहा है। उनका दावा है कि रात के समय मशीनों की मदद से नदी के अलग-अलग हिस्सों से रेत निकाली जाती है और बाद में उसका भंडारण किया जाता है।

गुड़ा-देवरी घाट बना सवालों के घेरे में

स्थानीय निवासी विजय कुमार और रामानंद पंडित के मुताबिक गुड़ा-देवरी क्षेत्र में कई महीनों से रेत उत्खनन को लेकर शिकायतें की जा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभागों को जानकारी देने के बावजूद मौके पर ऐसी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

अब वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीण चाहते हैं कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर रेत के स्टॉक और उत्खनन की पूरी स्थिति की जांच करें।

कई घाटों के नाम लेकर ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने दावा किया है कि मामला सिर्फ गुड़ा-देवरी तक सीमित नहीं है। इमलिया, सांधी, भुड़सा संगम, परसेल, विलायत खुर्द और खरहटा सहित कई घाटों पर भी रात के समय कथित रूप से रेत निकाले जाने की गतिविधियां चलती हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक भारी मशीनों के इस्तेमाल से नदी के उन हिस्सों से भी रेत उठाई जा रही है, जहां नदी का प्राकृतिक बहाव रहता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

रेत के साथ नदी का भविष्य भी दांव पर?

स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है कि यदि नदी से लगातार और निर्धारित नियमों के विपरीत रेत निकाली जाती रही तो इसका असर नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि मामला केवल रेत की चोरी या सरकारी राजस्व के नुकसान तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी और आसपास के पर्यावरण पर भी इसका असर पड़ सकता है।

इसी वजह से ग्रामीणों ने एक-दो स्थानों की जांच के बजाय बड़वारा क्षेत्र के सभी संबंधित घाटों का व्यापक निरीक्षण कराने की मांग की है।

खनिज विभाग ने जांच का दिया भरोसा

मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित ने जांच कराने की बात कही है। उनका कहना है कि विभागीय टीम को संबंधित स्थानों पर भेजा जाएगा। जांच के दौरान यदि अवैध उत्खनन या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जब्ती भी की जाएगी।

अब जांच से खुलेगा असली राज

वीडियो में दिखाई दे रहा रेत का स्टॉक, ग्रामीणों द्वारा बताए गए कई घाट और लंबे समय से शिकायत किए जाने के दावे—इन सभी ने मामले को गंभीर बना दिया है। अब देखना होगा कि खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर क्या स्थिति पाती है और क्या अवैध उत्खनन के आरोपों की पुष्टि होती है।

फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है—क्या नदी किनारे चल रहे कथित रेत के खेल पर वास्तव में रोक लगेगी, या जांच के बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

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