बड़वारा में मनाई गई बड़ी ही धूमधाम से अंबेडकर जयंती

बड़वारा (कटनी, म.प्र.) में 14 अप्रैल 2026 को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। जिसमें हजारों की संख्या में स्थानीय निवासियों और अनुयायियों ने अंबेडकर चौक पर बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, जुलूस निकाले और उनके विचारों को याद किया। इस अवसर पर समानता और भाईचारे का संदेश दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण व गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
भव्य शोभायात्रा: बाबा साहेब के चित्र और प्रतिमा के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें अनुयायियों ने ‘जय भीम’ के नारे लगाए।
पुष्प वर्षा और स्वागत: जुलूस का जगह-जगह भव्य स्वागत हुआ और लोगों ने पुष्प वर्षा की।
विचार गोष्ठी: कार्यक्रम में वक्ताओं ने अंबेडकर के जीवन, संविधान निर्माण में उनके योगदान और शोषित-वंचित वर्गों के लिए संघर्ष को रेखांकित किया।


सामुदायिक भागीदारी: युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बड़ी संख्या में शिरकत की, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण रहा।
इस मौके पर जय सूर्यवंशी, नागेंद्र अहिरवार, प्रीतम चौधरी, कमलेश,
करन अनुज धनेंद्र रामखिलवान राजा सजन, आदि लोगों की मौजूंदी रही

मेसर्स श्री रामराज खाद बीज भंडार (अनिल कुमार यादव) का उर्वरक विक्रय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित

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श्री रामराज खाद बीज भंडार (अनिल कुमार यादव) का उर्वरक बिक्री लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित EditorApril 11, 20260
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श्री रामराज खाद बीज भंडार (अनिल कुमार यादव) का उर्वरक बिक्री लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित
ई-विकास
प्रणाली के उल्लंघन पर विक्रेता का उर्वरक लाइसेंस निलंबित
कटनी
/आशीष चौधरी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस – जिले में उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उर्वरकों के वितरण को ई-विकास प्रणाली के तहत करने के निर्देश दिए हैं। यदि उर्वरकों की बिक्री ई-विकास प्रणाली के जरिये नहीं की जाती है, तो उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास अरूणिमा सेन आयंगर ने विकासखण्ड बड़वारा में बरही स्थित मेसर्स श्री रामराज खाद बीज भंडार (अनिल कुमार यादव) का उर्वरक बिक्री लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
म.प्र.
शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ई-विकास प्रणाली के माध्यम से पूरे प्रतिशत उर्वरकों का वितरण अनिवार्य बनाया गया है। लेकिन मेसर्स श्री रामराज खाद बीज भंडार ने 3 और 5 अप्रैल के बीच उर्वरकों की बिक्री ई-विकास प्रणाली से नहीं की, जो म.प्र. शासन द्वारा दिए गए निर्देशों का उल्लंघन है।
इसके
बाद, अधिकृत अधिकारी उर्वरक एवं उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास अरूणिमा सेन आयंगर ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के खंड 31 (2) के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए उर्वरक वितरण संस्थान के संचालक अनिल कुमार यादव का उर्वरक बिक्री लाइसेंस, जो 7 जून 2028 तक वैध था, तार्किक प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें 7 दिनों के भीतर अपनी स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
उपसंचालक
श्रीमती आयंगर ने यह भी उल्लेख किया है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो आपका उर्वरक बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। निलंबन के दौरान खरीद-फरोख्त पर रोक रहेगी, तथा आदेश की अवहेलना होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कटनी स्टेशन पर 167 बच्चों का रेस्क्यू, मानव तस्करी की आशंका से हड़कंप

“मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब पटना-पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस में भारी संख्या में बच्चों के होने की सूचना मिली।
आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए ट्रेन को चेक किया और 167 बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा।
बताया जा रहा है कि ये सभी बच्चे अररिया जिला के रहने वाले हैं।
इनके साथ 7 वयस्क पुरुष भी मौजूद थे, जिन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।”
“पूछताछ में सामने आया कि साथ जा रहा एक व्यक्ति—सद्दाम—इन बच्चों को महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक मदरसे में ले जाने का दावा कर रहा है।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े समूह को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने के लिए जरूरी दस्तावेज और अनुमति मौके पर नहीं मिले।
यहीं से मामला और ज्यादा संदिग्ध हो गया है और मानव तस्करी की आशंका गहरा गई है।”
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सदस्य होने बताया कि
पहली नजर में मामला संदिग्ध लग रहा है। बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कहीं यह कोई संगठित तस्करी नेटवर्क तो नहीं है।सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।दस्तावेजों और बयानों का मिलान जारी है।
परिजनों से संपर्क की कोशिश
पुलिस कर रही है।कटनी से सामने आई यह घटना कई बड़े सवाल खड़े करती है—
क्या ये बच्चे वाकई शिक्षा के लिए ले जाए जा रहे थे,
या इसके पीछे छिपा है कोई बड़ा रैकेट है।

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30 ग्राम पंचायतों के उपयंत्रियों, सचिव और जीआरएस से 3 दिन में मांगा जवाब

जल गंगा संवर्धन अभियान में लापरवाही के कारण जिला पंचायत के सीईओ ने हर जनपद से पांच-पांच ग्राम पंचायतों को शोकाज नोटिस जारी किए, और 30 ग्राम पंचायतों के उपयंत्रियों, सचिवों, और जीआरएस से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है।

कटनी।
जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के कार्य में लापरवाही और उदासीनता को लेकर जिला पंचायत की सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने हर जनपद पंचायत की पांच-पांच ग्राम पंचायतों के संबंधित उपयंत्रियों, सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनसे कार्य की प्रगति में तेजी लाने के लिए तीन दिनों के भीतर तथ्यात्मक जवाब पेश करने को कहा गया है। यदि तीन दिनों में उचित जवाब नहीं दिया जाता है, तो सभी संबंधित लोगों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

एस.सी.एन.
की वजह
जल
गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रत्येक संबंधित व्यक्ति की ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कार्य के अनुसार कार्य की पूर्णता या प्रगति की स्थिति संतोषजनक नहीं है, भले ही बार-बार निर्देश दिए गए हों। इनसे दिए गए कार्यों के प्रति रुचि लेना और पदीय कर्तव्यों की अवहेलना की गई है।

इन
ग्राम पंचायतों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी हुए
जिला
पंचायत की सीईओ सुश्री कौर ने जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ की ग्राम पंचायतों कांटी, देवसरी इंदौर, और घुन्नौर के सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों और उपयंत्रियों, जैसे कि श्री सुनील चौधरी, विजय पटेल, विशंभर सिंह, आलोक पटेल, कुटेश्वर, तथा इटौरा के विद्या प्रसाद साहू, ज्ञानेंद्र शर्मा, और पंचम लाल रैदास को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसी तरह जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत सरस्वाही, बम्हनी, कछारगांव छोटा के राजपाल महोबिया, प्रमिला वाजपेई, बालकिशन कटारे, और मनीष हल्दकार से, बरोदा और लालपुर के प्रकाश सेन, शैलेंद्र बागरी, और अनिल जाटव को भी नोटिस भेजे गए हैं। जनपद पंचायत कटनी की ग्राम पंचायतों जैसे मझगवा फाटक, घघरी खुर्द, हरदुआ, और झलवारा घघरी कला से खुशी पांडे, रामनरेश भूमिया, प्रियंक राय, नागेंद्र पटेल, शिवप्रसाद पटेल, और आरती पाल को नोटिस दिया गया है। जनपद पंचायत बहोरीबंद में ग्राम पंचायत पटोरी, सलैया कुआं, और हथियागढ़ से सुशील कुमार पटेल, पंकज तिवारी, गणेश राय, और सुशील साहू, बंधी धूरी से रामसहाय चक्रवर्ती और नीरज तंतुवाय, तथा बहोरीबंद से विश्वनाथ श्रीवास और शाहिद सुल्तान को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर विचारणीय उत्तर पाने को कहा गया है। जनपद पंचायत रीठी से ग्राम पंचायत हरद्वारा, कठौतिया, नयाखेड़ा, करहिया, और धनिया से संदीप कुमार राय, राजेश कुमार पटेल, प्रकाश आदिवासी, शिवदयाल पटेल, उत्तम सिंह, और चंदन सिंह अठया को भी नोटिस दर्शाया गया है। इसी प्रकार जनपद पंचायत बड़वारा से कुआं, नदावन, और बुजबुजा से उमाशंकर साकेत, अतुल त्रिपाठी, नीतू सिंह, और विनय सिंह गहरवार, पनसोखर और बंदरी से विनय सिंह सोलंकी, प्रकाश यादव, और पूजा नागर को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर समाधानकारी जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इन कारणों से अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का उल्लेख किया गया है।

कटनी में हड़कंप! ट्रक ड्राइवर की लाश मिली

कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र से एक चौकाने वाला मामला उजागर हुआ है, जिसने पूरे क्षेत्र में आतंक फैला दिया है। ग्राम छपरा के रजा मार्बल के निकट एक स्वराज माजदा वाहन में चालक का खून से सना शव मिलने से हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मृतक
की पहचान 42 वर्षीय राकेश दाहिया, जो लखराम मोहल्ला, वार्ड नंबर 14 खितौला, सिहोरा (जबलपुर) का निवासी था, के रूप में की गई है। वह एक वाहन चालक थे और स्वराज माजदा (MP 20 GA 6242) चला रहे थे।
जानकारी
के अनुसार, राकेश 10 अप्रैल 2026 को जबलपुर से कटनी के लिए रवाना हुए थे और बिलहरी से मटके लादकर लौट रहे थे। परंतु, रास्ते में उनके साथ घटित घटनाओं का रहस्य अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।
थाना
प्रभारी सुदेश समन ने बताया कि रात करीब 2 बजे एनएचआई के माध्यम से सूचना मिली थी कि छपरा के निकट एक वाहन संदिग्ध स्थिति में खड़ा है और उसमें एक शव है। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम वहाँ पहुँची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में ले लिया।
एसडीओपी
आकांक्षा चतुर्वेदी के अनुसार, घटनास्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर खून से सनी एक लोहे की रॉड भी पाई गई है। वाहन की फोरेंसिक जांच की जा रही है, और मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
वर्तमान
में पुलिस ने मर्ग दर्ज कर लिया है और जांच जारी है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मृत्यु का असली कारण सामने आएगा।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने शुरू की तलाश

भोपाल| मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक प्रसिद्ध बिल्डर लापता हो गया है. प्रदेश के जाने-माने आशियाना बिल्डर्स के मालिक अशोक बूलचंदानी के बेटे, बिल्डर रमन बूलचंदानी के खिलाफ एमपी नगर थाने में युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ है. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद रमन मौके से गायब हो गया. पीड़िता ने दावा किया है कि आरोपी ने उसे धमकाकर तीन बार गर्भपात करवाया. इसके साथ ही आरोपी के परिवार के सदस्यों पर भी उसे डराने-धमकाने का आरोप लगाया गया है.

होटल
में किया दुष्कर्म

पुलिस
के मुताबिक, पीड़िता का मुख्य स्थान कानपुर, उत्तर प्रदेश है. दिसंबर 2024 में उसकी मुलाकात आशियाना बिल्डर्स के डायरेक्टर और रमन बूलचंदानी से हुई. आरोपी ने उसे नौकरी के बहाने अपने कार्यालय में बुलाया और धीरे-धीरे शादी का आश्वासन देकर उसके साथ छेड़खानी करने लगा. फिर उसने उसे एमपी नगर में होटल कोर्टयार्ड मैरियट ले जाकर दुष्कर्म किया. युवती ने अपनी शिकायत में इसे दर्शाया है कि जब उसे इस घटना से मानसिक तनाव हुआ, तब आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर चुप रहने के लिए कहा.

रसूख
को इस्तेमाल किया

मामले
में आरोपी की प्रभावशाली स्थिति का भी जिक्र आया है. जानकारी के अनुसार, शिकायत को लंबा समय तक रोके रखा गया. पीड़िता ने पहले कोलार थाने में अपनी शिकायत दी, लेकिन वहां से उसे बताया गया कि घटना का स्थल एमपी नगर है. इसके बाद पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करवाई. जांच के बाद शुक्रवार को एमपी नगर पुलिस ने मामला प्रविष्ट किया.

आरोपी
फरार

एडिशनल
डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि आरोपी रमन बूलचंदानी की तलाश चल रही है. साथ ही उसके परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका पर भी जांच की जा रही है. यदि पीड़िता के बयानों और सबूतों में अन्य लोगों का उल्लेख होता है, तो उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी.

शादी
का झांसा देकर कई बार बनाए संबंध

पीड़िता
ने जानकारी दी है कि आरोपी ने उसे एक साजिश के तहत फंसाया. वह पहली बार उसके दफ्तर में मिली थी. कुछ समय के भीतर ही उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं और आरोपी ने उसे एमपी नगर में स्थित एक होटल ले जाकर दुष्कर्म किया. पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद कई बार दोनों ने शारीरिक संबंध बनाए. इस बीच, आरोपी ने तीन बार जबरन उसका गर्भपात कराया. आरोपी ने उससे शादी का आश्वासन दिया था, किन्तु बाद में उसने इससे मुकर गया. साथ ही, उसके परिवार ने इस मुद्दे को लेकर पीड़िता के प्रति असभ्य व्यवहार किया.

IPL 2026: CSK ने दिल्ली को मात देकर दर्ज की पहली जीत, संजू सैमसन ने खेली बेहतरीन पारी

आईपीएल 2026 के 18वें मैच में, चेन्नई सुपर किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स को एमए चिदंबरम क्रिकेट स्टेडियम में 23 रनों से पराजित किया। यह चेन्नई सुपर किंग्स के लिए इस सीजन की पहली जीत थी। चेन्नई द्वारा निर्धारित 213 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए, दिल्ली कैपिटल्स 189 रन पर पूरी टीम आउट हो गई। दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत चेन्नई सुपर किंग्स के दिए गए 213 रन के लक्ष्य के साथ अच्छी रही। केएल राहुल और पाथुम निसांका ने पहले विकेट के लिए 4.6 ओवर में 61 रन का योगदान दिया, जिसमें राहुल ने 10 गेंदों पर 18 रन बनाए। वहीं, निसांका ने 24 गेंदों में 5 चौके और 2 छक्कों की सहायता से 41 रन बनाये। हालांकि, समीर रिजवी इस मैच में असफल रहे, उन्होंने केवल 6 रन बनाए और अपना विकेट गंवाया। कप्तान अक्षर पटेल ने एक विकेट हासिल किया। दिल्ली कैपिटल्स के डेविड मिलर भी टीम को आगे नहीं बढ़ा पाए, उन्होंने 14 गेंदों में सिर्फ 17 रन बनाये। आशुतोष शर्मा ने 10 गेंदों में19 रन बनाने के बाद नूर अहमद की गेंद पर अंशुल कंबोज के हाथों कैच हो गए। ट्रिस्टन स्टब्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 60 रन बनाएं, लेकिन उन्हें अन्य बल्लेबाजों का समर्थन नहीं मिला। आकिब ने 4 रन बनाकर आउट हुए। कुलदीप यादव ने भी 4 रन बनाकर अंशुल कंबोज का शिकार बने। चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से जेमी ओवरटन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में केवल 18 रन देकर 4 विकेट लिए। अंशुल कंबोज ने भी 3 विकेट प्राप्त किए।

चेन्नई
ने 20 ओवर में 2 विकेट खोकर 212 रन बनाए। संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ की ओपनिंग जोड़ी इस सीजन में पहली बार अच्छी फॉर्म में नजर आई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 6.2 ओवर में 62 रन जोड़ें। ऋतुराज ने 18 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद सैमसन को आयुष म्हात्रे के रूप में एक शानदार साथी मिला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 68 गेंदों में 113 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। आयुष ने इस दौरान 36 गेंदों में 59 रन बनाकर रिटायर्ड आउट होने का निर्णय लिया।ाथित, संजू सैमसन ने 52 गेंदों में आईपीएल में अपना चौथा शतक जमाया। सैमसन ने 56 गेंदों में 15 चौकों और 4 छक्कों के बल पर नाबाद 115 रनों की शानदार पारी खेली। शिवम दुबे ने 10 गेंदों में नाबाद 20 रन जोड़े। दिल्ली की गेंदबाजी में केवल एक विकेट अक्षर पटेल ने लिया।

बड़वारा में करोड़ों रुपए की बेस कीमती शासकीय भूमि पर पूंजीपतियों का कब्जा

कटनी जिले के बड़वारा में सरकारी भूमि के पट्टों की गैर कानूनी लेन-देन का एक बड़ा प्रकरण चर्चा में आया है। शुक्रवार को जय सूर्यवंशी ने गांव के निवासियों के साथ मिलकर तहसीलदार ऋषि गौतम को एक शिकायत पत्र प्रस्तुत किया।

गांववासियों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों ने धोखाधड़ी के जरिए खुद को गरीब बताकर सरकारी भूखंड हासिल कर लिए हैं और अब इसे बड़ी कंपनियों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा है। शिकायत में उल्लेखित किया गया है कि बड़वारा की सरकारी भूमि पर व्यापक धांधली की जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि कई प्रतिष्ठित लोगों ने बेघर और भूमिहीन होने का दिखावा करते हुए नवोदय विद्यालय के सामने तथा उमंग नगर में सरकारी पट्टे प्राप्त किए। अब ये लोग नियमों का उल्लंघन करते हुए इन संपत्तियों का लेन-देन पूंजीपतियों के साथ कर रहे हैं, जो पूरी तरह से अनुचित है। 

जय सूर्यवंशी और गांववासी अनुरोध कर रहे हैं कि प्रशासन एक टीम बनाकर इन क्षेत्रों की जांच करे। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं-

पट्टा गरीबों के जीवन यापन के लिए दिया जाता है। पर पूंजीपतियों ने पैसे का लालच देकर गरीबों से पट्टा की भूमि खरीद लिया। और पट्टे की भूमि पर लाखों, करोड़ों रुपए का मकान बना लिया ।

कुछ ऐसे मामले हैं जहां पर पूंजीपति खुद को गरीब बता कर भूमि के पट्टा अपने नाम करा लिए।
कुछ मामलों में पूंजीपतियों ने गरीबों को पैसे देकर गरीबों के नाम से पट्टे ले लिए।
ग्रामीणों के अनुसार अधिकारियों की मिली भगत से अपात्रों को पात्र बता कर भूमि के पट्टे दे दिए गए।
जिनको पट्टा दिया गया है वह सभी अपात्र है। सभी की संपत्ति की जांच की जाए जिनको पट्टा दिया गया है वह पहले ही भूमि स्वामी है सभी का पक्का मकान बड़वारा में पहले से बना हुआ है। और अधिकतर लोग बड़वारा के निवासी नहीं है। जिनको पट्टा दिया गया है वह सभी लोग लाखों करोड़ों की भूमि के मालिक है।
कुछ मामले तो ऐसे हैं कि सरकारी कर्मचारी ही सरकार की सैलरी लेकर सरकार को गुमराह कर सरकारीभूमि का पट्टा अपने नाम करा लिया है।

जो लोग झूठ बोलकर पट्टे प्राप्त कर चुके हैं, उनके पट्टे रद्द किए जाएं।

केवल उन गरीबों को पट्टे दिए जाएं जिनके पास वास्तव में रहने के लिए घर या भूमि नहीं है।

सुबह 5 बजे से लाल पहाड़ी में हो रहा अवैध उत्खनन

कटनी शहर की प्रसिद्ध लाल पहाड़ी को खनिज माफिया इस प्रकार से नष्ट करने में जुटे हुए हैं। जैसे एक भूखा शिकारी अपनी भूख संतोष करने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तत्पर रहता है। लाल पहाड़ी को नुकसान पहुँचाने वालों को खनिज विभाग ने पूरी अनुमति दे रखी है। यह पहाड़ी शहर के मध्य थाना माधव नगर क्षेत्र में लगभग 300 एकड़ भूमि में फैली हुई है, जिसमें बॉक्साइट और लेटराइट जैसे मूल्यवान खनिज प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। लेकिन खनिज विभाग की मिलीभगत के कारण लाल पहाड़ी का अस्तित्व खनिज माफियाओं के हाथों समाप्त होने के कगार पर पहुँच गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि बरगवां के पास भारतीय जीवन बीमा कार्यालय के पीछे, जहाँ भी खनिज माफियाओं को मौका मिलता है, वे खनन प्रक्रिया शुरू कर देते हैं। आप देख सकते हैं उस गहरे गड्ढे को, जहाँ खनिज संपदा को चुराने वाले उसे इकट्ठा कर रहे हैं। दिन के समय खनिज चोर गरीब महिला श्रमिकों को ज्यादा पैसे का लालच देकर खुदाई का कार्य करवाते हैं। और जब सामग्री एकत्रित हो जाती है, तो चोरों की तरह काली रात में ट्रैक्टर ट्रॉली के माध्यम से उसे परिवहन किया जाने लगता है। हमारे स्रोतों के अनुसार, हर दिन यहाँ खुदाई करने के बाद रात होते ही परिवहन का काम शुरू हो जाता है। प्रतिदिन लगभग 10 से 15 ट्रॉली बॉक्साइट और लेटराइट चुराई जाती है।

अवैध गैस सिलेंडर भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 22 सिलेंडर जब्त

कटनी, अप्रैल–जिले में LPG गैस सिलेंडरों के गैरकानूनी भंडारण और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के आदेश पर माधवनगर क्षेत्र में अवैध गैस रिफिलिंग और जमाखोरी करने वाले सूरज बालानी के खिलाफ माधवनगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। सहायक आपूर्ति अधिकारी पियूष शुक्ला ने बताया कि 16 मार्च को खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने माधवनगर गेट के निकट आरोपी के निवास पर छापा मारा। जांच के दौरान मकान और उससे चलने वाली दुकान से कुल 22 घरेलू गैस सिलेंडर और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा जब्त किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह घरेलू सिलेंडरों का भंडारण करके उन्हें तौलकर बेचता था। जांच के दौरान 4 सिलेंडरों की सील टूटी हुई पाई गई, जिस पर आरोपी ने कहा कि वह स्वयं सील हटाकर जांच करता था। जब प्रशासन ने वैध दस्तावेज मांगे, तो आरोपी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। यह कार्य द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 का उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं 3 और 7 के अंतर्गत दंडनीय है। कार्रवाई के दौरान 16 सिलेंडर और तौल कांटा जब्त किया गया है, जिसे सुरक्षा कारणों से अशोक गैस एजेंसी के संचालक संदीप यादव के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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