जिला बदर की कार्यवाही 6 माह की अवधि के लिए किया जिले की राजस्‍व सीमाओं से निष्‍कासित

कटनी – कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी ने रामनिवास सिंह वार्ड थाना रंगनाथ कटनी में निवासी शिशिर सिंह, जो गणेश सिंह के पुत्र हैं, उम्र 33 वर्ष, के खिलाफ मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतर उसे अगले 6 महीनों के लिए जिले की राजस्व सीमाओं से बाहर जाने का आदेश जारी किया है। कलेक्टर श्री तिवारी ने जिला बदर की प्रक्रिया पुलिस अधीक्षक से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की है।

शिशिर
सिंह एक लगातार अपराध करने वाले व्यक्ति हैं। इनके खिलाफ अब तक हत्या के प्रयास, गाली-गलौज, मारपीट, सामान्य लोगों को गंभीर चोट पहुँचाना एवं जातिगत अपमान करने के लिए कुल 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने शिशिर के खिलाफ कई बार वैधानिक और निषेधात्मक कार्रवाइयाँ की हैं, लेकिन फिर भी इस आदतन अपराधी के आचरण में कोई सुधार नहीं दिखाई दिया।

आपराधिक
गतिविधियों के लगातार जारी रहने, आम नागरिकों के लिए आतंक का प्रतीक बनने के कारण क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक सुरक्षा पर हो रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री तिवारी ने आदतन अपराधी शिशिर सिंह को 24 घंटे के भीतर कटनी जिले की राजस्व सीमाओं और आस-पास के जबलपुर, मैहर, दमोह, पन्ना एवं उमरिया जिले की राजस्व सीमाओं से 6 महीने की अवधि के लिए बाहर जाने का आदेश दिया है।

अक्षय तृतीया पर प्रशासन की सख्ती: कटनी में 3 बाल विवाह समय रहते रुकवाए

कटनी। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त पर बाल विवाह को रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तैयारी में था। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर बनाए गए कोर ग्रुप की सक्रियता के कारण कटनी शहर में 1 और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में 2 बाल विवाहों को समय पर रोक दिया गया।

प्राप्त
जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तीनों स्थानों पर हो रहे बाल विवाह को रोकते हुए परिवार को सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार, यह एक दंडनीय अपराध है।

मजबूत
योजना से मिली सफलता

कलेक्टर
के निर्देश पर इस वर्ष बाल विवाह की रोकथाम के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। एसडीएम की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कोर टीम का गठन किया गया, साथ ही जिला और विकासखंड स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया ताकि निगरानी तंत्र को मजबूती दी जा सके। इसी सक्रियता के कारण समय पर कार्रवाई संभव हो पाई।

कटनी
शहर में संयुक्त टीम की कार्रवाई

कटनी
के आधार कॉलोनी में एक 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका का विवाह होने वाला था। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम तुरंत वहां पहुंची। जांच में बालिका की उम्र 16 वर्ष और बालक की उम्र 22 वर्ष पाई गई। टीम ने परिवार, बारातियों, और आयोजन से जुड़े अन्य लोगों को कानून की जानकारी देते हुए विवाह रुकवाया। समझाने के बाद परिवार ने सहमति दी कि बालिका के बड़े होने के बाद ही विवाह करेंगे।

ढीमरखेड़ा
में दो बाल विवाह पर रोक

विकासखंड
ढीमरखेड़ा के ग्राम संकुई में दो नाबालिग बालकों के विवाह की तैयारी चल रही थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि दोनों बालक 21 वर्ष से कम उम्र के हैं। अधिकारियों ने परिवार को समझाया कि 21 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना कानून के खिलाफ है। मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और परिवार ने बालकों के वैधानिक आयु पूरी होने के बाद ही विवाह करने पर सहमति दी।

प्रशासन
की अपील

जिला
प्रशासन ने नागरिकों से निवेदन किया है कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने में सहयोग करें और ऐसी किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

5वीं के छात्र की गला रेतकर हत्या, घर के अंदर ड्रम में मिला शव

मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक हैरतअंगेज घटना सामने आई है। सोमवार को कोलगवां थाना क्षेत्र के बैंक कॉलोनी में एक 5वीं कक्षा के छात्र की धारदार वस्तु से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधी ने कार्रवाई के बाद शव को घर के अंदर एक नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपा दिया। मृतक की पहचान शिवराज रंजक के रूप में हुई, जो सभापुर थाना क्षेत्र के नयागांव का निवासी था। वह ‘जीनियस हायर सेकेंडरी स्कूल’ में 5वीं कक्षा का छात्र था। शिवराज का परिवार पिछले 15 महीनों से बैंक कॉलोनी में प्रिया नर्सरी के निकट एक किराए के घर में निवास कर रहा था।

परिवार
वालों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई
घटना
के समय शिवराज घर में अकेला था। उसके पिता रमेश रंजक गांव गए हुए थे, और उसकी मां दूसरों के घरों में खाना बनाने का कार्य करने गई थी। जब मां लगभग 1:00 बजे काम से लौटी, तो उसने घर के दरवाजे पर ताला लटका देखा और घबरा गई। काफी प्रयास और खोजबीन के बाद जब शिवराज का कहीं पता नहीं चला, तो परिवार ने कोलगवां थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत
प्राप्त होने के बाद पुलिस छात्र की खोज में उसके घर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर गई, तो वहां का दृश्य भयावह था। घर के फर्श पर खून के कई दाग थे। पुलिस ने मौके से एक खून से सने हुए तकिए और पास में एक धारदार हसिया भी प्राप्त की। पुलिस की नजर घर में रखे एक नीले ड्रम पर पड़ी, जिसमें खून के धब्बे थे। ड्रम खोलने पर उसके अंदर शिवराज का लाश लहुलुहान अवस्था में मिली। पड़ोसी पर हत्या का शक
अतिरिक्त
पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शिवेश सिंह ने बताया कि मृतक की मां और बड़ी बहन ने पास में ड्राईक्लीनिंग की दुकान चलाने वाले मथुरा रजक पर संदेह जताया है। घटना के बाद से ही इस संदिग्ध मथुरा रजक के लापता होने की सूचना है। छात्र के गले पर धारदार हथियार के गहरे निशान पाए गए हैं। परिजनों के शक के आधार पर आरोपी की खोज के लिए पुलिस ने तीन विशेष दल गठित किए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी।

बिलहरी पुलिस को “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मिली सफलता नाबालिग बालिका को हैदराबाद से किया दस्तयाब

बिलहरी पुलिस को “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत मिली सफलता नाबालिग बालिका को हैदराबाद से किया दस्तयाब

बिलहरी
पुलिस ने एक अपचारी बालक को, जिसने एक नाबालिग बालिका का अपहरण कर उसे हैदराबाद ले जाकर बलात्कार किया, बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने अपहृत बच्चों की भीड़ से बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे ”ऑपरेशन मुस्कान” का निर्देश दिया है। इसके अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर संतोष डेहरिया और नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्र के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पांण्डेय के नेतृत्व में, 17/04/2026 को इस मामले पर कार्रवाई की। पुलिस ने अपहृत बालिका का अपहरण कर हैदराबाद ले जाने वाले अपचारी बालक को पकड़ लिया।

11/04/2026 को, शिकायतकर्ता ने थाना कुठला में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी 16 साल 4 महीने की बेटी जो कक्षा 11 की छात्रा है। 10/04/2026 को, वह सुबह करीब 10 बजे अपने परिणाम लेने के लिए शासकीय स्कूल बिलहरी गई, लेकिन वह स्कूल नहीं पहुंची। जब घर वापस आकर उसे खोजा गया, तो उसके बारे में कुछ पता नहीं चला, और ऐसा लगा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर ले जाया है। इस रिपोर्ट पर अपहरण का मामला दर्ज किया गया और अपहृत बालिका और अज्ञात आरोपी की खोज के लिए चौकी बिलहरी थाना कुठला पुलिस ने पारंपरिक और तकनीकी सहायता से जांच की। इस बीच, जब यह जानकारी मिली कि अपहृता हैदराबाद में है, पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए तुरंत वहां हरकत की, जहां से 17/04/2026 को 16 साल 4 महीने की नाबालिग बालिका और 16 महीने 10 महीने का अपचारी बालक को उनके संरक्षण में लिया गया। अपचारी बालक को माननीय किशोर न्यायालय में पेश किया गया और वारंट बनने के बाद उसे बाल संप्रेक्षण गृह सिवनी भेजा गया।

पुलिस
कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका

इस
सफलता में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेन्द्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी उप निरीक्षक सुयश पांण्डेय, सहायक उप निरीक्षक राम सिंह, दामोदर राव, संतोषभरत, सविता तिवारी, दिलकेश्वर, संदीप भलावी, सौरभ जैन, विकास, महिला आरक्षक पूजा द्विवेदी और अन्य स्टाफ की सराहनीय भागीदारी रही है।

कटनी में पैतृक मकान विवाद ने लिया उग्र रूप

शहर के रंगनाथ नगर थाने के क्षेत्र में भीमराव चौक पर विरासत में मिली संपत्ति को लेकर प्रारंभ हुआ पारिवारिक विवाद अब गंभीर स्थिति में पहुंचता दिखाई दे रहा है। एक ही परिवार के सदस्य के बीच दीवार तोड़ने को लेकर उत्पन्न हुआ विवाद इतना बढ़ गया है कि यह मामला पुलिस थाने तक पहुँच गया है। शिकायतकर्ता संतोष कुमार गुप्ता के अनुसार, 16 अप्रैल को दोपहर लगभग 1:30 बजे जब वे अपने पारिवारिक मकान पहुंचे, तब उनके भतीजे दीपक गुप्ता, गोविंद गुप्ता और कृष्णा गुप्ता उस मकान की दीवार को तोड़ने में लगे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन पर गालियां देने और जान से मारने की धमकी देते हुए मकान खाली करवाने का दबाव डाला गया।इस घटना के समय आस-पास के लोगों ने भी इस पूरे घटनाक्रम को देखा, जो इसके प्रति गंभीरता को और बढ़ा देता है। पीड़ित की शिकायत पर रंगनाथ नगर थाने की पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रारंभ कर दी है। हालाँकि, शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद दीवार तोड़ने का कार्य नहीं रुका। इस आरोप के चलते स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का कहना है कि यह एक पारिवारिक संपत्ति का विवाद है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। जांच के परिणामस्वरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। निष्कर्ष: यदि पारिवारिक विवादों का त्वरित समाधान नहीं किया गया, तो ये कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है।

गैर-कृषि स्वयं सहायता समूहों के सदस्य अहमदाबाद की एक्सपोजर यात्रा पर

पाकिम: सिक्किम इंस्पायर्स पहल के अंतर्गत, जिले के 20 गैर-कृषि स्वयं सहायता समूहों के सदस्य 17 से 25 अप्रैल 2026 के बीच अहमदाबाद में एसईडब्ल्यूए की एक जानकारी यात्रा पर हैं। ये स्वयं सहायता समूह के सदस्य जिले के डुगा, पाकिम, रेगू, नामचेबुंग, रेनॉक और फारका क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

इस
यात्रा का आयोजन पाकिम जिला प्रशासनिक केंद्र के मार्गदर्शन और पहल के तहत किया गया है, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के समन्वयक भी शामिल हैं, जिनमें पाकिम और डुगा के ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक भी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस जानकारी यात्रा का प्रमुख उद्देश्य गैर-कृषि व्यवसायों, कृषि-उत्पादों के मूल्य में वृद्धि और समुदाय-आधारित आजीविका मॉडल के बारे में वास्तविक अनुभव और ज्ञान प्रदान करना है। इस कार्यक्रम से प्रतिभागियों की क्षमताओं में वृद्धि होने और जिले के भीतर सफल और स्थायी आजीविका प्रथाओं को अपनाने और उन्हें फैलाने में सहायता मिलने की आशा है।

दोहरी नागरिकता केस में ट्विस्ट, राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर रोक

प्रयागराज । कांग्रेस पार्टी के नेता और लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी के खिलाफ अभी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय पर रोक लगा दी है। दोहरी नागरिकता के मामले में उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। शनिवार को अपने उसी आदेश पर रोक लगाते हुए सुनवाई के लिए अगली तिथि 20 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

रायबरेली
से कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एक याचिका प्रस्तुत की गई थी। जिसमें उनके भारतीय नागरिक होने के बावजूद ब्रिटेन की नागरिकता हासिल करने का आरोप लगाया गया था। यह याचिका कर्नाटक निवासी विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई थी।

विग्नेश
शिशिर ने 26 जुलाई 2025 को रायबरेली के एसपी को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने का निवेदन किया था। आरोप है कि सबूत पेश करने के बावजूद एसपी ने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया। इसके विरोध में विग्नेश ने एमपीएमएलए कोर्ट रायबरेली में याचिका दाखिल की थी। 28 जनवरी को एमपीएमएलए कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ पेश की गई याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद विग्नेश ने उच्च न्यायालय में अपील की थी। कई सुनवाई तारीखों के बाद 17 अप्रैल को अदालत ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच का आदेश दिया था, लेकिन 18 अप्रैल को अपने फैसले को पूर्ववत रख लिया है।

दिल्ली से तमिलनाडु को कंट्रोल नहीं होने देंगे : राहुल गांधी

पोंनेरी (तमिलनाडु) । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के पोंनेरी में एक सभा को संबोधित करते हुए परिसीमन से संबंधित हालिया घटनाओं पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रयास तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों के संसदीय प्रतिनिधित्व को कम करने की एक छिपी हुई योजना का हिस्सा है।

तिरुवल्लुर
जिले में आयोजित रैली में उन्होंने बताया कि संसद में पेश किया गया हालिया विधेयक महिला आरक्षण को लेकर प्रस्तुत किया गया था, लेकिन इसका असली उद्देश्य परिसीमन के माध्यम से दक्षिणी और छोटे राज्यों की राजनीतिक ताकत को कम करना था। उन्होंने कहा कि हमने इसे संसद में पराजित कर दिया है।

राहुल
गांधी ने अपने भाषण में आरएसएस और भाजपा पर तमिलनाडु की भाषा, संस्कृति और पहचान पर हमले का आरोप लगाया। उन्होंने यह कहा कि मैं तमिलनाडु में जन्मा नहीं, लेकिन यहां के लोगों से मेरा गहरा संबंध है। तमिल भाषा और संस्कृति पर आक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अपने
राजनीतिक विचार स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक संघ है जिसमें सभी राज्यों को समान महत्व और अपनी भाषा एवं संस्कृति का संरक्षण करने का अधिकार होना चाहिए। प्रधानमंत्री के एक राष्ट्र, एक नेता, एक भाषा’ जैसे विचारों की आलोचना करते हुए उन्होंने बताया कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

आगामी
चुनावों को लेकर राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन द्वारा केंद्र के केंद्रीकरण प्रयासों के खिलाफ खड़े होने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली को तमिलनाडु पर नियंत्रण करने का अवसर नहीं देंगे। राज्य अपने भविष्य के फैसले खुद करेगा।

तमिलनाडु
विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक चरण में होंगे, और मतगणना 4 मई को होगी। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से डीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन और एनडीए के बीच होने की संभावना है। इसी समय अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी भी चुनाव को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास कर रही है।

कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों से किया खिलवाड़ : स्मृति ईरानी

नई दिल्ली । बीजेपी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का समर्थन न करने को लेकर तीखा हमला किया।

स्मृति
ईरानी ने कहा कि आज हमारी राष्ट्र की महिलाओं के लिए कांग्रेस की एक प्रेस वार्ता में 98 वर्ष का दावा पेश किया गया। देश की महिलाओं को बताया गया कि कांग्रेस पार्टी ने एक ऐसा सपना तैयार किया है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक अधिकार दिलाना है। लेकिन 98 सालों में उस उद्देश्य का क्या हुआ, यह कल देश की संसद में सभी महिलाओं ने महसूस किया। कांग्रेस पार्टी गर्व से मुस्कुराते हुए और मेज थपथपाते हुए इस बात का जश्न मना रही थी कि उन्होंने देश की आम महिलाओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को दबा दिया। परंतु भाजपा के लिए, यह सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं है, बल्कि समानता के अधिकार की रक्षा करना है।

स्मृति
ईरानी ने आगे कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस बात का जश्न मना रहे थे कि जो मेहनती राजनीतिक महिलाएं इस देश में कई वर्षों से संघर्ष कर रही हैं, वे केवल 33 प्रतिशत अधिकार मांग रही हैं, उन पर कैसे अंकुश लगाया जाए, संसद में संघर्ष कैसे जीता जाए, इसी जश्न में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लिप्त थे। भाजपा के लिए यह सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि समानता का अधिकार देने का मुद्दा है।

रविशंकर
प्रसाद ने प्रियंका गांधी पर कटाक्ष किया और उनकी टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मैं आमतौर पर प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ कुछ नहीं बोलता, लेकिन यह पहली बार है जब मैं ऐसा कर रहा हूँ। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने महिलाओं को ‘इस्तेमाल’ करने की बात की। क्या भारत की महिलाएं किसी ऐसी चीज का सामान हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है? यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एक महिला सांसद की भाषा है। हम इस तरह की भाषा की कड़ी निंदा करते हैं।

यह काला दिन नहीं, लोकतंत्र की जीत : प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। शुक्रवार को लोकसभा में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक को पारित नहीं किया जा सका। इस विषय पर बीजेपी ने विपक्ष पर हमला बोला है। अब कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा ने बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सत्तारूढ़ पार्टी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह उनके (केंद्र) लिए एक काला दिन है, क्योंकि यह पहला मौका है जब उन्हें ऐसा झटका लगा है, जिसके वे योग्य थे।

शनिवार
को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मामला महिला आरक्षण बिल का नहीं है। यह परिसीमन से जुड़ा हुआ था। मोदी सरकार को परिसीमन इस आधार पर करना था कि उसे जातीय जनगणना के आंकड़ों की कोई आवश्यकता नहीं थी, जिससे उन्हें मनमानी करने की पूरी छूट मिलती। ऐसे में यह संभव ही नहीं था कि विपक्ष मोदी सरकार का समर्थन करे।

लोकसभा
में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के गिरने पर उन्होंने कहा, “कल का घटनाक्रम लोकतंत्र के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण जीत है। सरकार द्वारा संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की जो योजना थी, उसे विफल किया गया। यह संविधान की विजय थी, देश की विजय थी और विपक्ष की एकता की विजय थी, और यह सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरों पर साफ नजर रहा था।

प्रियंका
गांधी वाड्रा ने कहा कि मेरा मानना है कि यह एक साजिश है जिसके तहत किसी भी तरह उन्हें सत्ता में बने रहना है। इसलिए, इसे प्राप्त करने के लिए, वे हमेशा महिलाओं का सहारा लेकर सत्ता में बने रहने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने सोचा कि यदि यह विधेयक पारित हो गया, तो वे सफल होंगे। अगर यह नहीं हुआ, तो वे अन्य पार्टियों को महिला विरोधी साबित करके महिलाओं के उद्धारक बन जाएंगे। हमें पता है कि महिलाओं के उद्धारक बनना आसान नहीं है।

प्रियंका
गांधी वाड्रा ने आगे कहा, आज महिलाओं की समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। संघर्ष भी बढ़ रहा है। महिलाएं बेवकूफ नहीं हैं। वे सभी चीजें देखती हैं। अब जनसंपर्क और मीडिया का शोर काम नहीं आएगा। यदि आप ठोस कुछ करना चाहते हैं, तो 2023 में सभी दलों के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित विधेयक को दोबारा लाएं।

प्रियंका
ने आगे कहा, “यदि इसे अभी लागू करने के लिए इसमें कुछ छोटे-मोटे बदलाव करने की आवश्यकता है, तो करें और इसे तुरंत लागू करें। महिलाओं को उनके अधिकार अभी दें। लेकिन इसे घुमा-फिराकर और अन्य चीजों से जोड़कर उन्हें गुमराह करने की कोशिश न करें। इसे अब करें। हम सब इसके लिए तैयार हैं।

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