20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार

20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार, कलेक्टर से लगाई गुहार
कटनी।
कटनी जिले की बड़वारा तहसील के मझगवां गांव में पिछले 20 वर्षों से निवास कर रहे 6 आदिवासी परिवारों के सामने आज बेघर होने की चुनौती उत्पन्न हो गई है। घरों को खाली करने की दी जा रही चेतावनी से भयभीत ये परिवार की महिलाएं जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की आस में अपनी परेशानी साझा करने आईं।

क्या
है पूरा मामला?
पीड़ित
महिलाओं का कहना है कि वे सरकारी भूमि पर कच्चे निर्माण करके पिछले 20 वर्षों से निवास कर रही हैं। सुकवरिया बाई और अन्य महिलाओं ने कहा कि वे निर्धन और बिना जमीन की हैं। इनके पास रहने के लिए यह भूमि ही एकमात्र ठिकाना है और न ही इनके पास आजीविका के लिए कृषि भूमि है।

प्रशासन
और स्थानीय अमले पर गंभीर आरोप
महिलाओं
ने स्थानीय पटवारी और कोटवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि उन्हें हाल के दिनों में लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्हें बताया गया है कि वे अपने घरों को स्वयं गिरा दें, अन्यथा प्रशासन का बुलडोजर उन्हें मिटा देगा। प्रशासन की ओर से दी जा रही घर खाली करने की चेतावनियों ने इन परिवारों की नींद हराम कर दी है।

कलेक्टर
से मालिकाना हक (पट्टा) की मांग
आदिवासी
महिलाओं ने जिला कलेक्टर को एक शिकायत पत्र सौंपकर मानवीय आधार पर सहायता की प्रार्थना की है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: उन्हें वर्षों से काबिज भूमि से न हटाया जाए। इसी स्थान पर निवास की अनुमति प्रदान की जाए और भू-स्वामित्व (पट्टा) दिया जाए। प्रशासन इस मामले में तात्कालिक कदम उठाकर उन्हें बेघर होने से रोकें।

बेघर
हुए तो खुले आसमान के नीचे आएंगे बच्चे
महिलाओं
ने भावुक होकर स्पष्ट किया कि यदि उनके घर छीन लिए गए, तो वे एवं उनके निर्दोष बच्चे इस तेज धूप और खुले आसमान में रहने के लिए विवश होंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन ने उनकी शिकायत को दर्ज करके मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

ईरान-अमेरिका युद्धविराम

पश्चिम एशिया में लगभग चालीस दिनों से चल रहे गंभीर संघर्ष के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि…

अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध ड्रोन और हवाई हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने का निर्णय लिया। ईरान द्वारा प्रस्तुत किए गए 10-सूत्रीय योजना के चलते दोनों देशों ने आपसी संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की है।


ट्रंप
ने झुकाव दिखाया, महायुद्ध पर लगी विराम!

अमेरिका
और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के साथ ही ट्रंप के इस्तीफे की मांगें अमेरिका में तेज हो गई हैं।


पश्चिम
एशिया में लगभग 40 दिनों से जारी भयंकर युद्ध के बीच एक बड़ी कूटनीतिक जीत सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बमबारी और हमलों का अभियान दो हफ्तों के लिए रोक दिया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता तथा ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के कारण दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय युद्धविराम पर सहमति बना ली है। इस ढाईवाला संघर्ष विराम की एक शर्त यह है कि ईरान Strait of Hormuz को तुरंत, पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से खोले। ईरान ने इस शर्त को स्वीकार किया है। फिर भी, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विवेचना का काम अभी भी बाकी है। अमेरिका-ईरान सीजफायर की घोषणा ने पूरी दुनिया को चकित कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे ट्रंप का ईरान के समक्ष समर्पण मानते हैं। वहीं, अमेरिका में सीजफायर की घेराबंदी के साथ-साथ ट्रंप के इस्तीफे की मांगें जोर पकड़ने लगी हैं। ट्रंप को राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य करार देने का आग्रह किया जा रहा है। अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने इस युद्धविराम को ट्रंप का संपूर्ण आत्मसमर्पण करार दिया है। इसी बीच, ग्वेन मूरे ने सभी सदस्यों से मिलकर ट्रंप की असामान्य नीति को समाप्त करने की अपील की है। यद्यपि ट्रंप ने पहले ईरान के इस 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को भ्रमित करने वाला कहा था, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अनुरोध पर इस प्रस्ताव को कार्यशील मानकर सैन्य गतिविधियों को रोकने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञ इस घटना को ट्रंप के ईरान की शर्तों पर झुकाव के रूप में देख रहे हैं। वहीं, इस संघर्षविराम के परिणामस्वरूप वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई हैं। संघर्षविराम के ऐलान करते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से चर्चा के बाद ईरान पर हमलों को दो सप्ताह के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया है। ईरान ने Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने पर सहमति व्यक्त की है। यह एक दोंसार सीजफायर होगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अपने सैन्य उद्देश्य हासिल कर लिए हैं और ईरान द्वारा दी गई 10-सूत्रीय योजना एक स्थायी समझौते के लिए एक प्रभावी आधार है।

बैलगाड़ी की सवारी और देशी खान-पान का लिया आनंद

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की महत्वाकांक्षी योजना ‘ग्रामीण पर्यटन’ अब धरातल पर साकार होती दिख रही है। इसके अंतर्गत फ्रांस से आए चार विदेशी यात्रियों ने कटनी जिले के खितौली और कोनिया गांवों का दौरा किया। यहां की ग्रामीण सेटिंग और ‘होमस्टे’ की सुविधा ने विदेशी मेहमानों को इस हद तक आकर्षित किया कि उन्होंने इसे होटलों और लॉज के मुकाबले बेहतर विकल्प बताया।

विदेशी
मेहमानों का हुआ भव्य स्वागत

भारत
भ्रमण पर आए फ्रांस के नागरिक ग्वेन्डोलिन डेलेपियरे, माएल एरिक कोकॉल्ट, आर्मेल यवोन मैरी जोसेफ लेटोर्ट और यवेस थिएरी फिलिप कोकॉल्ट जब कटनी के खितौली और कोनिया गांव में पहुंचे, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। पर्यावरणविद् और मानव जीवन विकास समिति के सचिव निर्भय सिंह ने इस अवसर पर इन पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से अवगत कराया।

होमस्टे
बना आकर्षण का केंद्र

पर्यटकों
ने कटनी के अलावा, उमरिया जिले के दमना और मरईकला गांवों के होमस्टे में भी समय बिताया। ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए इन होमस्टे को आकर्षक रंगों और स्थानीय कला से सजाया गया था।

विदेशी
मेहमानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लॉज और होटलों की तुलना में होमस्टे में ठहरना अधिक आनंददायक है। यहां रुककर उन्हें स्थानीय परिधान, जीवनशैली और रीति-रिवाजों को करीब से जानने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां के पारंपरिक व्यंजन और स्वदेशी खान-पान का भरपूर आनंद लिया।

बैलगाड़ी
की सवारी और हस्तशिल्प ने जीता दिल

भ्रमण
के दौरान विदेशी सैलानियों के लिए सबसे अविस्मरणीय अनुभव बैलगाड़ी की सवारी रही। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण हस्तशिल्प जैसे बांस शिल्प, मिट्टी के कार्य और मेहंदी कला में भी गहरी रुचि दिखाई। पर्यटक गांव के आसपास के पुराने तालाबों, बांधों, प्राचीन मंदिरों और घने जंगलों का भ्रमण कर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते रहे।

ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

सचिव
निर्भय सिंह ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ना और स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। होमस्टे के विकास से गांव की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।

300 पानी टंकियां बांटकर बचाई जा रही बेजुबानों की जान 

कटनी। तीव्र गर्मी के बीच जानवरों और पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए कटनी ब्लड डोनर एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा चलाए जा रहे “जल सेवा अभियान” के तहत एक प्रशंसनीय जनहित कार्य किया गया है। यह संस्था कई वर्षों से सामाजिक सेवा के कार्यों को जारी रखते हुए इस वर्ष भी शहर में फ्री पानी की टंकियों का वितरण कर रही है।

इस
अभियान के पहले चरण में 300 से ज्यादा 20 लीटर क्षमता वाली सीमेंट की पानी की टंकियों का वितरण किया गया। ये टंकियां शहर के विभिन्न वार्डों, कॉलोनियों, मोहल्लों, चौराहों और गलियों में मूक पशुओं के लिए रखी जा रही हैं, ताकि उन तक तेज गर्मी में आसानी से पानी पहुँच सके। बाकी टंकियों का वितरण दूसरे चरण में किया जाएगा।

कार्यक्रम
की शुरुआत संस्था की महिला विंग द्वारा माता सरस्वती और गौ माता की पूजा से हुई, जिसके बाद सेवा कार्य का औपचारिक आरंभ किया गया। पहले से रजिस्ट्रेशन करा चुके नागरिकों को बरगवां रोड पर आई लव सेल्फी प्वाइंट के सामने स्थापित केंद्र से टंकियों का वितरण किया गया।

इस
अवसर पर शहर की कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी भी शामिल हुए और उन्होंने इस सेवा में सहयोग करते हुए टंकियों का वितरण किया। सभी ने संस्था के इस प्रयास की प्रशंसा की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

संस्था
ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस पुण्य कार्य में भाग लें और अपने घर या मोहल्ले के बाहर टंकी रखकर मूक जानवरों को पानी उपलब्ध कराएं। इच्छुक नागरिकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसके जरिये टंकी मुहैया कराई जाएगी। साथ ही जानकारी के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

संस्था
के अध्यक्ष टीनू सचदेवा जी ने बताया कि यह सेवा कार्य निरंतर चलाया जा रहा है और समाज के सहयोग से इसे और बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि टंकी प्राप्त करने के बाद उसे साफ रखें और समय-समय पर पानी भरते रहें, ताकि यह सेवा केवल गर्मी तक सीमित न रहकर पूरे साल जारी बनी रहे।

यह
पहल न केवल मूक जानवरों और पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है, बल्कि समाज को मानवता और जीवों की सहायता के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करती है। एक छोटा सा प्रयास किसी मूक प्राणी के जीवन को बचा सकता है।

48 वाहनों की जांच में 11 नियम तोड़ते पकड़े

katni news today बिना अनुमति, फिटनेस और लाइसेंस के अवैध रूप से चलाए जा रहे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत, मंगलवार को अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल ने कटनी-उमरिया रोड पर व्यापक वाहन जांच अभियान संचालित किया। इस जांच के दौरान लगभग 48 वाहनों की समीक्षा की गई। जिनमें से 11 वाहन नियमों के विरुद्ध चलाते पाए गए। इन सभी वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें थाना कुठियाला में सुरक्षित रखा गया, जबकि एक वाहन को थाना बड़वारा में सुरक्षित किया गया। जांच के दौरान обнаруж हुआ कि कई वाहन सड़कों पर निर्धारित भार से अधिक लादकर चलाए जा रहे थे, जो न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करती है बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। टीम ने विशेष रूप से खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया। कार्रवाई में तीन वाहन गिट्टी से ओवरलोड मिले, जिनमें निर्धारित सीमा से अधिक सामग्री भरी गई थी। इसी प्रकार, तीन वाहन रेत से भरे पाए गए, जो बिना उचित अनुमति और ओवरलोड के चलते थे। इसके अतिरिक्त, एक वाहन बॉक्साइट से लदा हुआ मिला, जो नियमों के खिलाफ जा रहा था। जांच अभियान के दौरान दो वाहन मुरम से ओवरलोड पाए गए, जिनमें आवश्यक दस्तावेजों की कमी के साथ ओवरलोडिंग का मामला भी सामने आया। इसके अलावा, दो वाहनों में कोयला परिवहन किया जा रहा था, लेकिन वे भी नियमों का पालन नहीं कर रहे थे और आवश्यक अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। एक वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना चलाया जा रहा था, जिसे सड़क सुरक्षा के लिहाज से बहुत गंभीर मामला माना गया। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन चलाना दुर्घटनाओं की संभावनाओं को बढ़ाता है, इसलिए विभाग ने इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल ने सभी वाहक चालकों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित क्षमता के अनुसार ही सामग्री का परिवहन करें और सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे अनुमति, फिटनेस, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखें। अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए सुझाव भी दिए। कई चालकों को चेतावनी देते हुए भविष्य में नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के व्यापक जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

बिलहरी पुलिस ने मुंबई से आरोपी दबोचा

कटनी। जिले में एक प्रमुख साइबर धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश करते हुए बिलहरी पुलिस ने 4.26 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नकली लेनदेन के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले में कमीशन प्राप्त किया करता था।

पुलिस
अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में जिले के धोखाधड़ी मामलों में त्वरित कार्रवाई चल रही है। इस संदर्भ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और थाना प्रभारी कुठला राजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय और उनकी टीम ने आरोपी को पकड़ने में सफलतापूर्वक कामयाबी हासिल की।

क्या
है पूरा मामला

रोशन
नगर के निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा ने शिकायत की थी कि आर्यवत शिक्षा समिति के नाम पर फर्जी डोनेशन देने का प्रलोभन देकर संस्था के एक्सिस बैंक खाता का दुरुपयोग किया गया और उससे 4.26 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन करके धोखाधड़ी की गई। इसके आधार पर थाना कुठला में अपराध क्रमांक 99/26, धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की गई।

मुंबई
से ऐसे पकड़ा गया आरोपी

जांच
के दौरान, जिस बैंक खाते से धोखाधड़ी हुई थी, उससे जुड़े मोबाइल नंबर और उपकरणों के आधार पर पुलिस ने मुंबई के अंधेरी पूर्व स्थित पूनम नगर में रहने वाले आरोपी अभिषेक नार्कर (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान, उसने बताया कि उसे उसके सहयोगियों प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार ने इस कार्य में शामिल किया था। होटल में रहने के बदले में उसे साप्ताहिक 15,000 और मासिक 60,000 रुपये देने का प्रलोभन दिया गया था, जहां उस मोबाइल के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की राशि ट्रांसफर की जाती थी।

मुख्य
आरोपी फरार, दुबई में होने की सूचना

साइबर
धोखाधड़ी के इस प्रकरण में मुख्य आरोपी प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार के खिलाफ देश भर में लगभग 54 मामलों का पंजीकरण हो चुका है। दोनों व्यक्ति वर्तमान में फरार हैं और उनकी दुबई में मौजूदगी की जानकारी मिली है। मुंबई पुलिस ने इनके खिलाफ लाल खुफिया नोटिस जारी किया है।

गिरफ्तार
आरोपी अभिषेक नार्कर को न्यायालय में पेश किया गया और उसे जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक दामोदर राव, प्रधान आरक्षक संतोष प्रजापति और आरक्षक लव उपाध्याय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Gwalior: ‘सर मुझे पास कर दो, मेरी साली से आपकी शादी करवा दूंगा’

एमपी में 10वीं और 12वीं की परीक्षा की कॉपियों का निरीक्षण कर रहे शिक्षकों को छात्रों द्वारा लिखी गई अजीबोगरीब अनुरोध, अपीलें और सुझाव पढ़ने को मिल रहे हैं। मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा में काम कर रहे शिक्षकों को इस बार अजीब औऱ विचित्र प्रार्थनाएँ, अनुरोध और प्रपोजल मिले हैं, जिन्हें देख कर शिक्षकों को आश्चर्य हुआ। ग्वालियर शहर में हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक के कुल 2,66,173 उत्तर पत्रों का मूल्यांकन संपन्न हो चुका है। इस वर्ष 100 से ज्यादा कॉपियों में छात्रों द्वारा लिखी गई असामान्य अपीलें शिक्षकों को प्राप्त हुईं। कुछ छात्रों ने उत्तीर्ण कराने के लिए चौंकाने वाले सुझाव भी प्रस्तुत किए हैं। एक छात्र ने लिखा, सर, मुझे पास कर दीजिए, मैं आपकी शादी अपनी साली से करवा दूंगा। वहीं एक छात्रा ने लिखा कि सर, यदि मैं असफल हो गई तो मेरी शादी टूट जाएगी, कृपया मुझे पास कर दें।” एक अन्य छात्र ने बताया कि उसकी पढ़ाई गर्लफ्रेंड के ब्रेकअप के कारण प्रभावित हुई और उसने पास करने की गुहार लगाई। कई छात्राओं ने लिखा कि उनकी शादी तय है और असफल होने पर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए उन्हें पास किया जाए। लगभग 23 छात्रों ने अपने माता-पिता की गंभीर बीमारी, जैसे कैंसर का हवाला देकर पढ़ाई न कर पाने की व्यथा लिखी और पास करने की प्रार्थना की। मूल्यांकन की देखरेख करने वाले अधिकारी ने कहा कि कॉपियों पर QR कोड होने के कारण छात्रों या उनके अभिभावकों को मूल्यांकन केंद्र की जानकारी नहीं मिलती। इसी कारण से, असमर्थ या कम तैयारी वाले छात्र भावनात्मक संदेश लिखते हैं। शिक्षकों ने सूचित किया कि कुछ छात्रों ने कॉपियों में 500 रुपये के नोट रख कर पास करने का अनुरोध किया। कुछ ने शायरी लिखी, जबकि कुछ ने मोबाइल नंबर देकर ऑनलाइन रिश्वत देने का प्रस्ताव भी दिया। हालाँकि, शिक्षकों ने इन सभी बातों को नजरअंदाज करते हुए केवल नियमों के अनुसार मूल्यांकन किया।

बोर्ड
के क्षेत्रीय अधिकारी मारुति सोमकुंवर ने जानकारी दी कि इस साल जिले में 49 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने परीक्षाओं में भाग लिया। कॉपियों की जांच अब पूरी हो चुकी है और परिणाम 12 अप्रैल तक जारी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष परिणाम 6 मई को प्रकाशित हुआ था।

दत्तक संतान को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार:

दत्तक संतान को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार: हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसलाइंदौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि दत्तक संतान को अनुकंपा नियुक्ति का पूरा अधिकार है। अदालत ने विभाग द्वारा दत्तक पुत्र को नौकरी देने से इनकार के आदेश को वैधता से बाहर करते हुए उसे निरस्त कर दिया और आवेदन पर पुनः विचार करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की एकलपीठ ने अपने फैसले में कहा कि यदि दत्तक संबंध वैध हैं, तो किसी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।पिता के निधन के बाद नियुक्ति नामंजूर की गई मंदसौर के निवासी मोहित गौड़ ने जिला मलेरिया अधिकारी के 10 दिसंबर 2021 के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। उनके दत्तक पिता, स्वर्गीय धर्मेंद्र पारिख, मलेरिया विभाग में Superior Field Worker (SFW) के पद पर कार्यरत थे और कोविड-19 संक्रमण के कारण 29 अप्रैल 2021 को उनका निधन हुआ था।याचिकाकर्ता ने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि गोद लेने का रजिस्टर्ड दस्तावेज मृत्यु से पहले प्रस्तुत नहीं किया गया था तथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी प्रदान नहीं किया गया।रजिस्टर्ड दत्तक पत्र अनिवार्य नहींअदालत ने स्पष्ट किया कि हिंदू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत दत्तक ग्रहण के लिए रजिस्टर्ड adoption deed होना आवश्यक नहीं है। साथ ही, अनुकंपा नियुक्ति नीति में वंशानुक्रम प्रमाण पत्र के लिए कोई बाध्यता नहीं है।कोर्ट ने माना कि वर्ष 2020 में बनाया गया adoption deed इस बात का पर्याप्त प्रमाण है कि दत्तक ग्रहण कर्मचारी के जीवनकाल के दौरान ही हुआ था।विभागीय आदेश को बताया मनमानान्यायालय ने कहा कि संबंधित अधिकारी ने कानून की गलत व्याख्या करते हुए अतिरिक्त शर्तें लगाईं और “mechanical approach” अपनाई। इस आधार पर 10 दिसंबर 2021 का आदेश रद्द करते हुए विभाग को निर्देश दिया गया कि दत्तक संबंध को सही मानते हुए 60 दिनों के भीतर नियुक्ति पर नया निर्णय लिया जाए।यह निर्णय अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित मामलों में दत्तक संतानों के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।

ग्रामीणों को नहीं मिलेगा मुफ्त पानी, हर महीने देना होगा 100 रुपये शुल्क


भोपाल/
मध्य प्रदेश के ग्रामीण हिस्सों में जल जीवन मिशन के तहत एकल नल-जल योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने का उद्देश्य रखा गया है। आशंका है कि इसी महीने ये योजनाएं पूरी हो जाएंगी, जिसके बाद पानी की सप्लाई नियमित रूप से प्रारंभ की जाएगी। हालांकि, अब इन योजनाओं के प्रबंधन और देखभाल के लिए ग्रामीणों को पानी निःशुल्क नहीं मिलेगा।

मई
से लागू होगी नई व्यवस्था
लोक
स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक एकल नल-जल योजनाओं का कार्य सौ प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। ‘मध्य प्रदेश पंचायत ग्रामीण नल-जल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति 2026’ के तहत उपभोक्ताओं से मासिक शुल्क लिया जाएगा। यह व्यवस्था मई से लागू होने की योजना है।
किसे
कितना देना होगा शुल्क (प्रति माह):
सामान्य
ग्रामीण परिवार: 100 रुपये
जनजातीय
विकासखंड के गांव: 60 रुपये
मास्टर
प्लान वाले गांव: 120 रुपये
स्कूल,
आंगनबाड़ी, पंचायत भवन: 200 रुपये
व्यावसायिक
संस्थान: 500 रुपये

औद्योगिक
इकाइयां खपत के आधार पर बिल
कनेक्शन
के लिए भी देना होगा पैसा नई नीति में नल कनेक्शन का शुल्क भी निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों को 1000 रुपये और अन्य परिवारों को 2500 रुपये देने होंगे। सार्वजनिक संस्थानों के लिए यह शुल्क 5000 रुपये, औद्योगिक संस्थानों के लिए 10,000 रुपये और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए 8000 रुपये तय किया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने पहले बिना शुल्क के कनेक्शन प्राप्त किए थे, उन्हें भी यह राशि किस्तों में चुकानी होगी।

मिशन
की बढ़ी अवधि
केंद्र
सरकार ने जल जीवन मिशन की समय सीमा मार्च 2024 से बढ़ाकर अब दिसंबर 2028 कर दी है। इसे ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के रूप में पुनर्गठित किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 28 हजार से अधिक एकल योजनाएं और 147 समूह नल-जल योजनाओं पर कार्य चल रहा है।

विजयराघवगढ़ में हाईवा की टक्कर से महिला की मौत

रफ्तार का कहर: विजयराघवगढ़ में हाईवा की टक्कर से महिला की मौत, जिले में कई अन्य घायलकटनी। जिले की सड़कें उन भारी वाहनों की बेजाग गति से एक बार फिर एक परिवार की खुशियों को छीनने का काम कर रही हैं। विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक बेहद दुखद सड़क दुर्घटना में 50 वर्षीय महिला की जान चली गई। इसके अलावा, रंगनाथनगर और बड़वारा में भी तेज गति से हुई दुर्घटनाओं में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।विजयराघवगढ़: हाईवा ने लिया आनन्दरानी की प्राणविजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के देवसरी गांव के निकट एक सबसे दुखद घटना घटी। यहाँ इंदौर-महानदी पुल के पास अनिल पटेल के खेतों के निकट, तेज गति से चलाने वाला हाईवा डम्फर (क्रमांक MP04HE 3517) के चालक ने लापरवाही से चलते हुए 50 वर्षीय आनन्दरानी उर्फ आनंदी बाई को जोरदार टक्कर दे दी। नतीजा: टक्कर इतनी भयंकर थी कि आनन्दरानी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। मृतक महिला का संबंध शाहनगर जिला पन्ना से बताया गया है। पुलिस की कार्रवाई: विजयराघवगढ़ पुलिस ने आरोपी डम्फर चालक के खिलाफ धारा 106(1) बीएनएस (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया है और वाहन को जब्त करने की प्रक्रिया में जुट गई है।रंगनाथनगर और बड़वारा में भी पेश आए हादसेजिले के अन्य क्षेत्र में भी रफ्तार का आतंक देखने को मिला: रंगनाथनगर: यहाँ आस्था प्लाजा के पास एक अनजान वाहन ने लापरवाही से चलाते हुए लकी वर्मा को टक्कर दी, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बड़वारा: ग्राम जगतपुर उमरिया रेलवे पुलिया के पास एक मोटरसाइकिल (MP-21-ZE-7758) का चालक तेज गति के कारण संतुलन खोकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में विवेकानंद परौहा और खिलौना साहू को चोटें आई हैं। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।

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