ग्रामीणों को नहीं मिलेगा मुफ्त पानी, हर महीने देना होगा 100 रुपये शुल्क


भोपाल/
मध्य प्रदेश के ग्रामीण हिस्सों में जल जीवन मिशन के तहत एकल नल-जल योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने का उद्देश्य रखा गया है। आशंका है कि इसी महीने ये योजनाएं पूरी हो जाएंगी, जिसके बाद पानी की सप्लाई नियमित रूप से प्रारंभ की जाएगी। हालांकि, अब इन योजनाओं के प्रबंधन और देखभाल के लिए ग्रामीणों को पानी निःशुल्क नहीं मिलेगा।

मई
से लागू होगी नई व्यवस्था
लोक
स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक एकल नल-जल योजनाओं का कार्य सौ प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। ‘मध्य प्रदेश पंचायत ग्रामीण नल-जल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति 2026’ के तहत उपभोक्ताओं से मासिक शुल्क लिया जाएगा। यह व्यवस्था मई से लागू होने की योजना है।
किसे
कितना देना होगा शुल्क (प्रति माह):
सामान्य
ग्रामीण परिवार: 100 रुपये
जनजातीय
विकासखंड के गांव: 60 रुपये
मास्टर
प्लान वाले गांव: 120 रुपये
स्कूल,
आंगनबाड़ी, पंचायत भवन: 200 रुपये
व्यावसायिक
संस्थान: 500 रुपये

औद्योगिक
इकाइयां खपत के आधार पर बिल
कनेक्शन
के लिए भी देना होगा पैसा नई नीति में नल कनेक्शन का शुल्क भी निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों को 1000 रुपये और अन्य परिवारों को 2500 रुपये देने होंगे। सार्वजनिक संस्थानों के लिए यह शुल्क 5000 रुपये, औद्योगिक संस्थानों के लिए 10,000 रुपये और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए 8000 रुपये तय किया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने पहले बिना शुल्क के कनेक्शन प्राप्त किए थे, उन्हें भी यह राशि किस्तों में चुकानी होगी।

मिशन
की बढ़ी अवधि
केंद्र
सरकार ने जल जीवन मिशन की समय सीमा मार्च 2024 से बढ़ाकर अब दिसंबर 2028 कर दी है। इसे ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के रूप में पुनर्गठित किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 28 हजार से अधिक एकल योजनाएं और 147 समूह नल-जल योजनाओं पर कार्य चल रहा है।

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