एमपी में 10वीं और 12वीं की परीक्षा की कॉपियों का निरीक्षण कर रहे शिक्षकों को छात्रों द्वारा लिखी गई अजीबोगरीब अनुरोध, अपीलें और सुझाव पढ़ने को मिल रहे हैं। मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा में काम कर रहे शिक्षकों को इस बार अजीब औऱ विचित्र प्रार्थनाएँ, अनुरोध और प्रपोजल मिले हैं, जिन्हें देख कर शिक्षकों को आश्चर्य हुआ। ग्वालियर शहर में हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक के कुल 2,66,173 उत्तर पत्रों का मूल्यांकन संपन्न हो चुका है। इस वर्ष 100 से ज्यादा कॉपियों में छात्रों द्वारा लिखी गई असामान्य अपीलें शिक्षकों को प्राप्त हुईं। कुछ छात्रों ने उत्तीर्ण कराने के लिए चौंकाने वाले सुझाव भी प्रस्तुत किए हैं। एक छात्र ने लिखा, “सर, मुझे पास कर दीजिए, मैं आपकी शादी अपनी साली से करवा दूंगा।“ वहीं एक छात्रा ने लिखा कि “सर, यदि मैं असफल हो गई तो मेरी शादी टूट जाएगी, कृपया मुझे पास कर दें।” एक अन्य छात्र ने बताया कि उसकी पढ़ाई गर्लफ्रेंड के ब्रेकअप के कारण प्रभावित हुई और उसने पास करने की गुहार लगाई। कई छात्राओं ने लिखा कि उनकी शादी तय है और असफल होने पर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए उन्हें पास किया जाए। लगभग 23 छात्रों ने अपने माता-पिता की गंभीर बीमारी, जैसे कैंसर का हवाला देकर पढ़ाई न कर पाने की व्यथा लिखी और पास करने की प्रार्थना की। मूल्यांकन की देखरेख करने वाले अधिकारी ने कहा कि कॉपियों पर QR कोड होने के कारण छात्रों या उनके अभिभावकों को मूल्यांकन केंद्र की जानकारी नहीं मिलती। इसी कारण से, असमर्थ या कम तैयारी वाले छात्र भावनात्मक संदेश लिखते हैं। शिक्षकों ने सूचित किया कि कुछ छात्रों ने कॉपियों में 500 रुपये के नोट रख कर पास करने का अनुरोध किया। कुछ ने शायरी लिखी, जबकि कुछ ने मोबाइल नंबर देकर ऑनलाइन रिश्वत देने का प्रस्ताव भी दिया। हालाँकि, शिक्षकों ने इन सभी बातों को नजरअंदाज करते हुए केवल नियमों के अनुसार मूल्यांकन किया।
बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी मारुति सोमकुंवर ने जानकारी दी कि इस साल जिले में 49 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने परीक्षाओं में भाग लिया। कॉपियों की जांच अब पूरी हो चुकी है और परिणाम 12 अप्रैल तक जारी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष परिणाम 6 मई को प्रकाशित हुआ था।
