ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत निवार पुलिस की दबिश, अवैध शराब पिलाते 4 आरोपी गिरफ्तार

कटनी | पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ जारी ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत माधवनगर थाना क्षेत्र की निवार चौकी की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम घुघरा में छापेमारी करते हुए अवैध शराब पिलाने और बेचने वाले चार व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा है।
​मुखबिर
से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई
सूत्रों
के अनुसार, निवार चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक अंजनी मिश्रा को खबर मिली थी कि ग्राम घुघरा में कुछ लोग गैरकानूनी तरीके से शराब का कारोबार चला रहे हैं, जहां लोगों को शराब परोसी जा रही है। सूचना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया और थाना प्रभारी माधवनगर श्री संजय दुबे के निर्देशन में पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी की।
​इन
आरोपियों पर किया गया मामला दर्ज
कार्रवाई
के दौरान पुलिस ने चार व्यक्तियों को अपनी गिरफ्त में लिया। आरोपियों की पहचान नरेश बर्मन (32 वर्ष), रामकेश बर्मन (59 वर्ष) निवासी ग्राम घुघरा, शकुन शर्मा (52 वर्ष) निवासी जरवाही और रतन आदिवासी (37 वर्ष) निवासी ठरका के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही आरंभ की है।
​इनकी
रही प्रशंसनीय भूमिका
इस
अवैध गतिविधियों के खिलाफ की गई त्वरित कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अंजनी मिश्रा, प्रधान आरक्षक गौरव सेन और आरक्षक वकील यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पालतू श्वानों का पंजीयन अनिवार्य, निगम प्रशासन की अपील

150 रुपये वार्षिक शुल्क के साथ सरल प्रक्रिया, बिना पंजीकरण पर लगेगा दंड

कटनी,
/ कटनी नगर पालिका निगम ने शहर के क्षेत्र में पालतू कुत्तों के अच्छे प्रबंधन और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुत्ता पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम एक्ट 1956 और 1961 के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत निगम प्रशासन ने सभी कुत्ता पालकों से निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण कराने का अनुरोध किया है।

निगम
प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया है। कुत्ते के मालिक नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कक्ष 66 या अपने वार्ड के दरोगा से आवेदन पत्र ले सकते हैं।

सरल
पंजीकरण प्रक्रिया

आवेदन
के साथ कुत्ते का फोटो, टीकाकरण की जानकारी, निवास और सफाई व्यवस्था का विवरण जमा करने की आवश्यकता होगी। पंजीकरण के लिए 150 रुपये वार्षिक शुल्क तय किया गया है, जिसे स्वास्थ्य शाखा में जमा कर पंजीकरण किया जा सकता है।

नियम
उल्लंघन पर कार्यवाही

निगम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर के क्षेत्र में बिना पंजीकरण अपने पालतू कुत्ते रखने पर नियमानुसार दंड लगाया जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी ने बताया कि इस पहल से पालतू और आवारा कुत्तों का कुशल प्रबंधन, रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। पंजीकरण से कुत्तों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे शिकायतों का समाधान में भी आसानी होगी।

जल
गंगा संवर्धन अभियान के तहत सोख्तापिट से भूजल सुधार की पहल

हैंडपंप
से निकलने वाला पानी अब जमीन में किया जाएगा सुरक्षित

कटनी,
/ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर निगम कटनी द्वारा जल संरक्षण को लेकर एक नई पहल प्रारंभ की गई है। शहर के सार्वजनिक हैंडपंपों के निकट सोख्ता गड्ढे बना कर उपयोग के बाद का पानी जमीन में समाहित किया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

अक्सर
हैंडपंपों से निकलने वाला अतिरिक्त पानी आस-पास फैलकर कीचड़ और गंदगी का कारण बनता है और मच्छरों के पनपने की संभावना को बढ़ाता है। नई व्यवस्था के अंतर्गत पाइपलाइन के जरिए पानी सीधे सोख्ता गड्ढे तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण और सफाई दोनों सुनिश्चित हो रहे हैं।

कार्यपालन
यंत्री सुधीर मिश्रा ने कहा कि सोख्ता गड्ढे लंबे समय तक प्रभावी रहते हैं और सालभर धीरे-धीरे पानी को जमीन में रिसाकर सूखे जलस्तर को संतुलित करने में मदद करते हैं। नगर निगम प्रशासन इस मॉडल को शहर के अन्य हैंडपंपों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लागू करने की योजना बना रहा है। निगम अधिकारियों के अनुसार यह पहल “लोकल समाधान, बड़ा प्रभाव” की सोच को साकार करती है और आम नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही है।

कलेक्‍टर श्री तिवारी ने स्‍व-गणना पोर्टल में ऑनलाईन दर्ज की जानकारीजिले में स्‍व-गणना शुरू

कटनी / कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने गुरूवार को ‘स्व-गणना’ वेब पोर्टल पर अपने और अपने परिवार के बारे में जानकारी भरी। कलेक्टर श्री तिवारी ने स्व-गणना साइट पर अपने मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज कर पंजीकरण पूरा किया। ओटीपी की पुष्टि के बाद, उन्होंने लॉगिन कर परिवार के सभी आवश्यक डेटा को डिजिटल रूप से एंटर किया। जानकारी सबमिट करने के बाद, उन्हें H से शुरू होने वाली 11 अंकों की विशेष स्व-गणना पहचान मिली, जिसे उन्होंने सुरक्षित रखा।
कलेक्टर
ने बताया कि इस पहचान के जरिए जनगणना प्रक्रिया और भी आसान और सुगम बन जाएगी। 1 मई से 30 मई के बीच जब प्रगणक घर-घर जाएंगे, तब नागरिकों को केवल इस पहचान को बताना होगा, जिससे पहले से भरी गई जानकारी की पुष्टि करना सरल होगा और समय की बचत होगी।
जिले
में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद, 1 मई से 30 मई तक मकानों का सूचीकरण पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
कलेक्टर
श्री तिवारी ने जिलेवासियों से अनुरोध करते हुए कहा कि “जनगणना देश के विकास की नींव है। नागरिक https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करें और जनगणना टीम का सहयोग करें।”

रेलवे का 6 घंटे का मेगा ब्लॉक: कल कटनी नहीं आएँगी 5 मेमू ट्रेनें, बीच रास्ते में होंगी टर्मिनेट

कटनी | रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग द्वारा कल, 18 अप्रैल को कटनी में एक आवश्यक तकनीकी कार्य किया जाने वाला है। 103 ए और 104 बी केबिन के निकट ‘डायमंड डबल स्लिप क्रॉस ओवर’ के निर्माण के कारण रेलवे ने लगभग 6 घंटे का बड़ा ब्लॉक लिया है। इस ब्लॉक का प्रभाव कटनी की ‘लाइफ लाइन’ मानी जाने वाली मेमू ट्रेनों पर पड़ेगा।
जबलपुर
मंडल के इस फैसले के कारण बिलासपुर, चिरमिरी, बीना, इटारसी और सतना की ओर से आने वाली मेमू ट्रेनें कटनी जंक्शन तक नहीं पहुँच पाएंगी। इन्हें बाहर के स्टेशनों पर रोका जाएगा और वहीं से उनकी वापसी होगी।
कौन
सी ट्रेन कहाँ तक पहुँचने वाली है?
बंदिश
के दौरान ट्रेनों के संचालन में निम्नलिखित परिवर्तन किए गए हैं:
बिलासपुर-कटनी
(68747/48): यह ट्रेन केवल उमरिया तक जाएगी और वहीं से लौट जाएगी।
चिरमिरी-कटनी
(61602/01): यह ट्रेन झलवारा स्टेशन पर समाप्त हो जाएगी।
बीना-कटनी
(11601/02): इसे मुड़वारा स्टेशन तक ही चलाने का निर्णय लिया गया है।
इटारसी-कटनी
(61617/18): यह ट्रेन निवार स्टेशन से वापस लौट जाएगी।
सतना-कटनी
(61606/05): यह मेमू सिर्फ मैहर तक जाएगी और वहीं से सतना के लिए रवाना होगी।
यात्रियों
को बड़ी असुविधा होने वाली है
एक हैरान करने वाली
बात यह है कि इतने बड़े ब्लॉक और ट्रेनों के शॉर्ट टर्मिनेशन के बारे में रेलवे ने अब तक कटनी जंक्शन पर पर्याप्त प्रचार-प्रसार या घोषणाएँ नहीं की हैं। जानकारी की कमी के कारण कल मध्यम दूरी के यात्रियों और नियमित यात्रियों को काफी परेशानी हो सकती है। रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे मेमू ट्रेनों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बाद ही घर से निकलें, ताकि स्टेशन पर पहुँचकर किसी तरह की उलझन का सामना करना पड़े।

बसाड़ी में अवैध पैकारी चालक मुन्नू श्रीवास पर मारपीट के कारण व्यक्ति की मौत का आरोप।

संदिग्ध पस्थिति में मिला युवक का शवजिले के बड़वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बसाड़ी गांव में गुरुवार को एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। परिजनों ने गांव के ही एक अवैध शराब संचालक पर मारपीट कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक के पिता प्रेमलाल चौधरी ने आरोप लगाया कि शराब संचालक मुन्नू श्रीवास ने पहले कैलाश को शराब पिलाई और फिर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।परिजनों का दावा है कि युवक के शरीर पर चोट के निशान मौजूद हैं। घटना के बाद बसाड़ी गांव के ग्रामीणों ने क्षेत्र में संचालित अवैध शराब के कारोबार पर विरोध जताया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने कि मांग की है। बड़वारा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि परिजनों के आरोपों को संज्ञान में लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार एवं वास्तविक कारणों की पुष्टि क्व बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

कटनी 1734 पुनर्वास पट्टों की लीज दो साल से खत्म

1994 में मिले थे पट्टे, तीन दशक बाद बेघर होने की कगार पर सिंधी समाज! पट्टा नवीनीकरण पर प्रशासन की चुप्पी, करोड़ों का राजस्व भी अटका, 250 परिवारों ने जमा किए ढाई करोड़ के चालान, फिर भी कार्रवाई शून्य, एसडीएम से कलेक्टर तक दौड़ रहे लोग, प्रशासन कटवा रहा चक्कर

कटनी. माधवनगर क्षेत्र में निवास करने वाले सिंधी समुदाय के अनेक परिवार आज प्रशासनिक चूक के चलते अनिश्चितता और असुरक्षा के हालात का सामना कर रहे हैं। 1993-94 में पुनर्वास के तहत प्रदान किए गए आवासीय पट्टों की अवधि समाप्त होने के बाद 2-3 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पट्टा नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस स्थिति का परिणाम यह है कि लगभग 1734 परिवारों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
यह
कहना आश्चर्यजनक है कि कुछ महीने पहले प्रशासन ने नवीकरण प्रक्रिया की शुरुआत की थी। लगभग 250 व्यक्तियों ने निर्धारित शुल्क के चालान के माध्यम से करीब ढाई करोड़ रुपए सरकार के खजाने में जमा किए, लेकिन इसके बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप्प हो गई। अब तक केवल 3 पट्टों का ही नवीनीकरण हुआ है, जो प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाता है। यह भी उल्लेखनीय है कि धारणा अधिकारी के तहत 3200 आवेदन किए गए थे, जिनमें से सिर्फ 400 लोगों को पट्टे प्रदान किए गए हैं। 500 से अधिक मामले कलेक्ट्रेट में फाइलों में बंद पड़े हैं। पट्टों की लीज खत्म होने के कारण अब निवासियों को कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जमीन का कानूनी स्वामित्व खत्म होने के चलते लोग न तो बैंक से ऋण प्राप्त कर पा रहे हैं और न ही अपनी संपत्ति से संबंधित अन्य निर्णय ले पा रहे हैं। धारणा अधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों में स्पष्ट प्रावधान होते हुए भी नवीनीकरण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। इसमें आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रीमियम निर्धारित करके वारिसानों को हक देने की व्यवस्था है, लेकिन संबंधित विभाग इस दिशा में सक्रिय नहीं हो रहा। इस समय स्थिति यह है कि लोग पिछले 2-3 वर्षों से बिना वैध पट्टे के रह रहे हैं, जिससे उनके भविष्य के लिए अनिश्चितता बढ़ रही है। जबकि अन्य जिलों में पट्टा नवीनीकरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, कटनी में राजस्व विभाग, एसडीएम कार्यालय, एडीएम कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय में फाइलें धूल खा रही हैं। प्रशासन की इस लापरवाही के कारण न सिर्फ हजारों परिवारों पर प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। सिंधी समाज के लोग लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और माधवनगर की यह स्थिति प्रशासनिक निष्क्रियता का स्पष्ट उदाहरण बन गई है, जहां नागरिक अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे हैं और जिम्मेदार तंत्र मौन बना हुआ है। जनप्रतिनिधि भी केवल चुनाव के समय ही राजनीतिक स्वार्थ साधते हैं। नंदलाल टहलरामानी जो पूज्य पंचायत सिंधी समाज हाउसिंग बोर्ड वैदिक कॉलोनी के अध्यक्ष हैं, बताते हैं कि जब लोगों से करोड़ों रुपए की राशि वसूल की गई है, तो फिर पट्टे जारी करने में इतनी देरी क्यों? आस-पास के जिलों में यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, लेकिन कटनी में जिम्मेदार अधिकारी फाइलों को एक टेबल से दूसरी टेबल तक घुमा रहे हैं। हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। यह स्थिति केवल प्रशासनिक लापरवाही को ही नहीं उजागर करती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता कितनी कम हो चुकी है। इस मामले में वीरेंद्र तीर्थानी जो पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष हैं, का कहना है कि 1994 में सिंधी समाज के लोगों को पट्टे दिए गए थे। लीज खत्म होने को दो साल हो गए हैं। लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया नहीं की जा रही। हमारी तरफ से हम लोग लगातार अपनी मांगे रख रहे हैं। हमने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को समस्या के बारे में सूचित किया है। सैकड़ों लोगों ने चालान भी जमा कर दिया है, लेकिन शासन-प्रशासन निष्क्रिय है। स्वामित्व प्राप्त नहीं हो रहा है। धारणा अधिकार के तहत भी केवल 27 पट्टे ही वितरित हुए हैं। हालाँकि, हम इसकी पक्षधर नहीं हैं। क्योंकि यह नियम पुनर्वास के लिए लागू नहीं है। यह झुग्गी-झोपड़ी के लिए है। हमारे पूर्वजों ने जो पाकिस्तान में अपनी जमीन छोड़कर आए थे, उसके एवज में केंद्र सरकार ने हमें यहाँ जमीन दी थी। इसलिए हमें इसका स्वामित्व मिलना चाहिए।

10th-12th Result MP Board 2026: टॉप 10 में इस जिले के 5 छात्र, मेरिट लिस्ट में बनाया दबदबा

10th-12th Result MP Board 2026: इस जिले के 5 छात्रों ने टॉप 10 में जगह बनाई, मेरिट लिस्ट में दबदबा बनाते हुए MP Board Result 2026: मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षा के परिणाम बुधवार को दोपहर में घोषित कर दिए गए। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश (MPBSE) ने आज 10वीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया। कटनी जिले ने यहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कक्षा 10 का परीक्षा परिणाम पिछले साल की तुलना में में और भी अच्छा रहा है। हालाँकि, कक्षा 12 के परीक्षा परिणाम में थोड़ी गिरावट आई है। जानकारी के अनुसार, कक्षा 10 में 84.42 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है जबकि 2025 में यह आंकड़ा 81.13% था। कक्षा 10 में राज्य में जिले ने 11वां स्थान प्राप्त किया है। 12वीं के परिणाम में थोड़ी कमी देखी गई है।

इसी
प्रकार कक्षा 12 में 81.72 प्रतिशत बच्चे सफल हुए हैं, जो राज्य में 27वां स्थान है जबकि 2025 के परिणाम में जिले में कक्षा 12 में 82.39% छात्र उत्तीर्ण हुए थे। इसी तरह राज्य की मेरिट लिस्ट में कक्षा 12 में एक छात्रा का नाम दर्ज किया गया है। सव्यांसांची पांडे, जो पिता प्रवीण पांडे के पुत्र हैं, ग्रेस मिशन इंग्लिश मीडियम स्कूल स्लीमनाबाद से 500 में से 485 अंक प्राप्त कर गणित संकाय में राज्य में आठवां स्थान हासिल किया है। कक्षा 10 में पांच बच्चे प्रदेश में टॉपर बने हैं।

इसी
प्रकार कक्षा 10 में पांच छात्रों ने राज्य की मेरिट लिस्ट में स्थान पाया है। जानकारी के अनुसार, आदित्य तिवारी, पिता मनोज, किड्स वे अकादमी खन्ना बंजारी से 500 में से 493 अंक प्राप्त कर सातवाँ स्थान प्राप्त किया, और प्रतिभा पिता सोनेलाल साहू, मॉडल स्कूल बड़वारा से भी 500 में से 493 अंक प्राप्त कर राज्य में सातवां स्थान हासिल किया है।

इसी
प्रकार, श्वेता पांडे, पिता उमाशंकर पांडे, नोबल हार्ट पब्लिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से 500 में से 492 अंक लेकर पहले स्थान और राज्य में आठवें रैंक पर, शिवानी पाठक, पिता विनोद पाठक, हाई स्कूल देवरा खुर्द से 500 में से 490 अंक प्राप्त कर पहले और दसवें स्थान पर रही हैं। तनवी गुप्ता, पिता सत्यनारायण, ग्रेस मिशन इंग्लिश मीडियम स्कूल स्लीमनाबाद में 500 में से 490 अंक के साथ पहले और दसवें स्थान पर पहुँची हैं।

यह टॉप 10 छात्रों की लिस्ट (10वीं)

प्रतिभा सिंह सोलंकी (प्रथम) – 499 अंक
अक्षरा घोडेश्वर (दि्तीय)- 498 अंक
अभय गुप्ता (दि्तीय)- 498 अंक
योगेंद्र सिंह परमार (तृतीय) – 497 अंक
अनन्या वर्मा (तृतीय) -497 अंक
शिवम बोपचे (तृतीय)-497 अंक
अर्जुन सिंह राजपूत (तृतीय)-497 अंक
अवनीश कुमार नाई (तृतीय)-497 अंक
हिमांशी धाकड़ (तृतीय) -497 अंक
निकिता फरकासे (तृतीय)-497 अंक

सव्य साची पांडेय

तन्वी गुप्ता

आज घोषित होंगे एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम, सुबह 11 बजे जारी होगा रिजल्ट, पढ़े खबर कैसे देख सकेंगे रिजल्ट

आज घोषित होंगे एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम, सुबह 11 बजे जारी होगा रिजल्ट, पढ़े खबर कैसे देख सकेंगे रिजल्ट

कटनी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को समत्व भवन, भोपाल से 2026 की एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं और पूर्व प्राथमिक शिक्षा में डिप्लोमा (डी.पी.एस.ई.) की मुख्य परीक्षा के परिणाम घोषणा करेंगे। यह परिणाम 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने छात्रों की सहूलियत के लिए विभिन्न वेबसाइटों पर परिणाम देखने की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त, छात्र-छात्राएं अपने मोबाइल ऐप और डिजिलॉकर के जरिए अपने परीक्षा परिणाम की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
विद्यार्थी
इन वेबसाइटों पर देख सकेंगे परीक्षा परिणाम
-https://mpbse.mponline.gov.in
-https://www.digilocker.gov.in/web/dashboard/issuers
-https://www.jagranjosh.com
-https://education.indianexpress.com
-https://www.fastresult.in
-https://www.hindustantimes.com/education www.livehindustan.com
-https://toi.in/mpbseresult_class12 https://toi.in/mpbseresult class10

कटनी में अवैध शराब का बढ़ता कारोबार

टनी नगर में गैरकानूनी शराब का व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि आवासीय क्षेत्रों में भी खुले तौर पर शराब बेची जा रही है। कोतवाली पुलिस ने “ऑपरेशन शिकंजा” के अंतर्गत इस काले धंधे का खुलासा किया है। 13 अप्रैल को की गई छापेमारी में पुलिस ने विभिन्न स्थानों से 150 पाव अवैध देशी शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 15 हजार रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से इस अवैध व्यवसाय में शामिल बताये जा रहे हैं।

रिहायशी
इलाकों में फैलता जहर:यह देखना चौंकाने वाला है कि चौपाटी, कैलवारा खुर्द, सावरकर वार्ड और खिरहनी फाटक जैसे घनी जनसंख्या वाले क्षेत्रों में यह व्यापार निर्भीकता से चल रहा था। इससे स्थानीय निवासियों, विशेषकर युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना बढ़ गई है।

सट्टा
नेटवर्क भी सक्रिय:छापेमारी के दौरान गांधी गंज क्षेत्र में एक युवक को मोबाइल पर ऑनलाइन सट्टा लगाते हुए पकड़ा गया। यह इस बात का संकेत है कि शहर में केवल अवैध शराब का ही नहीं, बल्कि जुए और सट्टे का नेटवर्क भी तेजी से फैल रहा है।

प्रशासन
पर सवाल:इस तरह के मामलों की लगातार बढ़ती संख्या ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो यह गैरकानूनी व्यापार और भी गहरा आकार ले सकता है।

निष्कर्ष:हालांकि
इस पुलिस कार्रवाई को एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, यह स्पष्ट है कि शहर में अवैध शराब और सट्टा नेटवर्क अभी तक पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसके लिए निरंतर कड़ी कार्रवाई और निगरानी की आवश्यकता है, ताकि इस बढ़ते खतरे पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।

बड़वारा में हुई दुखद घटना मकान मालिक की लापरवाही व्यक्ति की मौत।

खुले टैंक में गिरने से हुई मौत। ग्रामीणों के अनुसार बड़वारा शेर चौक के सामने एक मकान निर्माण कर चल रहा था। उसे मकान में एक टैंक के लिए गड्ढा खोदा गया था। मकान निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद । टैंक के ढ़क्कन को खुला छोड़ दिया गया । ग्रामीणों के अनुसार कुछ समय पहले कुछ जानवरों की मृत्यु उसी टैंक में गिरने से हो गई थी। आज मकान मालिक नवीन गुप्ता निवाशी रोहनिया की की लापरवाही से मेस्सी उर्फ उमेश कुम्हार पिता वर्षी कुम्हार निवासी बड़वारा की आकस्मित मौत उसी टैंक में गिरने से हो गई। मृतक की 2 मासूम बच्ची है। जो मकान मालिक नवीन गुप्ता की लापरवाही से आज अनाथ हो गई। आज दोनों बच्चियां बिना पिता के अनाथ हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है। की यदि मकान मालिक सक्रिय होता तो आज इस तरह की दुखद खटना न होती।

पुलिस कर रही जांच

इस संबंध में एएसपी डॉ. संतोष कुमार डहेरिया ने बताया कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि युवक शौचालय के गड्ढे तक कैसे पहुँचा और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मकान मालिक द्वारा निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं। यदि सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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