कटनी 1734 पुनर्वास पट्टों की लीज दो साल से खत्म

1994 में मिले थे पट्टे, तीन दशक बाद बेघर होने की कगार पर सिंधी समाज! पट्टा नवीनीकरण पर प्रशासन की चुप्पी, करोड़ों का राजस्व भी अटका, 250 परिवारों ने जमा किए ढाई करोड़ के चालान, फिर भी कार्रवाई शून्य, एसडीएम से कलेक्टर तक दौड़ रहे लोग, प्रशासन कटवा रहा चक्कर

कटनी. माधवनगर क्षेत्र में निवास करने वाले सिंधी समुदाय के अनेक परिवार आज प्रशासनिक चूक के चलते अनिश्चितता और असुरक्षा के हालात का सामना कर रहे हैं। 1993-94 में पुनर्वास के तहत प्रदान किए गए आवासीय पट्टों की अवधि समाप्त होने के बाद 2-3 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पट्टा नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस स्थिति का परिणाम यह है कि लगभग 1734 परिवारों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
यह
कहना आश्चर्यजनक है कि कुछ महीने पहले प्रशासन ने नवीकरण प्रक्रिया की शुरुआत की थी। लगभग 250 व्यक्तियों ने निर्धारित शुल्क के चालान के माध्यम से करीब ढाई करोड़ रुपए सरकार के खजाने में जमा किए, लेकिन इसके बाद यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप्प हो गई। अब तक केवल 3 पट्टों का ही नवीनीकरण हुआ है, जो प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाता है। यह भी उल्लेखनीय है कि धारणा अधिकारी के तहत 3200 आवेदन किए गए थे, जिनमें से सिर्फ 400 लोगों को पट्टे प्रदान किए गए हैं। 500 से अधिक मामले कलेक्ट्रेट में फाइलों में बंद पड़े हैं। पट्टों की लीज खत्म होने के कारण अब निवासियों को कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जमीन का कानूनी स्वामित्व खत्म होने के चलते लोग न तो बैंक से ऋण प्राप्त कर पा रहे हैं और न ही अपनी संपत्ति से संबंधित अन्य निर्णय ले पा रहे हैं। धारणा अधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों में स्पष्ट प्रावधान होते हुए भी नवीनीकरण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। इसमें आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्रीमियम निर्धारित करके वारिसानों को हक देने की व्यवस्था है, लेकिन संबंधित विभाग इस दिशा में सक्रिय नहीं हो रहा। इस समय स्थिति यह है कि लोग पिछले 2-3 वर्षों से बिना वैध पट्टे के रह रहे हैं, जिससे उनके भविष्य के लिए अनिश्चितता बढ़ रही है। जबकि अन्य जिलों में पट्टा नवीनीकरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, कटनी में राजस्व विभाग, एसडीएम कार्यालय, एडीएम कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय में फाइलें धूल खा रही हैं। प्रशासन की इस लापरवाही के कारण न सिर्फ हजारों परिवारों पर प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। सिंधी समाज के लोग लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और माधवनगर की यह स्थिति प्रशासनिक निष्क्रियता का स्पष्ट उदाहरण बन गई है, जहां नागरिक अपने अधिकारों के लिए दर-दर भटक रहे हैं और जिम्मेदार तंत्र मौन बना हुआ है। जनप्रतिनिधि भी केवल चुनाव के समय ही राजनीतिक स्वार्थ साधते हैं। नंदलाल टहलरामानी जो पूज्य पंचायत सिंधी समाज हाउसिंग बोर्ड वैदिक कॉलोनी के अध्यक्ष हैं, बताते हैं कि जब लोगों से करोड़ों रुपए की राशि वसूल की गई है, तो फिर पट्टे जारी करने में इतनी देरी क्यों? आस-पास के जिलों में यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, लेकिन कटनी में जिम्मेदार अधिकारी फाइलों को एक टेबल से दूसरी टेबल तक घुमा रहे हैं। हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। यह स्थिति केवल प्रशासनिक लापरवाही को ही नहीं उजागर करती, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता कितनी कम हो चुकी है। इस मामले में वीरेंद्र तीर्थानी जो पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष हैं, का कहना है कि 1994 में सिंधी समाज के लोगों को पट्टे दिए गए थे। लीज खत्म होने को दो साल हो गए हैं। लीज नवीनीकरण की प्रक्रिया नहीं की जा रही। हमारी तरफ से हम लोग लगातार अपनी मांगे रख रहे हैं। हमने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को समस्या के बारे में सूचित किया है। सैकड़ों लोगों ने चालान भी जमा कर दिया है, लेकिन शासन-प्रशासन निष्क्रिय है। स्वामित्व प्राप्त नहीं हो रहा है। धारणा अधिकार के तहत भी केवल 27 पट्टे ही वितरित हुए हैं। हालाँकि, हम इसकी पक्षधर नहीं हैं। क्योंकि यह नियम पुनर्वास के लिए लागू नहीं है। यह झुग्गी-झोपड़ी के लिए है। हमारे पूर्वजों ने जो पाकिस्तान में अपनी जमीन छोड़कर आए थे, उसके एवज में केंद्र सरकार ने हमें यहाँ जमीन दी थी। इसलिए हमें इसका स्वामित्व मिलना चाहिए।

10th-12th Result MP Board 2026: टॉप 10 में इस जिले के 5 छात्र, मेरिट लिस्ट में बनाया दबदबा

10th-12th Result MP Board 2026: इस जिले के 5 छात्रों ने टॉप 10 में जगह बनाई, मेरिट लिस्ट में दबदबा बनाते हुए MP Board Result 2026: मध्य प्रदेश बोर्ड की परीक्षा के परिणाम बुधवार को दोपहर में घोषित कर दिए गए। माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश (MPBSE) ने आज 10वीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया। कटनी जिले ने यहाँ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। कक्षा 10 का परीक्षा परिणाम पिछले साल की तुलना में में और भी अच्छा रहा है। हालाँकि, कक्षा 12 के परीक्षा परिणाम में थोड़ी गिरावट आई है। जानकारी के अनुसार, कक्षा 10 में 84.42 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है जबकि 2025 में यह आंकड़ा 81.13% था। कक्षा 10 में राज्य में जिले ने 11वां स्थान प्राप्त किया है। 12वीं के परिणाम में थोड़ी कमी देखी गई है।

इसी
प्रकार कक्षा 12 में 81.72 प्रतिशत बच्चे सफल हुए हैं, जो राज्य में 27वां स्थान है जबकि 2025 के परिणाम में जिले में कक्षा 12 में 82.39% छात्र उत्तीर्ण हुए थे। इसी तरह राज्य की मेरिट लिस्ट में कक्षा 12 में एक छात्रा का नाम दर्ज किया गया है। सव्यांसांची पांडे, जो पिता प्रवीण पांडे के पुत्र हैं, ग्रेस मिशन इंग्लिश मीडियम स्कूल स्लीमनाबाद से 500 में से 485 अंक प्राप्त कर गणित संकाय में राज्य में आठवां स्थान हासिल किया है। कक्षा 10 में पांच बच्चे प्रदेश में टॉपर बने हैं।

इसी
प्रकार कक्षा 10 में पांच छात्रों ने राज्य की मेरिट लिस्ट में स्थान पाया है। जानकारी के अनुसार, आदित्य तिवारी, पिता मनोज, किड्स वे अकादमी खन्ना बंजारी से 500 में से 493 अंक प्राप्त कर सातवाँ स्थान प्राप्त किया, और प्रतिभा पिता सोनेलाल साहू, मॉडल स्कूल बड़वारा से भी 500 में से 493 अंक प्राप्त कर राज्य में सातवां स्थान हासिल किया है।

इसी
प्रकार, श्वेता पांडे, पिता उमाशंकर पांडे, नोबल हार्ट पब्लिक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से 500 में से 492 अंक लेकर पहले स्थान और राज्य में आठवें रैंक पर, शिवानी पाठक, पिता विनोद पाठक, हाई स्कूल देवरा खुर्द से 500 में से 490 अंक प्राप्त कर पहले और दसवें स्थान पर रही हैं। तनवी गुप्ता, पिता सत्यनारायण, ग्रेस मिशन इंग्लिश मीडियम स्कूल स्लीमनाबाद में 500 में से 490 अंक के साथ पहले और दसवें स्थान पर पहुँची हैं।

यह टॉप 10 छात्रों की लिस्ट (10वीं)

प्रतिभा सिंह सोलंकी (प्रथम) – 499 अंक
अक्षरा घोडेश्वर (दि्तीय)- 498 अंक
अभय गुप्ता (दि्तीय)- 498 अंक
योगेंद्र सिंह परमार (तृतीय) – 497 अंक
अनन्या वर्मा (तृतीय) -497 अंक
शिवम बोपचे (तृतीय)-497 अंक
अर्जुन सिंह राजपूत (तृतीय)-497 अंक
अवनीश कुमार नाई (तृतीय)-497 अंक
हिमांशी धाकड़ (तृतीय) -497 अंक
निकिता फरकासे (तृतीय)-497 अंक

सव्य साची पांडेय

तन्वी गुप्ता

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