कटनी के कन्हवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला; बाहरी इस्तेमाल (External Use Only) वाली दवा पीने से बिगड़ी मरीज की तबीयत
कन्हवारा, कटनी (म.प्र.):
कटनी जिले के कन्हवारा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से स्वास्थ्य विभाग की एक जानलेवा लापरवाही सामने आई है। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे एक बुजुर्ग मरीज को दवा वितरण केंद्र से डॉक्टर के पर्चे के विपरीत गलत दवा थमा दी गई। डॉक्टर ने जहाँ पर्चे पर खांसी का सिरप लिखा था, वहीं वितरण काउंटर से मरीज को घाव/चोट पर लगाने वाली Povidone Iodine Solution की शीशी दे दी गई।
खांसी की सिरप समझकर पी ली एंटीसेप्टिक दवा
पीड़ित पुरुषोत्तम कुशवाहा (50 वर्ष), निवासी कन्हवारा ने बताया कि वे सर्दी-जुकाम और खांसी की शिकायत लेकर सरकारी अस्पताल आए थे। डॉक्टर मैडम ने पर्ची पर स्पष्ट रूप से ‘Syp. Cough’ (खांसी की सिरप) लिखा था। जब वे दवा काउंटर पर पहुँचे, तो वहाँ मौजूद कर्मचारी ने उन्हें सिरप की जगह एंटीसेप्टिक दवा थमा दी।
मरीज ने घर जाकर जैसे ही दवा का सेवन किया, उनका स्वाद पूरी तरह बिगड़ गया और घबराहट महसूस होने लगी। पर्चे और दवा की बोतल का मिलान करने पर खुलासा हुआ कि जो दवा उन्हें दी गई थी, उसकी शीशी पर साफ-साफ “FOR EXTERNAL USE ONLY” (केवल बाहरी उपयोग के लिए) लिखा हुआ था।
अधिकारी साधे हुए हैं सादगी, पक्ष जानने पर फोन काटने का आरोप
इस पूरे गंभीर मामले पर जब संबंधित BMO डॉ. विजय राज से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो आरोप है कि पत्रकार द्वारा परिचय देते ही उन्होंने फोन काट दिया। इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है।
सवालों के घेरे में सरकारी स्वास्थ्य तंत्र
- दवा वितरण में जांच क्यों नहीं? – वितरण केंद्र पर मरीज को दवा सौंपने से पहले डॉक्टर के पर्चे का सत्यापन क्यों नहीं किया गया?
- जानलेवा हो सकती थी भूल: – अगर कोई बुजुर्ग या अनपढ़ मरीज इस जहरीली/एंटीसेप्टिक दवा का पूरा सेवन कर लेता, तो उसकी जान भी जा सकती थी।
- लापरवाहों पर कार्रवाई कब? – कन्हवारा PHC में पदस्थ जिम्मेदार कर्मियों और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों पर प्रशासन कब तक शिकंजा कसेगा?
ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की माँग
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर कटनी एवं CMHO कटनी से माँग की है कि दवा वितरण में इतनी बड़ी लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी तथा फोन काटने वाले BMO पर तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और पीड़ित मरीज का पूरा स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए।












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