वृंदावन/मथुरा (उत्तर प्रदेश):
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम ‘गुरु कृपा कुंज’ में उस वक्त सनसनी फैल गई जब उनके युवा शिष्य रसिक दुलारी शरण (पूर्व नाम: दीपक लोधी) की चौथी मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरकर मौत हो गई। मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी 30 वर्षीय दीपक लोधी ने करीब दो साल पहले दीक्षा ली थी और आश्रम में रहकर साधक जीवन व्यतीत कर रहे थे।
11 मिनट का खौफनाक घटनाक्रम और CCTV फुटेज
घटना के सामने आए CCTV फुटेज और पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार:
- कमरे से खून से लथपथ निकलना: सुबह करीब 10:25 बजे रसिक दुलारी शरण अपने कमरे से बाहर निकले। उस वक्त उनके कपड़े खून से सने हुए थे।
- छत पर चहलकदमी और छलांग: वे तीसरी मंजिल से घूमते हुए चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे। वहां कुछ देर फर्श पर लेटने और बैठने के बाद अचानक सुबह 10:36 बजे उन्होंने छत से नीचे छलांग लगा दी।
- अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कमरे से मिला ग्राइंडर, फॉरेंसिक जांच में चौकाने वाले खुलासे
पुलिस और फॉरेंसिक (FSL) टीम जब घटनास्थल की जांच करने पहुंची, तो कमरे से कई हैरान करने वाली चीजें बरामद हुईं:
- ग्राइंडर मशीन बरामद: पुलिस को साधक के कमरे से एक इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर मिला है।
- गंभीर चोट के निशान: जांच अधिकारियों के मुताबिक, छत से कूदने से पहले ही साधक के शरीर और गुप्तांग पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे काफी खून बह चुका था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या ग्राइंडर का इस्तेमाल चोट पहुंचाने के लिए हुआ था।
परिजनों के गंभीर आरोप: “2 साल से नहीं मिलने दिया गया, यह आत्महत्या नहीं साज़िश है”
घटना की खबर मिलते ही जबलपुर से परिजन वृंदावन पहुंचे। परिजनों ने रो-रोकर पुलिस और प्रशासन के सामने गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- मिलने पर पाबंदी: परिजनों का आरोप है कि दीक्षा लेने के बाद पिछले दो सालों से उन्हें रसिक दुलारी से मिलने नहीं दिया जा रहा था।
- हत्या या साज़िश की आशंका: परिवार का कहना है कि यह सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी साज़िश या हत्या की आशंका है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय और पारदर्शी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
डिजिटल फॉरेंसिक और पुलिस जांच जारी
मथुरा पुलिस और सीओ वृंदावन के अनुसार, मृतक के मोबाइल को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से ठीक पहले क्या कोई फोटो, वीडियो या व्हाट्सएप चैट डिलीट की गई थी। आश्रम में साथ रहने वाले साथियों और वहां काम करने वाले लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।












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