बड़वारा/कटनी (मध्य प्रदेश):
कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में किसानों के खेतों से सबमर्सिबल मोटर पंप चुराने वाले एक शातिर गिरोह का बड़वारा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में लिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए 4 कीमती सबमर्सिबल मोटर पंप बरामद किए हैं। पुलिस की इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है।
ग्राम कांटी के खेतों से हुई थी चोरी, पुलिस ने दर्ज किया था मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 25 सितंबर 2026 की दरमियानी रात ग्राम कांटी क्षेत्र में स्थित खेतों से सबमर्सिबल मोटर पंप चोरी होने की शिकायत थाना बड़वारा में दर्ज कराई गई थी। किसानों की शिकायत पर बड़वारा पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत अपराध क्रमांक 573/2026 एवं 576/2026 दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
एसपी अभिनव विश्वकर्मा के निर्देशन में गठित हुई विशेष टीम
किसानों से जुड़ी इस गंभीर चोरी की घटना को कटनी पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनव विश्वकर्मा ने संज्ञान में लेते हुए त्वरित खुलासे के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं डीएसपी (मुख्यालय) रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बड़वारा उप निरीक्षक सुयश पाण्डेय के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और गहन पतारसी के आधार पर संदिग्धावस्था में घूम रहे दो स्थानीय युवकों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक न सके और उन्होंने चोरी की वारदात कबूल कर ली। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में:
- राजेन्द्र उर्फ मंजल राठौर (उम्र 36 वर्ष), पिता जमुना प्रसाद राठौर, निवासी ग्राम कांटी, थाना बड़वारा।
- करन सिंह ठाकुर (उम्र 32 वर्ष), पिता ठाकुर प्रसाद ठाकुर, निवासी ग्राम कांटी, थाना बड़वारा।
पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए 04 सबमर्सिबल मोटर पंप सफलतापूर्वक जब्त कर लिए हैं। गिरफ्तारी के पश्चात दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक (ASI) महेश प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक पवनराज, प्रधान आरक्षक नीलेश दुबे, आरक्षक गौरीशंकर राजपूत, आरक्षक बृजलाल प्रजापति एवं आरक्षक शिवप्रकाश तिवारी की सराहनीय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही।












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