कटनी (मध्य प्रदेश):
कटनी शहर के मुख्य व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्र घंटाघर स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान के पीछे इन दिनों बदहाली और भारी गंदगी का आलम बना हुआ है। मैदान के ठीक पिछले हिस्से में कचरे और गंदगी का अंबार जमा हो गया है, जिससे न केवल आसपास के व्यापारियों और राहगीरों का जीना दुश्वार हो गया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।
कचरा गाड़ियां मौजूद, फिर भी सड़कों पर फैल रहा कचरा
स्थानीय निवासियों और व्यापारियों द्वारा उजागर की गई तस्वीरों व जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में प्लास्टिक की थैलियां, थर्माकोल, डिस्पोजल ग्लास और सड़ता हुआ जैविक कचरा चारों ओर बिखरा पड़ा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मौके पर नगर निगम के कचरा वाहन और डस्टबिन खड़े नजर आ रहे हैं, इसके बावजूद नियमित उठान न होने के कारण कचरा सड़कों तक फैल रहा है। कचरा वाहन खड़े रहने के बाद भी सफाई न होना नगर निगम के जमीनी प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
व्यापारियों और रहवासियों में भारी आक्रोश
शहर के हृदय स्थल पर इस तरह फैली गंदगी को लेकर स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में तीखा रोष व्याप्त है। दुकानदारों का कहना है कि कचरे से उठने वाली तीव्र दुर्गंध के कारण दुकानों में बैठना और ग्राहकों का आना मुश्किल हो गया है। राहगीरों को भी मुंह ढककर गुजरना पड़ रहा है। नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम के बड़े-बड़े स्वच्छता दावे केवल विज्ञापनों और कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।
नगर निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
क्षेत्रीय नागरिकों व व्यापारी संघ ने नगर निगम प्रशासन, महापौर और स्वास्थ्य अधिकारी से गुहार लगाई है कि रामलीला मैदान के पीछे जमा कचरे को तुरंत हटवाया जाए और कचरा वाहनों के नियमित उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे उग्र विरोध दर्ज कराने को मजबूर होंगे।













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