शासकीय महाविद्यालय बड़वारा में उच्च शिक्षा का बुरा हाल: न नए पाठ्यक्रम की पुस्तकें, न लैब में प्रैक्टिकल; सिर्फ उपस्थिति पर बांटे जा रहे नंबर

कटनी (मध्य प्रदेश):शासकीय महाविद्यालय बड़वारा (जिला कटनी) में उच्च शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल नजर आ रही है। एक ओर जहां छात्र-छात्राएं नए सिलेबस की किताबें उपलब्ध न होने से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर कॉलेज परिसर में व्याप्त अव्यवस्थाओं और प्रैक्टिकल कक्षाओं के नाम पर की जा रही खानापूर्ति ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।1. पुस्तकालय में नए सिलेबस की किताबों का अकालराष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू हुए 2 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कॉलेज की लाइब्रेरी में नए पाठ्यक्रम से संबंधित अध्ययन सामग्री अब तक उपलब्ध नहीं हो सकी है। रसायन विज्ञान (Major) के छात्र सत्येंद्र कुमार जब लाइब्रेरी से पुस्तक लेकर घर अध्ययन करने लगे, तो पूरा मैटर आउट ऑफ सिलेबस निकला। जब उन्होंने इस संबंध में अपनी शिक्षिका से मार्गदर्शन मांगा, तो शिक्षिका ने स्पष्ट कहा कि “यह किताब आपके काम की नहीं है, इसे वापस कर दें। नया सिलेबस लागू हुए 2 साल हो गए, लेकिन किताबें अभी तक प्रिंट ही नहीं हुई हैं।”2. प्रैक्टिकल के नाम पर महज औपचारिकतासत्र जून-जुलाई से प्रारंभ हो चुका है, लेकिन प्रयोगशाला (Lab) में न तो उपकरण व्यवस्थित हैं और न ही प्रयोगात्मक कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रैक्टिकल कराए बिना केवल कक्षाओं में उपस्थिति (Attendance) के आधार पर नंबर बांटे जा रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जब उन्हें लैब में प्रयोग करना ही नहीं सिखाया जाएगा, तो महज उपस्थिति के आधार पर मिले अंकों का क्या औचित्य?3. अधूरा निर्माण कार्य और पसरी गंदगीकॉलेज भवन में मरम्मत और निर्माण कार्य पिछले 6-7 महीनों से अटका हुआ है। नए तल के निर्माण की बात तो दूर, दीवारों की छपाई और मरम्मत का काम भी अधूरा पड़ा है। जिन कक्षाओं में छात्र बैठने को मजबूर हैं, वहां चारों तरफ धूल और गंदगी का साम्राज्य है। डेस्क पर धूल की मोटी परतें जमी हैं और दीवारों पर काले धब्बे पड़े हुए हैं।4. लाचार शिक्षक, बेबस विद्यार्थीजब छात्र अपनी समस्याएं लेकर प्राध्यापकों के पास पहुंचते हैं, तो शिक्षक भी अपनी लाचारी जाहिर करते हुए कहते हैं कि “जब उच्च स्तर के अधिकारी आवाज नहीं उठा रहे, तो हम क्या कर सकते हैं।”शीर्षक (Headlines) के विकल्प:विकल्प 1: बड़वारा कॉलेज में उच्च शिक्षा रामभरोसे: न नई पुस्तकें, न प्रैक्टिकल; बदहाली के साए में छात्रविकल्प 2: शासकीय महाविद्यालय बड़वारा की खुली पोल: लाइब्रेरी खाली, लैब ठप; उपस्थिति पर बांटे जा रहे अंकविकल्प 3: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 2 साल बाद भी पुस्तकें नदारद: बड़वारा कॉलेज में अव्यवस्थाओं का अंबारमांग:छात्रों ने उच्च शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि शासकीय महाविद्यालय बड़वारा की अव्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए, लाइब्रेरी में नए सिलेबस की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं तथा प्रैक्टिकल कक्षाएं नियमानुसार संचालित की जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!