बड़वारा ग्राम की मुख्य सड़क इन दिनों आवारा पशुओं का नया ठिकाना बन चुकी है। दिन-रात सड़क के बीचों-बीच मवेशियों के बैठे रहने से आवागमन लगातार बाधित हो रहा है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों की बढ़ी मुश्किलें
सड़क पर जमा इन मवेशियों के कारण वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया सवारों को निकलने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। रात के समय रोशनी कम होने पर सड़क पर बैठे मवेशी दिखाई नहीं देते, जिससे गंभीर हादसों का अंदेशा बना रहता है। इसके साथ ही, पैदल चलने वाले ग्रामीण और स्कूली बच्चों के लिए भी खतरा काफी बढ़ गया है।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत और स्थानीय प्रशासन को आवारा मवेशियों को गोशाला भेजने या उचित व्यवस्था करने के लिए सूचना दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस उदासीनता से लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द इन आवारा पशुओं को हटाकर सुरक्षित स्थान या गोशाला में भिजवाए, ताकि मुख्य सड़क पर यातायात सुचारू हो सके और संभावित हादसों को टाला जा सके।











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