बड़वारा में शेर चौक दुर्गा मंदिर के समीप शराब भट्टी को तुरंत हटाने के लिये मुख्यमंत्री एवं जिला कलेक्टर के नाम नायव तहसीलदार हर्षराम टेके को स्थानीय लोगों ने सम्बोधित ज्ञापन सौपा है। कार्यकर्ताओ ने ज्ञापन के दौरान बताया कि शराब दुकान के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शराब भट्टी के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों का घर से निकलना दुश्वार हो रहा है।शरात्र दुकान संचालित होने से शराब पीकर निकलने वाले व्यक्ति नशे की हालत में मंदिर आने-जाने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ अत्यंत अभद्र औरअश्लील भाषा का प्रयोग करते हैं। क्षेत्र में आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और छोटी-मोटी चोरी की घटनाओ में बढ़ोतरी हो रही हैं। मदिरा दुकान के पास धार्मिक स्थल दुर्गा मंदिर होने के कारण युवाओं और बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है।गरीब मजदूर वर्ग अपनी कमाईका बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च कर रहा है, जिससे उनके परिवार भुखमरी की कगार पर हैं। शासन के नियमों के अनुसार किसी भी शराब दुकान की दूरी धार्मिक स्थल से कम से 50-100 मीटर होनी चाहिए। किन्तु वर्तमान दुर्गा मंदिर के समीप संचालित शराब दुकान लगभग 40 से 50 मीटर की दूरीपर स्थित है। इससे न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुँच रही है। सौंपे गए ज्ञापन में यह भी बताया गया कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित की जा रही है, वह पूर्णतः शासकीय भूमि है। उक्त भूमि पर माफिया/अतिक्रमणकारी द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर मकान का निर्माण किया गया है और अब उस अवैध निर्माण का व्यावसायिक उपयोग शराब बेचने के लिए किया जा रहा है। जो भू-राजस्व नियमों का खुला उल्लंघन है। ज्ञापन के दौरान-जय सूर्यवंशी, नागेंद्र अहिरवार, अरविन्द सिंह, अजमेर, दलपत, धनेंद्र, रामखिलवान, रमेश, रमन, प्रीतम, अनुज, राजा, लक्ष्मी, पंकज, दिनेश, आदि लोगों की मौजूदगी रही

