कटनी। बरगवां स्थित एलआईसी भवन के निकट मंगलवार की सुबह लगभग 4 बजे एक गंभीर आपराधिक घटना हुई। गवाहों के अनुसार, 8 से 10 चेहरे ढंके व्यक्तियों के साथ आए एक कथित मुस्लिम समुदाय के भू-माफिया तथा उसके साथियों ने चौकीदार को बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक पिटाई की और वहां की बाउंड्री वॉल को नष्ट कर दिया। बताया गया है कि हमलावरों ने पहले चौकीदार को रस्सियों से बांध दिया ताकि वह प्रतिरोध न कर सके, और फिर जेसीबी या अन्य उपकरणों की सहायता से दीवार को गिरा दिया। घटना के दौरान इस क्षेत्र में अत्यधिक डर का माहौल बन गया, और आस-पास के लोग भय के मारे अपने घरों में छिपे रहे। आश्चर्य की बात यह है कि सुबह लगभग 7:30 बजे वही संदिग्ध भू-माफिया फिर से वहां आया और गिरी हुई बाउंड्री वॉल के पास खड़े होकर वीडियो बनवाने लगा। इस पूरे घटनाक्रम से अवैध जमीन कब्जाने की उद्देश्य स्पष्ट है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि “नाज़िम” नामक व्यक्ति, जो क्षेत्र में भू-माफिया के तौर पर जाना जाता है, ने जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करने के इरादे से पहले से बने बाउंड्री वॉल को ध्वस्त करवाया है। घटना के बाद क्षेत्र के निवासियों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि इतने बड़े अपराध के बावजूद पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी, जिससे अपराधियों का मनोबल ऊँचा है। स्थानीय नागरिकों ने आरोपियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है और अवैध कब्जों को समाप्त करने की गुजारिश की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने पड़ताल आरंभ कर दी है। चौकीदार का बयान दर्ज किया जा रहा है और लोगों ने आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस के कार्यपालिका और कथित भू-माफिया के बीच सम्बन्ध जगजाहिर हैं, इसलिए लोगों ने इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से कठोर कदम उठाने की अपील की है। ध्यान देने योग्य है कि यह मुद्दा पहले से ही विवादित रहा है। बरगवां निवासी पैट्रिक डन ने एडीएम और तहसीलदार को लिखित शिकायत देकर बताया था कि उनकी करोड़ों रुपये की पैतृक भूमि, जो एलआईसी कार्यालय के पीछे स्थित है, पर कुछ असामाजिक तत्व लगातार निर्माण कार्य में रुकावट डाल रहे थे।
पीड़ित के अनुसार, यह भूमि खसरा नंबर 209, 210 और 211 में दर्ज है, जो पटवारी हल्का बरगवां, तहसील कटनी नगर, जिला कटनी में находится है। उन्होंने खुद को जमीन का कानूनी मालिक और कब्जाधारी बताते हुए सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ दिनों से अज्ञात लोग मजदूरों को धमका रहे थे, काम रोकने का दबाव बना रहे थे और धन की मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही थी। इसके बाद, निर्माण पूर्ण होने पर बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया गया।
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। वहीं, माधवनगर थाने के प्रभारी संजय दुबे ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन इस मामले में किस प्रकार के कदम उठाता है और आरोपियों पर कार्रवाई कब तक की जाती है।
