जिला कटनी धान की पराली के नरवाई प्रबंधन के लिए किसानों द्वारा पर्यावरण और मिट्टी की जैविक उर्वरता को सुधारने हेतु नवोन्मेषी कदम उठाए जा रहे हैंजो सहायक जैविक मित्रों को नुकसान से बचाते हैं।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने आज गुरुवार को विकासखंड रीठी के पोंडी, महगवा और बड़गांव हीरापुर के खेतों में जाकर किसानों के साथ संवाद स्थापित करने के लिए लगभग एक-एक किलोमीटर तक उबड़-खाबड़ रास्तों पर पैदल यात्रा की।
उन्होंने उन्नत कृषि उपकरणों के माध्यम से नरवाई प्रबंधन में किसानों के नवाचारों को खेतों में देखा। कलेक्टर ने किसानों से अनुरोध किया कि वे नरवाई प्रबंधन उपकरणों का उपयोग करें और अपने खेतों में नरवाई को न जलाएं।
कलेक्टर ने रीठी के ग्राम पौड़ी में कृषक सुनील जैन के खेत पर जाकर नरवाई प्रबंधन के तहत सुपर सीडर से गेहूं की बुआई करवा रहे ट्रैक्टर मालिक श्री हल्के राम तिवारी से बातचीत कर पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की।
उन्होंने बताया कि वे लगभग 1500 रुपए प्रति घंटे के किराए पर सुपर सीडर किसानों को प्रदान करते हैं। कलेक्टर ने किसान से बातचीत कर अन्य किसानों को भी इस तरीके का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने ग्राम महगवा में कृषक संदीप जैन के खेत में चना और सरसों की अंतर्वर्ती खेती के साथ-साथ नवाचार के तहत कुसुम की खेती की भी जानकारी प्राप्त की।
इस मौके पर उपसंचालक कृषि डा रामनाथ पटेल, सहायक संचालक कृषि मनीष मिश्रा, तहसीलदार संदीप सिंह ठाकुर, आत्मा की रजनी चौहान, कृषि अभियांत्रिकी की सहायक यंत्री कृति पांडेय समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
