बड़वारा पुलिस की कार्रवाई, सरकारी धान चोरी करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार

बड़वारा।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में बड़वारा पुलिस ने सरकारी धान की चोरी की घटना का पर्दाफाश करते हुए पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चुराई गई सामग्री और मामले में उपयोग किया गया पिकअप वाहन भी बरामद कर लिया है।
31 दिसंबर 2025 को पीड़ित अमित तिवारी ने एक शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 दिसंबर की रात ग्राम अमाड़ी में स्थित ‘आरो वेयर हाउस’ सरकारी धान खरीदी केंद्र से अज्ञात चोरों ने 42 बोरी धान (जिसकी कीमत लगभग 40,000 रुपये) चोरी कर ली थी। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत एक मामला दर्ज कर जांच आरंभ की थी।
इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी के.के. पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और चार मुख्य संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ के दौरान पता चला कि उन्होंने चोरी की धान एक अन्य व्यक्ति को बेची थी।
गिरफ्तार किए गए संदिग्ध:

  • अर्जुन कुशवाहा (20 वर्ष), निवासी मझगवां
  • प्रेमचंद कुशवाहा (37 वर्ष), निवासी मझगवां
  • लाल गोविंद कुशवाहा (25 वर्ष), निवासी मझगवां
  • पिंटू सेन (28 वर्ष), निवासी मझगवां
  • आशीष शर्मा (33 वर्ष), निवासी मझगवां (खरीददार)
    बरामदगी
    पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई धान बरामद की है। इसके साथ ही चोरी में इस्तेमाल किया गया पिकअप वाहन (MP 21 G 3258) भी जब्त कर लिया गया है। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया और डीएसपी मुख्यालय श्रीमती उषा राय का विशेष मार्गदर्शन रहा।
रायपुर में न्यू-ईयर में बवाल…युवक को जमकर पीटा:लड़कियां बचाती नजर आईं

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025 के समापन और 2026 के स्वागत के लिए एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर और दुर्ग-भिलाई में पूरे राज्य में रात भर उत्सव मनाया गया। ठीक बारह बजे ‘हैप्पी न्यू ईयर’ का नारा गूंज उठा। नए साल के पहले दिन आज भी ऐसा ही वातावरण देखने को मिलेगा। रायपुर में नए साल की पार्टी के दौरान युवक वर्ग के बीच भरपूर झगड़ा हुआ। इस घटना के दौरान एक युवक को लगभग छह अन्य लड़कों ने लात-घूंसों से गंभीर चोटें पहुंचाई। लड़कियां उस युवक को सुरक्षा देने की कोशिश करती दिखाई दीं। यह विवाद किस कारण से और किस स्थान पर हुआ, इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई है।
वहीं जश्न के बीच रायपुर में लड़कों के बीच झगड़ा बढ़ गया। इस समय लड़कों ने एक युवक पर लात-घूसों और मुक्कों से हमला कर दिया। लड़कियां उसकी रक्षा करती दिखीं। विवाद के मूल कारण और स्थल के बारे में फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है।
इसके अलावा रायपुर के विभिन्न होटलों और क्लबों में नए साल की पार्टी का आयोजन किया गया। बिलासपुर और दुर्ग में भी नए साल की रात को होटल और रेस्तरां में धूमधाम से मनाया गया। युवा लोग डीजे की धुन पर नाचते रहे। नए वर्ष के स्वागत के लिए रायपुर के वीआईपी रोड पर क्लबों और पबों में सबसे अधिक भीड़ नजर आई। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। होटल, रेस्तरां और फार्म हाउस में रात के 10:30 बजे के बाद भी डीजे बजते रहे। हालांकि, 26 स्थानों पर लगभग 500 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। वहीं, जश्न के बीच गुढियारी में एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई।

किसानों की जमीन पर डाका, ई-उपार्जन में पंजीयन कर्ता ऑपरेटर पंकज पटेल के द्वारा भूमि फर्जीवाड़ा

कटनी | किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए स्थापित की गई ई-उपार्जन व्यवस्था अब भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के संकट में दिखाई दे रही है। कटनी जिले के बहोरीबंद तहसील के अंतर्गत धान खरीदी केंद्र अरुण प्रताप वेयरहाउस में सामने आए एक प्रकरण ने पूरे तंत्र की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। यहां एक अन्य व्यक्ति की कृषि भूमि को नकली दस्तावेजों के आधार पर अपनी बताकर न केवल ई-उपार्जन केंद्र में पंजीकरण कराया गया, बल्कि धान को बेचकर सरकारी धन भी प्राप्त किया गया। इस धोखाधड़ी से बनी योजना
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मुरावल, तहसील रीठी के कृषि भूमि खसरा नंबर 353, 355, 357/1, 357/2, जिसकी कुल माप 4.26 हेक्टेयर है, मूलतः पंकज सिंह पिता नागेंद्र सिंह के स्वामित्व में है। आरोप है कि इस भूमि का पंजीकरण दिनांक 10 अक्टूबर 2025 को धोखाधड़ी के माध्यम से पंजीयन करने वाले ऑपरेटर पंकज पटेल पिता इंदल पटेल के नाम किया गया। यह पंजीकरण वास्तविक भूमि स्वामी की जानकारी और अनुमति के बिना किया गया, जो कि प्रथम दृष्टया गंभीर आपराधिक गतिविधि के अंतर्गत आता है।
ई-उपार्जन में गलत केंद्र का चुनाव, पंजीयनकर्ता ऑपरेटर पंकज पटेल की भूमिका संदिग्ध
इस भूमि को धोखाधड़ी के दस्तावेजों के आधार पर ई-उपार्जन प्रणाली में दर्ज किया गया। यह चौंकाने वाला है कि भूमि रीठी तहसील के ग्राम मुरावल में स्थित होने के बावजूद इसे जानबूझकर बहोरीबंद धान खरीदी केंद्र में पंजीकृत किया गया। बिना भौगोलिक सत्यापन और स्थानीय मूल्यांकन के यह प्रक्रिया पूर्ण होना पंजीयनकर्ता ऑपरेटर पंकज पटेल की भूमिका को संदेह के घेरे में रखता है।
धोखाधड़ी का पता चलने पर शपथ पत्र का सहारा
मामले के उजागर होने की संभावनाओं के चलते दिनांक 3 नवंबर 2025 को एक संदिग्ध शपथ पत्र तैयार किया गया। जानकारों के अनुसार, यह शपथ पत्र भूमि पंजीकरण या ई-उपार्जन पंजीकरण के चरण में नहीं, बल्कि धोखाधड़ी के सामने आने के बाद बनाया गया, जिससे पूरे प्रकरण को वैधता प्रदान करने का प्रयास किया गया। यह दस्तावेज खुद में संदिग्ध है और यह बचाव के प्रयास का हिस्सा प्रतीत होता है।
धान की बिक्री कर सरकारी धन का हवन
इन्हीं नकली दस्तावेजों के आधार पर ई-उपार्जन केंद्र में धान बेची गई और शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर भुगतान की राशि प्राप्त कर ली गई। यह न केवल असली किसान के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि सरकार को सीधे आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाला कार्य भी है। उठी जांच और कार्रवाई की मांग प्रकरण के सामने आने के बाद मांग की जा रही है कि भूमि के वास्तविक स्वामित्व की राजस्व स्तर पर पुनः जांच कराई जाए।ई-उपार्जन पंजीयन व धान विक्रय की प्रक्रिया की फॉरेंसिक जांच हो। पंजीयन कर्ता ऑपरेटर पंकज पटेल, समिति प्रबंधक एवं संबंधित बैंक अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। फर्जी तरीके से आहरित राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए। दोषियों पर भारतीय दंड संहिता की कूटरचना, धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाए । ‌ वरिष्ठ अधिकारियों की मोनता जिला आपूर्ति अधिकारी एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी से खरीदी केंद्र बहोरीबंद में फर्जी पंजीयन के मामले में जानकारी चाहे जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की मोनता क्या साबित करती है।

latest katni news today विजयराघवगढ़ के घुनौर में 10 वर्षीय बच्चे पर हमले वाले तेंदुए को वन विभाग ने किया रेस्क्यू

कटनी। विजयराघवगढ़ क्षेत्र के घुनौर गांव में चिंता का कारण बने आदमखोर तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। तेंदुए के कारण 10 वर्षीय एक बच्चे की मृत्यु होने के बाद इलाके में डर का माहौल बन गया था, जिसे देखते हुए वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करके सर्चिंग रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
सूत्रों के अनुसार, सुबह से वन विभाग की विशेष टीम ने इलाके में विस्तृत खोज अभियान चलाया। कठिन प्रयास और सतर्क योजना के बाद तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। रेस्क्यू अभियान के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी रखी गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पकड़ में आए तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। परीक्षण के बाद उसे जंगल के सुरक्षित इलाके में छोड़ दिया जाएगा, ताकि मानव आबादी से दूर रखा जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने शांत breathed किया है। इसी बीच वन विभाग ने लोगों से कहा है कि वे जंगल के पास के क्षेत्रों में सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें।

latest katni news today कटनी कलेक्टर ने दी जिलेवासियों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं

latest katni news today जिले के कलेक्टर आशीष तिवारी ने सभी नागरिकों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं प्रकट की हैं।
कलेक्टर श्री तिवारी ने अपने संदेश में यह कहा कि नया वर्ष हर परिवार के लिए स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि, और खुशहाल जीवन लेकर आए। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 में कटनी जिला विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करेगा और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी तक पहुंचेगा। उन्होंने निवासियों से अपिल की कि वे आपसी सौहार्द, भाईचारे, और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। प्रशासन हमेशा आम जनता के साथ है और विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था को और अधिक सशक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के लोगों से आग्रह किया कि वे नववर्ष में नए संकल्प, नई ऊर्जा, और नई उम्मीदों के साथ जिले के विकास में भागीदार बनें।
“नववर्ष 2026 आपके जीवन में खुशियों की नई किरण लेकर आए” — कलेक्टर आशीष तिवारी

latest katni news today नियमों का पालन करने वालों को गुलाब व चॉकलेट देकर किया सम्मानित

कटनी – पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी राहुल पाण्डेय के नेतृत्व में बिलहरी मोड़ पर एक व्यापक वाहन जांच अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के दौरान, यातायात नियमों का पालन कर रहे सुरक्षित चालकों को गुलाब के फूल और चॉकलेट देकर नव वर्ष 2026 की शुभकामनाएं दी गईं। इसके आलावा, वाहनों पर यातायात जागरूकता से संबंधित स्टीकर लगाए गए और चालकों को सुरक्षित ढंग से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई। यातायात पुलिस का उद्देश्य है कि अन्य वाहन चालक इन स्टीकरों को देखकर यातायात नियमों का पालन करें और बिना किसी आर्थिक या शारीरिक हानि के सुरक्षित तरीके से नव वर्ष का जश्न मनाएं। सड़क सुरक्षा और जन जागरूकता के प्रति इस अभियान को यातायात पुलिस की एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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