कटनी पुलिस का बड़ा एक्शन, 43 अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई

अवैध शराब की बिक्री और उत्पादन की शिकायत करने के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया

कटनी
पुलिस का बड़ा कदम, 43 अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्यवाही “ऑपरेशन शिकंजा” के तहत कटनी पुलिस ने 43 अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्रवाई की

कटनी
– जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री को प्रभावी रूप से नियंत्रित करने के लिए कटनी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान”ऑपरेशन शिकंजा के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है।

पुलिस
अधीक्षक श्री अभियान विश्वकर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 43 मामलों में 43 अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इस
कार्रवाई के दौरान, आरोपियों से लगभग 75,000/- रुपये की कीमत वाली 37 लीटर अवैध देशी/विदेशी शराब तथा 49 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई है।
इस
कार्रवाई से जुड़े आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए जा रहे हैं और वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

कटनी
पुलिस आम जनता से अनुरोध करती है कि यदि किसी स्थान पर अवैध शराब का निर्माण या बिक्री की सूचना प्राप्त हो, तो कृपया तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 7587615946 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा।

कटनी में करोड़ों का ‘IPL सट्टा’, माधवनगर के नामचीन सटोरिए गिरफ्तार

कटनी। आईपीएल के उत्साह के बीच, कटनी पुलिस ने सट्टेबाजी के अवैध कारोबार पर एक महत्वपूर्ण प्रहार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन लिफ्ट’ के अंतर्गत, माधवनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय सट्टा समूह का पर्दाफाश किया है। निस्संदेह, यह जानकर चौंकाने वाली बात है कि सट्टे का यह नेटवर्क कटनी से नहीं, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर गोवा से संचालित हो रहा था।

गोवा
से 4 और कटनी से 2 सटोरिए गिरफ्तार
पुलिस
अधीक्षक को जानकारी मिली थी कि माधवनगर के प्रमुख सटोरिए अपनी गतिविधियां गोवा में स्थानांतरित कर चुके हैं और वहां से पूरे देश में ऑनलाइन सट्टा फैला रहे हैं। एसपी ने तुरंत एक खास टीम बनाई और गोवा भेजा। टीम ने वहां छापा मारते हुए माधवनगर के चार प्रमुख सटोरियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। इसके अलावा, कटनी में भी दो अन्य साझेदारों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार
किए गए मुख्य आरोपी:
पिंका आडवानी
रोहित
बंटी
सुनील
राहुल (कटनी से गिरफ्तार) और एक अन्य सहयोगी।

करोड़ों
का लेन-देन एवं ऑनलाइन नेटवर्क
पुलिस
की प्रारंभिक जांच और जब्त किए गए दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह कटनी के साथ-साथ कल्याण, जयपुर और गोवा जैसे शहरों में भी फैला हुआ था। आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और नोटबुक में करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन का रिकार्ड मिला है। इस गिरोह ने अत्याधुनिक ऐप्स और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टेबाजी करवाई थी।

कई
‘सट्टा किंग’ हुए भूमिगत, बड़े नाम पुलिस की निगरानी में
पुलिस की
इस कार्रवाई के बाद सट्टा बाजार में खलबली मच गई है। माधवनगर क्षेत्र में सक्रिय जयपाल, रावलानी और बानवानी जैसे कई अन्य प्रमुख सटोरिए पुलिस की कार्रवाई के तत्काल बाद भूमिगत हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। जयपाल और बानवानी गैंग के सदस्य अब पुलिस की निगरानी में हैं और उनकी तलाश में छापेमारी का क्रम जारी है।

कटनी जिला चिकित्सालय की चरमराई अर्थव्यवस्था

कटनी जिला चिकित्सालय की चरमराई अर्थव्यवस्था अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल पा रही कोई व्यवस्थाएं बच्ची का पर टूट जाने पर वह दूसरे पैसे कूदते हुए चलते हुए का वीडियो वॉयरल मरीज के लिए नहीं मिल पा रही हॉस्पिटल में व्हीलचेयर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को हो रही परेशानी लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होने को विवश । यह सब जहां प्रदेश में चर्चा की जाति की हमने एक क्लास हॉस्पिटल बनवाया है लेकिन धरातल पर उसका 0% भी नहीं दिखता वास्तव में चारों तरफ गंदगी का अभाव है । मरीज यहां में भटक रहे हैं मरीजों को बिस्तर नहीं मिल पा रहा है। इलाज के लिए लंबी लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। चाहे वह कोई भी टेस्ट करने को या फिर डॉक्टर से मिलने को हो हर जगह पर लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है ।

प्रशासन की बड़वारा के नदी घाटों पर बड़ी कार्रवाई

जिले में अवैध खनिज निकालने, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर एक जिला स्तरीय टीम ने बुधवार को बड़वारा तहसील के विभिन्न नदी किनारों पर एक व्यापक अभियान चलाया, जिसमें कई अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई गई।

अनुविभागीय
अधिकारी

(राजस्व) प्रमोद चतुर्वेदी के नेतृत्व में खनिज, राजस्व, परिवहन और पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने क्षेत्र की बसाड़ी, भदौरा, सकरीगढ़, सुड्डी और आसपास के नदी किनारों पर छापे मारकर व्यापक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान यह पता चला कि स्थानीय स्तर पर अवैध खनन और परिवहन को आसान बनाने के लिए कई अस्थायी पहुंच मार्ग बनाए गए थे।

संयुक्त
टीम की उपस्थिति में इन सभी अवैध मार्गों को जेसीबी मशीन से पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया, ताकि खनिज माफियाओं की गतिविधियों पर तात्कालिक प्रभावी रोक लग सके। निरीक्षण के दौरान अवैध परिवहन में लिप्त एक वाहन को भी जब्त किया गया है, और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस, राजस्व, खनिज और परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ निरंतर कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई में अनुविभागीय दंडाधिकारी प्रमोद चतुर्वेदी, उपसंचालक खनिज आर. के. दीक्षित, तहसीलदार बड़वारा ऋषि गर्ग, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा, नायब तहसीलदार हर्षवर्धन रामटेके, उपनिरीक्षक पुलिस रामनाथ साकेत और अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार

20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार, कलेक्टर से लगाई गुहार
कटनी।
कटनी जिले की बड़वारा तहसील के मझगवां गांव में पिछले 20 वर्षों से निवास कर रहे 6 आदिवासी परिवारों के सामने आज बेघर होने की चुनौती उत्पन्न हो गई है। घरों को खाली करने की दी जा रही चेतावनी से भयभीत ये परिवार की महिलाएं जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की आस में अपनी परेशानी साझा करने आईं।

क्या
है पूरा मामला?
पीड़ित
महिलाओं का कहना है कि वे सरकारी भूमि पर कच्चे निर्माण करके पिछले 20 वर्षों से निवास कर रही हैं। सुकवरिया बाई और अन्य महिलाओं ने कहा कि वे निर्धन और बिना जमीन की हैं। इनके पास रहने के लिए यह भूमि ही एकमात्र ठिकाना है और न ही इनके पास आजीविका के लिए कृषि भूमि है।

प्रशासन
और स्थानीय अमले पर गंभीर आरोप
महिलाओं
ने स्थानीय पटवारी और कोटवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि उन्हें हाल के दिनों में लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्हें बताया गया है कि वे अपने घरों को स्वयं गिरा दें, अन्यथा प्रशासन का बुलडोजर उन्हें मिटा देगा। प्रशासन की ओर से दी जा रही घर खाली करने की चेतावनियों ने इन परिवारों की नींद हराम कर दी है।

कलेक्टर
से मालिकाना हक (पट्टा) की मांग
आदिवासी
महिलाओं ने जिला कलेक्टर को एक शिकायत पत्र सौंपकर मानवीय आधार पर सहायता की प्रार्थना की है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: उन्हें वर्षों से काबिज भूमि से न हटाया जाए। इसी स्थान पर निवास की अनुमति प्रदान की जाए और भू-स्वामित्व (पट्टा) दिया जाए। प्रशासन इस मामले में तात्कालिक कदम उठाकर उन्हें बेघर होने से रोकें।

बेघर
हुए तो खुले आसमान के नीचे आएंगे बच्चे
महिलाओं
ने भावुक होकर स्पष्ट किया कि यदि उनके घर छीन लिए गए, तो वे एवं उनके निर्दोष बच्चे इस तेज धूप और खुले आसमान में रहने के लिए विवश होंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन ने उनकी शिकायत को दर्ज करके मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

बैलगाड़ी की सवारी और देशी खान-पान का लिया आनंद

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की महत्वाकांक्षी योजना ‘ग्रामीण पर्यटन’ अब धरातल पर साकार होती दिख रही है। इसके अंतर्गत फ्रांस से आए चार विदेशी यात्रियों ने कटनी जिले के खितौली और कोनिया गांवों का दौरा किया। यहां की ग्रामीण सेटिंग और ‘होमस्टे’ की सुविधा ने विदेशी मेहमानों को इस हद तक आकर्षित किया कि उन्होंने इसे होटलों और लॉज के मुकाबले बेहतर विकल्प बताया।

विदेशी
मेहमानों का हुआ भव्य स्वागत

भारत
भ्रमण पर आए फ्रांस के नागरिक ग्वेन्डोलिन डेलेपियरे, माएल एरिक कोकॉल्ट, आर्मेल यवोन मैरी जोसेफ लेटोर्ट और यवेस थिएरी फिलिप कोकॉल्ट जब कटनी के खितौली और कोनिया गांव में पहुंचे, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। पर्यावरणविद् और मानव जीवन विकास समिति के सचिव निर्भय सिंह ने इस अवसर पर इन पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से अवगत कराया।

होमस्टे
बना आकर्षण का केंद्र

पर्यटकों
ने कटनी के अलावा, उमरिया जिले के दमना और मरईकला गांवों के होमस्टे में भी समय बिताया। ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए इन होमस्टे को आकर्षक रंगों और स्थानीय कला से सजाया गया था।

विदेशी
मेहमानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लॉज और होटलों की तुलना में होमस्टे में ठहरना अधिक आनंददायक है। यहां रुककर उन्हें स्थानीय परिधान, जीवनशैली और रीति-रिवाजों को करीब से जानने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां के पारंपरिक व्यंजन और स्वदेशी खान-पान का भरपूर आनंद लिया।

बैलगाड़ी
की सवारी और हस्तशिल्प ने जीता दिल

भ्रमण
के दौरान विदेशी सैलानियों के लिए सबसे अविस्मरणीय अनुभव बैलगाड़ी की सवारी रही। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण हस्तशिल्प जैसे बांस शिल्प, मिट्टी के कार्य और मेहंदी कला में भी गहरी रुचि दिखाई। पर्यटक गांव के आसपास के पुराने तालाबों, बांधों, प्राचीन मंदिरों और घने जंगलों का भ्रमण कर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते रहे।

ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

सचिव
निर्भय सिंह ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ना और स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। होमस्टे के विकास से गांव की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।

300 पानी टंकियां बांटकर बचाई जा रही बेजुबानों की जान 

कटनी। तीव्र गर्मी के बीच जानवरों और पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए कटनी ब्लड डोनर एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा चलाए जा रहे “जल सेवा अभियान” के तहत एक प्रशंसनीय जनहित कार्य किया गया है। यह संस्था कई वर्षों से सामाजिक सेवा के कार्यों को जारी रखते हुए इस वर्ष भी शहर में फ्री पानी की टंकियों का वितरण कर रही है।

इस
अभियान के पहले चरण में 300 से ज्यादा 20 लीटर क्षमता वाली सीमेंट की पानी की टंकियों का वितरण किया गया। ये टंकियां शहर के विभिन्न वार्डों, कॉलोनियों, मोहल्लों, चौराहों और गलियों में मूक पशुओं के लिए रखी जा रही हैं, ताकि उन तक तेज गर्मी में आसानी से पानी पहुँच सके। बाकी टंकियों का वितरण दूसरे चरण में किया जाएगा।

कार्यक्रम
की शुरुआत संस्था की महिला विंग द्वारा माता सरस्वती और गौ माता की पूजा से हुई, जिसके बाद सेवा कार्य का औपचारिक आरंभ किया गया। पहले से रजिस्ट्रेशन करा चुके नागरिकों को बरगवां रोड पर आई लव सेल्फी प्वाइंट के सामने स्थापित केंद्र से टंकियों का वितरण किया गया।

इस
अवसर पर शहर की कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी भी शामिल हुए और उन्होंने इस सेवा में सहयोग करते हुए टंकियों का वितरण किया। सभी ने संस्था के इस प्रयास की प्रशंसा की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

संस्था
ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस पुण्य कार्य में भाग लें और अपने घर या मोहल्ले के बाहर टंकी रखकर मूक जानवरों को पानी उपलब्ध कराएं। इच्छुक नागरिकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसके जरिये टंकी मुहैया कराई जाएगी। साथ ही जानकारी के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

संस्था
के अध्यक्ष टीनू सचदेवा जी ने बताया कि यह सेवा कार्य निरंतर चलाया जा रहा है और समाज के सहयोग से इसे और बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि टंकी प्राप्त करने के बाद उसे साफ रखें और समय-समय पर पानी भरते रहें, ताकि यह सेवा केवल गर्मी तक सीमित न रहकर पूरे साल जारी बनी रहे।

यह
पहल न केवल मूक जानवरों और पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है, बल्कि समाज को मानवता और जीवों की सहायता के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करती है। एक छोटा सा प्रयास किसी मूक प्राणी के जीवन को बचा सकता है।

48 वाहनों की जांच में 11 नियम तोड़ते पकड़े

katni news today बिना अनुमति, फिटनेस और लाइसेंस के अवैध रूप से चलाए जा रहे वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत, मंगलवार को अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल ने कटनी-उमरिया रोड पर व्यापक वाहन जांच अभियान संचालित किया। इस जांच के दौरान लगभग 48 वाहनों की समीक्षा की गई। जिनमें से 11 वाहन नियमों के विरुद्ध चलाते पाए गए। इन सभी वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें थाना कुठियाला में सुरक्षित रखा गया, जबकि एक वाहन को थाना बड़वारा में सुरक्षित किया गया। जांच के दौरान обнаруж हुआ कि कई वाहन सड़कों पर निर्धारित भार से अधिक लादकर चलाए जा रहे थे, जो न सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करती है बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है। टीम ने विशेष रूप से खनिजों का परिवहन करने वाले वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया। कार्रवाई में तीन वाहन गिट्टी से ओवरलोड मिले, जिनमें निर्धारित सीमा से अधिक सामग्री भरी गई थी। इसी प्रकार, तीन वाहन रेत से भरे पाए गए, जो बिना उचित अनुमति और ओवरलोड के चलते थे। इसके अतिरिक्त, एक वाहन बॉक्साइट से लदा हुआ मिला, जो नियमों के खिलाफ जा रहा था। जांच अभियान के दौरान दो वाहन मुरम से ओवरलोड पाए गए, जिनमें आवश्यक दस्तावेजों की कमी के साथ ओवरलोडिंग का मामला भी सामने आया। इसके अलावा, दो वाहनों में कोयला परिवहन किया जा रहा था, लेकिन वे भी नियमों का पालन नहीं कर रहे थे और आवश्यक अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। एक वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना चलाया जा रहा था, जिसे सड़क सुरक्षा के लिहाज से बहुत गंभीर मामला माना गया। बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के वाहन चलाना दुर्घटनाओं की संभावनाओं को बढ़ाता है, इसलिए विभाग ने इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर लिया। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल ने सभी वाहक चालकों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित क्षमता के अनुसार ही सामग्री का परिवहन करें और सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे अनुमति, फिटनेस, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस साथ रखें। अभियान के दौरान परिवहन विभाग की टीम ने चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए सुझाव भी दिए। कई चालकों को चेतावनी देते हुए भविष्य में नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार के व्यापक जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

बिलहरी पुलिस ने मुंबई से आरोपी दबोचा

कटनी। जिले में एक प्रमुख साइबर धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश करते हुए बिलहरी पुलिस ने 4.26 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नकली लेनदेन के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले में कमीशन प्राप्त किया करता था।

पुलिस
अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में जिले के धोखाधड़ी मामलों में त्वरित कार्रवाई चल रही है। इस संदर्भ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और थाना प्रभारी कुठला राजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय और उनकी टीम ने आरोपी को पकड़ने में सफलतापूर्वक कामयाबी हासिल की।

क्या
है पूरा मामला

रोशन
नगर के निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा ने शिकायत की थी कि आर्यवत शिक्षा समिति के नाम पर फर्जी डोनेशन देने का प्रलोभन देकर संस्था के एक्सिस बैंक खाता का दुरुपयोग किया गया और उससे 4.26 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन करके धोखाधड़ी की गई। इसके आधार पर थाना कुठला में अपराध क्रमांक 99/26, धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की गई।

मुंबई
से ऐसे पकड़ा गया आरोपी

जांच
के दौरान, जिस बैंक खाते से धोखाधड़ी हुई थी, उससे जुड़े मोबाइल नंबर और उपकरणों के आधार पर पुलिस ने मुंबई के अंधेरी पूर्व स्थित पूनम नगर में रहने वाले आरोपी अभिषेक नार्कर (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान, उसने बताया कि उसे उसके सहयोगियों प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार ने इस कार्य में शामिल किया था। होटल में रहने के बदले में उसे साप्ताहिक 15,000 और मासिक 60,000 रुपये देने का प्रलोभन दिया गया था, जहां उस मोबाइल के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की राशि ट्रांसफर की जाती थी।

मुख्य
आरोपी फरार, दुबई में होने की सूचना

साइबर
धोखाधड़ी के इस प्रकरण में मुख्य आरोपी प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार के खिलाफ देश भर में लगभग 54 मामलों का पंजीकरण हो चुका है। दोनों व्यक्ति वर्तमान में फरार हैं और उनकी दुबई में मौजूदगी की जानकारी मिली है। मुंबई पुलिस ने इनके खिलाफ लाल खुफिया नोटिस जारी किया है।

गिरफ्तार
आरोपी अभिषेक नार्कर को न्यायालय में पेश किया गया और उसे जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक दामोदर राव, प्रधान आरक्षक संतोष प्रजापति और आरक्षक लव उपाध्याय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

एमपी में मौसम का डबल अटैक, नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री की तपिश

मध्यप्रदेश में मौसम का मिश्रित पैटर्न बना हुआ है। मंगलवार को विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा के साथ तापमान में कमी आई, जबकि कुछ स्थानों पर गर्मी बरकरार रही। आगामी दिनों में भी आंधी और बारिश के साथ-साथ तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावनाएं बनी हुई हैं। मध्यप्रदेश में मौसम की स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। एक ही दिन में प्रदेश के विभिन्न भागों में भिन्न-भिन्न मौसमी परिस्थितियाँ देखी जा रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) भोपाल द्वारा प्रदान किए गए हालिया आंकड़ों में तापमान, आर्द्रता और हवाओं में काफी बदलाव का संकेत मिलता है। प्रदेश में अधिकतम तापमान नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके पश्चात खजुराहो में 37 डिग्री और नरसिंहपुर में 36.8 डिग्री रहा। वहीं, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस प्रकार, एक ही दिन में करीब 23 डिग्री तक का तापमान का अंतर पाया गया। राजधानी भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तापमान सामान्य से 1.8 से 2.3 डिग्री कम दर्ज किया गया। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा के जिलों में भी तापमान सामान्य की तुलना में कम रहा, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील रहा। भोपाल, जबलपुर और शहडोल संभाग के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी देखी गई। विशेष रूप से मंडला, बालाघाट और शहडोल में बारिश के अनुक्रम में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई, जिससे वहां ठंडा मौसम बना।

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