Latest Maihar News पढ़ें 28 नवम्बर के ताज़ा .स्टेट हाईवे-11 पर कार-बाइक की जोरदार टक्कर, दो युवक गंभीर रूप से घायल

गुरुवार को मैहर क्षेत्र में स्टेट हाईवे-11 के पास ग्राम सोनवारी के निकट एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को गंभीर चुटें आईं. हादसा उस समय हुआ जब एक तेज़ गति से चलने वाली कार (CG 04 ND 8922) और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार टक्कर हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार का चालक सामने से आ रही एक गाड़ी को रास्ता देने के लिए सड़क से नीचे उतर गया था, लेकिन वापस सड़क पर लौटते समय उसका संतुलन गड़बड़ा गया और अनियंत्रित कार सीधा बाइक पर जा टकराई. टक्कर इतनी हिंसक थी कि मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवक सड़क पर काफी दूर जाकर गिरे और उन्हें गंभीर चोटें आईं.
घायलों की पहचान सूर्यभान सिंह (32 वर्षीय) और राधा कृष्ण सिंह (33 वर्षीय) के रूप में की गई है. दुर्घटना की सूचना मिलते ही सोनवारी के सरपंच पति उमाकांत उपाध्याय तात्कालिक रूप से घटनास्थल पहुंचे और आस-पास के लोगों की मदद से घायलों को मैहर सिविल अस्पताल में पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. दोनों की स्थिति गंभीर है.
इसके साथ ही, सूचना प्राप्त होते ही मैहर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और कार के चालक को पकड़ लिया. इसके अलावा, दुर्घटना में शामिल कार को भी जब्त कर लिया गया है. पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह जानने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय गाड़ी की गति क्या थी और इस घटना में लापरवाही किसकी थी.
स्थानीय निवासियों ने स्टेट हाईवे-11 पर बढ़ती हुई दुर्घटनाओं के लिए चिंताओं को व्यक्त किया है और प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की अपील की है.

मध्य प्रदेश में IAS अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान

मध्य प्रदेश के कृषि विभाग के उपसचिव स्तर के IAS अधिकारी संतोष वर्मा के द्वारा आरक्षण का समर्थन करते हुए ब्राह्मण बेटियों पर की गई विवादस्पद टिप्पणी पर राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस टिप्पणी की खुलकर आलोचना की है, इसे समाज में विभाजन लाने वाला और बहन-बेटियों के सम्मान के खिलाफ बताया गया। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ऐसा बयान देने से सामाजिक सद्भाव को क्षति पहुँची है। उन्होंने बताया कि यह टिप्पणी अखिल भारतीय सेवा आचार संहिता का उल्लंघन भी है। सरकार ने संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है और उचित कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी अधिकारी द्वारा संवैधानिक नीतियों पर इस तरह के बयान देना अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी के इस बयान ने सामाजिक सामंजस्य और संविधान का अपमान किया है। प्रदेश में सामाजिक एकता को खराब करने के प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
इसी बीच, संतोष वर्मा की टिप्पणी के खिलाफ राजधानी भोपाल में एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन हुआ। रोशनपुरा चौराहे पर ब्राह्मण समाज के सैकड़ों सदस्यों ने धरना दिया, पुतला जलाया और चक्काजाम किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने के बाद उन्हें थाने ले जाकर छोड़ा। इस प्रदर्शन में राजपूत करणी सेना, हिंदू उत्सव समिति, संस्कृति बचाओ मंच के सदस्यों सहित कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देकर IAS अधिकारी संतोष वर्मा की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग की। मानव श्रृंखला बनाकर किए गए चक्काजाम के परिणामस्वरूप करीब आधा घंटे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा।

लापता युवती का शव कुएं में मिलने से फैली सनसनी

मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक लापता महिला का शव मिलने से हडक़म्प मच गया है। यह युवती कल शाम से गुमशुदा थी। पुलिस मामले की जांच हत्या और आत्महत्या के दृष्टिकोण से कर रही है। 27 नवंबर महाकाल भस्म आरती: बाबा महाकालेश्वर का श्रृंगार त्रिपुंड और त्रिनेत्र की भेट के साथ,
यह घटना शहर के पनागर क्षेत्र की है, जहां लापता युवती का शव एक कुएं में तैरता हुआ पाया गया। सुभाष वार्ड की ऋचा मिश्रा कल रात से लापता थी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस उसकी खोज में जुटी हुई थी।
कार की टक्कर से मोपेड सवार की जान गई: यह घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई है, पुलिस फरार चालक की तलाश में लगी है।
मानसिक रूप से अस्वस्थ थी
घर के निकट स्थित कुएं से उसका शव बरामद हुआ है। आत्महत्या या संदिग्ध मौत के विषय में पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। मृतक महिला को मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी विपिन ताम्रकार, पुलिस निरीक्षक, थाना पनागर द्वारा दी गई।

पहली बीएलओ सुपरवाइजर बनीं स्नेहलता पटेल

जबलपुर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अपनी जिम्मेदारी में आने वाले सभी बूथों के सभी मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा करने वाली स्नेहलता पटेल जिला की पहली बीएलओ सुपरवाइजर बन गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की एकीकृत बाल विकास परियोजना में स्नेहलता पटेल को पनागर विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 52 से 61 तक के मतदाताओं के सत्यापन, गणना प्रपत्रों का वितरण एवं डिजिटाइजेशन के लिए बीएलओ की गतिविधियों की देखरेख और सहायता करने का कार्य सौंपा गया था। बीएलओ सुपरवाइजर स्नेहलता पटेल के अधीन ten मतदान केंद्रों में कुल 7 हजार 706 मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

नाले के पानी से सब्जियों की सिंचाई के विरूद्ध कार्यवाही

जबलपुर में नालों के पानी से सब्जियों की सिंचाई करने वाले individuals के खिलाफ प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम की कार्रवाइयाँ लगातार चल रही हैं। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशों के अनुसार आज पाँचवे दिन भी वार्ड क्रमांक -72 के कचनारी गांव में कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में स्वास्थ्य निरीक्षक अनंत दुबे, अतिक्रमण दल के प्रभारी अभिषेक समुद्रे आदि मौजूद थे।
यह ध्यान देने योग्य है कि नालों के पानी से सब्जियों की सिंचाई करने वाले लोगों के खिलाफ कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि ऐसी गतिविधियों में संलग्न व्यक्तियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जानी चाहिए।
नगर निगम आयुक्त अहिरवार ने यह बताया कि नालों के पानी से सब्जियों की सिंचाई के मामलों में अब सिर्फ पंपों की जब्ती ही नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से छेड़छाड़ करने वाले किसानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

50 साल पुराना MPEB डिब्बा बना बड़ी बाधा,स्थानीय नागरिकों ने हटाने की मांग की तेज।

खितोला इलाके में सरकारी अस्पताल के बिल्कुल सामने मौजूद एम.पी.ई.बी. का लगभग 40 से 50 साल पुराना कंटेनर हटाने की मांग स्थानीय निवासियों द्वारा जोरदार तरीके से की जा रही है। निवासियों का कहना है कि यह पुराना कंटेनर अस्पताल के मुख्य रास्ते में बाधा उत्पन्न करता है, जिससे एम्बुलेंस की आवाजाही में रुकावट आती है और मरीजों को समय पर इलाज मिलने में गंभीर समस्या पैदा होती है।
इस मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमलाल यादव ने सिहोरा के अनुविभागीय अधिकारी को एक लिखित निवेदन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने बताया कि यह कंटेनर उस समय स्थापित किया गया जब बिजली विभाग की शिकायतें ऑफलाइन दर्ज की जाती थीं। वर्तमान में, कई सालों से इस कंटेनर पर कोई काम करने वाला नहीं है और यह पूरी तरह से निष्क्रिय होकर सड़क पर कबाड़ जैसा फैला हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कंटेनर लगभग एक दशक से बंद पड़ा है, फिर भी इसे हटाने के लिए विभाग ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अस्पताल के सामने का क्षेत्र इस वजह से काफी तंग हो गया है और कई बार एम्बुलेंस भी अंदर जाने में असमर्थ रहती है, जिससे गंभीर मरीजों की जीवन रक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इस पुराने ढांचे को तुरंत हटाया जाए और इसे खितोला मोटर स्टैंड में स्थानांतरित किया जाए, जहाँ पर्याप्त जगह उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता की सुविधा, अस्पताल का सुचारु संचालन और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस निष्क्रिय संरचना का यथाशीघ्र हटाना अत्यधिक आवश्यक है।

सिलोड़ी अम्हेटा मार्ग बदहाल,23 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल

समाचार ने बार-बार जटिलताओं को उजागर किया है, फिर भी जिम्मेदार लोग नहीं जागे हैं। खस्ताहाल सड़क पर हादसों का सिलसिला जारी है, विधायक और जिला पंचायत सदस्यों से तुरंत मरम्मत की मांग की जा रही है। कटनी जिले की ग्राम पंचायत सिलोड़ी के तहत सिलोड़ी–अम्हेटा मार्ग पिछले कई वर्षों से बेहद बुरी स्थिति में है। सड़क में गहरे गड्ढे हैं, जगह-जगह बड़े पत्थर पड़े हैं और किनारों पर झाड़ियाँ उग आई हैं, जिससे यह मार्ग ग्रामीणों के लिए प्रतिदिन का खतरा बन गया है। स्थानीय मीडिया इस विषय को लगातार उठाते रहे हैं, लेकिन न तो पंचायत ने ध्यान दिया और न ही संबंधित विभागों के अधिकारियों ने। इस लापरवाही का खामियाज़ा बुधवार, 26 नवंबर 2025 को एक निर्दोष युवक ने भुगता, जब यह टूटी सड़क حادثे का कारण बनी।
सूत्रों के अनुसार, लादवार से सिलोड़ी बाजार की ओर मोटरसाइकिल पर आ रहे शिवराज बैगा, पिता भगतलाल बैगा, की उम्र 23 वर्ष, जब इस खस्ताहाल मार्ग से गुजरे तो उनकी बाइक सड़क की खराब सतह पर अस्थिर हो गई। अचानक आए हिंसक झटके में उनकी बाइक सड़क के किनारे लगे धारदार तारों से टकरा गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि शिवराज के चेहरे, होंठ, दाढ़ी और सिर पर गहरी चोटें आईं। दुर्घटना के बाद वहां मौजूद ग्रामीणों के बीच भारी गुस्सा फैल गया और लोगों ने इसे पंचायत और प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया।
उद्विग्न ग्रामीणों ने घायल युवक को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलोड़ी पहुँचाया, जहां डॉक्टरों ने उसके घावों का उपचार किया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि यह मार्ग उनकी मजबूरी बन चुका है। हर दिन सैकड़ों लोग इसी सड़क से होते हुए बाजार, स्कूल, अस्पताल और अपने काम पर जाते हैं, लेकिन दिन-प्रतिदिन खराब होती सड़क पर यात्रा करना जोखिम भरा हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह सड़क किसी खतरनाक चुनौती से कम नहीं है, जबकि ट्रैक्टर, ऑटो और अन्य भारी वाहनों के ड्राइवर भी अक्सर पलटने, फिसलने और टकराने जैसी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।गाँव के निवासियों का कहना है कि पंचायत की लापरवाही ने सड़क की समस्या को और अधिक गंभीर बना दिया है। ग्राम पंचायत सिलोड़ी में जन शिक्षिका सरपंच पति संतोष बर्मन की सक्रियता पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि वे अपनी मूल शैक्षणिक जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करते हुए पंचायत के निर्माण कार्यों में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं, जबकि सड़कों की मरम्मत जैसे जरूरी कामों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। ग्रामीणों ने व्यक्त किया कि ऐसा लगता है जैसे सरपंच और अधिकारी किसी गंभीर हादसे या जनहानि की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
स्थानीय मीडिया जैसे समाचार नेशन और अन्य न्यूज़ वेबसाइटें कई महीनों से इस सड़क की विकराल स्थिति को प्रमुखता से प्रस्तुत कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक ग्राम पंचायत और उच्च प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह और जिला पंचायत सदस्य कविता पंकज राय को पत्र लिखकर तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यदि अभी भी निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो उन्हें सामूहिक रूप से जिला मुख्यालय में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।ग्रामीणों की चिंता यह है कि यह सड़क केवल एक रास्ता नहीं है, बल्कि उनके रोजमर्रा के जीवन, रोजगार और सुरक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात है। हर दिन जब लोग इस मार्ग से यात्रा करते हैं, तो उनके मन में यह आशंका बनी रहती है कि कहीं अगला मोड़ उनके लिए खतरनाक न हो। गड्ढों में भरा कीचड़, बारिश के समय बहने वाला पानी और टूटे स्थानों पर पड़े पत्थर हर समय एक जोखिम को बढ़ाते हैं। इसके बावजूद, अब तक किसी भी प्रकार की जांच, संकेत या मरम्मत का कार्य न होना प्रशासन की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
अब तक हुए दुर्घटनाओं के संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय पर ध्यान देता, तो कई लोग चोटिल होने से बचाए जा सकते थे। शिवराज बैगा का मामला सामने आने के बाद से अब ग्रामीणों की सहिष्णुता समाप्त हो चुकी है और वे निर्णायक कदम उठाने के लिए तैयार हैं। उनका स्पष्ट मत है कि यह केवल सड़क का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह जनहित और सुरक्षा का विषय है, इसलिए इस मामले में और देरी स्वीकार नहीं की जा सकती।

news katni today बड़े ही धूमधाम से मनाया गया कटनी में संविधान दिवस

कटनी भीम आर्मी भारत एकता मिशन के तत्वाधान में कटनी में संविधान दिवस का आयोजन किया गया जिसमें रैली का आयोजन किया गया जिसमें हजारों संविधान प्रेमी मौजूद रहे । कार्यकर्ताओं ने संविधान की शपथ ली । और प्रस्तावना पड़ी कि हम संविधान की रक्षा करेंगे और संविधान के नियम कर हमेशा पालन करेंगे। ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जो संविधान के विरुद्ध हो।

पूरा शहर जय भीम के नारों गूंज उठा । पूरा शहर नीले समंदर की तरह नीला दिखाई दे रहा था ठीक है । चारों तरफ भीम आर्मी कार्यकर्ता दिखाई दे रहे थे। कटनी में ऐतिहासिक रैली संपन्न हुई ।

कटनी नगर में भीम आर्मी की विशाल वाहन रैली निकली

कटनी। बुधवार को संविधान दिवस के अवसर पर, भीम आर्मी ने कटनी शहर में एक बड़ी वाहन रैली का आयोजन किया। यह रैली नगर के प्रमुख चौराहों से गुजरते हुए निकली, जिसमें संगठन के सैकड़ों सदस्य ऊर्जा के साथ भाग लिया। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने “जय जय भीम” के जोरदार नारों के साथ आवाज़ें लगाईं, जिसने पूरे मार्ग को गूंजायमान कर दिया।
इस रैली में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष और संगठन के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। पूरी रैली के माध्यम से यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कोतवाली और ट्रैफिक पुलिस की टीमें तैनात की गईं।
आयोजकों का कहना है कि यह रैली पुरानी कचहरी परिसर में संपन्न होगी। संविधान दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों में संविधान के महत्व और मूल्यों के प्रति जागरूकता फैलाना बताया गया।

सिजेंहरा गांव में महिला की मौत

कटनी। बरही थाना क्षेत्र की ग्राम सिजेंहरा में 32 वर्षीय प्रियंका प्रजापति की जहरीले पदार्थ का सेवन करने से मृत्यु हो गई। इस घटना के पश्चात, परिवार के सदस्यों ने ससुराल वालों पर गंभीर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
मृतक की भाई ओमकार प्रजापति के मुताबिक, प्रियंका के सास-ससुर तथा उनके अन्य परिवार वाले उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे वह मानसिक रूप से बहुत परेशान हो गई थी।
पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग प्रकरण दर्ज करते हुए जांच आरंभ की है। आरोपों की पुष्टि के लिए ससुराल पक्ष के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

error: Content is protected !!