खितोला इलाके में सरकारी अस्पताल के बिल्कुल सामने मौजूद एम.पी.ई.बी. का लगभग 40 से 50 साल पुराना कंटेनर हटाने की मांग स्थानीय निवासियों द्वारा जोरदार तरीके से की जा रही है। निवासियों का कहना है कि यह पुराना कंटेनर अस्पताल के मुख्य रास्ते में बाधा उत्पन्न करता है, जिससे एम्बुलेंस की आवाजाही में रुकावट आती है और मरीजों को समय पर इलाज मिलने में गंभीर समस्या पैदा होती है।
इस मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रेमलाल यादव ने सिहोरा के अनुविभागीय अधिकारी को एक लिखित निवेदन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने बताया कि यह कंटेनर उस समय स्थापित किया गया जब बिजली विभाग की शिकायतें ऑफलाइन दर्ज की जाती थीं। वर्तमान में, कई सालों से इस कंटेनर पर कोई काम करने वाला नहीं है और यह पूरी तरह से निष्क्रिय होकर सड़क पर कबाड़ जैसा फैला हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कंटेनर लगभग एक दशक से बंद पड़ा है, फिर भी इसे हटाने के लिए विभाग ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अस्पताल के सामने का क्षेत्र इस वजह से काफी तंग हो गया है और कई बार एम्बुलेंस भी अंदर जाने में असमर्थ रहती है, जिससे गंभीर मरीजों की जीवन रक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि इस पुराने ढांचे को तुरंत हटाया जाए और इसे खितोला मोटर स्टैंड में स्थानांतरित किया जाए, जहाँ पर्याप्त जगह उपलब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता की सुविधा, अस्पताल का सुचारु संचालन और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस निष्क्रिय संरचना का यथाशीघ्र हटाना अत्यधिक आवश्यक है।
