मध्य प्रदेश के कृषि विभाग के उपसचिव स्तर के IAS अधिकारी संतोष वर्मा के द्वारा आरक्षण का समर्थन करते हुए ब्राह्मण बेटियों पर की गई विवादस्पद टिप्पणी पर राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस टिप्पणी की खुलकर आलोचना की है, इसे समाज में विभाजन लाने वाला और बहन-बेटियों के सम्मान के खिलाफ बताया गया। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ऐसा बयान देने से सामाजिक सद्भाव को क्षति पहुँची है। उन्होंने बताया कि यह टिप्पणी अखिल भारतीय सेवा आचार संहिता का उल्लंघन भी है। सरकार ने संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है और उचित कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी अधिकारी द्वारा संवैधानिक नीतियों पर इस तरह के बयान देना अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी के इस बयान ने सामाजिक सामंजस्य और संविधान का अपमान किया है। प्रदेश में सामाजिक एकता को खराब करने के प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
इसी बीच, संतोष वर्मा की टिप्पणी के खिलाफ राजधानी भोपाल में एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन हुआ। रोशनपुरा चौराहे पर ब्राह्मण समाज के सैकड़ों सदस्यों ने धरना दिया, पुतला जलाया और चक्काजाम किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने के बाद उन्हें थाने ले जाकर छोड़ा। इस प्रदर्शन में राजपूत करणी सेना, हिंदू उत्सव समिति, संस्कृति बचाओ मंच के सदस्यों सहित कई सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देकर IAS अधिकारी संतोष वर्मा की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग की। मानव श्रृंखला बनाकर किए गए चक्काजाम के परिणामस्वरूप करीब आधा घंटे तक वाहनों का आवागमन बाधित रहा।
