katni news विधायक प्रणव प्रभात पांडे के प्रयास से स्लीमनाबाद को मिली आईटीआई की सौगात

स्लीमनाबाद क्षेत्र के विधायक प्रणव प्रभात पांडे की निरंतर मेहनत की बदौलत स्लीमनाबाद में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस सफलता के परिणामस्वरूप क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए अब बड़े शहरों की ओर नहीं जाना होगा। आईटीआई की स्थापना से उन्हें विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उन्हें अच्छे रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक प्रणव प्रभात पांडे ने बताया कि स्लीमनाबाद के समग्र विकास के लिए शिक्षा और कौशल विकास उनकी प्राथमिकता है। भविष्य में क्षेत्र के युवाओं के लिए और भी विकास योजनाएं शुरू की जाएंगी।

jabalpur news today घर से बुलाकर बस टर्मिनल पर ले गए और हत्या कर दी
  • ISBT के निकट भयानक घटना
  • घर से बुलाकर बस टर्मिनल पर ले गए और हत्या कर दी
  • झगड़े के बाद बस स्टैंड तक घसीटकर ले गए, फिर हत्या कर डाली
  • स्थान पर मिला खून से सना हुआ पत्थर
    जबलपुर (ईएमएस)। बुधवार की सुबह जबलपुर में उस समय हड़कंप मच गया, जब आईएसबीटी के निकट रैन बसेरा के सामूहिक एक ऑटो चालक की अज्ञात अपराधियों ने निर्दयता से हत्या कर दी। सिर पर पत्थर से वार करके की गई इस क्रूर घटना ने पूरे क्षेत्र में डर फैला दिया। घटना की जानकारी मिलने पर गोहलपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
    गोहलपुर पुलिस थाना के प्रभारी रितेश पांडे ने बताया कि मृतक की पहचान आकाश उर्फ पप्पू, जो खिन्नी मोहल्ला में रहता था, के रूप में हुई है। आकाश एक ऑटो चालक था। पुलिस के अनुसार उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं और शव के निकट एक बड़ा पत्थर मौजूद था, जिससे उसकी हत्या की आशंका बढ़ती है. प्रारंभिक जांच से यह मामला पूरी तरह से हत्या का प्रतीक लगता है। पंचनामा प्रक्रिया के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मर्ग जांच शुरू की गई है।
    परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि बुधवार की रात तीन युवक आकाश को अपने साथ ले गए थे। परिवार के लोग उन युवकों को पहचान नहीं सके। इसके थोड़े समय बाद आकाश की हत्या की सूचना मिली। इस जानकारी के आधार पर मामला और गंभीर हो गया है, क्योंकि यह हत्या पूर्व नियोजित होने की संभावना जताई जा रही है। आईएसबीटी जैसे व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस हत्या ने शहर की कानून व्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं।
    पुलिस जांच में ये सामने आया है कि सुबह लगभग साढ़े पांच बजे आकाश अपने घर से निकला था। इसी दौरान खिन्नी मोहल्ले में उसकी कुछ युवकों के साथ बहस हुई थी। बहस के बाद आरोपी आकाश को जबरन घसीटते हुए क्षेत्रीय बस टर्मिनल के पास ले गए, जहां उसे सिर पर पत्थर से मारा गया और हत्या कर दी गई। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग निकले।
    स्थानीय निवासी नीरज चौधरी ने पुलिस को बताया कि उसने तीन से चार युवकों को आकाश के साथ मारपीट करते देखा था। हालांकि अंधेरे और अफरा-तफरी की वजह से वह आरोपियों की पहचान नहीं कर सका। मृतक की मां ने भी कहा कि वह आरोपियों को नाम से नहीं जानतीं, लेकिन उन्हें पहचानने में सक्षम होंगी अगर वे सामने आए।सीसीटीवी की जाँच कर रही पुलिस, मैदान में तीन टीमें
  • घटनास्थल के खुलासे और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी cameras की रिकॉर्डिंग्स की जांच करना शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी रितेश पांडे ने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए तीन विशेष दल का गठन किया गया है। पुलिस का विश्वास है कि सभी दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
  • क्षेत्र में नाराजगी
    इस चौंकाने वाली हत्या के बाद क्षेत्र के निवासियों में गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि आकाश का किसी के साथ कोई पुराना विवाद नहीं था, फिर भी उसकी बर्बरता से हत्या कर दी गई। नागरिकों ने पुलिस से अपील की है कि दोषियों को जल्दी पकड़ा जाए और कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
katni news भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौदी के समग्र विकास की मांग को लेकर मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने कलेक्टर कटनी को सौंपा ज्ञापन

सेंटर प्वाइंट करौदी को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के लिए पिछले समय में पत्रकारों की एक ऐतिहासिक महापंचायत हुई थी। कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में स्थित भारत के भौगोलिक केंद्रीय बिंदु करौदी के संरक्षण, विकास और व्यापक उत्थान के संदर्भ में मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तार से ज्ञापन कलेक्टर कटनी को प्रस्तुत किया। इस ज्ञापन में करौदी को आधिकारिक रूप से पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता देने, राष्ट्रीय स्तर के स्मारकों के निर्माण और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता से प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर की अनुपस्थिति में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि इसे मुख्यमंत्री तक पहुँचाया जाएगा।

यह ज्ञापन 21 दिसंबर 2025 को सेंटर प्वाइंट करौदी में आयोजित पत्रकारों की महापंचायत में लिए गए फैसलों का परिणाम है। यह महापंचायत मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें कटनी जिले के साथ-साथ राज्य और देश के कई प्रमुख, अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकारों ने भाग लिया। महापंचायत के दौरान करौदी के ऐतिहासिक, भौगोलिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी महत्व पर गहराई से विचार किया गया और इसके विकास पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए।
ज्ञापन में विस्तारपूर्वक वर्णित किया गया है कि वर्ष 1956 में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के उस समय के प्राचार्य एस. पी. चक्रवर्ती और उनके विद्यार्थियों द्वारा की गई वैज्ञानिक सर्वेक्षण के तहत यह प्रमाणित हुआ था कि मध्यप्रदेश के कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में स्थित करौदी गांव भारत की भौगोलिक धुरी है। इस महत्वपूर्ण खोज ने करौदी को राष्ट्रीय पहचान प्रदान की और यह स्थान पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।इस ऐतिहासिक प्रासंगिकता को ध्यान में रखते हुए, वर्ष 1987 में उस समय के प्रधानमंत्री, स्वर्गीय चंद्रशेखर ने खुद करौदी की यात्रा की थी। उन्होंने इस स्थान के राष्ट्रीय महत्व और भावनात्मक मूल्य को भलीभांति समझते हुए यहाँ भारत के भौगोलिक केंद्र के स्मारक के निर्माण का समर्थन किया। 15 दिसंबर 1987 को इस स्मारक का औपचारिक उद्घाटन हुआ, जिससे करौदी को एक विशेष पहचान मिली। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2013 में करौदी को सरकारी स्तर पर मेगा सर्किट में शामिल किया गया, जिससे यह उम्मीद जागी कि भविष्य में यह क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के मानचित्र पर उभरेगा। स्थानीय निवासियों को रोजगार, आधारभूत सुविधाएं और विकास के नए अवसर प्राप्त करने की संभावना दिखाई दे रही थी, लेकिन समय के साथ यह उम्मीद निराशा में बदल गई। वर्तमान में, भारत का भौगोलिक केंद्र करौदी उपेक्षित और लापरवाही का शिकार बन गया है। स्मारक अब खराब स्थिति में है, पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं का अभाव है, और प्रचार की कमी के कारण यह स्थान अपनी पहचान खोता जा रहा है। दूर-दराज से आने वाले पर्यटक सुविधाओं की कमी के कारण निराश होकर लौटने को विवश हो रहे हैं, और स्थानीय लोग अभी भी विकास की आस लगाए हुए हैं। मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने ज्ञापन के जरिए यह मांग की है कि भारत के भौगोलिक केंद्र करौदी को औपचारिक तौर पर एक पर्यटन स्थल घोषित किया जाए, ताकि इसके संरक्षण और विकास के लिए ठोस योजनाएं बन सकें। केंद्र स्थल पर 108 फीट ऊँची भारत माता की शानदार प्रतिमा स्थापित करने की भी मांग की गई है, जिससे यह स्थान राष्ट्रीय एकता और चेतना का प्रतीक बन सके।अंत में संघ ने माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे करौदी के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें तथा शीघ्र आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, जिससे भारत के भौगोलिक केंद्र बिंदु करौदी को उसका उचित स्थान, गौरव और विकास मिल सके।

katni news today तेज रफ्तार ट्रक ने यात्री बस को मारी टक्कर, कई यात्री घायल

पन्ना–कटनी मार्ग पर मंगलवार की दोपहर एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई। एक तेज गति से आ रहा ट्रक ने आगे चल रही एक यात्री बस को पीछे से टक्कर मार दी। इस घटना में बस में मौजूद कई लोगों को हल्की चोटें आई हैं। राहत की बात यह है कि किसी भी तरह की गंभीर हानि नहीं हुई।
विभिन्न सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुन्ना राजा कंपनी की यात्री बस (क्रमांक MP 21 P 0283) कटनी से पन्ना की दिशा में यात्रा कर रही थी। इसी दौरान, तेज गति वाले ट्रक (क्रमांक MP 21 G 2220) के चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। थाना प्रभारी मनोज कुमार यादव के निर्देशन में एएसआई शिवेंद्र सिंह परिहार, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र हरदेनिया और आरक्षक अभिनव पाराशर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला और घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की।
दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ, जिसे पुलिस के प्रयासों से जल्द ही सामान्य कर दिया गया।
गवाहों के अनुसार, ट्रक की गति काफी तेज थी, जिससे चालक अपने वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने ट्रक के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच की जा रही है।

badwara news today बड़वारा के झरेला में संचालित बिड़ला प्लांट में 14 वर्षो से फंसी है महिला की भूमि, कलेक्ट्रेट पहुँच की शिकायत

जिले के बड़वारा तहसील स्थित झरेला (पटी) में पिछले 13 साल से बिड़ला व्हाइट सीमेंट प्लांट कार्य कर रहा है। इस प्लांट के स्थापित होने के बाद से क्षेत्र के कई किसानों की ज़मीन पर प्लांट प्रबंधन ने नियंत्रण स्थापित कर लिया। लेकिन इस कारण ग्रामीणों की भूमि छीनने से उन्हें खेती करने से वंचित कर दिया गया। क्षेत्र की निवासी महिला रेखा चौधरी, जिनकी भी ज़मीन प्लांट में चली गई, वह पिछले 14 वर्षों से कलेक्टर और एसपी तहसील में अपनी ज़मीन वापस पाने के लिए शिकायतें कर रही हैं, लेकिन उन्हें उनकी ज़मीन अभी तक नहीं मिली। महिला ने कहा कि जब उन्होंने विरोध किया, तो प्लांट प्रबंधन उनके घर पर पुलिस भेजता है और ग्रामीणों को परेशान करता है। महिला ने एक बार फिर कलेक्ट्रेट का दौरा किया और न्याय की मांग की।

katni news उमरियापान बनीं देश की पहली नगर परिषद

प्रदेश के कटनी जिले की ढ़ीमरखेड़ा तहसील में स्थापित नगर परिषद उमरियापान संभवतः देश की पहली नगर परिषद बन गई है। जिसके सभी 15 वार्डों के नाम परमवीर चक्र प्राप्त करने वालों के नाम पर रखे गए हैं। मध्यप्रदेश के विशेष राजपत्र में 31 दिसंबर 2025 को इन वार्डों के विस्तार और नामकरण की सूचना का आधिकारिक प्रकाशन हुआ है।
कटनी जिले के कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा राजपत्र में जारी की गई अधिसूचना में सभी 15 वार्डों के नाम भारत के शहीद परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए हैं। यह अभिनव कदम शहीदों के अद्वितीय बलिदान को एक स्थायी श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति और शौर्य की भावना को जगाने का प्रयास है। इस नामकरण के परिणामस्वरूप उमरियापान की सड़कों, गलियों और वार्ड शहीदों के महान बलिदान की गाथाओं के प्रतीक बन गए हैं।
नवगठित उमरियापान नगर परिषद के वार्डों के नाम
वार्ड क्रमांक 1 का नाम मेजर पीरू सिंह के नाम पर रखा गया है। पीरू सिंह शेखावत 6 राजपूताना रायफल्स में कंपनी हवलदार मेजर रहे। जुलाई 1948 में पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के टिथवाल सेक्टर में एक भयानक आक्रमण किया। इस दौरान पीरू सिंह की टुकड़ी के अधिकतर जवान गंभीर रूप से घायल हुए या शहीद हो गए। लेकिन उन्होंने अकेले ही मशीन गन से दुश्मनों पर हमला कर एक पोस्ट पर नियंत्रण प्राप्त किया और फिर उन्होंने एक अन्य पोस्ट से भी दुश्मनों को खदेड़ दिया, हालांकि इस दौरान वे वीरता के साथ शहीद हो गए।
वार्ड क्रमांक 2 का नाम मेजर धन सिंह थापा के सम्मान में रखा गया है। अगस्त 1949 में भारतीय सेना की 8वीं गोरखा रायफल्स में कमीशन अधिकारी के रूप में नियुक्त मेजर धन सिंह थापा परमवीर चक्र से सम्मानित हुए। मेजर थापा ने 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान लद्दाख में चीनी सेना का सामना किया।
वार्ड क्रमांक 3 का नाम मेजर होशियार सिंह के नाम पर रखा गया है। मेजर होशियार सिंह का 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण योगदान रहा। जब पाकिस्तानी सेना 1971 में सकरगढ़ सेक्टर पर काबिज हो गई थी, उस समय होशियार सिंह ने सीधे मुकाबले में पाकिस्तानी सैनिकों को नष्ट कर दिया। इस कारण पाकिस्तानी सेना अपने मारे गए साथियों की लाशें छोड़कर भागने को मजबूर हुई। मेजर होशियार सिंह को परमवीर चक्र पुरस्कार उनके जीवित रहने के दौरान ही प्रदान किया गया।नवीनतम नगर परिषद के वार्ड संख्या 4 का नाम कैप्टन विक्रम बत्रा के नाम पर रखा गया है। करगिल युद्ध के दौरान, कैप्टन विक्रम बत्रा ने दो प्रमुख पहाड़ियों को पाकिस्तानियों से मुक्त कराया था। उनकी यूनिट को 1 जून 1999 को करगिल युद्ध में भेजा गया। विक्रम बत्रा ने अपनी जान की परवाह किए बिना लेफ्टिनेंट अनुज नैय्यर के साथ कई पाकिस्तानियों को समाप्त किया। करगिल युद्ध के समय उनका नाम कोड शेरशाह था। विक्रम बत्रा को युद्ध में शहादत के बाद मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
उमरियापान नगर परिषद के वार्ड संख्या 5 का नाम शहीद सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल के नाम पर रखा गया है। श्री खेत्रपाल ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में अद्वितीय साहस का प्रदर्शन करते हुए वीरगति प्राप्त की। उनके साहस और बलिदान को देखते हुए मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
देश के पहले परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा के नाम पर नगर परिषद के वार्ड संख्या 6 का नामकरण किया गया है। वे चौथी कुमाऊँ रेजिमेंट की डेल्टा कंपनी के अधिकारी थे। उन्होंने 1947 में पाकिस्तानी घुसपैठियों के खिलाफ अपनी यूनिट का नेतृत्व किया और मुंहतोड़ जवाब दिया, जबकि एक मोर्टार विस्फोट में शहीद हुए, फिर भी उन्होंने पाकिस्तान के इरादों को सफल नहीं होने दिया। मेजर शर्मा पहले परमवीर चक्र विजेता बने।
शहीद मेजर शैतान सिंह के नाम पर वार्ड संख्या 7 का नाम रखा गया है। मेजर शैतान सिंह ने भारत-चीन युद्ध 1962 में लगभग 17,000 फीट की ऊँचाई पर कड़ाके की ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच कुमाऊं रेजिमेंट के 13वीं बटालियन के सैनिकों की कमान संभाली और चीनी सैनिकों को भागने के लिए मजबूर कर दिया।
सूबेदार जोगिंदर सिंह के नाम पर नवगठित नगर परिषद के वार्ड संख्या 8 का नामकरण किया गया है। उन्होंने 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान बेमिसाल साहस का परिचय देते हुए चीनी सैनिकों पर जोरदार हमला किया। इस दौरान सूबेदार जोगिंदर सिंह को गोली लगी, लेकिन उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना चीनी सैनिकों को धूल चटा दी। सर्वोच्च बलिदान देने और सैनिकों को युद्ध के समय प्रेरित करने के लिए और अंत तक लड़ने के लिए भारत सरकार ने उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया।कैप्टन मनोज कुमार पांडे के नाम पर वार्ड संख्या 9 का नाम रखा गया है। 24 वर्ष की आयु में, कैप्टन मनोज कुमार पांडे ने कारगिल युद्ध में 3 जुलाई 1999 को भारत की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देकर अमरता प्राप्त की।
परमवीर चक्र से सम्मानित मेजर रामस्वामी परमेश्वरम के नाम पर वार्ड संख्या 10 का नामीकरण किया गया है। उन्होंने 25 नवंबर 1987 को श्रीलंका में शांति अभियान के दौरान अद्वितीय बहादुरी का परिचय देते हुए शहीद होने का गौरव प्राप्त किया। सीने में गोली लगने के बावजूद, वे 6 आतंकवादियों को समाप्त करने में सफल रहे। उनके इस अदम्य साहस के लिए उन्हें परमवीर चक्र प्रदान किया गया।
सेकेंड लेफ्टिनेंट राम राघोबा राणे के नाम पर वार्ड संख्या 11 का नामकरण किया गया है। 1948 में पाकिस्तान के कबाइलियों के हमले के दौरान, वे वीरता का उत्कृष्ट उदाहरण बने। उन्होंने लगातार तीन दिनों तक बिना भोजन-पानी के पाकिस्तानी सैनिकों का सामना किया। उनके इस बलिदान के लिए उन्हें जीवित रहते हुए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
वार्ड संख्या 12 का नाम शहीद अब्दुल हमीद के नाम पर रखा गया है। शहीद अब्दुल हमीद ने 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान खेमकरन सेक्टर में पाकिस्तान के 7 पैटर्न टैंकों को नष्ट कर दिया। इस लड़ाई के दौरान, वे दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हो गए। फिर भी, उन्होंने अपने शहादत से पहले दुश्मनों को कड़ा मुकाबला दिया। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र दिया गया।
शहीद अल्बर्ट एक्का के नाम पर वार्ड संख्या 13 का नामकरण किया गया। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में घायल होने के बावजूद, उन्होंने दुश्मन की सेना को नतमस्तक कर दिया और हैंड ग्रेनेड के जरिए पाकिस्तानी बंकर को ध्वस्त कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप वे शहीद हो गए। श्री एक्का को उनकी शहादत के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

jabalpur news डॉक्टर युवक की हत्या करने वाले आरोपी बदमाश गिरफ्तार, सीसीटीवी वीडियो से आरोपियों की हुई पहचान, क्राइम ब्रांच और भेड़ाघाट थाना पुलिस ने किया सात आरोपियों को गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के भेड़ाघाट थाना क्षेत्र में सहसपुर ब्रिज के नीचे एक डॉक्टर युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने डॉक्टर पर बेरहमी से चाकू से वार कर उसकी जान ली थी। घटना के बाद आरोपी मौके से भाग निकले थे, लेकिन पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन्हें पहचाना और मुखबिर की सूचना के अनुसार गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, पकड़े गए आरोपी थाना क्षेत्र के बदमाश हैं जिन्होंने डॉक्टर से गाली-गलौज को लेकर विवाद किया था और इसी विवाद में उन्होंने युवक की चाकू से हत्या कर दी।
शराब की दुकान के पास विवाद के दौरान डॉक्टर की चाकू के द्वारा हत्या की घटना हुई है। मृतक डॉक्टर अभिषेक, जो महेंद्र साहू के नाम से भी जाने जाते थे, 27 वर्ष के थे और वह पाटन थाना क्षेत्र के निवासी थे। उनके पिता ने बताया कि अभिषेक अपनी गाड़ी लेकर उज्जैन जा रहे थे, जब उनकी गाड़ी रास्ते में बिगड़ गई और वह भेड़ाघाट के सहसपुर के पास एक मैकेनिक का इंतजार कर रहे थे। इस बीच, कुछ नकाबपोश युवक वहां आए और किसी बात पर बहस करने लगे। जब अभिषेक ने गाली देने से मना किया, तो बदमाशों ने उन पर 16 से 17 बार चाकू से वार कर दिया। चाकू लगने के कारण अभिषेक का खून काफी बह गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस को घटना की सूचना मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेजा गया और आरोपियों की तलाश में जुट गई।
दिनदहाड़े सड़क पर डॉक्टर युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभिषेक के हत्याकांड का पर्दाफाश किया गया है और सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी आरोपियों ने शराब के नशे में आकर आपस में विवाद किया और चाकू से हमला कर डॉक्टर युवक को मार डाला। फिलहाल, पुलिस ने इन पर हत्या का मामला दर्ज किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

इंदौर दूषित पानी कांड क़ो लेकर भाजपा कांग्रेस आमने सामने पुलिस ने कांग्रेस क़ो खड़ेदा

latest katni news today मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के खिलाफ मुड़वारा विधायक के निवास के बाहर कांग्रेस का घंटा बजाओ प्रदर्शन। भाजपा के कार्यकर्ता और विधायक के समर्थन में उपस्थित लोग आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों से नारेबाजी जारी रही, जहां एक तरफ भगवान के जयकारे लगाए जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस मुर्दाबाद के नारे लगाती रही। मौके पर सुरक्षा हेतु कोतवाली पुलिस तैनात थी। विधायक के निवास के सामने सड़क पर कांग्रेस के कार्यकर्ता बैठे हुए थे।

बरगवा स्थित लाल पहाड़ी पर भूमाफिया की नजर

latest katni news today हर के मध्य बरगवां में मौजूद लाल पहाड़ी की बहुमूल्य सरकारी संपत्ति पर भूमाफियाओं की रुचि बढ़ने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है। कलेक्टर के आदेश पर लाल पहाड़ी की सीमाओं का निर्धारण और जांच के लिए एक प्रशासनिक जांच टीम बनाई गई है, जो सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। राजस्व विभाग के पुराने दस्तावेजों के मुताबिक, मिसल रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 1906-07 में ग्राम बरगवां के खसरा नंबर 209, जिसका क्षेत्रफल 69.55 एकड़ है, को सरकारी पहाड़ के रूप में दर्ज किया गया था। फिर भी, समय के साथ इस भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास बढ़ते गए हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी ज़मीन का कुछ हिस्सा व्यक्तिगत नाम पर दर्ज किया गया है। वर्तमान राजस्व अभिलेखों के अनुसार खसरा नंबर 209 के बटांकन के तहत खसरा नंबर 209/5, जिसका क्षेत्रफल 0.2630 हेक्टेयर है (लगभग 28 हजार 300 वर्गफुट), को निजी नाम पर दर्ज किया गया है। यह चौंकाने वाली बात है कि इस सरकारी पहाड़ी के हिस्से को किस आदेश या प्रक्रिया के तहत निजी नाम में दर्ज किया गया, इसका स्पष्ट उल्लेख रिकॉर्ड में नहीं मिलता। हाल ही में लाल पहाड़ी के आसपास फिर से अतिक्रमण की गतिविधियाँ शुरू होने के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी द्वारा सीमांकन के लिए चार सदस्यीय एक जांच दल गठित किया गया है। इस जांच दल में प्र. नायब तहसीलदार हर्ष रामटेके, राजस्व निरीक्षक सी.एस. कोरी, पटवारी धर्मेन्द्र ताम्रकार और संदीप गर्ग शामिल हैं। यह दल सीमांकन करके अवैध निर्माणों की पहचान करेगा और यह जांच करेगा कि यदि भूमि सरकारी रही है, तो उसे निजी नाम पर दर्ज करने की अनुमति किस स्तर से दी गई। प्रशासन का कहना है कि अगर जांच में कोई अनियमितताएँ सामने आईं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बड़वारा पुलिस की कार्रवाई, सरकारी धान चोरी करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार

बड़वारा।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में बड़वारा पुलिस ने सरकारी धान की चोरी की घटना का पर्दाफाश करते हुए पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चुराई गई सामग्री और मामले में उपयोग किया गया पिकअप वाहन भी बरामद कर लिया है।
31 दिसंबर 2025 को पीड़ित अमित तिवारी ने एक शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 दिसंबर की रात ग्राम अमाड़ी में स्थित ‘आरो वेयर हाउस’ सरकारी धान खरीदी केंद्र से अज्ञात चोरों ने 42 बोरी धान (जिसकी कीमत लगभग 40,000 रुपये) चोरी कर ली थी। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत एक मामला दर्ज कर जांच आरंभ की थी।
इस मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए थाना प्रभारी के.के. पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और चार मुख्य संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ के दौरान पता चला कि उन्होंने चोरी की धान एक अन्य व्यक्ति को बेची थी।
गिरफ्तार किए गए संदिग्ध:

  • अर्जुन कुशवाहा (20 वर्ष), निवासी मझगवां
  • प्रेमचंद कुशवाहा (37 वर्ष), निवासी मझगवां
  • लाल गोविंद कुशवाहा (25 वर्ष), निवासी मझगवां
  • पिंटू सेन (28 वर्ष), निवासी मझगवां
  • आशीष शर्मा (33 वर्ष), निवासी मझगवां (खरीददार)
    बरामदगी
    पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई धान बरामद की है। इसके साथ ही चोरी में इस्तेमाल किया गया पिकअप वाहन (MP 21 G 3258) भी जब्त कर लिया गया है। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया और डीएसपी मुख्यालय श्रीमती उषा राय का विशेष मार्गदर्शन रहा।
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