मध्य प्रदेश के जबलपुर में बड़ा हादसा: बरगी डैम में क्रूज डूबा, 30 से ज्यादा लोग थे सवार, अब तक 4 की मौत

मध्य प्रदेश के जबलपुर से बरगी डैम में एक क्रूज के डूबने की घटना की खबर आ रही है। इस हादसे में चार व्यक्तियों की मृत्यु होने की जानकारी प्राप्त हुई है। आइए समझते हैं कि इस घटना के बारे में अब तक क्या जानकारी मिलती है। जबलपुर से एक गंभीर घटना की सूचना आई है। जबलपुर के मशहूर बरगी डैम में गुरुवार को एक क्रूज जल में डूब गया है। बीते जानकारी के अनुसार, इस घटना में चार लोगों की मृत्यु हो चुकी है। यह दुर्घटना गुरुवार को खमरिया टापू के नजदीक हुई जब एक पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में डूब गया। प्रारंभिक जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि क्रूज में 30 से अधिक यात्रियों की उपस्थिति थी। तेज तूफान के कारण क्रूज अपना संतुलन खो बैठा और डूब गया। 15 व्यक्तियों को सुरक्षित निकाला गया है।जबलपुर में इस दुखद घटना के बारे में पुलिस ने जानकारी प्रदान की है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अचानक आई आंधी के चलते क्रूज पलट गया। अब तक चार शव इस हादसे से बरामद हुए हैं। बरगी डैम क्रूज दुर्घटना में SDERF की टीम ने 15 लोगों को सुरक्षित रूप से बचाया है। पुलिस के अनुसार, लापता लोगों की खोज के लिए बचाव अभियान जारी है। प्रशासन ने कहा कि बरगी डैम में क्रूज में कुल 29 यात्रियों के टिकट जारी किए गए थे। लापता व्यक्तियों की खोज और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। घटना स्थल पर जबलपुर के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौजूद हैं और राहत कार्य निरंतर चल रहा है।बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। क्रूज पर 29 टिकट धारक थे। जबलपुर के कलेक्टर और आयुक्त घटना स्थल पर पहुँच चुके हैं। स्थानीय सांसद आशीष दुबे भी वहां पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर बरगी डैम दुर्घटना स्थल पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी पहुंच रहे हैं।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जबलपुर में हुए हादसे का संज्ञान लिया है। सीएम मोहन यादव ने X पर अपने आधिकारिक हैंडल पर लिखा, “आज जबलपुर में तेज आंधी और तूफान के कारण बरगी डैम में हुए दुखद क्रूज हादसे को लेकर स्थानीय प्रशासन और बचाव बल का ऑपरेशन निरंतर जारी है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुँचने के निर्देश दिए गए हैं। त्वरित बचाव कार्य में 15 नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। जो लोग लापता हैं, उन्हें जल्दी ही खोजने का प्रयास किया जा रहा है। इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों का साथ दे रही है और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।”

इंदिरा नगर में बारातियों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में आज पूरा क्षेत्र सड़कों पर उतरा

कटनी: शहर के इंदिरा नगर क्षेत्र में बीते दिनों एक शादी समारोह के दौरान पुलिस द्वारा बारातियों के साथ की गई कथित मारपीट और अभद्रता का मामला अब तूल पकड़ चुका है। इस घटना के विरोध में आज स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने एकत्रित होकर उग्र आंदोलन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि इंदिरा नगर में एक विवाह कार्यक्रम के दौरान पुलिस और बारातियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए बारातियों पर लाठियां भांजीं, जिसमें कई लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस का व्यवहार बेहद अमानवीय था, जिसके कारण शादी की खुशियां मातम और दहशत में बदल गईं।

मौके की स्थिति:
आंदोलन को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुलिस का काम सुरक्षा देना है, न कि आम नागरिकों और उत्सव मना रहे लोगों को पीटना। यदि जल्द ही दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई, तो यह आंदोलन पूरे जिले में उग्र रूप लेगा।

पसे स्पष्ट मांगें निम्नलिखित हैं:

न्याय सुनिश्चित करना: इस घटना के सभी पीड़ितों को तत्काल न्याय प्रदान किया जाए।

निलंबन की कार्यवाही: घटना में संलिप्त दोषी पुलिसकर्मियों को उनकी कर्तव्यहीनता और बर्बरता के लिए तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित (Suspend) किया जाए।

FIR दर्ज करना: कानून का उल्लंघन करने वाले और मारपीट में शामिल आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।

निष्पक्ष जांच: इस पूरे प्रकरण की किसी उच्च अधिकारी द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भविष्य में वर्दी की आड़ में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर महिलाओं का जनआक्रोश

कटनी– गुरुवार को शहर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर महिलाओं का गुस्सा खुलकर प्रकट हुआ। बड़ी संख्या में महिलाओं ने “जन आक्रोश महिला सम्मेलन” में भाग लेकर इस अधिनियम के लंबित रहने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और सरकार से इसकी तात्कालिक स्वीकृति की मांग की। सम्मेलन के पश्चात महिलाओं ने काली पट्टी पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और जन आक्रोश महिला पदयात्रा आयोजित करते हुए अपनी बात रखी। इस वक्त महिलाओं ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाते हुए अधिनियम को जल्दी लागू करने की अपील की। कार्यक्रम में महापौर प्रीति संजीव सूरी, महिला एमआईसी सदस्य, पार्षद तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सम्मिलित मातृशक्ति ने इस कार्यक्रम को प्रभावशाली बना दिया। महापौर प्रीति संजीव सूरी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को अधिकार, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि देश का समग्र विकास महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है, इसलिए इसे जल्द से जल्द पारित होना चाहिए। महिला प्रतिभागियों ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समान अवसरों का एक मजबूत साधन है, लेकिन इसके लंबित रहने के कारण महिलाओं के अधिकारों पर असर पड़ रहा है। पूरे कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की एकजुटता और गुस्सा स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सम्मेलन और पदयात्रा के माध्यम से महिलाओं ने अपनी आवाज को उठाते हुए अधिनियम की तात्कालिक लागू करने की मांग को फिर से दोहराया।

कटनी-बीना मेमू ट्रेन में खूनी संघर्ष, अवैध वेंडरों ने यात्रियों पर किया हमला, एक घंटे तक खड़ी रही ट्रेन

कटनी। कटनी से बीना की दिशा में जा रही मेमू ट्रेन (संख्या 61620) शनिवार की शाम उस समय हंगामे का केंद्र बन गई, जब ट्रेन के अंदर अवैध विक्रेताओं और यात्रियों के बीच हिंसक झगड़ा शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि विक्रेताओं ने यात्रियों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और इसके साथ ही पथराव भी होने लगा। इस अफरातफरी के कारण ट्रेन बकलेहटा स्टेशन पर लगभग एक घंटे तक रुक गई।

विक्रेताओं
और यात्रियों के बीच टकराव
प्राप्त
जानकारी के अनुसार, कटनी से ट्रेन के चलने के कुछ समय बाद ही सालीया के अवैध विक्रेताओं और दमोह के यात्रियों के बीच किसी किसी मुद्दे पर बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक रूप धारण कर गया। आरोप है कि विक्रेताओं ने कुछ यात्रियों पर धारदार हथियार से बार-बार हमला किया, जिससे वे घायल हो गए।

बकलेहटा
स्टेशन पर स्थिति और बिगड़ी, इंजन में घुसे युवा
लगभग
7:30 बजे जब ट्रेन रीठी थाना क्षेत्र के बकलेहटा स्टेशन पर पहुंची, तो वहां माहौल और बिगड़ गया। हमले से उत्तेजित दमोह के कुछ युवक ट्रेन से उतरे और मेमू के इंजन में घुस गए। इस कारण ट्रेन चालक को सुरक्षा कारणों से ट्रेन रोकनी पड़ी और तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इस दौरान स्टेशन पर दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी होने लगी, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस
ने की कार्रवाई
जैसे ही
घटना की जानकारी मिली, रीठी थाने के प्रभारी मो. शाहिद पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के आते ही उपद्रव कर रहे असामाजिक तत्व अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत डायल 112 की सहायता से रीठी अस्पताल भेजा गया। पुलिस की सुरक्षा में लगभग एक घंटे की देरी के बाद रात 8:30 बजे ट्रेन को आगे चलने दिया गया। इस घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए कटनी से आरपीएफ और जीआरपी की टीमें रात में ही मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और अवैध वेंडिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हाईवे पर ‘अंधी हत्या’ का सनसनीखेज खुलासा: लिफ्ट मांगकर ट्रक में बैठे, शराब पी और फिर व्हील पाना से उतार दिया मौत के घाट

कटनी। स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ट्रक चालक की खून से सनी अवस्था में मिली शव की हत्या के रहस्य को पुलिस ने सुलझा लिया है। जांच में पता चला कि चालक ने रास्ते में तीन युवाओं को लिफ्ट दी थी, जिन्होंने पहले उसके साथ बैठकर शराब का सेवन किया और फिर पैसे मांगने लगे। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया और व्हील पाना से पीट-पीटकर उसकी जान ले ली।
पुलिस
अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुदेश कुमार के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने इस मामले का खुलासा किया।

हाईवे
पर गाड़ी में मिला था शव
पुलिस
ने बताया कि 10-11 अप्रैल की रात को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि छपरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन संख्या MP 20 GA 6242 में एक व्यक्ति खून में सना हुआ पड़ा है। घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने उसे अस्पताल पहुँचाया, जहाँ के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृत
व्यक्ति की पहचान राकेश दाहिया (42) निवासी खितौला, सिहोरा, जबलपुर के रूप में हुई, जो पेशे से चालक था।

CCTV और तकनीकी सबूतों से हुआ खुलासा
स्लीमनाबाद
थाना पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल से सबूत जुटाए, परिवार वालों और वाहन के मालिक से पूछताछ की, साथ ही विभिन्न स्थलों से CCTV फुटेज की जांच की। इस प्रक्रिया में संदिग्धों की पहचान की गई।

22 अप्रैल को एक मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोहित कोल (21) निवासी ग्राम बंधी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कहा कि उसने अपने साथी अमन चौबे उर्फ पंकज उर्फ भूत (22) और एक अन्य साथी मनोज के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। लिफ्ट देने की कीमत जान देकर चुकाई
आरोपियों
ने पुलिस को बताया कि वे चालक से लिफ्ट लेकर उसकी गाड़ी में बैठे थे। रास्ते में शराब पीते हुए पैसे मांगना शुरू कर दिया। जब चालक ने पैसे देने से मना किया, तब तीनों ने हाथ-मुक्कों और व्हील पाना से उस पर हमला किया, जिससे उसकी मृत्यु हुई।

हथियार
और मोबाइल confiscated
पुलिस
ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके घटनास्थल पर इस्तेमाल किया गया व्हील पाना और मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

बेक़ाबू ट्रक बना काल: लमतरा ब्रिज पर व्यक्ति की जान गई

कटनी : कुठला थाना इलाके में लमतरा पुल पर गुरुवार दोपहर एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। जानकारी के मुताबिक, इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

प्राप्त
विवरण के अनुसार, दुर्जनपुर (कैमोर) का निवासी विनोद विश्वकर्मा (45 वर्ष), जो फिलहाल लमतरा में रह रहे थे, 23 अप्रैल को दोपहर लगभग 12 बजे किसी काम से जा रहे थे, तभी लमतरा पुल पर एक तेज गति वाले ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि विनोद विश्वकर्मा की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

घटना
की जानकारी मिलते ही कुठला थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मृतक
की पत्नी उमा विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग क्रमांक 31/26 के तहत धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

इंद्रानगर कांड पर भड़का जनाक्रोश: पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम, नहीं तो सड़कों पर होगा निर्णायक संग्राम

कटनी। इंद्रानगर विवाह समारोह को लेकर अब मामला बेहद गंभीर हो गया है। शादी के आयोजन के दौरान बारातियों, महिलाओं और बच्चों पर कथित रूप से लाठीचार्ज और बर्बरता के कारण पूरे जिले में नाराजगी फैल गई है। पीड़ितों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाते हुए 72 घंटे का अल्टीमेटम जारी कर दिया है।

उन्होंने
स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस निर्दिष्ट समय सीमा में दोषी पुलिसकर्मियों और सिविल ड्रेस में शामिल हमलावरों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, तो कटनी में एक बड़ा जन आंदोलन होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। यह आरोप लगाया गया है कि इंद्रानगर में चल रहे विवाह समारोह में पुलिस ने बिना किसी उचित कारण के छापा मारा और बारातियों पर लाठियाँ चलाईं। इस दौरान पुरूषों के साथ-साथ महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को भी नहीं छोड़ा गया। कई लोग घायल हुए और कई को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जिस
परिवार में खुशी का माहौल था, वहां चीखें उठने लगीं। जिले भर के लोगों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बन गया है कि क्या विवाह समारोह भी अब एक अपराध बन गया है?



SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग
गुस्साए
नागरिकों ने इस घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत SC/ST एक्ट, मारपीट और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा, सिविल ड्रेस में शामिल हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का आग्रह भी किया गया है।

27 अप्रैल को होगा निर्णायक प्रदर्शन
ज्ञापन
में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि 26 अप्रैल तक न्याय नहीं मिलता है, तो 27 अप्रैल को दोपहर 3 बजे जिला मुख्यालय पर कड़ा धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन में सामाजिक संगठनों और आम जनता की बड़ी संख्या में भागीदारी का कार्यक्रम तैयार किया गया है।

पुलिस
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस
घटना के पश्चात अब पुलिस की भूमिका पर गंभीर संदेह उत्पन्न हो गए हैं। क्या दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है? क्या सिर्फ कुछ पुलिसकर्मियों को लाइन से हटाकर इस मामले को ठंडा करने की कोशिश की जा रही है? जनता जवाब चाहती है।

अब
प्रशासन पर है जिम्मेदारी
इंद्रानगर
मामला अब प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा बन चुका है। या तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, या फिर कटनी में लोग सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा प्रकट करेंगे।

रक्षक ही बने भक्षक कटनी में बारातियों को पीटा

कटनी जनता की सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस का असली रूप सोमवार की रात सामने आया। जब सुरक्षा देने वाले ही हिंसक होकर बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाने लगे। सीताराम वर्मा, जिनके पिता का नाम रतन लाल वर्मा है और जो ग्राम अमदरा, जिला मैहर के निवासी हैं, ने 20 अप्रैल 2026 को बारात के लिए मध्य रात्रि 1:30 बजे अमदरा से इंदिरा नगर कटनी की ओर प्रस्थान किया। बारातियों के साथ बस रात 10 बजे गल्ला मंडी के निकट पहुंच गई और दूल्हा जिस वाहन में आ रहा था, वह रास्ते में खराब हो गया, जिससे वह लगभग 2 घंटे की देरी से 12 बजे के पास पहुंचा और तब बारात का आगमन हुआ। बताया गया कि गल्ला मंडी से दुल्हन के घर की दूरी आधा किलोमीटर है, और बारात धैर्यपूर्वक लड़की के घर की ओर बढ़ रही थी। वे केवल 50 मीटर दूर थे, जब इंदिरा नगर चौराहा, जो दुल्हन के घर से 50 मीटर की दूरी पर है, पर बारात रुकी हुई थी और वहां से आगे बढ़ने की तैयारी कर रही थी। तभी कुठला थाना की पुलिस ने 112 और थाने की जीप के साथ चौराहे पर पहुंचकर बारातियों को धक्का देना शुरू कर दिया जबकि डीजे बज रहा था और बराती शांति के साथ आगे बढ़ रहे थे। बार-बार धक्का देने पर जब बारातियों ने विरोध किया, तो पुलिस ने लाठियों से उन पर हमला शुरू कर दिया।

कुछ बारातियों को मारने के बाद, बारात पुलिस पर भारी पड़ने लगी, जहां बारातियों ने पुलिस से शिकायत की कि यदि कोई गलती है या समस्या है तो बताएं, लेकिन पुलिस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और मारपीट करती रही। जब बारात के लोग उग्र हो गए, तब पुलिस अपनी गाड़ी लेकर थाने चली गई। बाराती तब लड़की के घर पहुंच गए और भोजन का आयोजन प्रारंभ हुआ। अचानक, कुठला थाना की पुलिस 10-12 लोगों के साथ डंडों से फिर से मारपीट करने लगी। जब बीचबचाव के प्रयास किए गए, तो पुलिस ने कहकर लाठीचार्ज किया कि यह सब गलत है। इस हमले के दौरान महिलाओं और बच्चों पर भी क्रूरता से हमले किए गए। बेंडर में कुछ का सिर फटा तो कुछ का हाथ टूट गया। घराती और बराती दोनों एक साथ शामिल थे, जबकि दुल्हन के भाई और मां को निर्दयतापूर्वक पीटा गया, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया।

रात लगभग 2:30 बजे दूल्हा और उसके छोटे भाई तथा चाचा के साथ भी बुरी तरह मारपीट की गई और दुल्हन और उसके भाई को थाने के नाम पर कहीं और ले जाया गया, जिससे शादी रुक गई। 21 को सुबह 4 बजे तीनों को रिहा किया गया और दुल्हन के भाई आकाश चौधरी, जिनके पिता का नाम परसदी लाल चौधरी है, तथा छोटे भाई राहुल चौधरी पर रात 5 बजे अवैध रूप से रिपोर्ट दर्ज कर दी गई। रात 3 बजे एंबुलेंस की मदद से पीड़ितों की संख्या 14 थी, जिन्हें सिविक अस्पताल कटनी ले जाया गया। एंबुलेंस में जगह न होने के कारण कुछ लोगों को ले जाया गया। फिर अस्पताल में डॉक्टर ने 8 लोगों का उपचार किया।

राहुल भैया ने कार्यकर्ताओं को दिया ‘संगठन मजबूती’ का मंत्र

कटनी। राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी तैयारी को ध्यान में रखते हुए, आज कटनी पहुंचे प्रमुख कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ‘राहुल भैया’ ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। आस्था प्लाजा में स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक पूरी तरह से पार्टी की आंतरिक संरचना को सुदृढ़ करने और कार्यकर्ताओं में नई प्रेरणा डालने पर केंद्रित थी।

बूथ
स्तर पर संगठन को सक्रिय बनाने पर चर्चा
बैठक
में अजय सिंह ने बताया कि किसी भी पार्टी की वास्तविक ताकत उसके स्थानीय कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने जिला और शहर इकाई के अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि भविष्य में पार्टी को हर स्तर पर सक्रिय होना आवश्यक है। इस बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया:
संगठनात्मक क्रियाकलाप: वार्ड और ग्राम स्तर पर समितियों का पुनर्गठन और उनकी गतिविधियों की समीक्षा की गई।
रणनीतिक योजना: भविष्य के राजनीतिक कार्यक्रमों को लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई।
कार्यकर्ता संवाद: वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि अनुभव और युवा ऊर्जा के समन्वय से ही संगठन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है।

चाका
बायपास पर एकजुटता का संकेत
इससे
पहले, कटनी पहुंचने पर चाका बायपास पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व विधायक सौरभ सिंह तथा शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राहुल भैया का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस स्वागत समारोह को संगठन की एकता का प्रतीक माना जा रहा है।

वरिष्ठ
नेताओं का अनुभव और नई रणनीति
बैठक
के बाद, अजय सिंह ने जिले के पुरानी और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के घर जाकर उनसे मुलाकात की। पार्टी के अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठों के दिशा निर्देश में संगठन को सशक्त बनाने की यह योजना भविष्य में बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी। इस दौरान जिले के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सक्रिय कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

कटनी पुलिस की ‘शैडो एरिया’ पर पैनी नजर: SP और ASP ने खुद संभाली कमान, सघन चेकिंग से अपराधियों में हड़कंप

कटनी | जिले में अपराधों को रोकने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कटनी पुलिस अब ‘एक्शन मोड’ में सक्रिय दिख रही है। पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा की अगुवाई में, जिले के पहचाने गए ‘शैडो एरिया’ (अपराध-प्रवण और एकांत स्थान) पर एक विशेष निगरानी अभियान की शुरुआत की गई है। सोमवार को, एसपी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. संतोष डेहरिया ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के लिए अचानक दौरा किया।

उच्च
अधिकारी मैदान में
पुलिस
अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा ने कुठला थाना क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों जैसे चमड़ा गोदाम, इंदिरा नगर, पन्नी कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर और लमतड़ा ओवर ब्रिज सहित कई ‘शैडो एरिया’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मैदान पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज किया जाए।
इसके
अलावा, एएसपी डॉ. संतोष डेहरिया ने माधव नगर क्षेत्र में स्थित अमकुही पहाड़ी, एसीसी, बंगला लाइन और अमीरगंज जैसे इलाकों में गश्ती दल को सतर्क रहने का आदेश दिया।

वाहनों
पर चला शिकंजा: ₹22,900 का वसूला गया जुर्माना
चेकिंग
अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
कुल
चेकिंग: 125 से अधिक वाहनों की गहन तलाशी की गई।
चालानी
कार्यवाही: हेलमेट नहीं पहनने, तीन सवारियों और नशे में गाड़ी चलाने वाले 42 वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
जुर्माना:
सभी उल्लंघनकर्ताओं से कुल 22,900 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

अवैध
गतिविधियों पर पुलिस का ‘सर्जिकल’ कार्रवाई
थाना
प्रभारी कुठला राजेंद्र मिश्रा और माधव नगर थाना प्रभारी संजय दुबे की अगुवाई में पुलिस की टीमों ने होटलों, लॉज और संदिग्ध ठिकानों की व्यापक जांच की। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों के बीच भय पैदा करना और आम जनता को सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना है।

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