दत्तक संतान को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार:

दत्तक संतान को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार: हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसलाइंदौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि दत्तक संतान को अनुकंपा नियुक्ति का पूरा अधिकार है। अदालत ने विभाग द्वारा दत्तक पुत्र को नौकरी देने से इनकार के आदेश को वैधता से बाहर करते हुए उसे निरस्त कर दिया और आवेदन पर पुनः विचार करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की एकलपीठ ने अपने फैसले में कहा कि यदि दत्तक संबंध वैध हैं, तो किसी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।पिता के निधन के बाद नियुक्ति नामंजूर की गई मंदसौर के निवासी मोहित गौड़ ने जिला मलेरिया अधिकारी के 10 दिसंबर 2021 के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। उनके दत्तक पिता, स्वर्गीय धर्मेंद्र पारिख, मलेरिया विभाग में Superior Field Worker (SFW) के पद पर कार्यरत थे और कोविड-19 संक्रमण के कारण 29 अप्रैल 2021 को उनका निधन हुआ था।याचिकाकर्ता ने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि गोद लेने का रजिस्टर्ड दस्तावेज मृत्यु से पहले प्रस्तुत नहीं किया गया था तथा उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी प्रदान नहीं किया गया।रजिस्टर्ड दत्तक पत्र अनिवार्य नहींअदालत ने स्पष्ट किया कि हिंदू दत्तक एवं भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत दत्तक ग्रहण के लिए रजिस्टर्ड adoption deed होना आवश्यक नहीं है। साथ ही, अनुकंपा नियुक्ति नीति में वंशानुक्रम प्रमाण पत्र के लिए कोई बाध्यता नहीं है।कोर्ट ने माना कि वर्ष 2020 में बनाया गया adoption deed इस बात का पर्याप्त प्रमाण है कि दत्तक ग्रहण कर्मचारी के जीवनकाल के दौरान ही हुआ था।विभागीय आदेश को बताया मनमानान्यायालय ने कहा कि संबंधित अधिकारी ने कानून की गलत व्याख्या करते हुए अतिरिक्त शर्तें लगाईं और “mechanical approach” अपनाई। इस आधार पर 10 दिसंबर 2021 का आदेश रद्द करते हुए विभाग को निर्देश दिया गया कि दत्तक संबंध को सही मानते हुए 60 दिनों के भीतर नियुक्ति पर नया निर्णय लिया जाए।यह निर्णय अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित मामलों में दत्तक संतानों के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।

ग्रामीणों को नहीं मिलेगा मुफ्त पानी, हर महीने देना होगा 100 रुपये शुल्क


भोपाल/
मध्य प्रदेश के ग्रामीण हिस्सों में जल जीवन मिशन के तहत एकल नल-जल योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने का उद्देश्य रखा गया है। आशंका है कि इसी महीने ये योजनाएं पूरी हो जाएंगी, जिसके बाद पानी की सप्लाई नियमित रूप से प्रारंभ की जाएगी। हालांकि, अब इन योजनाओं के प्रबंधन और देखभाल के लिए ग्रामीणों को पानी निःशुल्क नहीं मिलेगा।

मई
से लागू होगी नई व्यवस्था
लोक
स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के मुताबिक, अप्रैल के अंत तक एकल नल-जल योजनाओं का कार्य सौ प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। ‘मध्य प्रदेश पंचायत ग्रामीण नल-जल योजना संचालन-संधारण एवं प्रबंधन नीति 2026’ के तहत उपभोक्ताओं से मासिक शुल्क लिया जाएगा। यह व्यवस्था मई से लागू होने की योजना है।
किसे
कितना देना होगा शुल्क (प्रति माह):
सामान्य
ग्रामीण परिवार: 100 रुपये
जनजातीय
विकासखंड के गांव: 60 रुपये
मास्टर
प्लान वाले गांव: 120 रुपये
स्कूल,
आंगनबाड़ी, पंचायत भवन: 200 रुपये
व्यावसायिक
संस्थान: 500 रुपये

औद्योगिक
इकाइयां खपत के आधार पर बिल
कनेक्शन
के लिए भी देना होगा पैसा नई नीति में नल कनेक्शन का शुल्क भी निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति परिवारों को 1000 रुपये और अन्य परिवारों को 2500 रुपये देने होंगे। सार्वजनिक संस्थानों के लिए यह शुल्क 5000 रुपये, औद्योगिक संस्थानों के लिए 10,000 रुपये और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए 8000 रुपये तय किया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने पहले बिना शुल्क के कनेक्शन प्राप्त किए थे, उन्हें भी यह राशि किस्तों में चुकानी होगी।

मिशन
की बढ़ी अवधि
केंद्र
सरकार ने जल जीवन मिशन की समय सीमा मार्च 2024 से बढ़ाकर अब दिसंबर 2028 कर दी है। इसे ‘जल जीवन मिशन 2.0’ के रूप में पुनर्गठित किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 28 हजार से अधिक एकल योजनाएं और 147 समूह नल-जल योजनाओं पर कार्य चल रहा है।

विजयराघवगढ़ में हाईवा की टक्कर से महिला की मौत

रफ्तार का कहर: विजयराघवगढ़ में हाईवा की टक्कर से महिला की मौत, जिले में कई अन्य घायलकटनी। जिले की सड़कें उन भारी वाहनों की बेजाग गति से एक बार फिर एक परिवार की खुशियों को छीनने का काम कर रही हैं। विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक बेहद दुखद सड़क दुर्घटना में 50 वर्षीय महिला की जान चली गई। इसके अलावा, रंगनाथनगर और बड़वारा में भी तेज गति से हुई दुर्घटनाओं में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।विजयराघवगढ़: हाईवा ने लिया आनन्दरानी की प्राणविजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के देवसरी गांव के निकट एक सबसे दुखद घटना घटी। यहाँ इंदौर-महानदी पुल के पास अनिल पटेल के खेतों के निकट, तेज गति से चलाने वाला हाईवा डम्फर (क्रमांक MP04HE 3517) के चालक ने लापरवाही से चलते हुए 50 वर्षीय आनन्दरानी उर्फ आनंदी बाई को जोरदार टक्कर दे दी। नतीजा: टक्कर इतनी भयंकर थी कि आनन्दरानी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। मृतक महिला का संबंध शाहनगर जिला पन्ना से बताया गया है। पुलिस की कार्रवाई: विजयराघवगढ़ पुलिस ने आरोपी डम्फर चालक के खिलाफ धारा 106(1) बीएनएस (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया है और वाहन को जब्त करने की प्रक्रिया में जुट गई है।रंगनाथनगर और बड़वारा में भी पेश आए हादसेजिले के अन्य क्षेत्र में भी रफ्तार का आतंक देखने को मिला: रंगनाथनगर: यहाँ आस्था प्लाजा के पास एक अनजान वाहन ने लापरवाही से चलाते हुए लकी वर्मा को टक्कर दी, जिससे वे घायल हो गए। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बड़वारा: ग्राम जगतपुर उमरिया रेलवे पुलिया के पास एक मोटरसाइकिल (MP-21-ZE-7758) का चालक तेज गति के कारण संतुलन खोकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस घटना में विवेकानंद परौहा और खिलौना साहू को चोटें आई हैं। पुलिस ने वाहन चालक के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।

स्लीमनाबाद पुलिस को दो गुमशुदा नाबालिक बालिकाओं

6 अप्रैल, 2026 को पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने भोपाल में चल रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत अपहृत बच्चों की तलाश के लिए निर्देश जारी किए। इन निर्देशों का पालन करते हुए, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और अनुविभागीय अधिकारी स्लीमनाबाद आकांक्षा चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में और थाना प्रभारी स्लीमनाबाद सुदेश कुमार की अगुवाई में स्लीमनाबाद थाने की पुलिस ने स्लीमनाबाद क्षेत्र में1. अप. क्र. 162/2026 धारा 137(2) बी. एन. एस.2. अप. क्र. 194/2026 धारा 137(2) बी. एन. एस.के मामलों में लापता दो नाबालिक लड़कियों को सुरक्षित रूप से खोज निकाला। उन्हें बरामद करने के बाद, लड़कियों को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।पुलिस कार्यवाही में शामिल सभी सदस्यों की भूमिकाइस कार्यवाही में निरीक्षक सुदेश कुमार, उप निरीक्षक काशीराम झारिया, वरिष्ठ उप निरीक्षक जुबेर अली, वरिष्ठ उप निरीक्षक मानकी धुर्वे, प्रेम पटेल, लखन पटेल, नेहा भट्ट और आशीष कुमार की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। स्लीमनाबाद पुलिस ने दो लापता नाबालिक लड़कियों को सफलतापूर्वक ढूंढने में सफलता हासिल की।

विधायक संजय पाठक अपराधिक अवमानना मामले में तलब

मप्र उच्च न्यायालय ने आपराधिक अवमानना के मामले में भाजपा विधायक संजय पाठक को बुलाया है। उन्होंने एक हलफनामा देकर अपनी गलती स्वीकार कर बिना किसी शर्त के माफी मांगी। अदालत ने नोटिस जारी कर उनकी व्यक्तिगत उपस्थिती के लिए कहा। यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप से संबंधित है, जिसकी सुनवाई चल रही है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायाधीश विनय सराफ की बेंच ने इस आपराधिक अवमानना मामले की सुनवाई करते हुए विधायक संजय पाठक को तलब किया है। सुनवाई के दौरान, उन्होंने हलफनामा पेश करते हुए अपनी गलती को स्वीकार कर बिना शर्त माफी मांगी। बेंच ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया और भाजपा विधायक को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया। ध्यान देने योग्य बात यह है कि कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि विधायक संजय पाठक से जुड़ी एक कंपनी के खिलाफ अवैध उत्खनन के मामले पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विशाल मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को सुनवाई से मना कर दिया था। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क कर पाने का प्रयास किया। इस कारण से, उन्होंने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। जस्टिस विशाल मिश्रा ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने का निर्णय लिया था। उन्होंने इस मामले को प्रशासनिक स्तर पर मुख्य न्यायाधीश के सामने भेजने का निर्देश भी दिया। याचिका में दर्शाया गया था कि याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। याचिका दायर करने का कारण यह था कि उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। विधायक की यह कार्रवाई न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करने और इसकी गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाली है। न्यायिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करना आपराधिक अवमानना में आता है। उच्च न्यायालय ने 2 अप्रैल को याचिका का निपटारा करते हुए भाजपा विधायक के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए निर्देश जारी किया था।

सोमवार
को आपराधिक अवमानना की सुनवाई में भाजपा विधायक द्वारा पेश हलफनामे में बताया गया कि वे अपनी गलती को मानते हुए बिना शर्त माफी मांग रहे हैं। उन्होंने फोन पर संपर्क करते समय केवल अपना नाम ही दिया था। गलती का अहसास होने पर उन्होंने तुरंत फोन काट दिया। इस मामले में एक राजनीतिक प्रतिकूल द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी। भाजपा विधायक की ओर से पक्ष रख रहे पूर्व अटॉर्नी जनरल और वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने सफाई दी कि आपराधिक अवमानना के लिए दंड का प्रावधान तब होता है जब गलती गंभीर हो या संबंधित व्यक्ति अपनी गलती को मानने से इनकार करे। भाजपा विधायक ने बिना शर्त माफी के अपने संज्ञान के अनुसार हलफनामा प्रस्तुत किया है। सुनवाई के बाद बेंच ने उक्त आदेश जारी किए।

बेलगाम शराब ठेकेदारों पर कब कसेगा कानूनी शिकंजा?

बेलगाम शराब ठेकेदारों पर कब कसेगा कानूनी शिकंजा?

आबकारी
विभाग की मिलीभगत से चल रहा अवैध कारोबार
कटनी
में अवैध शराब बिक्री का खेल, ठेकेदार की गुंडागर्दी

कटनी/खिरहनी:
दुर्गा चौक पर स्थित एक शराब की दुकान में गुंडों के डर से ग्राहकों को अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है। इसके अलावा, ठेकेदार एक सुनियोजित तरीके से अवैध शराब की बिक्री हेतु नापाक गतिविधियों की योजना बना रहा है।



सूत्रों
के अनुसार, ठेकेदार अवैध कारोबार को संचालित करने के लिए काफी बड़ी राशि पगड़ी के तौर पर जमा करवा रहा है। आरोप है कि आबकारी विभाग की सहायता से यह अवैध कारोबार जारी है। शराब की दुकान पर न तो कोई मूल्य सूची है और न ही ग्राहकों को बिल प्रदान किया जा रहा है।

लोगों
से बिना किसी डर के लूटपाट की जा रही है, जबकि प्रशासन गहरी नींद में है। उच्च अधिकारियों से यह आग्रह किया जा रहा है कि वे जनता के हित में शराब दुकान संचालक के खिलाफ कठोर कदम उठाएं।

रेत का अवैध परिवहन करते ट्रैक्टर ट्राली जप्त

श्री अभिनय विश्वकर्मा जी के मार्गदर्शन में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय, तथा श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ संतोष डेहरिया और श्रीमान एसडीओपी महोदय श्रीमती आकांक्षा चतुर्वेदी, और श्रीमान टीआई महोदय ढीमरखेड़ा अभिषेक चौबे के नेतृत्व में आज एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। आज 6/04/26 को एक मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि थाना ढीमरखेड़ा क्षेत्र में बहने वाली महानदी के मोहदी घाट पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से रेत निकाली जा रही है। मुखबिर की जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई और मौके पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली रेत समेत पकड़ी गई, जिसमें बिना नंबर के नीले रंग का ट्रैक्टर अवैध रेत के परिवहन के लिए चालक राम विशाल कोल पिता सकोरी कोल उम्र 26 साल, निवासी ग्राम महोदा के साथ पकड़ा गया, जिसने रेत के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाया। पुलिस ने अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को चालक से जब्त कर कानूनी कार्रवाई की। जब्त किए गए ट्रैक्टर का स्वामित्व विनोद रजक पिता चंद्रिका प्रसाद रजक निवासी महोदा का निकला। इस मामले में रेत के अवैध खनन के संदर्भ में खनिज अधिनियम और उससे जुड़े नियमों के तहत कार्यवाई की गई है। थाना प्रभारी ढीमरखेड़ा अभिषेक चौबे ने जानकारी दी कि पुलिस रेत माफियाओं और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रखेगी। किसी भी अवैध गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस अभियान में प्रधान आरक्षक सुबच्चन यादव, आरक्षक पंकज, डूमन और गंधर्व की गतिविधियाँ शामिल थीं।

जिले में हार्वेस्टर के लिए स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य कलेक्टर

कटनी। जिले में नरवाई जलाने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष तिवारी ने खेतों की फसल काटने वाले कम्बाईन हार्वेस्टर में स्ट्रॉ प्रबंधन प्रणाली का होना अनिवार्य किया है।

कटना

कलेक्टर
ने अपने आदेश में कहा कि यदि हार्वेस्टर में स्ट्रॉ प्रबंधन प्रणाली नहीं है, तो हार्वेस्टर का मालिक बेलर की व्यवस्था करेंगा ताकि फसल के अवशेषों का सही से प्रबंधन किया जा सके। इस आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित हार्वेस्टर मालिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

यह
उल्लेखनीय है कि उपसंचालक किसान कल्याण और कृषि विकास तथा सहायक कृषि यंत्री ने कलेक्टर तिवारी को यह जानकारी दी थी कि जिले में फसल कटाई के लिए उपयोग होने वाले हार्वेस्टर बिना स्ट्रॉ प्रबंधन प्रणाली के चलाए जा रहे हैं। इस स्थिति के कारण फसल अवशेषों को जलाने की घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जबकि जिले में नरवाई जलाना पूरी तरह से वर्जित है। कलेक्टर तिवारी ने सहायक कृषि यंत्री को निर्देश दिया है कि वे जिले में मौजूद और बाहर से आने वाले सभी कम्बाईन हार्वेस्टर मालिकों को सूचित करें तथा आदेश के उल्लंघन पर दंडात्मक कार्रवाई को सुनिश्चित करें।

कटनी में शासकीय स्कूल में लगे भाजपा के झंडे।

कटनी जिले के बरही नगर परिषद में स्थित सरकारी विद्यालय के प्रवेश द्वार पर सोमवार के दिन भाजपा के झंडे लहराते हुए देखे गए। इस शासकीय संस्थान के परिसर में राजनीतिक दल के झंडों का प्रदर्शन करने से क्षेत्र में विवाद उत्पन्न हो गया।आजाद समाज पार्टी काशीराम ने इस घटना को नियमों का उल्लंघन करार देते हुए कड़ा विरोध प्रकट किया है। जैसे ही यह मामला संज्ञान में आया, जिला शिक्षा विभाग ने जांच का आदेश जारी किया।शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण करने का आरोप जय सूर्यवंशी ने इसे ‘शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण’ के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि पूरी तरह निषिद्ध है और स्कूल के गेट पर झंडा लगाना अनुशासनहीनता मानी जाएगी।सूर्यवंशी ने इस कृत्य के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करके उन पर त्वरित कानूनी कदम उठाने की मांग की है।डीईओ ने स्कूल प्राचार्य को दिए निर्देशमामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने संबंधित विद्यालय के प्राचार्य को निर्देश दिया कि वे मुख्य द्वार से सभी राजनीतिक झंडे हटाएं। डीईओ ने कहा कि शासकीय परिसर में इस प्रकार की गतिविधि गंभीर लापरवाही मानी जाएगी और इसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाईशिक्षा विभाग अब इस पर विस्तृत जांच कर रहा है कि स्कूल के मुख्य द्वार पर झंडे किसने और कैसे लगाए। जिला शिक्षा अधिकारी अग्रहरी ने बताया कि जैसे ही जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अमकुही रोड झिंझरी क्षेत्र में पूरे शहर का कचरा डंप

कटनीः कलेक्टर के आवास के ठीक पीछे और अमकुही रोड झिंझरी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा पूरे शहर का कचरा लगातार फेंका जा रहा है। इससे आस-पास रहने वाले लोगों के लिए साँस लेना भी कठिन हो गया है। बदबू, मक्खियों और मच्छरों की भरमार और स्वास्थ्य संबंधी खतरों के कारण लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि अवैध भूखंडों के मामले में यह पूरा मामला चल रहा है। कचरे के ढेरों से क्षेत्र गंदगी से भर गया है, जबकि कलेक्टर के निवास के इतने नज़दीक इस तरह की लापरवाही देखकर लोग हैरान हैं।स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने यह अनुरोध किया है कि कचरा डालने की प्रक्रिया तुरंत बंद की जाए और अवैध भूखंडों पर कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके।यह समस्या काफी समय से विद्यमान है, लेकिन अब लोगों की सहनशीलता की सीमाएं टूटने लगी हैं। जिला प्रशासन और नगर निगम को इस संकट को गंभीरता से लेना चाहिए, अन्यथा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

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