कटनी में शासकीय स्कूल में लगे भाजपा के झंडे।

कटनी जिले के बरही नगर परिषद में स्थित सरकारी विद्यालय के प्रवेश द्वार पर सोमवार के दिन भाजपा के झंडे लहराते हुए देखे गए। इस शासकीय संस्थान के परिसर में राजनीतिक दल के झंडों का प्रदर्शन करने से क्षेत्र में विवाद उत्पन्न हो गया।आजाद समाज पार्टी काशीराम ने इस घटना को नियमों का उल्लंघन करार देते हुए कड़ा विरोध प्रकट किया है। जैसे ही यह मामला संज्ञान में आया, जिला शिक्षा विभाग ने जांच का आदेश जारी किया।शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण करने का आरोप जय सूर्यवंशी ने इसे ‘शिक्षा के मंदिर का राजनीतिकरण’ के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि पूरी तरह निषिद्ध है और स्कूल के गेट पर झंडा लगाना अनुशासनहीनता मानी जाएगी।सूर्यवंशी ने इस कृत्य के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करके उन पर त्वरित कानूनी कदम उठाने की मांग की है।डीईओ ने स्कूल प्राचार्य को दिए निर्देशमामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरी ने संबंधित विद्यालय के प्राचार्य को निर्देश दिया कि वे मुख्य द्वार से सभी राजनीतिक झंडे हटाएं। डीईओ ने कहा कि शासकीय परिसर में इस प्रकार की गतिविधि गंभीर लापरवाही मानी जाएगी और इसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।जांच के आधार पर होगी सख्त कार्रवाईशिक्षा विभाग अब इस पर विस्तृत जांच कर रहा है कि स्कूल के मुख्य द्वार पर झंडे किसने और कैसे लगाए। जिला शिक्षा अधिकारी अग्रहरी ने बताया कि जैसे ही जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अमकुही रोड झिंझरी क्षेत्र में पूरे शहर का कचरा डंप

कटनीः कलेक्टर के आवास के ठीक पीछे और अमकुही रोड झिंझरी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा पूरे शहर का कचरा लगातार फेंका जा रहा है। इससे आस-पास रहने वाले लोगों के लिए साँस लेना भी कठिन हो गया है। बदबू, मक्खियों और मच्छरों की भरमार और स्वास्थ्य संबंधी खतरों के कारण लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि अवैध भूखंडों के मामले में यह पूरा मामला चल रहा है। कचरे के ढेरों से क्षेत्र गंदगी से भर गया है, जबकि कलेक्टर के निवास के इतने नज़दीक इस तरह की लापरवाही देखकर लोग हैरान हैं।स्थानीय लोगों ने नगर निगम और जिला प्रशासन से तात्कालिक कार्रवाई की अपील की है। उन्होंने यह अनुरोध किया है कि कचरा डालने की प्रक्रिया तुरंत बंद की जाए और अवैध भूखंडों पर कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि स्थानीय निवासियों को राहत मिल सके।यह समस्या काफी समय से विद्यमान है, लेकिन अब लोगों की सहनशीलता की सीमाएं टूटने लगी हैं। जिला प्रशासन और नगर निगम को इस संकट को गंभीरता से लेना चाहिए, अन्यथा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

गांव ककरेहटा में सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही

जिले की बहोरीबंद तहसील के गांव ककरेहटा में सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहां शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर हितग्राहियों को घटिया गेहूं दिया गया जिसमें मिट्टी और कंकड़ मिले थे। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसने खाद्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या
है पूरा मामला?

शनिवार
की शाम को राशन वितरण के दौरान सेल्समैन पूरन रैकवार ने बेहद निम्न गुणवत्ता वाले गेहूं की एक बोरी उपभोक्ताओं को दी। इस गेहूं में भारी मात्रा में मिट्टी और कंकड़ पाए गए, जिसे देखकर हितग्राही भड़क उठे।

हितग्राहियों
का आरोप

स्थानीय
निवासी दुर्गेश चौधरी ने आरोप लगाया कि उन्हें दिया गया गेहूं पूरी तरह से मानकों के विपरीत था और यह गरीबों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर समस्या है। उन्होंने यह भी बताया कि इस दुकान पर पहले भी कई बार इस तरह का खराब राशन बांटा गया है।

विरोध
के बाद मचा हड़कंप

घटना
का वीडियो बनते ही राशन दुकान में अफरा-तफरी उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों के तीव्र विरोध के बाद तुरंत उस खराब गेहूं के वितरण को रोका गया और जिन लोगों को वह अनाज दिया गया था, उनसे वापस ले लिया गया।

सेल्समैन
की सफाई

सेल्समैन
पूरन लाल रैकवार ने इसे एक बोरी की गलती बताते हुए कहा कि जैसे ही खराब गेहूं की पहचान हुई, उसे अलग कर दिया गया और बांटा गया अनाज भी वापस लिया गया।

विभागीय
दावों पर सवाल

यह
घटना खाद्य विभाग और नागरिक आपूर्ति प्रणाली की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाती है। यदि गोदाम से राशन दुकानों तक अनाज की गुणवत्ता की जांच नहीं की जा रही है, तो गरीबों के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी? ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बहोरीबंद थाने का कार्यभार ग्रहण किया विजय विश्वकर्मा ने

विजय विश्वकर्मा ने बहोरीबंद थाने का कार्यभार ग्रहण किया
पूर्व कोतवाली
और माधव नगर थाने के प्रभारी रह चुके निरीक्षक विश्वकर्मा, कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने को प्राथमिकता देंगे कटनी/ बहोरीबंद थाने में हाल ही में हुए प्रशासनिक परिवर्तन के बाद रविवार को नए थाना प्रभारी विजय विश्वकर्मा ने अपनी जिम्मेदारियों को ग्रहण किया है। यह ध्यान देने योग्य है कि पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा द्वारा कुछ दिनों पहले की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत पूर्व थाना प्रभारी अखिलेश दहिया को लाइन अटैच किया गया था और एक आरक्षक को निलंबित किया गया, जिसके फलस्वरूप यह पद खाली रह गया था।
अनुभवी
अधिकारी को मिली नई ज़िम्मेदारी निरीक्षक विजय विश्वकर्मा कटनी जिले की भौगोलिक स्थिति और कार्यशैली से अच्छी तरह से वाकिफ हैं। उन्होंने पहले जिला मुख्यालय के कोतवाली और माधव नगर जैसे संवेदनशील थाने के प्रभारी के रूप में एक लंबा और सार्थक कार्यकाल बिताया है। कुछ समय पहले, उनका जबलपुर से कटनी जिले में स्थानांतरण हुआ था और वे पुलिस लाइन में तैनाती के इंतजार में थे।
जनता
की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा पदभार ग्रहण करने के बाद निरीक्षक विजय विश्वकर्मा ने बताया कि क्षेत्र में एक सुरक्षित वातावरण बनाना और कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाना उनकी मुख्य प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी कहा कि थाने में आने वाले सभी फरियादियों की सुनवाई की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान मौके पर ही करने की कोशिश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पुलिस अवैध गतिविधियों और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

CBSE का बड़ा फैसला

अब स्कूलों में खत्म होगी अंग्रेजी की अनिवार्यता,थ्री-लैंग्वेज’ फॉर्मूले में पढ़नी होंगी 2 भारतीय भाषाएं
नई
दिल्ली/ देश के शिक्षा तंत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत भाषाओं के चयन के नियमों में बड़ा संशोधन किया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब स्कूलों में अंग्रेजी का अध्ययन आवश्यक नहीं रहेगा। इसकी जगह, विद्यार्थियों को ‘तीन भाषा फॉर्मूला’ के अनुसार कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करना अनिवार्य होगा।
​सत्र
2026-27 से लागू होगी व्यवस्था CBSE द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह नई प्रक्रिया कक्षा 6 से शिक्षा सत्र 2026-27 से लागू की जाएगी। इसे वर्ष 2034 तक कक्षा 10 में पूरी तरह से लागू करने की योजना है। इस परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं को महत्व देना और विद्यार्थियों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना है।
​क्या
है नया ‘भाषा फॉर्मूला’ (R1, R2, R3)?
बोर्ड
ने भाषाओं को तीन श्रेणियों में बांट दिया है: R1 (प्राथमिक भाषा): वह भाषा जो छात्र की मातृभाषा या स्थानीय भाषा है।
R2 (दूसरी भाषा): अनिवार्य रूप से कोई एक भारतीय भाषा (जैसे हिंदी, संस्कृत, मराठी आदि)। R3 (तीसरी भाषा): इसमें विद्यार्थी अंग्रेजी या किसी अन्य विदेशी भाषा (जर्मन, फ्रेंच आदि) का चयन कर सकते हैं, लेकिन यह अब वैकल्पिक होगी।
​संस्कृत
और क्षेत्रीय भाषाओं को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों
का मानना है कि इस निर्णय के कारण संस्कृत सबसे प्रमुख विकल्प बनकर उभरेगी, क्योंकि ज्यादा से ज्यादा स्कूलों में इसके शिक्षक और सामग्री पहले से ही मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त, पंजाबी, बंगाली, तमिल और तेलुगु जैसी स्थानीय भाषाओं के लिए भी स्कूलों में नए अवसर उत्पन्न होंगे।
स्कूलों
के सामने संसाधनों की चुनौती
इस
नीति को लागू करना विद्यालयों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। विशेषकर शहरी क्षेत्रों में, जहां बहुभाषी छात्र होते हैं, दूसरे भारतीय भाषा का चुनाव करना और योग्य शिक्षकों की व्यवस्था करना एक कठिन कार्य साबित हो सकता है। हालांकि, शिक्षाविदों का मानना है कि अंग्रेजी की अनिवार्यता समाप्त होने से छात्रों पर मानसिक तनाव कम होगा और वे अपनी इच्छानुसार भाषाएं सीख सकेंगे।

IPL सट्टे के खिलाफ कोतवाली पुलिस का बड़ा ‘क्लीन स्वीप’: शहर के 6 ठिकानों पर दबिश

IPL सट्टे के खिलाफ कोतवाली पुलिस का बड़ा ‘क्लीन स्वीप’: शहर के 6 ठिकानों पर दबिश, ‘सिल्वर एक्सचेंज’ आईडी से चल रहा था सट्टे का बड़ा खेल
कटनी।
आईपीएल के आरंभ होते ही सट्टे का अवैध कारोबार शहर में फैलने लगा था, लेकिन रविवार रात कोतवाली पुलिस ने इस नेटवर्क पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने रात भर शहर के 6 विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में छापे मारे और आईपीएल सट्टा चला रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में ऑनलाइन आईडी ‘सिल्वर एक्सचेंज’ के माध्यम से करोड़ों रुपये के दांव लगाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है।

बजाज
पैथोलॉजी और संतोषी माता मंदिर के पास ‘स्ट्राइक’
पुलिस
की टीम ने पहली कार्रवाई नई बस्ती में बजाज पैथोलॉजी के निकट की, जहां पंकज उर्फ हेमंत खटीक (34) को मोबाइल पर सट्टा खेलते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि कटनी के प्रमुख व्यक्ति विजय उर्फ लल्लू नागवानी और राहुल छावड़ा का भी इस कारोबार में involvement था। साथ ही, संत नगर (संतोषी माता मंदिर) के पास पुलिस ने विक्की पुरुषवानी (40) को गिरफ्तार किया। उसकी मोबाइल जांच में ‘SILVER EXCH ID’ मिली, जिसके जरिए वह सट्टा खिलवा रहा था। इस मामले में पिंका उर्फ रविंद्र आडवाणी और समीर गंगवानी उर्फ डेविड का नाम भी सामने आया।

बस
स्टैंड और सर्कस मैदान: RCB-CSK मैच पर लग रहे थे दांव
कार्रवाई
का दूसरा चरण बस स्टैंड और सर्कस मैदान में जारी रहा। बस स्टैंड गैस गोदाम के पास आजाद अहमद को पकड़ा गया, जो मोबाइल पर RCB बनाम CSK मैच के सट्टे में लिप्त था। उसके पास से ₹200 की नकदी और मोबाइल बरामद किया गया। वहीं, सर्कस मैदान से साजिद अली गिरफ्तार हुआ, उसके पास आईपीएल सट्टे का हिसाब-किताब और ₹150 नगद, साथ में मोबाइल मिला। LIC ऑफिस और शंभू टॉकीज के पास घेराबंदी
पुलिस
ने LIC ऑफिस के पीछे छापेमारी करते हुए राम निषाद (35) को गिरफ्तार किया, जो नई बस्ती का निवासी है। आरोपी के पास से ₹8000 का एंड्रॉयड मोबाइल और सट्टे के स्क्रीनशॉट की प्रतियां के साथ ₹1200 नगद बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि वह माधवनगर के राहुल छावड़ा के साथ मिलकर सट्टे का संचालन कर रहा था। अंतिम कार्रवाई शंभू टॉकीज के पास की गई, जहां विजय मूलचंदानी को वीवो कंपनी के मोबाइल के साथ आईपीएल पर हार-जीत का सट्टा लगाते पकड़ा गया।

इन
धाराओं में दर्ज हुए मामले
कोतवाली
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ 4(ए) सार्वजनिक जुए के अधिनियम (सट्टा एक्ट) और भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 49 के तहत मामले दर्ज किए हैं।

बड़वारा में शराब दुकान हटाओ प्रदर्शन

बड़वारा में शेर चौक दुर्गा मंदिर के समीप शराब भट्टी को तुरंत हटाने के लिये मुख्यमंत्री एवं जिला कलेक्टर के नाम नायव तहसीलदार हर्षराम टेके को स्थानीय लोगों ने सम्बोधित ज्ञापन सौपा है। कार्यकर्ताओ ने ज्ञापन के दौरान बताया कि शराब दुकान के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शराब भट्टी के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों का घर से निकलना दुश्वार हो रहा है।शरात्र दुकान संचालित होने से शराब पीकर निकलने वाले व्यक्ति नशे की हालत में मंदिर आने-जाने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ अत्यंत अभद्र औरअश्लील भाषा का प्रयोग करते हैं। क्षेत्र में आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और छोटी-मोटी चोरी की घटनाओ में बढ़ोतरी हो रही हैं। मदिरा दुकान के पास धार्मिक स्थल दुर्गा मंदिर होने के कारण युवाओं और बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है।गरीब मजदूर वर्ग अपनी कमाईका बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च कर रहा है, जिससे उनके परिवार भुखमरी की कगार पर हैं। शासन के नियमों के अनुसार किसी भी शराब दुकान की दूरी धार्मिक स्थल से कम से 50-100 मीटर होनी चाहिए। किन्तु वर्तमान दुर्गा मंदिर के समीप संचालित शराब दुकान लगभग 40 से 50 मीटर की दूरीपर स्थित है। इससे न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुँच रही है। सौंपे गए ज्ञापन में यह भी बताया गया कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित की जा रही है, वह पूर्णतः शासकीय भूमि है। उक्त भूमि पर माफिया/अतिक्रमणकारी द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर मकान का निर्माण किया गया है और अब उस अवैध निर्माण का व्यावसायिक उपयोग शराब बेचने के लिए किया जा रहा है। जो भू-राजस्व नियमों का खुला उल्लंघन है। ज्ञापन के दौरान-जय सूर्यवंशी, नागेंद्र अहिरवार, अरविन्द सिंह, अजमेर, दलपत, धनेंद्र, रामखिलवान, रमेश, रमन, प्रीतम, अनुज, राजा, लक्ष्मी, पंकज, दिनेश, आदि लोगों की मौजूदगी रही

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