katni news today शासकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राओं का भव्य सम्मान राष्ट्रीय-राज्य स्तर पर चमकीं कटनी की बेटियाँ

शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी की छात्राओं ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन से महाविद्यालय का नाम उजागर किया है। प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात की कुशल नेतृत्व और सांस्कृतिक एवं युवा उत्सव प्रभारी डॉ. रंजना वर्मा के समन्वय में छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया।

अंतर-विश्वविद्यालयीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में, जो औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में आयोजित हुई, छात्राओं ने रानीदुर्गावती विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए नृत्य, नाटक, गायन और माइम जैसी कई विधाओं में अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

राज्य स्तरीय युवा उत्सव प्रतियोगिता में, जो सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन (मध्य प्रदेश) में संपन्न हुई, छात्राओं ने नृत्य और नाटक के क्षेत्र में हिस्सा लिया। नाटक प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्राओं ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर एक ऐतिहासिक सफलतानुमा उपलब्धि दर्ज की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय विधायक श्री संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल ने छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने उन्हें प्रमाण-पत्र और शील्ड प्रदान किए तथा अपने संबोधन में उनकी प्रतिभा की प्रशंसा करते हुए हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन दिया।

प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने छात्राओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत और लगातार अभ्यास का नतीजा है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसी सफलताएं हासिल करने की प्रेरणा दी।

ये उपलब्धियां न केवल महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय हैं, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन रही हैं। छात्राओं की ये सफलताएं मध्य प्रदेश और रानीदुर्गावती विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक होंगी।

इस अवसर पर विविध वरिष्ठ प्राध्यापक एवं शिक्षकों की उपस्थिति रही, जिनमें डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, श्री के.जे. सिन्हा, डॉ. आर.के. गुप्ता, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अमिताभ पाण्डेय, डॉ. वीणा सिंह, श्रीमती बंदना मिश्रा, डॉ. रोशनी पाण्डेय, डॉ. अर्पित द्विवेदी, सुश्री मिथलेश्वरी, सुश्री शिल्पी कुमारी सिंह, श्री नागेंद्र यादव, श्री पंकज सेन, डॉ. अशुतोष द्विवेदी, डॉ. अनिल द्विवेदी, डॉ. रीना मिश्रा, डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. संजयकांत भारद्वाज, श्री भीम बर्मन, श्री प्रेमलाल कॉवरे, डॉ. फूलचंद कोरी, श्रीमती प्रियंका सोनी, श्रीमती स्मृति दहायत, श्रीमती सृष्टि श्रीवास्तव, श्री आंजनेय तिवारी, श्री विनीत सोनी, श्रीमती नम्रता निगम, डॉ. सोनिया कश्यप, श्रीमती आरती वर्मा, डॉ. श्रद्धा वर्मा, श्रीमती रिचा दुबे, श्रीमती श्वेता कोरी, श्रीमती देववती चक्रवर्ती, डॉ. मैत्रयी शुक्ला, डॉ. प्रतिमा सिंह, श्रीमती रत्नेश कुशवाहा, डॉ. वंदना चौहान, श्रीमती पूनम गर्ग, डॉ. मदन सिंह मरावी, श्रीमती मीनाक्षी वर्मा, सुश्री पूजा सिंह राजपूत, श्री इमरान मोहम्मद शामिल रहे।

katni news today पेपर लीक रोकने वीडियोग्राफी से लेकर ट्रैकिंग तक के इंतजाम

Exam Time कटनी जिला में 94 परीक्षा केंद्रों में से 6 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जिनमें शासकीय संदीपनी मॉडल हायर सेकेंडरी कटनी, संदीपनी मॉडल हायर सेकेंडरी रीठी, संदीपनी मॉडल हायर सेकेंडरी बड़वारा, संदीपनी मॉडल हायर सेकेंडरी बहोरीबंद, मॉडल हायर सेकेंडरी बड़वारा और मॉडल हायर सेकेंडरी ढीमरखेड़ा शामिल हैं। इसी प्रकार, जिन निजी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, उनमें सरस्वती स्कूल और नालंदा स्कूल हैं, और जिन अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों को केंद्र के रूप में चुना गया है, उनमें कुन्दनदास, बॉर्डसले, तिलक राष्ट्रीय और कैमोर हायर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली हाइ स्कूल और हायर सेकेंडरी की बोर्ड परीक्षाएं इस बार फरवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू होने जा रही हैं। हायर सेकेंडरी कक्षा 12 की पहली परीक्षा 10 फरवरी को होगी, जबकि दो दिन बाद, 13 फरवरी को हाइ स्कूल कक्षा 10 की पहली परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिले में कुल 94 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई है। अधिकांश परीक्षा केंद्र सरकारी विद्यालयों में स्थापित हैं, लेकिन चार अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों और दो निजी विद्यालयों को भी परीक्षा केंद्र के रूप में चुना गया है।

इस बार 10वीं में 14887 परीक्षार्थी परीक्षा में भाग लेंगे, जिसमें 13783 नियमित और 804 स्वाध्यायी विद्यार्थी होंगे। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 12187 परीक्षार्थीयां शामिल होंगी, जिनमें 11483 नियमित और 724 स्वाध्यायी विद्यार्थी शामिल हैं। 10 फरवरी से आरंभ होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की सभी तैयारी अंतिम चरण में हैं। इस समय परीक्षा केंद्रों पर सभी जरूरी प्रबंध किए जा रहे हैं। यह जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि ने साझा की।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तरह, प्रश्नपत्रों के सील बंडल को केंद्राध्यक्ष या सहायक केंद्राध्यक्ष के बजाय कलेक्टर द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा। कलेक्टर के ये प्रतिनिधि केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्ष के साथ सुबह 6 बजे संबंधित थानों में मौजूद रहेंगे, जहाँ थाना प्रभारी उन्हें सीलबंद बंडल प्रदान करेंगे। प्रतिनिधि बंडल और सील की गहराई से जांच करेंगे। इस दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी की जाएगी। थानों से प्रश्नपत्रों के पैकेट लेकर प्रतिनिधि केंद्राध्यक्ष के साथ परीक्षा स्थल तक पहुँचेंगे, जहां केंद्राध्यक्ष को प्रश्नपत्रों के पैकेट सौंपे जाएंगे। प्रत्येक पैकेट में 20 प्रश्नपत्र होंगे। परीक्षा कक्ष में 20 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। केंद्राध्यक्ष 10 मिनट तक पैकेट का निरीक्षण और प्रश्नपत्रों की संख्या जांच सकेंगे।

प्रतिनिधि द्वारा थाने से प्रश्नपत्रों के बंडल लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुँचने के मार्ग पर रुट ट्रैकिंग भी की जाएगी। परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्र शुरू होने के एक घंटे बाद तक प्रतिनिधियों को वहाँ उपस्थित रहना होगा। परीक्षा केंद्रों पर यह सुनिश्चित करने के लिए कि परीक्षार्थी नकल या किसी अन्य अनुचित साधन का उपयोग न करें, अधिकांश केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो सभी गतिविधियों पर नजर रखेंगे। परीक्षा में कार्यरत पर्यवेक्षकों की रैंडम सूची जिला शिक्षा कार्यालय ने तैयार की है, जिसे खंड अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इसी सूची के आधार पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा, ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्ते भी गठित किए गए हैं। कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार स्तर के राजस्व अधिकारी परीक्षा संचालन की निगरानी रखेंगे।

vijayraghavgarh news today शराब पीकर स्कूल आने वाले शिक्षक पर गिरी गाज

शिक्षा के क्षेत्र में अनुशासन की कमी और लापरवाही करने वाले एक शिक्षक के विरुद्ध प्रशासन ने कठोर कदम उठाया है। कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विकासखंड के अंतर्गत स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय गोइन्द्रा में कार्यरत सहायक अध्यापक अरविंद कुजूर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


अरविंद कुजूर पर यह आरोप है कि वे बार-बार स्कूल में शराब के नशे की हालत में आते थे। हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसमें वे नशे में ग्रामीणों के साथ बहस करते दिखाई दिए। वीडियो में वे यह कहते हुए सुने गए—हाँ! मैंने शराब पी है… तुम लोग मेरा क्या कर लोगे।


ग्रामीणों की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर जनशिक्षक ने विद्यालय परिसर में जांच की और पंचनामा तैयार किया। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि शिक्षक न केवल नशे में रहते थे, बल्कि वे पढ़ाई का कोई ख्याल भी नहीं रखते थे। इस व्यवहार को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन के रूप में देखा गया। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश अग्रहरि ने बताया कि जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को निलंबित कर दिया है।
मुख्यालय: निलंबन के दौरान शिक्षक का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बड़वारा होगा। नियमों के अनुसार, उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान किया जाएगा।

kaimur news 7 दिन में ITI कॉलेज को ज़मीन दो, वरना होगा उग्र आंदोलन

कटनी- कैमोर में सरकारी आईटीआई कॉलेज की खराब स्थिति को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कॉलेज भवन के निर्माण के लिए सरकारी भूमि के निर्धारण समेत कई लंबी समय से लंबित मांगों को लेकर ABVP ने महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। अगर मांगें पूर्ण नहीं की गईं, तो उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।

सूत्रों से पता चला है कि कैमोर क्षेत्र के युवाओं के लिए यह सरकारी आईटीआई कॉलेज लगभग तीन वर्ष पहले क्षेत्रीय विधायक संजय सतेंद्र पाठक की कोशिशों के जरिए मंजूर किया गया था। मंजूरी मिलने के बाद कॉलेज का संचालन शुरू तो हो गया, लेकिन तीन साल बाद भी कॉलेज को अपनी सरकारी इमारत और भूमि प्रदान नहीं की गई है। ABVP ने ज्ञापन में प्रशासन की गंभीर अव्यवस्थाओं का उल्लेख किया है।

*वर्तमान में कॉलेज केवल तीन किराए के कमरों में चल रहा है, जहां

*कोई पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है,

*आपका खुद का वर्कशॉप नहीं है,

छात्रों को प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए 4 किलोमीटर दूर अडानी स्किल डेवलपमेंट सेंटर जाना पड़ रहा है।*

सिर्फ इतना ही नहीं, छात्रों को वहां अलग से रजिस्ट्रेशन कर लगभग ₹1000 की अतिरिक्त एकबारगी फीस भी अदा करनी पड़ रही है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर कॉलेज के लिए भूमि का निर्धारण कर निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और अन्य मांगे स्वीकार नहीं की गईं, तो संगठन स्थानीय और जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगा। यह चेतावनी प्राचार्य के माध्यम से प्रशासन को भेजी गई है।शांतिपूर्ण ज्ञापन, फिर भी तेवर कठोर

ज्ञापन पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से सौंपा गया। चूंकि आईटीआई के प्राचार्य के पास अन्य तीन कॉलेजों का प्रभार भी है, इसलिए यह ज्ञापन आईटीआई के प्रभारी अधिकारी को दिया गया।

इस अवसर पर ABVP के पदाधिकारी पुनीत तिवारी, तरुण पाण्डेय, सौरभ चौराहा, अनुराग बर्मन, सतेंद्र बर्मन, देवांश चौहान, ओम सिंह बघेल सहित बड़ी संख्या में आईटीआई के छात्र उपस्थित रहे।

तीन साल बीत जाने के बाद भी बिना भवन के चल रहा सरकारी कॉलेज

और छात्र अभूतपूर्व खर्च और अव्यवस्थाओं को झेलने के लिए मजबूर हैं—

क्या प्रशासन जागेगा या आंदोलन ही अंतिम उपाय बनेगा।

up news UGC के नए नियमों पर Supreme Court के स्टे का Mayawati ने किया स्वागत

बसपा की नेता मायावती ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए समानता नियमों पर लगाए गए प्रतिबंध का समर्थन किया है, उनका कहना है कि इन नियमों के कारण समाज में तनाव उत्पन्न हुआ और इन्हें लागू करने से पूर्व सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में नहीं लिया गया था। शीर्ष अदालत ने नियमों की स्पष्टता की कमी को देखते हुए वर्तमान में 2012 के पुराने विनियमों को ही जारी रखने का आदेश दिया है।

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने गुरुवार को बताया कि विश्वविद्यालयों में वर्तमान में फैले सामाजिक तनाव को ध्यान में रखते हुए, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नवीनतम समानता नियमों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक सही है। मायावती ने X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में उल्लेख किया कि UGC को नियमों का कार्यान्वयन करने से पहले सभी पक्षों से विचार-विमर्श करना आवश्यक था और सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि देश के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में जातिवाद से संबंधित घटनाओं को रोकने के लिए UG C द्वारा बनाए गए नए नियमों ने सामाजिक तनाव को बढ़ावा दिया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय का UGC के नए नियमों पर रोक लगाने का निर्णय संतोषजनक है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में इस मुद्दे को लेकर कोई सामाजिक तनाव नहीं होना चाहिए था, यदि UGC ने नए नियमों के कार्यान्वयन से पूर्व सभी पक्षों को भरोसे में लिया होता और उच्च जातियों के प्रतिनिधियों को जांच समिति में उचित स्थान दिया होता।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए) विनियम, 2026 के संदर्भ में सामान्य वर्ग के प्रति कथित “भेदभाव” को लेकर देशभर में उठे जमावड़ों के बीच, सर्वोच्च न्यायालय ने इन विनियमों पर रोक लगा दी। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वर्तमान में 2012 के UGC विनियम लागू रहेंगे। अदालत ने यह भी दावा किया कि विनियम 3 (सी) (जो जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा प्रस्तुत करता है) में पूरी अस्पष्टता विद्यमान है और इसे गलत तरीके से उपयोग किया जा सकता है। न्यायालय ने कहा, “भाषा में संशोधन की आवश्यकता है।”

delhi news निजी स्कूलों में RTE कोटे को लागू करने के लिए राज्य बनाएंगे बाध्यकारी नियम

सुप्रीम कोर्ट ने निजी विद्यालयों में ‘राइट टू एजुकेशन’ (RTE) के अंतर्गत 25 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के लिए राज्य सरकारों को नियम बनाने की अनिवार्यता का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के निकायों द्वारा बनाए गए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) कानूनी रूप से मान्य नहीं हैं और केवल SOP का पालन कर आरटीई अधिनियम की धारा 12(1)(सी) को लागू करना पर्याप्त नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी बताया कि RTE अधिनियम-2009 के अंतर्गत कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को निजी, गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में दाखिला देने की जिम्मेदारी बंधनकारी नियमों के बिना प्रभावी नहीं रह सकती। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने बताया कि केवल SOP पर निर्भर रहना कार्यान्वयन में गंभीर कमियों का कारण बनता है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत शिक्षा के अधिकार की प्राप्ति प्रभावित हो सकती है।
देशभर में निजी विद्यालयों में RTE कोटे के उल्लंघन की समय-समय पर शिकायतें आती रही हैं। अक्सर विद्यालय RTE कोटे की सीटों को सामान्य सीटों में बदल देते हैं और इसके बदले में फीस के रूप में धन लेते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित बच्चों को शिक्षा का लाभ नहीं मिल पाता।
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों में RTE के उचित कार्यान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन की है और इसके लिए विद्यालयों को RTE कोटे के विषय में निर्देश और सूचना देना आवश्यक है।

katni news विधायक प्रणव प्रभात पांडे के प्रयास से स्लीमनाबाद को मिली आईटीआई की सौगात

स्लीमनाबाद क्षेत्र के विधायक प्रणव प्रभात पांडे की निरंतर मेहनत की बदौलत स्लीमनाबाद में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस सफलता के परिणामस्वरूप क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए अब बड़े शहरों की ओर नहीं जाना होगा। आईटीआई की स्थापना से उन्हें विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उन्हें अच्छे रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक प्रणव प्रभात पांडे ने बताया कि स्लीमनाबाद के समग्र विकास के लिए शिक्षा और कौशल विकास उनकी प्राथमिकता है। भविष्य में क्षेत्र के युवाओं के लिए और भी विकास योजनाएं शुरू की जाएंगी।

katni news today भीम आर्मी उपाध्यक्ष जय सूर्यवंशी ने शासकीय माध्यमिक शाला झिंझरी को लेकर संकुल प्राचार्य बड़वारा को सौंपा शिकायत पत्र

भीम आर्मी उपाध्यक्ष जय सूर्यवंशी ने शासकीय माध्यमिक शाला झिंझरी को लेकर संकुल प्राचार्य बड़वारा को सौंपा शिकायत पत्र यह है मामला
विडियो के माध्यम से देखा जा सकता है कि नन्हे मुन्ने बच्चे किस तरह अपनी बात रख रहे हैं। बच्चे बताते हुई दिख रहे है कि पानी के लिए कितना भटकना पड़ता है। मैदान साफ नहीं है । छत से पानी आता है।और भी बहुतकुछ।

शासकीय माध्यमिक शाला झिझंरी बड़वारा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम झिंझरी में शासकीय माध्यमिक शाला झिंझरी में बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। शासकीय माध्यमिक शाला झिझंरी का भवन जर्जर है। जिससे बरसात में पानी रिसता है। छत टूट टूट कर गिर रही है। जिससे बच्चों की जान को खतरा बना रहता है। बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर विद्या अर्जित कर रहे हैं। शाला झिझरी में शौचालय नाम मात्र का बना है। उसका उपयोग बच्चों के द्वारा नहीं किया जा रहा। क्योंकि शौचालय का दरवाजा आज दिनांक तक बंद है। टंकी में पानी नहीं है। जिस कारण वश बालक बालिकाएं खुले में शौच करने को विवश है। शाला में ग्राउंड में झाड़ झाड़ियां है। जिस कारण वश बच्चे खेल नहीं पाते हैं। बच्चों की प्रतिभा को दबाया जा रहा है।शासकीय माध्यमिक शाला झिंझरी में बाउंड्री नहीं है। चूंकि शाला के बाजू में रेलवे लाइन है जिससे अनहोनी होने की समस्या बनी रहती है । विद्यालय में पीने वाला पानी की व्यवस्था नहीं है। जिस कारण वश विद्यार्थी 1/2 से 1 किलोमीटर दूर जाकर पानी पीने को मजबूर है।विद्यालय परिषद की जांच कर स्टाफ के खिलाफ कार्यवाही की जाए। अन्यथा भीम आर्मी भारत एकता मिशन शिक्षा विभाग कटनी का घेराव करने के लिए बाध्य होगी जिसकी संपूर्ण जबावदारी शासन प्रशासन की होगी हम नन्हे छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होते हुए नहीं देख सकते।

इस दौरान भीम आर्मी उपाध्यक्ष जय सूर्यवंशी , तहसील अध्यक्ष अंग्रेज सिंह, प्रियंका नामदेव, नगेंद्र अहिवार, प्रीतम आदि मौजूद रहे।

मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक ने संपर्क कक्षाओं का किया निरीक्षण जल संचय अभियान पर कार्य योजना तैयार करने के दिए निर्देश

कटनी रीठी। मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद द्वारा चलाए जा रहे पाठ्यक्रम समाजकार्य में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री BSW/MSW, जो हर रविवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय रीठी के अध्ययन केंद्र में आयोजित होते हैं। पहले सत्र में सामूहिक चर्चा के साथ प्रेरणादायक चित्रण और क्षेत्रीय यात्रा सहित असाइनमेंट बनाने पर विमर्श किया गया, इसके साथ सभी छात्रों के लिए सेक्टर का चयन और प्रोफाइल को अपडेट किया गया। इसके बाद सभी प्रशिक्षकों द्वारा विधिवत शिक्षा सत्र की शुरुआत की गई। आज मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक डॉ. तेजसिंह केसवाल द्वारा इन कक्षाओं का निरीक्षण किया गया, जिसमें सभी छात्रों से कक्षा संचालन और क्षेत्र स्तर पर प्रयोगशाला ग्राम में चल रही गतिविधियों की जानकारियाँ ली गई। साथ ही, जल संचय अभियान के तहत बोरी बंधान जैसे कार्यों के लिए योजनाएँ तैयार करने और सहभागिता हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त बताया गया कि जल संचय अभियान – जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके अंतर्गत जन अभियान परिषद द्वारा जिले में नदियों और नालों पर बोरी बंधान किया जा रहा है, जिससे बहते जल को रोकने में मदद मिलेगी। यह कदम जल संचय को बढ़ाने में सहायक होगा और क्षेत्र में भू-जल स्तर में सुधार लाने में योगदान देगा। अंत में विकासखंड समन्वयक श्री जगन सिंह मसराम तथा परामर्शदाता अरुण तिवारी, शरद यादव, रूपा बर्मन, साक्षी नामदेव के साथ एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया और कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने तथा प्रयोगशाला ग्राम जल संचय अभियान और अन्य गतिविधियों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए निर्देश दिए गए।

katni news मानवाधिकार जनहितार्थ अपने अधिकार एंव कर्तव्य के साथ ही बाल विवाह रोकने हेतु सेमिनार का आयोजन

अक्षरनंदन विद्यालय में समाजसेवी और वकील रेखा अंजू तिवारी के मार्गदर्शन में मानवाधिकार सुरक्षा एवं बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अक्षरनंदन विद्यालय नई बस्ती में हुआ। प्रारंभ में मुख्य अतिथि के रूप में देवतुल्य वरिष्ठ वकील दादा एस डी चतुर्वेदी, अनुसूचित जनजातियों के छात्रावास के संचालक ए के मेहरा, और विद्यालय की प्राचार्य श्रीमति माधवी पांडेय के साथ-साथ विशिष्ट अतिथि ताइक्वांडो गोल्ड मेडलिस्ट और जिला अधिवक्ता संघ के सदस्य मांडवी पांडेय, मानवाधिकार व सामाजिक न्याय आयोग मध्य प्रदेश की कार्यकारिणी सदस्य श्रीमति सरस्वती सोनी, भाजपा विधि प्रकोष्ठ की सह संयोजक एडवोकेट शिखा पांडेय, विश्व मानवाधिकार संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ आर एस साहू, और आध्यात्मिक चेतना मंच के अध्यक्ष अधिवक्ता प्रकाश भौमिया शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मां भवानी के समक्ष दीप जलाकर और फूलों की माला पहनाकर की गई। इसके बाद मंच पर उपस्थित अतिथियों का स्वागत अक्षरनंदन विद्यालय की शिक्षिकाओं ने रोली से तिलक कर और बैंच लगाकर किया।
इस आयोजन को सर्वधर्म जनसेवा मंच समिति मध्य प्रदेश कटनी और मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग ने मिलकर विशेष महिलाओं को उनके अधिकार और कर्तव्यों के साथ ही बाल विवाह को रोकने के लिए समर्पित किया। मुख्य अतिथि दादा एस डी चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के संविधान में बच्चों के जीवन में कक्षा एक से महत्वपूर्ण जानकारी देकर उनके अधिकारों और कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन में अक्षरनंदन विद्यालय के निदेशक अंनत पांडेय, कुलदीप पांडेय, सर्वधर्म जनसेवा मंच समिति के उपाध्यक्ष राकेश सैनी, विज्ञान ज्ञान समिति के सोनू शर्मा, अनिल यादव, और सभी शिक्षिकाओं के सहयोग के लिए विशेष सराहना की गई।

error: Content is protected !!