maihar news today 63 लीटर शराब के साथ कुख्यात तस्कर गिरफ्तार

पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में मैहर जिले में नशामुक्ति के लिए चल रहे अभियान के अंतर्गत कोतवाली पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने सिर्फ बड़ी मात्रा में अवैध शराब को जब्त नहीं किया, बल्कि क्षेत्र के एक कुख्यात अपराधी को भी गिरफ्तार किया है। यह घटना रामपथ गवन मार्ग की है। पुलिस को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि ग्राम बरही पुलिया के पास एक तस्कर अवैध शराब की बड़ी खेप को वितरित करने का प्रयास कर रहा है। थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक टीम का गठन किया और मौके पर छापेमारी की। जैसे ही आरोपी ने पुलिस को देखा, वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सतर्क टीम ने उसे चारों ओर से घेर कर पकड़ लिया।
जब्ती: अंग्रेजी शराब ‘गोवा’ और देशी शराब ‘प्रिंस लेमन’ का सामान जब्त किया गया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 40 वर्षीय राकेश चौधरी, निवासी नई बस्ती ओइला के रूप में हुई है। पुलिस ने जब राकेश के पास मौजूद सात कार्टूनों की जांच की, तो उसमें 63 लीटर अवैध शराब बरामद हुई। जब्त सामान: अवैध अंग्रेजी गोवा और देशी प्रिंस लेमन शराब। इसकी बाजार में अनुमानित कीमत 31,000 रुपये है। पुलिस के अनुसार, आरोपी राकेश चौधरी कोई आम अपराधी नहीं है। वह एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही अवैध शराब की तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों के कारण उसका नाम पुलिस की “गुंडा सूची” में भी शामिल किया गया है। पुलिस अब यह भी खोज कर रही है कि वह यह शराब कहाँ से लाया था और इसे किस-किस स्थान पर सप्लाई करने वाला था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया। अपराध की गंभीरता और उसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए न्यायालय ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।
पुलिस अधीक्षक का संदेश: “जिले में अवैध नशीले पदार्थों का व्यापार करने वालों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक कठोर चेतावनी है।”

jabalpur news today बेख़ौफ बदमाशों ने चाकू से किया प्राणघातक हमला, गाली देने पर हुआ विवाद

जबलपुर में एक बार फिर चाकू वाली की घटना सामने आई है जहां तीन ज्ञात बदमाशों में एक युवक पर चाकू से प्राणघातक हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया घटना को अंजाम देने वाले तीनों आरोपी अज्ञात बताए जा रहे हैं. घायल हुए युवक को इलाज के लिए शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी हालत अभी नाजुक बताई जा रही है. घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू कर दिए.

रांझी थाना पुलिस ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि घायल को उपचार हेतु शासकीय अस्पताल रांझी लाये जाने की सूचना पर पहुॅची पुलिस को दिनेश उर्फ सिद्धार्थ सेन उम्र 21 वर्ष निवासी नगर निगम के पास अधारताल ने बताया कि वह खेरमाई मंदिर के पास सैलून की दुकान चलाता है.

शाम लगभग 7 बजे अपनी दुकान से फुल्की खाने झंडा चौक जा रहा था तभी सुभाष नगर झंडा चौक के पास मोटर सायकल में तीन अज्ञात बदमाश आये और उसके साथ गाली गलौज करते हुये बोले कि बहुत बड़ा गुण्डा बन रहा है, उसने कहा कि वह तीनों को नहीं पहचानता है और गालियां देने से मना किया तो बदमाशों ने चाकू निकाला एवं जान से मारने की नियत से चाकू से हमलाकर पेट के दाहिने तरफ कमर के उपर चोट पहुॅचा दी अन्य दोनों लड़कों ने हाथ मुक्कों से मारपीट की तथा तीनों जान से मारने की धमकी देते हुये मौके से फरार हो गए.

घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस में घायल युवक की शिकायत पर तीनों अज्ञात आरोपियों पर धारा 296(बी), 109(1), 3(5) बीएनएस का मामला दर्ज करते हुए मामले की जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.

dhemarkhead news today बुजुर्ग के सूने घर में सेंधमारी, नगदी और राशन समेत हजारों की चोरी

ढीमरखेड़ा तहसील के कटरिया गाँव में एक चोरी की घटना हुई है, जिसमें अनजान चोरों ने एक वृद्ध व्यक्ति के खाली घर को लक्ष्य बनाकर नकद राशि और घरेलू वस्तुएं चुरा लीं। इस घटना के कारण क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त हो गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, ग्राम सरई के निवासी समन लाल, जिनकी उम्र 73 वर्ष है, के घर पर यह वारदात 12 जनवरी की रात लगभग 8 बजे से लेकर 13 जनवरी की शाम 4:50 बजे के बीच घटित हुई। बताया गया है कि घर के सदस्य बाहर गए हुए थे, इसी दौरान चोरों ने खाली मकान में प्रवेश किया। ₹5,000 नकद, 2 क्विंटल चावल और एक गैस सिलेंडर चुराया गया। चोरी गई वस्तुओं की कुल कीमत लगभग ₹17,000 के आस-पास आंकी जा रही है।

dhemarkhead news today सोशल मीडिया प्रताड़ना बनी मौत की वजह ढीमरखेड़ा में महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

सोशल मीडिया पर किए गए बयान जब किसी की आत्मा को घायल कर देते हैं, तो वे केवल भाषण नहीं रह जाते, बल्कि वे अपराध बन जाते हैं। ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में एक महिला को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की घटना सामने आई है, जिसमें पुलिस ने संवेदनशीलता और कड़े फैसले लेते हुए तीन संदिग्धों को पकड़कर जेल भेज दिया है।
सोशल मीडिया पर की गई वासना से भरी टिप्पणियों का जब मानसिक उत्पीड़न की शक्ल ले ले, तो उनका परिणाम गंभीर हो सकता है। ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक दुखद मामला सामने आया है, जहां एक महिला को लगातार अपमान सहने के कारण आत्महत्या करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामले की गहराई को देखते हुए ढीमरखेड़ा पुलिस ने तात्कालिक और कठोर कदम उठाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी अभिषेक चौबे की अगुवाई में की गई थी।
पुलिस की जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर को ग्राम कटरिया की निवासी सलमा बी ने आत्महत्या कर ली थी। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर आरोपियों ने महिला के खिलाफ अश्लील, अपमानजनक, और मानसिक उत्पीड़न करने वाली टिप्पणियों से उसे मानसिक तनाव में डाल दिया था। इसी मानसिक दबाव के कारण महिला ने आत्मघाती कदम उठाया। इस घटना के पश्चात पूरे गांव में गुस्सा फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

katni news पतंग नहीं जिंदगी की डोर काट रहा चाइनीज मांझा इस्तेमाल न करें

पतंग नहीं जीवन की डोर काटने वाला चाइनीज मांझा उपयोग न करें, कटनी पुलिस की अपील के साथ कठोर चेतावनी कटनी पुलिस ने मकर संक्रांति 2026 से पहले चाइनीज मांझे के यूज़ पर कठोर चेतावनी दी है। पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया है कि यह मांझा केवल कानूनी अपराध नहीं है, बल्कि जान के लिए भी खतरनाक है।मकर संक्रांति-2026 के अवसर पर शहर में पतंग उड़ाने की तैयारियाँ तेज़ी से चल रही हैं। दुकानों में पतंगों और मांझे की बिक्री में व्रिद्धि देखी जा रही है। इस बीच, कटनी पुलिस ने शहरवासियों से सतर्क रहने और ज़िम्मेदारी से व्यवहार करने का अनुरोध किया है।
पुलिस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चाइनीज मांझा इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से पाबंदी है और इससे बचना सबके लिए लाभकारी है। पुलिस के अनुसार, चाइनीज मांझा न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह आम जनता और पक्षियों के लिए भी बेहद खतरे का कारण बन रहा है।
इसकी तेज धार के कारण हर साल गंभीर घटनाएं घटित होती हैं। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह अत्यधिक खतरनाक होता है। कई मौकों पर गले में मांझा फंसने के कारण बहुत सी गंभीर चोटें आई हैं और जान जाने की घटनाएँ भी हो चुकी हैं। प्रदेश और देश के विभिन्न क्षेत्रों से ऐसी दुखद घटनाओं की कई रिपोर्ट सामने आई हैं।
पुलिस ने बताया कि चाइनीज मांझा पक्षियों के लिए भी बहुत ही घातक हो जाता है। पतंग उड़ाने के दौरान यह मांझा हवा में फैलकर पक्षियों के पंखों या गले में फंस जाता है, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं और कई बार तो उनकी मृत्यु भी हो जाती है। यह कार्य न केवल अमानवीय है, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है।
कटनी पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि मकर संक्रांति जैसे पारंपरिक और आनंदमय पर्व को ज़िम्मेदारी से मनाएं। मनोरंजन के नाम पर किसी की जान को खतरे में नहीं डालें। पतंग उड़ाने के लिए केवल सामान्य, सूती और सुरक्षित धागों का प्रयोग करें।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा का उपयोग कर रहा है या उसका संग्रहण करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंत में, पुलिस ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मकर संक्रांति को सुरक्षित, संवेदनशील और मानवीय ढंग से मनाना चाहिए। अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों और बेजुबान पक्षियों के जीवन की रक्षा करना हम सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है।

delhi news निजी स्कूलों में RTE कोटे को लागू करने के लिए राज्य बनाएंगे बाध्यकारी नियम

सुप्रीम कोर्ट ने निजी विद्यालयों में ‘राइट टू एजुकेशन’ (RTE) के अंतर्गत 25 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने के लिए राज्य सरकारों को नियम बनाने की अनिवार्यता का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि बच्चों के अधिकारों के निकायों द्वारा बनाए गए मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) कानूनी रूप से मान्य नहीं हैं और केवल SOP का पालन कर आरटीई अधिनियम की धारा 12(1)(सी) को लागू करना पर्याप्त नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी बताया कि RTE अधिनियम-2009 के अंतर्गत कमजोर वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को निजी, गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में दाखिला देने की जिम्मेदारी बंधनकारी नियमों के बिना प्रभावी नहीं रह सकती। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने बताया कि केवल SOP पर निर्भर रहना कार्यान्वयन में गंभीर कमियों का कारण बनता है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत शिक्षा के अधिकार की प्राप्ति प्रभावित हो सकती है।
देशभर में निजी विद्यालयों में RTE कोटे के उल्लंघन की समय-समय पर शिकायतें आती रही हैं। अक्सर विद्यालय RTE कोटे की सीटों को सामान्य सीटों में बदल देते हैं और इसके बदले में फीस के रूप में धन लेते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित बच्चों को शिक्षा का लाभ नहीं मिल पाता।
सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि निजी स्कूलों में RTE के उचित कार्यान्वयन की जिम्मेदारी राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन की है और इसके लिए विद्यालयों को RTE कोटे के विषय में निर्देश और सूचना देना आवश्यक है।

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