कटनी- कैमोर में सरकारी आईटीआई कॉलेज की खराब स्थिति को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कॉलेज भवन के निर्माण के लिए सरकारी भूमि के निर्धारण समेत कई लंबी समय से लंबित मांगों को लेकर ABVP ने महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा और सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। अगर मांगें पूर्ण नहीं की गईं, तो उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
सूत्रों से पता चला है कि कैमोर क्षेत्र के युवाओं के लिए यह सरकारी आईटीआई कॉलेज लगभग तीन वर्ष पहले क्षेत्रीय विधायक संजय सतेंद्र पाठक की कोशिशों के जरिए मंजूर किया गया था। मंजूरी मिलने के बाद कॉलेज का संचालन शुरू तो हो गया, लेकिन तीन साल बाद भी कॉलेज को अपनी सरकारी इमारत और भूमि प्रदान नहीं की गई है। ABVP ने ज्ञापन में प्रशासन की गंभीर अव्यवस्थाओं का उल्लेख किया है।
*वर्तमान में कॉलेज केवल तीन किराए के कमरों में चल रहा है, जहां
*कोई पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है,
*आपका खुद का वर्कशॉप नहीं है,
छात्रों को प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए 4 किलोमीटर दूर अडानी स्किल डेवलपमेंट सेंटर जाना पड़ रहा है।*
सिर्फ इतना ही नहीं, छात्रों को वहां अलग से रजिस्ट्रेशन कर लगभग ₹1000 की अतिरिक्त एकबारगी फीस भी अदा करनी पड़ रही है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि सात दिनों के भीतर कॉलेज के लिए भूमि का निर्धारण कर निर्माण प्रक्रिया शुरू नहीं की गई और अन्य मांगे स्वीकार नहीं की गईं, तो संगठन स्थानीय और जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगा। यह चेतावनी प्राचार्य के माध्यम से प्रशासन को भेजी गई है।शांतिपूर्ण ज्ञापन, फिर भी तेवर कठोर
ज्ञापन पूरी तरह से शांतिपूर्ण तरीके से सौंपा गया। चूंकि आईटीआई के प्राचार्य के पास अन्य तीन कॉलेजों का प्रभार भी है, इसलिए यह ज्ञापन आईटीआई के प्रभारी अधिकारी को दिया गया।
इस अवसर पर ABVP के पदाधिकारी पुनीत तिवारी, तरुण पाण्डेय, सौरभ चौराहा, अनुराग बर्मन, सतेंद्र बर्मन, देवांश चौहान, ओम सिंह बघेल सहित बड़ी संख्या में आईटीआई के छात्र उपस्थित रहे।
तीन साल बीत जाने के बाद भी बिना भवन के चल रहा सरकारी कॉलेज
और छात्र अभूतपूर्व खर्च और अव्यवस्थाओं को झेलने के लिए मजबूर हैं—
क्या प्रशासन जागेगा या आंदोलन ही अंतिम उपाय बनेगा।
