बैलगाड़ी की सवारी और देशी खान-पान का लिया आनंद

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की महत्वाकांक्षी योजना ‘ग्रामीण पर्यटन’ अब धरातल पर साकार होती दिख रही है। इसके अंतर्गत फ्रांस से आए चार विदेशी यात्रियों ने कटनी जिले के खितौली और कोनिया गांवों का दौरा किया। यहां की ग्रामीण सेटिंग और ‘होमस्टे’ की सुविधा ने विदेशी मेहमानों को इस हद तक आकर्षित किया कि उन्होंने इसे होटलों और लॉज के मुकाबले बेहतर विकल्प बताया।

विदेशी
मेहमानों का हुआ भव्य स्वागत

भारत
भ्रमण पर आए फ्रांस के नागरिक ग्वेन्डोलिन डेलेपियरे, माएल एरिक कोकॉल्ट, आर्मेल यवोन मैरी जोसेफ लेटोर्ट और यवेस थिएरी फिलिप कोकॉल्ट जब कटनी के खितौली और कोनिया गांव में पहुंचे, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। पर्यावरणविद् और मानव जीवन विकास समिति के सचिव निर्भय सिंह ने इस अवसर पर इन पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से अवगत कराया।

होमस्टे
बना आकर्षण का केंद्र

पर्यटकों
ने कटनी के अलावा, उमरिया जिले के दमना और मरईकला गांवों के होमस्टे में भी समय बिताया। ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए इन होमस्टे को आकर्षक रंगों और स्थानीय कला से सजाया गया था।

विदेशी
मेहमानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लॉज और होटलों की तुलना में होमस्टे में ठहरना अधिक आनंददायक है। यहां रुककर उन्हें स्थानीय परिधान, जीवनशैली और रीति-रिवाजों को करीब से जानने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां के पारंपरिक व्यंजन और स्वदेशी खान-पान का भरपूर आनंद लिया।

बैलगाड़ी
की सवारी और हस्तशिल्प ने जीता दिल

भ्रमण
के दौरान विदेशी सैलानियों के लिए सबसे अविस्मरणीय अनुभव बैलगाड़ी की सवारी रही। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण हस्तशिल्प जैसे बांस शिल्प, मिट्टी के कार्य और मेहंदी कला में भी गहरी रुचि दिखाई। पर्यटक गांव के आसपास के पुराने तालाबों, बांधों, प्राचीन मंदिरों और घने जंगलों का भ्रमण कर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते रहे।

ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

सचिव
निर्भय सिंह ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ना और स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। होमस्टे के विकास से गांव की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।

बेलगाम शराब ठेकेदारों पर कब कसेगा कानूनी शिकंजा?

बेलगाम शराब ठेकेदारों पर कब कसेगा कानूनी शिकंजा?

आबकारी
विभाग की मिलीभगत से चल रहा अवैध कारोबार
कटनी
में अवैध शराब बिक्री का खेल, ठेकेदार की गुंडागर्दी

कटनी/खिरहनी:
दुर्गा चौक पर स्थित एक शराब की दुकान में गुंडों के डर से ग्राहकों को अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है। इसके अलावा, ठेकेदार एक सुनियोजित तरीके से अवैध शराब की बिक्री हेतु नापाक गतिविधियों की योजना बना रहा है।



सूत्रों
के अनुसार, ठेकेदार अवैध कारोबार को संचालित करने के लिए काफी बड़ी राशि पगड़ी के तौर पर जमा करवा रहा है। आरोप है कि आबकारी विभाग की सहायता से यह अवैध कारोबार जारी है। शराब की दुकान पर न तो कोई मूल्य सूची है और न ही ग्राहकों को बिल प्रदान किया जा रहा है।

लोगों
से बिना किसी डर के लूटपाट की जा रही है, जबकि प्रशासन गहरी नींद में है। उच्च अधिकारियों से यह आग्रह किया जा रहा है कि वे जनता के हित में शराब दुकान संचालक के खिलाफ कठोर कदम उठाएं।

IPL सट्टे के खिलाफ कोतवाली पुलिस का बड़ा ‘क्लीन स्वीप’: शहर के 6 ठिकानों पर दबिश

IPL सट्टे के खिलाफ कोतवाली पुलिस का बड़ा ‘क्लीन स्वीप’: शहर के 6 ठिकानों पर दबिश, ‘सिल्वर एक्सचेंज’ आईडी से चल रहा था सट्टे का बड़ा खेल
कटनी।
आईपीएल के आरंभ होते ही सट्टे का अवैध कारोबार शहर में फैलने लगा था, लेकिन रविवार रात कोतवाली पुलिस ने इस नेटवर्क पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। नगर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस ने रात भर शहर के 6 विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में छापे मारे और आईपीएल सट्टा चला रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में ऑनलाइन आईडी ‘सिल्वर एक्सचेंज’ के माध्यम से करोड़ों रुपये के दांव लगाने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है।

बजाज
पैथोलॉजी और संतोषी माता मंदिर के पास ‘स्ट्राइक’
पुलिस
की टीम ने पहली कार्रवाई नई बस्ती में बजाज पैथोलॉजी के निकट की, जहां पंकज उर्फ हेमंत खटीक (34) को मोबाइल पर सट्टा खेलते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि कटनी के प्रमुख व्यक्ति विजय उर्फ लल्लू नागवानी और राहुल छावड़ा का भी इस कारोबार में involvement था। साथ ही, संत नगर (संतोषी माता मंदिर) के पास पुलिस ने विक्की पुरुषवानी (40) को गिरफ्तार किया। उसकी मोबाइल जांच में ‘SILVER EXCH ID’ मिली, जिसके जरिए वह सट्टा खिलवा रहा था। इस मामले में पिंका उर्फ रविंद्र आडवाणी और समीर गंगवानी उर्फ डेविड का नाम भी सामने आया।

बस
स्टैंड और सर्कस मैदान: RCB-CSK मैच पर लग रहे थे दांव
कार्रवाई
का दूसरा चरण बस स्टैंड और सर्कस मैदान में जारी रहा। बस स्टैंड गैस गोदाम के पास आजाद अहमद को पकड़ा गया, जो मोबाइल पर RCB बनाम CSK मैच के सट्टे में लिप्त था। उसके पास से ₹200 की नकदी और मोबाइल बरामद किया गया। वहीं, सर्कस मैदान से साजिद अली गिरफ्तार हुआ, उसके पास आईपीएल सट्टे का हिसाब-किताब और ₹150 नगद, साथ में मोबाइल मिला। LIC ऑफिस और शंभू टॉकीज के पास घेराबंदी
पुलिस
ने LIC ऑफिस के पीछे छापेमारी करते हुए राम निषाद (35) को गिरफ्तार किया, जो नई बस्ती का निवासी है। आरोपी के पास से ₹8000 का एंड्रॉयड मोबाइल और सट्टे के स्क्रीनशॉट की प्रतियां के साथ ₹1200 नगद बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि वह माधवनगर के राहुल छावड़ा के साथ मिलकर सट्टे का संचालन कर रहा था। अंतिम कार्रवाई शंभू टॉकीज के पास की गई, जहां विजय मूलचंदानी को वीवो कंपनी के मोबाइल के साथ आईपीएल पर हार-जीत का सट्टा लगाते पकड़ा गया।

इन
धाराओं में दर्ज हुए मामले
कोतवाली
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ 4(ए) सार्वजनिक जुए के अधिनियम (सट्टा एक्ट) और भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 49 के तहत मामले दर्ज किए हैं।

बड़वारा में शराब दुकान हटाओ प्रदर्शन

बड़वारा में शेर चौक दुर्गा मंदिर के समीप शराब भट्टी को तुरंत हटाने के लिये मुख्यमंत्री एवं जिला कलेक्टर के नाम नायव तहसीलदार हर्षराम टेके को स्थानीय लोगों ने सम्बोधित ज्ञापन सौपा है। कार्यकर्ताओ ने ज्ञापन के दौरान बताया कि शराब दुकान के कारण लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शराब भट्टी के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों का घर से निकलना दुश्वार हो रहा है।शरात्र दुकान संचालित होने से शराब पीकर निकलने वाले व्यक्ति नशे की हालत में मंदिर आने-जाने वाली महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ अत्यंत अभद्र औरअश्लील भाषा का प्रयोग करते हैं। क्षेत्र में आए दिन गाली-गलौज, मारपीट और छोटी-मोटी चोरी की घटनाओ में बढ़ोतरी हो रही हैं। मदिरा दुकान के पास धार्मिक स्थल दुर्गा मंदिर होने के कारण युवाओं और बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है।गरीब मजदूर वर्ग अपनी कमाईका बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च कर रहा है, जिससे उनके परिवार भुखमरी की कगार पर हैं। शासन के नियमों के अनुसार किसी भी शराब दुकान की दूरी धार्मिक स्थल से कम से 50-100 मीटर होनी चाहिए। किन्तु वर्तमान दुर्गा मंदिर के समीप संचालित शराब दुकान लगभग 40 से 50 मीटर की दूरीपर स्थित है। इससे न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुँच रही है। सौंपे गए ज्ञापन में यह भी बताया गया कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित की जा रही है, वह पूर्णतः शासकीय भूमि है। उक्त भूमि पर माफिया/अतिक्रमणकारी द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर मकान का निर्माण किया गया है और अब उस अवैध निर्माण का व्यावसायिक उपयोग शराब बेचने के लिए किया जा रहा है। जो भू-राजस्व नियमों का खुला उल्लंघन है। ज्ञापन के दौरान-जय सूर्यवंशी, नागेंद्र अहिरवार, अरविन्द सिंह, अजमेर, दलपत, धनेंद्र, रामखिलवान, रमेश, रमन, प्रीतम, अनुज, राजा, लक्ष्मी, पंकज, दिनेश, आदि लोगों की मौजूदगी रही

बड़वारा विधायक के नाम दारू भट्टी हटाने जाने के लिए सौंपा ज्ञापन

बड़वारा विधायक के नाम विधायक जी के निज निवास जाकर दारू भट्टी हटाने जाने के लिए सौंपा ज्ञापन बड़वारा में बस्ती के बीच संचालित दारू दुकान से यहां से स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राए निकलते हैं। उनके साथ शराबी शराब पीकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। एवं आम जनों महिलाओं, बच्चे, बच्चियों को गलत शब्द बोलते हैं। चूंकि दुर्गा मंदिर के 100 मीटर के अंतर गत शराब दुकान संचालित है। चूंकि मंदिर होने के कारण यहां पर धर्म प्रेमी लगातार मंदिर आकर पूजा करते हैं और सभी त्योहारों पर यहां पर विशेष पूजा अर्चना की जाती है । जैसे नवरात्रि, जवारा। जिससे धार्मिक भावना आहत होती है। जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को अपशब्द सुनना पड़ता है। विधायक महोदय से निवेदन है कि पिछले सत्र का ठेका लगभग सम्पत हो चुका आगामी वर्ष इस स्थान से दारू भट्टी को हटाया जाय। चूंकि पिछले साल भी ग्रामीणों के द्वारा दारू भट्टी को हटाने के लिए आंदोलन किया गया था । जिसमें कोई कार्यवाही नहीं की गई इस मौक पर जय सूर्यवंशी, नागेंद्र अहिरवार, धनेंद्र, अनुज, रामखिलवान, करन, राजा, अंकुश, अनीत आदि ग्रामीण लोगों की मौजूदगी रही

ऑपरेशन शिकंजा जब शिकारी खुद शिकार बन गया,क्लाइमैक्स मे 500 का नोट बना फंदा फिल्मी जाल

सीक्रेट ऑपरेशन शिकंजा: जब शिकारी खुद ही शिकार बन गया, क्लाइमैक्स में 500 का नोट बना फंदा
फिल्मी
जाल, वास्तविक शिकंजा महिलाएं DSP और SDOP का वेश धारण कर रिश्वतखोर आरक्षक को पकड़ा, SP के कठोर कदमों से बहोरीबंद थाना हिल गया
कटनी
जिले के पुलिस विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा हमलाः हुआ कि पूरे संगठन को झकझोर कर रख दिया। वेश बदलकर ट्रैक्टर में बैठी महिला पुलिसकर्मियों ने एक आरक्षक को 500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्यवाही केवल एक गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि यह पुलिस व्यवस्था में जिम्मेदारी और ईमानदारी की नई दिशा तय करने वाली साबित हुई।
सीक्रेट
ऑपरेशन ‘शिकंजा’: जब शिकारी खुद शिकार बन गया
किसानों
और ट्रैक्टर चालकों से अवैध वसूली की निरंतर मिल रही शिकायतों ने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को कठोर निर्णय लेने के लिए मजबूर किया। एक गुप्त योजना बनाई गई, जिसका नाम दिया गया ऑपरेशन शिकंजा। इस योजना के तहत स्लीमनाबाद के SDOP आकांक्षा चतुर्वेदी और प्रशिक्षु DSP शिवा पाठक को निर्धारित किया गया। सोमवार सुबह लगभग 5 बजे, टीम बहोरीबंद पहुंच गई। महिला अधिकारियों ने ग्रामीण महिलाओं का रूप धारण किया और एक ट्रैक्टर में सवार हो गईं। ट्रैक्टर चालक को पहले से पहचाना गया 500 रुपये का नोट दिया गया। निर्देश स्पष्ट थे, यदि कोई पुलिस कर्मी पैसे मांगे तो यही नोट थमाना है। स्लीमनाबाद मोड़ पर पहले से मौजूद बहोरीबंद थाना का मोबाइल वाहन चालक आरक्षक लक्ष्मण पटेल ट्रैक्टर को रोकता है। कार्रवाई की धमकी देकर वह 500 रुपये की मांग करता है। जैसे ही नोट उसके पास आता है, अचानक ट्रैक्टर में बैठी महिलाओं का असली रूप सामने आता है। महिला DSP और SDOP तुरंत बाहर निकलकर आरक्षक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लेती हैं। पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो जाता है। यह दृश्य, जिसने पूरे पुलिस महकमे में हलचल मचा दी। SP का सख्त कदम: तुरंत कार्रवाई, जीरो टॉलरेंस का संदेश
जैसे
ही वीडियो और रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के पास पहुंची, कार्रवाई में कोई देरी नहीं हुई। बहोरीबंद थाना प्रमुख अखिलेश दहिया को तत्कालन हटा दिया गया और रिश्वत लेते पकड़े गए आरक्षक लक्ष्मण पटेल को निलंबित कर दिया गया। पूर्व में आयी शिकायतों के आधार पर अन्य कर्मियों पर भी कार्रवाई की गई, यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि वर्दी में किसी प्रकार के दाग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिकायतों
का अतिक्रमण: कार्रवाई का इंतजार
बहोरीबंद
थाना क्षेत्र में लंबे समय से नियमित रूप से यह शिकायतें रही थीं कि वाहन चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली के लिए ट्रैक्टर चालकों से 500 से 1000 रुपये की मांग की जाती थी, कार्रवाई का भय दिखाकर शोषण किया जाता था। इतना ही नहीं, पहले भी हवलदार द्वारा की गई ऑनलाइन वसूली और SI द्वारा की जा रही रिश्वत मांगने के वीडियो वायरल होते रहे हैं।
महकमे
में हड़कंप: अब अगला कौन?
इस
फिल्मी शृंगार वाली घटना के बाद केवल कटनी में नहीं, बल्कि समूचे प्रदेश के पुलिस विभाग में हलचल उत्तेजित हो गई है। जहाँ-जहाँ अवैध वसूली के बारे में बातें थीं, वहां अब डर का माहौल पनप गया है। अब यह भय साफ देखा जा रहा है कि कहीं भी, कभी भी, कोई भी फंस सकता है। ईमानदार नेतृत्व का अनुकरण बनते हुए एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने यह घटना स्पष्ट कर दी है कि यदि नेतृत्व निष्कलंक और दृढ़ हो, तो प्रणाली में सुधार संभव है। अभिनय विश्वकर्मा ने यह सिद्ध किया कि शिकायतों की अनदेखी नहीं होगी। प्रणाली के भीतर की सफाई उतनी महत्वपूर्ण है जितनी कि बाहरी कानून व्यवस्था। उनके कार्यशैली ने आम जनता में विश्वास को बल प्रदान किया है।
वर्दी
की प्रतिष्ठा बनाम लालच की कीमत
यह
घटना केवल एक पुलिसकर्मी के पकड़े जाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सोच का प्रतिबिम्ब है जो प्रणाली को भीतर से कमजोर बनाती है। जब कानून के रक्षक ही कानून का उल्लंघन करने लगते हैं, तो आम जन का भरोसा टूटना स्वाभाविक होता है। हालांकि, इस कार्यवाही ने इस उम्मीद को भी सृजित किया है कि प्रणाली में अभी भी ऐसे अधिकारी हैं जो न केवल गलत को पहचानते हैं, बल्कि उसे समाप्त करने की हिम्मत भी रखते हैं। नियमित निगरानी की जवाबदेही तय करने और ईमानदार अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है, तभी जनता का पुलिस पर विश्वास बना रह सकेगा।
एक
कार्यवाही, कई संदेश
बहोरीबंद
की यह गतिविधि केवल एक ट्रैप नहीं है, बल्कि उन सभी के लिए एक चेतावनी है जो वर्दी की सुरक्षा में भ्रष्टाचार के खेल में लगे हुए हैं। कटनी से उठी यह आवाज अब समग्र प्रदेश में सुनाई दे रही है। ईमानदारी अब एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गई है।

अमेरिका-ईरान युद्ध से सोने में 17 वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के कारण मार्च में सोने की कीमतें 17 वर्षों में सबसे ज्यादा गिरावट का सामना कर चुकी हैं, इस दौरान इस बहुमूल्य धातु की कीमत लगभग 14.5 प्रतिशत कम हो गई है।

इससे
पहले इतनी भारी गिरावट लगभग 17 वर्ष पूर्व देखी गई थी, जब अक्टूबर 2008 में सोने की कीमत लगभग 16.8 प्रतिशत घट गई थी।

वर्तमान
में कॉमेक्स पर सोने की कीमत लगभग 4,600 डॉलर प्रति औंस के आसपास है, जब कि इस महीने के प्रारंभ में सोने का मूल्य लगभग 5,400 डॉलर प्रति औंस था।

विशेषज्ञों
का मानना है कि सोने में आए तीव्र गिरावट के लिए मुनाफा निकालना, डॉलर के सूचकांक में वृद्धि, बॉंड यील्ड का बढ़ना और कच्चे तेल जैसी अन्य वस्तुओं में वृद्धि जिम्मेदार हैं। इन सभी तत्वों ने सोने पर दबाव डाला।

विशेषज्ञों
ने आगे बताया कि पिछले चार वर्षों में सोने के व्यापार के तरीके में बदलाव आया है।

उन्होंने
कहा, “यूक्रेन युद्ध से पहले, सोने के दाम का बॉंड यील्ड और अमेरिकी डॉलर के प्रदर्शन के विपरीत संबंध था; जब ये सूचकांक घटते थे, तो सोने की कीमतें बढ़ती थीं, और जब ये सूचकांक बढ़ते थे, तो सोने की कीमतें घटती थीं।”

उन्होंने
आगे कहा, “यूक्रेन युद्ध के बाद की अवधि में इन संबंधों में पूरी तरह से बदलाव आया, खासकर 2025 और 2026 की प्रारंभिक अवधि में जब सोने की कीमतों में तेजी से वृद्धि देखी गई।”

ईरान
के युद्ध के बाद, सोने ने अपने पारंपरिक संबंधों को फिर से स्थापित किया है।

उन्होंने
कहा, “जब बॉंड यील्ड और अमेरिकी डॉलर दोनों में वृद्धि हुई, तब सोने ने इन मानकों के प्रति अपनी पारंपरिक विपरीत संवेदनशीलता को प्रदर्शित किया, जिससे इसकी कीमतों में कमी आई।”

हालांकि,
पिछले वर्ष में सोने ने बेहद ऊंची रैली दर्ज की है। डॉलर के मुकाबले सोने की कीमत पिछले एक साल में 45 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी है। वहीं, पिछले छह महीने में सोने की कीमत में लगभग 18 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

भू माफिया ने चौकीदार को बंधक बनाकर पीटा

कटनी। बरगवां स्थित एलआईसी भवन के निकट मंगलवार की सुबह लगभग 4 बजे एक गंभीर आपराधिक घटना हुई। गवाहों के अनुसार, 8 से 10 चेहरे ढंके व्यक्तियों के साथ आए एक कथित मुस्लिम समुदाय के भू-माफिया तथा उसके साथियों ने चौकीदार को बंधक बनाकर बर्बरतापूर्वक पिटाई की और वहां की बाउंड्री वॉल को नष्ट कर दिया। बताया गया है कि हमलावरों ने पहले चौकीदार को रस्सियों से बांध दिया ताकि वह प्रतिरोध न कर सके, और फिर जेसीबी या अन्य उपकरणों की सहायता से दीवार को गिरा दिया। घटना के दौरान इस क्षेत्र में अत्यधिक डर का माहौल बन गया, और आस-पास के लोग भय के मारे अपने घरों में छिपे रहे। आश्चर्य की बात यह है कि सुबह लगभग 7:30 बजे वही संदिग्ध भू-माफिया फिर से वहां आया और गिरी हुई बाउंड्री वॉल के पास खड़े होकर वीडियो बनवाने लगा। इस पूरे घटनाक्रम से अवैध जमीन कब्जाने की उद्देश्य स्पष्ट है।

स्थानीय
निवासियों का आरोप है कि “नाज़िम” नामक व्यक्ति, जो क्षेत्र में भू-माफिया के तौर पर जाना जाता है, ने जमीन पर अनाधिकृत कब्जा करने के इरादे से पहले से बने बाउंड्री वॉल को ध्वस्त करवाया है। घटना के बाद क्षेत्र के निवासियों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि इतने बड़े अपराध के बावजूद पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी, जिससे अपराधियों का मनोबल ऊँचा है। स्थानीय नागरिकों ने आरोपियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की है और अवैध कब्जों को समाप्त करने की गुजारिश की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने पड़ताल आरंभ कर दी है। चौकीदार का बयान दर्ज किया जा रहा है और लोगों ने आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस के कार्यपालिका और कथित भू-माफिया के बीच सम्बन्ध जगजाहिर हैं, इसलिए लोगों ने इस मामले में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से कठोर कदम उठाने की अपील की है। ध्यान देने योग्य है कि यह मुद्दा पहले से ही विवादित रहा है। बरगवां निवासी पैट्रिक डन ने एडीएम और तहसीलदार को लिखित शिकायत देकर बताया था कि उनकी करोड़ों रुपये की पैतृक भूमि, जो एलआईसी कार्यालय के पीछे स्थित है, पर कुछ असामाजिक तत्व लगातार निर्माण कार्य में रुकावट डाल रहे थे।

पीड़ित
के अनुसार, यह भूमि खसरा नंबर 209, 210 और 211 में दर्ज है, जो पटवारी हल्का बरगवां, तहसील कटनी नगर, जिला कटनी में находится है। उन्होंने खुद को जमीन का कानूनी मालिक और कब्जाधारी बताते हुए सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ दिनों से अज्ञात लोग मजदूरों को धमका रहे थे, काम रोकने का दबाव बना रहे थे और धन की मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही थी। इसके बाद, निर्माण पूर्ण होने पर बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया गया।
पीड़ित
पक्ष ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। वहीं, माधवनगर थाने के प्रभारी संजय दुबे ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। अब यह देखना बाकी है कि जिला प्रशासन इस मामले में किस प्रकार के कदम उठाता है और आरोपियों पर कार्रवाई कब तक की जाती है।

अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बडवारा पुलिस की सख्त कार्रवाई, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा की देखरेख में जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संतोष डेहरिया और डीएसपी मुख्यालय श्री रत्नेश मिश्रा के निर्देशन में बडवारा थाना पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की।

घटना
का विवरण – 30/03/2026 को बसाडी मोड़ पर पुलिस ने जांच के दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रेत से भरा हुआ संदेहास्पद स्थिति में पाया। जब चालक से जानकारी मांगी गई, उसने बताया कि उसका नाम अजय साहू है, पिता का नाम रज्जू साहू है, वह 23 साल का है और ग्राम बसाडी, थाना बडवारा, जिला कटनी का निवासी है। पुलिस ने उसे वैध दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने के लिए कहा, लेकिन चालक ने कोई दस्तावेज नहीं पेश किया। इसके बाद पुलिस ने उसे अवैध रेत परिवहन करते हुए तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उपस्थित गवाहों के सामने ट्रैक्टर और रेत भरी ट्रॉली को विधिवत रूप से जब्त कर लिया गया और जब्ती पंचनामा बनाया गया। जब्त की गई गाड़ी को थाना परिसर में सुरक्षित ढंग से रखा गया है।

इस
मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस अधिनियम की धारा 106 के तहत विधिक कदम उठाए गए हैं।

विशेष
योगदान- इस कार्रवाई में थाना प्रभारी के.के. पटेल, सहायक उपनिरीक्षक रघुवीर सिंह, आरक्षक शिवप्रकाश तिवारी, और आरक्षक गौरीशंकर राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

बडेरा में सरपंच-सचिव पर भ्रष्टाचार के आरोप, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्यवाही

बड़वारा-जनपद पंचायत बड़वारा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बडेरा के ग्राम झिंझरी का मामला सामने आया है। जहां ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच सचिव के द्वारा सड़क निर्माण की राशि आहरित की जा चुकी है, लेकिन धरातल पर सड़क का निर्माण कार्य नहीं कराया गया। रजनी बाई पटेल के घर से राम जी पटेल के घर तक पक्की सड़क का निर्माण कार्य किया जाना था पर निर्माण सिर्फ कागजों पर पक्की सड़क का निर्माण कार्य करा देना दिखा दिया गया है बल्कि धरातल में सड़क का निर्माण कार्य शून्य है। बताया गया कि सड़क निर्माण की राशि लगभग 7 से 8 लाख रुपए स्वीकृत हुई थी जो सरपंच सचिव ने अधिकारीयों से मिलकर गमन कर लिया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी तरह के अन्य मामले हैं जो जाँच के बाद उजागर हो सकते है। ग्राम झिंझरी में भी पंचायत द्वारा सड़क एवं नाली का निर्माण कार्य कराया जाना था लेकिन वह भी पूर्ण नहीं कराया गया जिससे सड़क में गंदगी का अम्बार लगा रहता है। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार पंचायत द्वारा कराये गए विकास कार्यों की जाँच कराने की माँग की जा रही है। जाँच नहीं होने से सरपंच-सचिव के हौसले बुलंद है और भ्रष्टाचार को व्यापक स्तर पर अंजाम दिया जा रहा है।

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