jabalpur news घायल 5वीं महिला ने भी दम तोड़ा

गत रविवार की दुपहर बरेला मार्ग पर हुए हिट एंड रन घटना में घायल पांचवी महिला ने भी इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में अपनी जान गंवा दी। वही मंडला मार्ग में मृतकों के परिवार ने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। शव का पोस्टमार्टम करने के बाद शवों को मंडला के बम्हौरी गांव के रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। इसी बीच पुलिस ने उस कार का पता लगा लिया जो हिट एंड रन की दर्दनाक घटना में शामिल थी, जो सिहोरा निवासी दीपक सोनी के नाम पर रजिस्टर्ड बताई जा रही है।
इस घटना के संबंध में बरेला थाने के प्रभारी अनिल पटेल ने स्पष्ट किया कि रविवार को लगभग 12:45 बजे सिग्मा कान्हा कॉलोनी सालीवाड़ा में मंडला के बम्हौरी गांव से आए श्रमिक निर्माणाधीन सड़क पर रोड डिवाइडर पर जाली लगाने का कार्य कर रहे थे। दोपहर के भोजन के समय जब श्रमिक खाने में लगे थे, तभी तेज़ गति से आती कार, एमपी 20 एक्स बी 1460, ने उन पर वाहन चढ़ा दिया। इस दुर्घटना में 45 साल की श्रीमती चेनवती गौड़ और 40 साल की श्रीमती लच्छो बाई की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि 45 साल की श्रीमती वर्षा कुशराम और 40 साल की श्रीमती गुमता बाई की इलाज के दौरान रात में और 40 वर्षीय श्रीमती कृष्णा बाई कडोपा की सोमवार की सुबह मेडिकल कॉलेज में मृत्यु हो गई।
इन घायलों का चल रहा इलाज ………
हादसे में घायल हुए श्रीमती गीता बाई उइके (उम्र 40 वर्ष), श्रीमती मीरा बाई उइके (उम्र 45 वर्ष), श्रीमती राजकुमारी उइके (उम्र 35 वर्ष), श्रीमती जमुना बाई (उम्र 40 वर्ष), श्रीमती ज्ञानवती बाई मसराम (उम्र 41 वर्ष), छोटी बाई मसराम (उम्र 35 वर्ष), श्रीमती भागवती बाई उइके (उम्र 35 वर्ष), श्रीमती लक्ष्मी गौड़ (उम्र 40 वर्ष), श्रीमती प्रभावती मरावी (उम्र 30 वर्ष), श्रीमती अकलवती मरावी (उम्र 40 वर्ष) और श्रीमती लक्ष्मी बाई बरकड़े (उम्र 45 वर्ष) का मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी है। मृतकों का पंचनामा तैयार करके शवों का पोस्टमार्टम किया गया और पुलिस ने शवों को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने कार के चालक के खिलाफ धारा 281, 125(ए), 125(बी), 105 बीएनएस और धारा 184, 134, 187, 177 मोटरयान अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

nagpur accident news today कंपनी की लापरवाही से मजदूर की मौत, लोहे की प्लेट ने ली जान, कंपनी गेट पर शव रखकर आंदोलन

कामठी तहसील के कवठा में स्थित ट्रूफॉर्म टेक्नो प्रोडक्ट प्रा. लि. कंपनी में लापरवाह और अमानवीय प्रबंधन के कारण एक श्रमिक की दुखद मृत्यु हुई। घटना के बाद कंपनी के मालिक द्वारा दिए गए कथित असंवेदनशील बयान ने क्षेत्र में गहरा आक्रोश उत्पन्न कर दिया। नाराज परिवार के सदस्यों ने मृतक का शव कंपनी के गेट के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन आरंभ किया।
सूत्रों के मुताबिक, टेकाड़ी निवासी प्रमोद नत्थुजी बोराडे (45) पिछले आठ साल से इस कंपनी में काम कर रहे थे। कंपनी पर आरोप है कि यहाँ सुरक्षा उपकरणों की कमी गंभीर है। काम के दौरान एक भारी लोहे की प्लेट रात में अचानक उनके पेट पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद, मृतक के परिवार ने कंपनी से चिकित्सा खर्च और मुआवजा मांगा, लेकिन प्रबंधन ने किसी भी जिम्मेदारी को लेने से इंकार कर दिया। इसी दौरान, परिजनों ने आरोप लगाया कि कंपनी के मालिक ने फोन पर कहा, “उसे मरना ही था, इसलिए वह हमारी कंपनी में आया।” इस कथित अमानवीय टिप्पणी ने जनमानस में गुस्सा भड़काया। नाराज परिवार ने मृतक के शव को कंपनी के गेट पर रखकर विरोध प्रदर्शित किया, जिसमें रिश्तेदारों, सहकर्मी श्रमिकों और स्थानीय लोगों ने भी भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी में सुरक्षा किट, हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट, सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, जिससे श्रमिकों की जान को खतरे में डाला जा रहा है। मृतक प्रमोद बोराडे के पास अपनी पत्नी और एक नाबालिग बेटी है, जिससे उनके परिवार के लिए आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। आंदोलनकारियों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज किया जाए, कंपनी को सील किया जाए और पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।इस दौरान कामठी क्षेत्रीय अस्पताल में भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजनों ने शव को लेने से मना कर दिया, जिससे कंपनी के अधिकारियों और परिजनों के बीच जोरदार बहस हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कंपनी परिसर और अस्पताल में पुलिस का कड़ा इंतजाम किया गया था।

katni news today पीपीपी मॉडल वाले मेडिकल कॉलेज के विरोध में आज कटनी बंद की पहली तस्वीर आई सामने, कृषि कृषि उपज मंडी में दिखा सन्नाटा

पीपीपी मॉडल वाले मेडिकल कॉलेज के खिलाफ आज कटनी बंद की शुरूआत की पहली तस्वीर सामने आई, कृषि उत्पाद मंडी में शांति का माहौल देखा गया, व्यापारियों ने स्वेच्छा से कार्य रोक दिया।
कटनी। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा कटनी में मेडिकल कॉलेज के नाम पर किए गए धोखे के प्रतिरोध में आज कटनी बंद का आह्वान किया गया है। भाजपा सरकार ने मेडिकल कॉलेज का सपना दिखाकर कटनी की जनता से वोट लिए, लेकिन जब कॉलेज का समय आया तो पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज प्रस्तुत किया। कॉलेज के निजीकरण के कारण होने वाली समस्याओं के खिलाफ कटनी के जागरूक नागरिक और समाजसेवी एकत्रित होकर आंदोलन कर रहे हैं। कटनी बंद के आह्वान के बाद कृषि उपज मंडी कटनी से जो शुरुआती छवि सामने आई है, उसमें मंडी के व्यापारी बंद का समर्थन करते हुए नजर आ रहे हैं।
बंद का नेतृत्व कर रहे जागरूक और समाजसेवी व्यक्तियों ने जिले के निवासियों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के भविष्य और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस बंद को सफल बनाने में अपना योगदान दें। एक दिन का बंद सरकार को इस निर्णय पर फिर से विचार करने के लिए बाध्य कर सकता है। उन्होंने जिले के लोगों से आज 20 जनवरी को कटनी बंद रखने और विरोध जताने की अपील की है।

katni news बढ़ती जा रही नगर निगम के प्राइवेट अतिक्रमण दस्ते की गुंडागर्दी, गरीब सब्जी विक्रेताओं पर कहर बनकर टूट रही कार्रवाई, बिना पंचनामा के जप्त किया जा रहा सामान

शहर में नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते की हंगामे की प्रवृत्ति हर दिन बढ़ती जा रही है। अतिक्रमण दस्ते में शामिल निजी कर्मचारी दुकानदारों और मोदी सरकार के स्ट्रीट वेंडरों को निशाना बनाकर परेशान कर रहे हैं। बिना उचित प्रक्रिया के फुटपाथ पर काम करने वालों का सामान लूटना उनकी दिनचर्या बन चुकी है। अतिक्रमण दस्ते का ध्यान न तो झंडाबाजार की ओर होता है और न ही सिल्वर टॉकीज रोड पर उनकी उपस्थिति होती है। जहाँ एक दस फीट की दुकान वाले व्यापारी बाहर 20 फीट तक दुकान लगाकर सड़क को संकरा कर देते हैं। नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता मुख्य रूप से नगर निगम से निकलते ही जिला अस्पताल रास्ता, कचहरी चौक और मोहन टॉकीज के अतिरिक्त मेन रोड पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि पुरानी कचहरी से एसडीएम व तहसीलदार कार्यालय तक पहुँचने के बाद यहाँ की रौनक पहले ही समाप्त हो चुकी है। कचहरी चौराहे पर अब केवल फुटपाथ पर सब्जी बेचने वालों की हलचल दिखती है, परंतु अतिक्रमण दस्ते के उत्पीड़न के कारण यहाँ सब्जी बेचने वाले मोदी सरकार के स्ट्रीट वेंडर दो समय की रोटी के लिए तरस रहे हैं। अतिक्रमण की इस कार्रवाई के चलते महापौर प्रीती संजीव सूरी की छवि भी प्रतिदिन गिरती जा रही है क्योंकि गरीब व्यापारी इस स्थिति के लिए सीधे महापौर को जिम्मेदार मान रहे हैं। प्रभावित व्यवसायियों का कहना है कि कचहरी चौराहे से स्टेट बैंक तिराहे के बीच एक तरफ कपड़ा व्यापारी को स्पेस दिया गया है, तो दूसरी ओर उन्हें भी सड़क किनारे व्यवसाय करने की इजाजत दी जाए ताकि वे अपने तथा अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।अतिक्रमण निरीक्षण की कार्रवाई से सिर्फ निम्न वर्ग को ही समस्या होती है। सड़क के किनारे अगर कोई गाड़ी 24 घंटे खड़ी रहे तो कोई चिंता नहीं होती, लेकिन यदि कोई दुकान का संचालन कर रहा है तो उसे परेशान किया जाता है। कचहरी चौराहे पर महारानी लक्ष्मी बाई की मूर्ति के चारों ओर नो पार्किंग का नियम है। इसके बावजूद, हर समय चारों ओर गाड़ियाँ खड़ी रहती हैं। जिन्हें अतिक्रमण दस्ते द्वारा देखकर छोड़ दिया जाता है, लेकिन यदि वहीं कोई सब्जी बेचने के लिए बैठ जाए तो उसकी सारी सब्जियाँ बिना किसी प्रक्रिया के जब्त कर ली जाती हैं।

maihar news today पहाड़ी पर घूमने गई किशोरी से गैंगरेप, पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा

नवगठित जिले मैहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए अपराधियों ने एक नाबालिग छात्रा का उत्पीड़न किया है। 14 वर्षीय किशोरी जो घर से सब्जी लेने गई थी, के साथ पहाड़ी इलाके में सामूहिक बलात्कार की एक घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए पीड़िता के दो दोस्तों सहित तीन संदिग्धों को पकड़ लिया है, और दो अन्य आरोपियों की खोज जारी है। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता शनिवार की शाम अपने घर से सब्जी खरीदने के लिए निकली थी। रास्ते में उसे दो परिचित मित्र मिले, जिन्होंने उसे बाइक पर बैठाकर पास की पहाड़ी पर ले जाने का निर्णय लिया। मंदिर के आसपास कुछ समय बिताने के बाद, जब वे सभी लौट रहे थे, तभी रास्ते में तीन अनजान बदमाशों ने एक बाइक पर उनकी राह रोक ली। पुलिस की जानकारी के अनुसार, पीड़िता शनिवार की शाम के समय सब्जी खरीदने निकली थी। यात्रा के दौरान, उसे दो जानने वाले दोस्त मिले, जिन्होंने उसे बाइक पर लेकर समीपवर्ती पहाड़ी की ओर जाने का प्रस्ताव दिया। मंदिर के पास थोड़ी देर रुकने के बाद, जब तीनों वापस लौटने लगे, तब एक बाइक पर तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनका रास्ता अवरुद्ध कर दिया। पीड़िता के साथ गए उसके दो मित्र और एक अन्य आरोपी समेत कुल तीन लोग अभी पुलिस की हिरासत में हैं। घटना में शामिल अन्य दो मुख्य आरोपियों की खोज में पुलिस की टीमें लगातार छापे मार रही हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा और मामले में उपयुक्त कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यह घटना समाज में बढ़ती असुरक्षा की भावना और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता को उजागर करती है।

mp harda news today आदिवासी किसान को खेत में पीटा, थूककर अपमानित किया हमलावरों ने बताया खुद को करणी सेना सदस्य

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में एक आदिवासी किसान के साथ अत्यधिक हिंसा और अपमान का गंभीर मामला उजागर हुआ है। पीड़ित ने कहा कि कुछ दबंगों ने खुद को करणी सेना से संबंधित बताते हुए न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि उन पर थूककर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी। वर्तमान में पुलिस ने उक्त मामले की रिपोर्ट दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
यह घटना हरदा जिले के कपासी ग्राम में हुई, जो थाना रहटगाँव का हिस्सा है। पीड़ित किसान के अनुसार, 18 जनवरी 2026 की शाम लगभग 5:30 बजे वह अपने खेतों में सिंचाई का कार्य देख रहा था। इसी समय टेमागांव-कपासी सड़क पर एक स्पोर्ट्स बाइक पर दो युवक बार-बार आते-जाते नजर आए। जब किसान ने उनसे कारण पूछा, तो पीछे बैठे युवक ने गालियाँ देनी शुरू कर दी और खेत की बाड़ से लकड़ी उठाकर उस पर हमला किया, जिससे किसान के बाएं हाथ में चोट आई।
पीड़ित का कहना है कि इसके बाद मोटरसाइकिल पर सवार युवक ने फोन किया और कुछ ही समय में एक चार पहिया वाहन से लगभग आठ लोग वहाँ पहुँच गए। इनमें से एक का नाम योगेन्द्र सिंह मौर्य बताया गया है, जो टिमरनी का निवासी है। सभी आरोपियों ने मिलकर किसान पर बुरी तरह से हमला किया।
घटना के समय बचाव में आए किसान के मित्र मनोज उइके और सुदामा धुर्वे के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावरों ने अपने आप को करणी सेना का सदस्य बताते हुए आदिवासी किसान से ज़बरदस्ती माफी मंगवाई, एक युवक ने मनोज उइके पर थूक कर उन्हें अपमानित किया और रिपोर्ट करने पर जान से मारने की भी धमकी दी। इस मारपीट में किसान को हाथ, सीने और पीठ में चोटें आई हैं, जबकि मनोज उइके को पैर और कान में चोट लगी। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

katni ki news today दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवक की मौत

कटनी नगर में बीती रात एक गंभीर सड़क हादसे ने समूचे क्षेत्र को दुख में डाल दिया। मिशन चौक ओवरब्रिज के नजदीक बरगवां क्षेत्र में तेज़ रफ्तार में चल रही एक गाड़ी ने बाइक पर बैठे युवक को जोरदार टक्कर दे दी। घटना रात लगभग 11:30 बजे के आसपास की बताई जा रही है।
इस दुर्घटना में बाइक सवार युवक को गंभीर चोटें आईं। टक्कर इतनी शक्तिशाली थी कि बाइक पूरी तरह से नष्ट हो गई और युवक के सिर पर गंभीर चोटों का असर हुआ। स्थानीय निवासियों ने सूचना दी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल युवक को फौरन एंबुलेंस द्वारा कटनी जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
घायल की पहचान पुरानी बस्ती के निवासी और कृष्णा ज्वेलर्स के मालिक प्रदीप कुमार सोनी के बेटे भानु सोनी के रूप में हुई। जब उसकी हालत अस्पताल में गंभीर हो गई, तो चिकित्सकों ने उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया, जहां इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे युवक ने अपनी जान गंवा दी।
युवक की मौत के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है। जैसे ही घटना की जानकारी परिवार वालों और जानने वालों को मिली, वे अस्पताल पहुंचे, जहां का माहौल बहुत दुखदायी हो गया।
सराफा बाजार में शोक की छाया, आज प्रतिष्ठान बंद
भानु सोनी के मौत की सूचना फैलते ही पुरानी बस्ती और सराफा बाजार में शोक का माहौल बनने लगा। सुबह कई सराफा कारोबारी उनके घर पहुंचकर परिवार वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने लगे। इस दुखद घटना के बाद, सराफा बाजार ने आज पूरी तरह बंद रहने का निर्णय लिया है।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की है और दुर्घटना में शामिल गाड़ी की खोज प्रारंभ कर दी है।

jabalpur news तेज रफ्तार का कहर, भोजनावकाश में बैठे मजदूरों को कार ने रौंदा, पांच की मौत, 7 घायल, बरेला मार्ग पर दिल दहला देने वाली दुर्घटना, देर रात तीन और महिलाओं ने तोड़ा दम

जबलपुर के बरेला मार्ग पर रविवार को दोपहर में हुई गंभीर सड़क दुर्घटना में मृतकों की संख्या चार हो गई है। तेज गति में चलती एक कार ने सड़क किनारे भोजन कर रहे श्रमिकों को कुचल दिया। प्रारंभ में दो महिला श्रमिकों ने घटनास्थल पर ही अपनी जान गंवा दी, जबकि गंभीर चोटें आई दो अन्य महिलाओं ने रात में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के कारण अब भी 10 श्रमिक अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर है। मृतकों की पहचान मंडला जिले के बीजाडांडी क्षेत्र के ग्राम बिहारिया की चैनवती बाई (35), लच्छो बाई (38), गोमती बाई (40) और वर्षा बाई (39), कृष्णा बाई (41) के रूप में हुई है। ये सभी महिलाएं पिछले लगभग एक महीने से जबलपुर में काम कर रही थीं। इस हादसे ने पांच परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया।
बरेला थाना क्षेत्र के एकता चौक पर 20 से अधिक श्रमिक रोड डिवाइडर की ग्रिल की सफाई कर रहे थे। रविवार दोपहर लगभग दो बजे, जब श्रमिक भोजन करने के लिए सड़क किनारे बैठे थे, तभी एक सफेद कार तेज गति से वहां आई। चालक ने अपना नियंत्रण खो दिया और कार मजदूरों को सीधे रौंदते हुए आगे बढ़ गई। कुछ क्षणों में, एक खुशहाल माहौल शोक में बदल गया। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और कई श्रमिक दूर जा गिरे।

jabalpur news today जबलपुर में बस ने बाइक-ऑटो को मारी टक्कर एक की मौत महिला समेत 6 घायल

जबलपुर के माढ़ोताल थाना क्षेत्र के सुरतलाई एरिया में एक तेज गति से चलने वाली बस ने विपरीत दिशा में जाकर एक मोटरसाइकिल और एक ऑटो को टक्कर दे दी। इस दुर्घटना में मोटरसाइकिल पर सवार व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक महिला समेत ऑटो में सवार कुल 6 लोग घायल हो गए।
घटना का CCTV वीडियो भी जारी हुआ है, जिसमें बस को गलत दिशा से आते हुए मोटरसाइकिल और ऑटो को टकराते हुए देखा जा सकता है। माढ़ोताल थाना के प्रभारी वीरेंद्र सिंह पवार ने बताया कि यह दुर्घटना बस चालक की लापरवाही के कारण हुई है। शनिवार को यह बस जबलपुर से सागर की ओर जा रही थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल भेजा। पुलिस ने बस के ड्राइवर हरदेव सिंह, जो सागर का निवासी है, के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बस को भी जब्त कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
इस हादसे में शामिल बस सागर स्थित राधा ट्रैवल्स की बताई जा रही है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर MP 15 ZF 3254 है। शनिवार शाम को यह बस यात्रियों को लेकर सागर के लिए रवाना हुई थी।
जैसे ही बस सुरतलाई के पड़वार मोड़ पर पहुंची, उसने भेड़ाघाट के जहाजपुर के निवासी मोटरसाइकिल चालक अनिकेत चराड़ को टक्कर मार दी और फिर एक ऑटो में घुस गई। बस और ऑटो के बीच फंसे रहने के कारण मोटरसाइकिल सवार काफी दूर तक घिसटता चला गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं, जो अंततः उसकी मृत्यु का कारण बनीं।

umaria news अवैध शराब के जहरीले अवशेष खाने से 5 गायों की मौत, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में अवैध शराब निर्माण के बाद फेंके गए दूषित अवशेषों के सेवन से पांच गायों की दुखद मृत्यु हुई। इस घटना ने प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, क्योंकि कुछ दिनों पहले पास के गांव में महिलाओं ने शराबबंदी के समर्थन में प्रदर्शन किया था।
उमरिया जिले में प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है, जहां अवैध शराब के व्यापारियों द्वारा फेंके गए विषैले अवशेषों के खाने से पांच गायों की जान गई। यह घटना चंदिया थाना क्षेत्र के बिलासपुर गांव में हुई। इस मामले ने सरकार की गौ-संरक्षण नीतियों पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया है, इसके साथ आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस की गतिविधियों को भी कठघरे में ला खड़ा किया है।
इस घटना की गंभीरता उस समय और बढ़ जाती है जब कुछ समय पहले पास के कोइलारी गांव में महिलाओं ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन किया था। उस विरोध की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब इन निर्दोष जानवरों को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है।
सूचनाओं के अनुसार, बिलासपुर गांव के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध रूप से कच्ची शराब बनाई जा रही है। शराब के निर्माण के बाद जो जहरीला पदार्थ (महुआ लहान) बचता है, उसे खुले में फेंक दिया जाता है। गांव में चरने वाली गायों ने उसे खा लिया, जिसके परिणामस्वरूप एक-एक करके पांच गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया कि ये गायें लंबे समय से इसी क्षेत्र में घूम रही थीं।घटना के पश्चात ग्रामीणों में गहरा आक्रोश उत्पन्न हुआ है। उनका कहना है कि पुलिस और आबकारी विभाग के सहयोग से यह अवैध व्यापर चल रहा है। लोगों ने यह प्रश्न उठाया है कि जब शराब की भट्टियां खुलकर संचालित हो रही हैं, तो प्रशासन कैसे अनजान बना हुआ है? इस घटना के बाद अब तक कोई ठोस कार्रवाई प्रशासन द्वारा नहीं की गई है और न ही कोई आरोपी पकड़ा गया है, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी और अधिक बढ़ गई है। एक ओर सरकार गाय को ‘गौ माता’ का दर्जा देते हुए उनकी देखभाल और संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उनकी मृत्यु पर इस प्रकार की खामोशी चिंतित करने वाली है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि अवैध शराब निर्माताओं के खिलाफ जल्दी से FIR दर्ज की जाए और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। वे यह भी चाहते हैं कि प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटनाएँ पुनः न हों। यह मामला सिर्फ पांच गायों की मौत का ही नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्न खड़ा करता है, जिसका उत्तर प्रशासन को प्रदान करना होगा।

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