मध्य प्रदेश के हरदा जिले में एक आदिवासी किसान के साथ अत्यधिक हिंसा और अपमान का गंभीर मामला उजागर हुआ है। पीड़ित ने कहा कि कुछ दबंगों ने खुद को करणी सेना से संबंधित बताते हुए न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि उन पर थूककर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी। वर्तमान में पुलिस ने उक्त मामले की रिपोर्ट दर्ज करके जांच आरंभ कर दी है।
यह घटना हरदा जिले के कपासी ग्राम में हुई, जो थाना रहटगाँव का हिस्सा है। पीड़ित किसान के अनुसार, 18 जनवरी 2026 की शाम लगभग 5:30 बजे वह अपने खेतों में सिंचाई का कार्य देख रहा था। इसी समय टेमागांव-कपासी सड़क पर एक स्पोर्ट्स बाइक पर दो युवक बार-बार आते-जाते नजर आए। जब किसान ने उनसे कारण पूछा, तो पीछे बैठे युवक ने गालियाँ देनी शुरू कर दी और खेत की बाड़ से लकड़ी उठाकर उस पर हमला किया, जिससे किसान के बाएं हाथ में चोट आई।
पीड़ित का कहना है कि इसके बाद मोटरसाइकिल पर सवार युवक ने फोन किया और कुछ ही समय में एक चार पहिया वाहन से लगभग आठ लोग वहाँ पहुँच गए। इनमें से एक का नाम योगेन्द्र सिंह मौर्य बताया गया है, जो टिमरनी का निवासी है। सभी आरोपियों ने मिलकर किसान पर बुरी तरह से हमला किया।
घटना के समय बचाव में आए किसान के मित्र मनोज उइके और सुदामा धुर्वे के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावरों ने अपने आप को करणी सेना का सदस्य बताते हुए आदिवासी किसान से ज़बरदस्ती माफी मंगवाई, एक युवक ने मनोज उइके पर थूक कर उन्हें अपमानित किया और रिपोर्ट करने पर जान से मारने की भी धमकी दी। इस मारपीट में किसान को हाथ, सीने और पीठ में चोटें आई हैं, जबकि मनोज उइके को पैर और कान में चोट लगी। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
