कटनी में रेत माफिया पर ताबड़तोड़ एक्शन!

अवैध रेत परिवहन पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स का सख्त एक्शन; तड़के हुई कार्रवाई में 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कटनी। जिले में गैरकानूनी खुदाई और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशों के तहत शनिवार सुबह जिला स्तर की टास्क फोर्स ने कठोर कार्रवाई की। इससे अवैध खनिज कारोबारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। योजना बनाकर की गई छापेमारी में प्रशासनिक समूह को मुखबिरों से रात के समय अवैध रेत परिवहन की जानकारी प्राप्त हुई। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टास्क फोर्स ने शनिवार की सुबह तीन से चार बजे के बीच जिले के विभिन्न संवेदनशील रास्तों पर गहन जांच अभियान चलाया। जांच में बिना वैध ‘पिट पास’ के रेत का परिवहन करते हुए तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा गया। खरेंटा ग्राम-: यहाँ पर दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रेत का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। देवरी क्षेत्र-: यहां पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को टीम ने घेराबंदी करके जब्त किया। जब्त की गई तीनों गाड़ियों को सुरक्षा के लिहाज से पुलिस थाना बड़वारा की निगरानी में रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। निरंतर जारी रहेगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज माफियाओं के खिलाफ यह मुहिम निरंतर चलती रहेगी। टास्क फोर्स समिति जिले के विभिन्न स्थानों पर लगातार सक्रिय है और भविष्य में भी इसी प्रकार की आकस्मिक कार्रवाइयाँ होती रहेंगी। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस थाना प्रभारी बड़बारा श्री कृष्ण कुमार पटेल ने किया।

कलेक्टर ने खेत में उतरकर दिखाई तकनीक की ताकत

कटनी (16 अप्रैल) – जिले के गांव टिकरवारा में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री आशीष तिवारी खुद खेतों में आए और किसानों के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक रीपर मशीन से गेहूं की फसल की कटाई शुरू की। यह गतिविधि केवल एक प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि प्रणालियों से जोड़ने का एक प्रेरणादायक प्रयास बन गया।

जब
कलेक्टर ने टिकरवारा के कृषकों मनबोधन पटेल, सुशील पटेल और सुखेंद्र पटेल के खेत में मशीन चलाना शुरू किया, तो ग्रामीणों का एक बड़ा समूह वहां इकट्ठा हो गया। सभी की नजरें उस मशीन पर थीं, जो तेजी से सुनहरी फसल को काट रही थी।

ग्रामीणों
ने मशीन को सिर्फ देखा नहीं, बल्कि इसके संचालन की विधि को भी समझा। मशीन की तेज आवाज और लहराती फसल का जल्दी कटना सभी के लिए मोहित करने वाला था। खेत के एक कोने में खड़े वृद्ध किसान रामलाल ने मुस्कुराते हुए कहा, “इस काम में पहले कई दिन लगते थे, अब यह कुछ घंटों में हो जाता है।” वहीं युवा किसान इस अद्भुत दृश्य को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते नजर आए—जैसे कि वे इस बदलाव के आरंभ को संजोना चाहते हों।

इस
दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने किसानों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि अब आधुनिक कृषि उपकरण विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकताएं बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उन्नत मशीनों के प्रयोग से ना केवल समय और श्रम की बचत होती है, बल्कि उत्पादन का खर्च भी घटता है और आय में वृद्धि होती है। उन्होंने इलेक्ट्रिक रीपर का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि यह मशीन छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है।

पटेल
भाइयों के चेहरों पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था। उनका खेत उस दिन सिर्फ फसल उत्पादन का स्थान नहीं रहा, बल्कि नई सोच और तकनीकी परिवर्तन का केंद्र बन गया। इस पहल से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने के प्रति उत्साहित नजर आए।

टिकरवारा
का यह दृश्य यह संदेश छोड़ गया कि जब प्रशासन खुद खेतों में जाकर नवाचार को अपनाने की कोशिश करता है, तो बदलाव की लहर गांव-गांव तक पहुंचती है और खेती को एक नई दिशा में ले जाती है।

बाल विवाह रोकथाम के लिए जिला प्रशासन सजग और मुस्‍तैद बाल विवाह कराने,सहयोग देने वाले व्‍यक्ति

बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन सक्रिय और चौकस
बाल
विवाह की व्यवस्था करने वाले व्यक्तियों, संगठनों और संस्थाओं के लिए कारावास के दो वर्ष और एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। कटनी (16 अप्रैल) – जिले में अक्षय तृतीया और अन्य विवाह मुहूर्तों के मौके पर बाल विवाह को प्रतिबंधित करने के लिए एक प्रभावशाली, समन्वित और बहुस्तरीय व्यापक योजना बनाई गई है। इस उद्देश्य के लिए, विकासखंड स्तर पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यों की बाल विवाह रोकथाम टीम स्थापित की गई है।
कलेक्टर
श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाल विवाह निगरानी समितियां और कोर ग्रुप बाल विवाह से संबंधित गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज में एक गंभीर सामाजिक समस्या है। इस प्रथा का स्वरूप समाज में अत्यंत भयानक है। कलेक्टर श्री तिवारी ने बाल विवाह को रोकने के लिए समुदाय से भी सहयोग की अपील की है और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से, संबंधित एसडीएम और महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को दी जा सकती है।
कलेक्टर
ने स्पष्ट किया कि प्रशासन बाल विवाह के खिलाफ सजग और तैयार है। बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 की धाराएं 9,10,11 और 13 उन व्यक्तियों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के लिए दो साल तक की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों का प्रावधान करती हैं, जो बाल विवाह का आयोजन या सहयोग करते हैं।
जिला
कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास ने हलवाई, प्रेस करने वालों, कैटरर्स, धार्मिक गुरुओं, समाज के नेताओं, बैंड और घोड़ी वाले, तथा परिवहन सेवा देने वालों से भी अपील की है कि वे बाल विवाह के आयोजन में सहयोग करें, अन्यथा उन्हें भी बाल विवाह के सहयोगी माना जाएगा और वे बाल विवाह रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई के शिकार हो सकते हैं।
बाल
विवाह मुक्त भारत पोर्टल
महिला
बाल विकास मंत्रालय ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त भारत नामक पोर्टल की स्थापना की गई है। यह पोर्टल नागरिकों को बाल विवाह की घटनाओं की रिपोर्ट करने, शिकायतें दर्ज कराने और देश भर में बाल विवाह निषेध अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक होता है। हेल्पलाइन नंबर 181, 1098, 100 और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल (https://stopchildmarriage.wcd.gov.in) पर भी सूचना या जानकारी दर्ज कराई जा सकती है।

पुरानी रंजिश में खूनी खेल: युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला

पुरानी दुश्मनी के चलते युवक पर जानलेवा हमला, तीन के खिलाफ मामला दर्ज

कटनी/आशीष
चौधरी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस : एन.के.जे. थाना क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है जिसमें मारपीट और धारधार हथियार से हमला शामिल है। बड़ी खिरहनी के एक क्षेत्र में पुरानी दुश्मनी के चलते तीन युवकों ने मिलकर एक युवक पर जानलेवा हमला किया।

प्राप्त
किए गए विवरण के अनुसार, आर्यन दुबे, अंकित और विक्की यादव ने मिलकर अभिषेक साहू उर्फ लव को घेर लिया। पहले आरोपियों ने अभिषेक के साथ गाली-गलौज की, फिर धारधार हथियार से उस पर हमला किया। इस हमले में अभिषेक को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

घटना
की जानकारी मिलने के तुरंत बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की तहकीकात प्रारंभ की। एन.के.जे. थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

पुलिस
अब आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।

थार की टक्कर में 5 घायल, विधायक पुत्र ने कहा सायरन बजा रहा था, लोग नहीं हटे

शिवपुरी/करैरा। टीला रोड दुर्घटना: थार वाहन की टक्कर से 5 लोग घायल, विधायक के बेटे ने कहा– “सायरन बज रहा था, लोग नहीं हटे”।करैरा थानाक्षेत्र के टीला रोड पर गुरुवार सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें पिछोर से भाजपा विधायक Pritam Singh Lodhi के बेटे दिनेश लोधी की थार कार से कई लोग चोटिल हुए। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

टीला
रोड दुर्घटना: थार वाहन की टक्कर से 5 लोग घायल, विधायक के बेटे ने कहा– “सायरन बज रहा था, लोग नहीं हटे”

जानकारी
के मुताबिक, दिनेश लोधी सुबह लगभग 8 बजे जिम जा रहे थे। इसी समय उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पहले एक बाइक से टकरा गई, जिस पर तीन युवक बैठे थे। इसके बाद सड़क के किनारे चल रही एक महिला और दो युवतियां भी गाड़ी के संपर्क में आकर घायल हो गईं। घायलों की पहचान संजय परिहार, आशीष परिहार, अंशुल परिहार, सीता वर्मा और पूजा सोनी के रूप में हुई है। सभी को करैरा अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया, जहां उनकी चिकित्सा की गई।

पीड़ितों
की शिकायत पर पुलिस ने दिनेश लोधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज कर के जांच शुरू कर दी है।

वायरल
वीडियो और बयान
दुर्घटना
के बाद दिनेश लोधी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह यह दावा कर रहे हैं कि वह लगातार सायरन और हॉर्न बजाते रहे, लेकिन बाइक सवार गाड़ी को लहराते रहे, जिससे यह दुर्घटना हुई।

वहीं
कुछ स्थानीय नागरिक मौके पर यह सवाल करते हुए नजर आए कि अगर वाहन पर नियंत्रण था तो राहगीरों से टक्कर कैसे हुई।

विधायक
का बयान

विधायक
Pritam Singh Lodhi ने कहा कि अगर उनके बेटे की गलती सिद्ध होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि “विधायक के लिए पुत्र का परिवार बड़ा नहीं होता, जनता सबसे पहले है।”

मध्यप्रदेश में नई तबादला नीति 2026 की तैयारी तेज, एक माह के लिए हट सकती है ट्रांसफर पर रोक

भोपाल। मध्यप्रदेश की सरकार जल्दी ही वर्ष 2026 के लिए एक नई ट्रांसफर नीति लागू करने का इरादा रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकेतों के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग ने नई नीति का मसौदा बनाने का कार्य आरंभ कर दिया है। यह प्रस्तावित नीति संभवतः अप्रैल के अंत में कैबिनेट में पेश की जाएगी।

एक
महीने के लिए ट्रांसफर विंडो खुलेगी
सरकार इस बार भी
हर साल की तरह ट्रांसफर पर लगी रोक को निश्चित समय के लिए हटाने की योजना बना रही है।
प्रस्ताव
के अनुसार تقريباً एक महीने के लिए ट्रांसफरों की अनुमति दी जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले संभव होंगे। 10 प्रतिशत की सीमा निर्धारित
बेतरतीब
ट्रांसफरों पर रोक लगाने के उद्देश्य से नई नीति में स्पष्ट व्यवस्था की जा रही है कि किसी भी विभाग में कुल ट्रांसफर उसके कैडर के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे। “प्रभारी मंत्रियों की भूमिका में वृद्धि होगी
सूत्रों
के अनुसार इस बार प्रभारी मंत्रियों को एक महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है।
जिलों
में ट्रांसफरों के लिए मंत्रियों की मंजूरी अनिवार्य होगी। जिला स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कलेक्टर
स्तर से शुरू होगी प्रक्रिया
तृतीय
और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के ट्रांसफर पहले कलेक्टर स्तर पर प्रस्तावित किए जाएंगे, जिसके पश्चात विभागीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मई
से ट्रांसफरों का दौर शुरू होने की संभावना
पिछले
वर्ष कम ट्रांसफर होने के कारण कर्मचारियों में नई नीति को लेकर उत्साह बढ़ गया है। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बार राहत मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट
की स्वीकृति के तुरंत बाद मई 2026 की शुरूआत से ट्रांसफरों का सिलसिला आरंभ होने के संकेत मिल रहे हैं।

गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना: वंचित छात्राएं अब फिर कर सकेंगी आवेदन

भोपाल। मध्यप्रदेश की सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों एवं प्रतिभा किरण योजना का लाभ लेने से चूक गई विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग ने स्कॉलरशिप पोर्टल को पुनः खोलने के आदेश दिए हैं।
शैक्षणिक
वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से योजनाओं का लाभ नहीं ले सकने वाली योग्य छात्राएं अब फिर से आवेदन कर सकेंगी। मंत्री परमार ने विभाग को निर्देशित किया था कि कोई भी पात्र छात्रा योजना से वंचित न रहे और तेजी से कार्रवाई की जाए।
पोर्टल
फिर से शुरू
उच्च
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार गांव की बेटी योजना और प्रतिभा किरण योजना के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल पुनः सक्रिय किया गया है। अब नई और नवीनीकरण दोनों श्रेणी की छात्राएं ऑनलाइन तरीके से आवेदन दे सकेंगी।
आवेदन
की अंतिम तिथि
छात्राओं
के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन करने की आखिरी तिथि 15 मई 2026 तय की गई है। विभाग ने योग्य छात्राओं से निवेदन किया है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपने आवेदन प्रस्तुत करें।
योजनाओं
का उद्देश्य
इन
योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
सरकार
का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल कर आत्मनिर्भर बनें और शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी को बढ़ावा मिले।

ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत निवार पुलिस की दबिश, अवैध शराब पिलाते 4 आरोपी गिरफ्तार

कटनी | पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ जारी ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत माधवनगर थाना क्षेत्र की निवार चौकी की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम घुघरा में छापेमारी करते हुए अवैध शराब पिलाने और बेचने वाले चार व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा है।
​मुखबिर
से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई
सूत्रों
के अनुसार, निवार चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक अंजनी मिश्रा को खबर मिली थी कि ग्राम घुघरा में कुछ लोग गैरकानूनी तरीके से शराब का कारोबार चला रहे हैं, जहां लोगों को शराब परोसी जा रही है। सूचना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया और थाना प्रभारी माधवनगर श्री संजय दुबे के निर्देशन में पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी की।
​इन
आरोपियों पर किया गया मामला दर्ज
कार्रवाई
के दौरान पुलिस ने चार व्यक्तियों को अपनी गिरफ्त में लिया। आरोपियों की पहचान नरेश बर्मन (32 वर्ष), रामकेश बर्मन (59 वर्ष) निवासी ग्राम घुघरा, शकुन शर्मा (52 वर्ष) निवासी जरवाही और रतन आदिवासी (37 वर्ष) निवासी ठरका के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही आरंभ की है।
​इनकी
रही प्रशंसनीय भूमिका
इस
अवैध गतिविधियों के खिलाफ की गई त्वरित कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अंजनी मिश्रा, प्रधान आरक्षक गौरव सेन और आरक्षक वकील यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पालतू श्वानों का पंजीयन अनिवार्य, निगम प्रशासन की अपील

150 रुपये वार्षिक शुल्क के साथ सरल प्रक्रिया, बिना पंजीकरण पर लगेगा दंड

कटनी,
/ कटनी नगर पालिका निगम ने शहर के क्षेत्र में पालतू कुत्तों के अच्छे प्रबंधन और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुत्ता पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। मध्यप्रदेश नगर पालिका निगम एक्ट 1956 और 1961 के प्रासंगिक प्रावधानों के अंतर्गत निगम प्रशासन ने सभी कुत्ता पालकों से निर्धारित समय के भीतर पंजीकरण कराने का अनुरोध किया है।

निगम
प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया है। कुत्ते के मालिक नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के कक्ष 66 या अपने वार्ड के दरोगा से आवेदन पत्र ले सकते हैं।

सरल
पंजीकरण प्रक्रिया

आवेदन
के साथ कुत्ते का फोटो, टीकाकरण की जानकारी, निवास और सफाई व्यवस्था का विवरण जमा करने की आवश्यकता होगी। पंजीकरण के लिए 150 रुपये वार्षिक शुल्क तय किया गया है, जिसे स्वास्थ्य शाखा में जमा कर पंजीकरण किया जा सकता है।

नियम
उल्लंघन पर कार्यवाही

निगम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगर के क्षेत्र में बिना पंजीकरण अपने पालतू कुत्ते रखने पर नियमानुसार दंड लगाया जाएगा। स्वास्थ्य अधिकारी संजय सोनी ने बताया कि इस पहल से पालतू और आवारा कुत्तों का कुशल प्रबंधन, रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। पंजीकरण से कुत्तों का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे शिकायतों का समाधान में भी आसानी होगी।

जल
गंगा संवर्धन अभियान के तहत सोख्तापिट से भूजल सुधार की पहल

हैंडपंप
से निकलने वाला पानी अब जमीन में किया जाएगा सुरक्षित

कटनी,
/ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत नगर निगम कटनी द्वारा जल संरक्षण को लेकर एक नई पहल प्रारंभ की गई है। शहर के सार्वजनिक हैंडपंपों के निकट सोख्ता गड्ढे बना कर उपयोग के बाद का पानी जमीन में समाहित किया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

अक्सर
हैंडपंपों से निकलने वाला अतिरिक्त पानी आस-पास फैलकर कीचड़ और गंदगी का कारण बनता है और मच्छरों के पनपने की संभावना को बढ़ाता है। नई व्यवस्था के अंतर्गत पाइपलाइन के जरिए पानी सीधे सोख्ता गड्ढे तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण और सफाई दोनों सुनिश्चित हो रहे हैं।

कार्यपालन
यंत्री सुधीर मिश्रा ने कहा कि सोख्ता गड्ढे लंबे समय तक प्रभावी रहते हैं और सालभर धीरे-धीरे पानी को जमीन में रिसाकर सूखे जलस्तर को संतुलित करने में मदद करते हैं। नगर निगम प्रशासन इस मॉडल को शहर के अन्य हैंडपंपों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लागू करने की योजना बना रहा है। निगम अधिकारियों के अनुसार यह पहल “लोकल समाधान, बड़ा प्रभाव” की सोच को साकार करती है और आम नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक कर रही है।

कलेक्‍टर श्री तिवारी ने स्‍व-गणना पोर्टल में ऑनलाईन दर्ज की जानकारीजिले में स्‍व-गणना शुरू

कटनी / कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने गुरूवार को ‘स्व-गणना’ वेब पोर्टल पर अपने और अपने परिवार के बारे में जानकारी भरी। कलेक्टर श्री तिवारी ने स्व-गणना साइट पर अपने मोबाइल नंबर और कैप्चा दर्ज कर पंजीकरण पूरा किया। ओटीपी की पुष्टि के बाद, उन्होंने लॉगिन कर परिवार के सभी आवश्यक डेटा को डिजिटल रूप से एंटर किया। जानकारी सबमिट करने के बाद, उन्हें H से शुरू होने वाली 11 अंकों की विशेष स्व-गणना पहचान मिली, जिसे उन्होंने सुरक्षित रखा।
कलेक्टर
ने बताया कि इस पहचान के जरिए जनगणना प्रक्रिया और भी आसान और सुगम बन जाएगी। 1 मई से 30 मई के बीच जब प्रगणक घर-घर जाएंगे, तब नागरिकों को केवल इस पहचान को बताना होगा, जिससे पहले से भरी गई जानकारी की पुष्टि करना सरल होगा और समय की बचत होगी।
जिले
में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद, 1 मई से 30 मई तक मकानों का सूचीकरण पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
कलेक्टर
श्री तिवारी ने जिलेवासियों से अनुरोध करते हुए कहा कि “जनगणना देश के विकास की नींव है। नागरिक https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज करें और जनगणना टीम का सहयोग करें।”

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