कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों से किया खिलवाड़ : स्मृति ईरानी

नई दिल्ली । बीजेपी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का समर्थन न करने को लेकर तीखा हमला किया।

स्मृति
ईरानी ने कहा कि आज हमारी राष्ट्र की महिलाओं के लिए कांग्रेस की एक प्रेस वार्ता में 98 वर्ष का दावा पेश किया गया। देश की महिलाओं को बताया गया कि कांग्रेस पार्टी ने एक ऐसा सपना तैयार किया है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक अधिकार दिलाना है। लेकिन 98 सालों में उस उद्देश्य का क्या हुआ, यह कल देश की संसद में सभी महिलाओं ने महसूस किया। कांग्रेस पार्टी गर्व से मुस्कुराते हुए और मेज थपथपाते हुए इस बात का जश्न मना रही थी कि उन्होंने देश की आम महिलाओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को दबा दिया। परंतु भाजपा के लिए, यह सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं है, बल्कि समानता के अधिकार की रक्षा करना है।

स्मृति
ईरानी ने आगे कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस बात का जश्न मना रहे थे कि जो मेहनती राजनीतिक महिलाएं इस देश में कई वर्षों से संघर्ष कर रही हैं, वे केवल 33 प्रतिशत अधिकार मांग रही हैं, उन पर कैसे अंकुश लगाया जाए, संसद में संघर्ष कैसे जीता जाए, इसी जश्न में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल लिप्त थे। भाजपा के लिए यह सत्ता की लड़ाई नहीं, बल्कि समानता का अधिकार देने का मुद्दा है।

रविशंकर
प्रसाद ने प्रियंका गांधी पर कटाक्ष किया और उनकी टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मैं आमतौर पर प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ कुछ नहीं बोलता, लेकिन यह पहली बार है जब मैं ऐसा कर रहा हूँ। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने महिलाओं को ‘इस्तेमाल’ करने की बात की। क्या भारत की महिलाएं किसी ऐसी चीज का सामान हैं, जिनका उपयोग किया जा सकता है? यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की एक महिला सांसद की भाषा है। हम इस तरह की भाषा की कड़ी निंदा करते हैं।

यह काला दिन नहीं, लोकतंत्र की जीत : प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। शुक्रवार को लोकसभा में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक को पारित नहीं किया जा सका। इस विषय पर बीजेपी ने विपक्ष पर हमला बोला है। अब कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा ने बीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सत्तारूढ़ पार्टी पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि यह उनके (केंद्र) लिए एक काला दिन है, क्योंकि यह पहला मौका है जब उन्हें ऐसा झटका लगा है, जिसके वे योग्य थे।

शनिवार
को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मामला महिला आरक्षण बिल का नहीं है। यह परिसीमन से जुड़ा हुआ था। मोदी सरकार को परिसीमन इस आधार पर करना था कि उसे जातीय जनगणना के आंकड़ों की कोई आवश्यकता नहीं थी, जिससे उन्हें मनमानी करने की पूरी छूट मिलती। ऐसे में यह संभव ही नहीं था कि विपक्ष मोदी सरकार का समर्थन करे।

लोकसभा
में संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के गिरने पर उन्होंने कहा, “कल का घटनाक्रम लोकतंत्र के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण जीत है। सरकार द्वारा संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की जो योजना थी, उसे विफल किया गया। यह संविधान की विजय थी, देश की विजय थी और विपक्ष की एकता की विजय थी, और यह सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरों पर साफ नजर रहा था।

प्रियंका
गांधी वाड्रा ने कहा कि मेरा मानना है कि यह एक साजिश है जिसके तहत किसी भी तरह उन्हें सत्ता में बने रहना है। इसलिए, इसे प्राप्त करने के लिए, वे हमेशा महिलाओं का सहारा लेकर सत्ता में बने रहने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने सोचा कि यदि यह विधेयक पारित हो गया, तो वे सफल होंगे। अगर यह नहीं हुआ, तो वे अन्य पार्टियों को महिला विरोधी साबित करके महिलाओं के उद्धारक बन जाएंगे। हमें पता है कि महिलाओं के उद्धारक बनना आसान नहीं है।

प्रियंका
गांधी वाड्रा ने आगे कहा, आज महिलाओं की समस्याएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। संघर्ष भी बढ़ रहा है। महिलाएं बेवकूफ नहीं हैं। वे सभी चीजें देखती हैं। अब जनसंपर्क और मीडिया का शोर काम नहीं आएगा। यदि आप ठोस कुछ करना चाहते हैं, तो 2023 में सभी दलों के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित विधेयक को दोबारा लाएं।

प्रियंका
ने आगे कहा, “यदि इसे अभी लागू करने के लिए इसमें कुछ छोटे-मोटे बदलाव करने की आवश्यकता है, तो करें और इसे तुरंत लागू करें। महिलाओं को उनके अधिकार अभी दें। लेकिन इसे घुमा-फिराकर और अन्य चीजों से जोड़कर उन्हें गुमराह करने की कोशिश न करें। इसे अब करें। हम सब इसके लिए तैयार हैं।

स्कूल से लौट रही नाबालिग से दुष्कर्म, पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया

नाबालिग छात्रा के साथ हुई घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

जिले
के अमदरा थाना क्षेत्र के झुकेही चौकी में एक गंभीर अपराध का मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय निवासियों में चिंता और गुस्सा पैदा किया है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर, बल्कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्न उठाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा आठ की छात्रा स्कूल से लौटने के दौरान गायब हो गई थी। उसके परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और तलाश शुरू की गई। अगले दिन, छात्रा को एक बंद कमरे में संदिग्ध अवस्था में पाया गया। इसके बाद पीड़िता के बयान के आधार पर दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

इस
मामले की जानकारी देते हुए सीएसपी महेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रा के साथ हुए अत्याचार के मामले के प्रकाश में आने के बाद पीड़िता के बयान के आधार पर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ हो रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश उत्पन्न हुआ है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

किला घूमने आई विदेशी महिला से अभद्रता

ग्वालियर के किले की यात्रा पर आई एक रूसी turista के साथ एक स्थानीय इन्फ्लुएंसर द्वारा अनुचित आचरण का मामला सामने आया है। महिला को हिंदी ना समझने का फायदा उठाते हुए मजाक के नाम पर अश्लील टिप्पणी की गई, और इसका वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद जनता ने इस पर गहरी नाराजगी जताई है।

रिपोर्ट
के अनुसार, रूस से आए पर्यटकों का एक समूह आगरा से ग्वालियर आया था। किले की सैर के दौरान एक युवक, जो खुद को इन्फ्लुएंसर बताता है, उनके साथ बातचीत करने लगा। उसने एक विदेशी महिला को रील के लिए तैयार किया और बातचीत में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उसका वीडियो शूट किया। बताया जा रहा है कि वीडियो राधे गुर्जर नामक उपयोगकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। इस वीडियो में विदेशी महिला, इन्फ्लुएंसर की बातें समझ नहीं पाती और हां-हां कहते हुए प्रतिक्रिया देती हुई दिखाई दे रही हैं, जबकि उसे इस बात का ज्ञान नहीं था कि उसके प्रति अभद्र टिप्पणियां की जा रही थीं।

इस
घटना के बाद, सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि ऐसी हरकतें केवल शहर की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं और इससे विदेशी पर्यटकों में गलत संदेश फैलता है।

सूत्रों
के मुताबिक, वीडियो पुलिस के पास पहुँच चुका है और मामले की जांच की जा रही है। यह भी पता चला है कि संबंधित इन्फ्लुएंसर पहले भी यातायात नियमों के उल्लंघन और अन्य विवादास्पद मामलों के लिए चर्चा में रह चुका है।

कटनी में रेत माफिया पर ताबड़तोड़ एक्शन!

अवैध रेत परिवहन पर जिला स्तरीय टास्क फोर्स का सख्त एक्शन; तड़के हुई कार्रवाई में 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कटनी। जिले में गैरकानूनी खुदाई और परिवहन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का पालन करते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशों के तहत शनिवार सुबह जिला स्तर की टास्क फोर्स ने कठोर कार्रवाई की। इससे अवैध खनिज कारोबारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। योजना बनाकर की गई छापेमारी में प्रशासनिक समूह को मुखबिरों से रात के समय अवैध रेत परिवहन की जानकारी प्राप्त हुई। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टास्क फोर्स ने शनिवार की सुबह तीन से चार बजे के बीच जिले के विभिन्न संवेदनशील रास्तों पर गहन जांच अभियान चलाया। जांच में बिना वैध ‘पिट पास’ के रेत का परिवहन करते हुए तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा गया। खरेंटा ग्राम-: यहाँ पर दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रेत का अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया। देवरी क्षेत्र-: यहां पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को टीम ने घेराबंदी करके जब्त किया। जब्त की गई तीनों गाड़ियों को सुरक्षा के लिहाज से पुलिस थाना बड़वारा की निगरानी में रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। निरंतर जारी रहेगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज माफियाओं के खिलाफ यह मुहिम निरंतर चलती रहेगी। टास्क फोर्स समिति जिले के विभिन्न स्थानों पर लगातार सक्रिय है और भविष्य में भी इसी प्रकार की आकस्मिक कार्रवाइयाँ होती रहेंगी। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस थाना प्रभारी बड़बारा श्री कृष्ण कुमार पटेल ने किया।

कलेक्टर ने खेत में उतरकर दिखाई तकनीक की ताकत

कटनी (16 अप्रैल) – जिले के गांव टिकरवारा में एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कलेक्टर श्री आशीष तिवारी खुद खेतों में आए और किसानों के साथ मिलकर इलेक्ट्रिक रीपर मशीन से गेहूं की फसल की कटाई शुरू की। यह गतिविधि केवल एक प्रदर्शनी नहीं थी, बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि प्रणालियों से जोड़ने का एक प्रेरणादायक प्रयास बन गया।

जब
कलेक्टर ने टिकरवारा के कृषकों मनबोधन पटेल, सुशील पटेल और सुखेंद्र पटेल के खेत में मशीन चलाना शुरू किया, तो ग्रामीणों का एक बड़ा समूह वहां इकट्ठा हो गया। सभी की नजरें उस मशीन पर थीं, जो तेजी से सुनहरी फसल को काट रही थी।

ग्रामीणों
ने मशीन को सिर्फ देखा नहीं, बल्कि इसके संचालन की विधि को भी समझा। मशीन की तेज आवाज और लहराती फसल का जल्दी कटना सभी के लिए मोहित करने वाला था। खेत के एक कोने में खड़े वृद्ध किसान रामलाल ने मुस्कुराते हुए कहा, “इस काम में पहले कई दिन लगते थे, अब यह कुछ घंटों में हो जाता है।” वहीं युवा किसान इस अद्भुत दृश्य को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करते नजर आए—जैसे कि वे इस बदलाव के आरंभ को संजोना चाहते हों।

इस
दौरान कलेक्टर श्री तिवारी ने किसानों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि अब आधुनिक कृषि उपकरण विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकताएं बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उन्नत मशीनों के प्रयोग से ना केवल समय और श्रम की बचत होती है, बल्कि उत्पादन का खर्च भी घटता है और आय में वृद्धि होती है। उन्होंने इलेक्ट्रिक रीपर का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि यह मशीन छोटे और मध्यम किसानों के लिए भी फायदेमंद हो सकती है।

पटेल
भाइयों के चेहरों पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था। उनका खेत उस दिन सिर्फ फसल उत्पादन का स्थान नहीं रहा, बल्कि नई सोच और तकनीकी परिवर्तन का केंद्र बन गया। इस पहल से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने के प्रति उत्साहित नजर आए।

टिकरवारा
का यह दृश्य यह संदेश छोड़ गया कि जब प्रशासन खुद खेतों में जाकर नवाचार को अपनाने की कोशिश करता है, तो बदलाव की लहर गांव-गांव तक पहुंचती है और खेती को एक नई दिशा में ले जाती है।

बाल विवाह रोकथाम के लिए जिला प्रशासन सजग और मुस्‍तैद बाल विवाह कराने,सहयोग देने वाले व्‍यक्ति

बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन सक्रिय और चौकस
बाल
विवाह की व्यवस्था करने वाले व्यक्तियों, संगठनों और संस्थाओं के लिए कारावास के दो वर्ष और एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। कटनी (16 अप्रैल) – जिले में अक्षय तृतीया और अन्य विवाह मुहूर्तों के मौके पर बाल विवाह को प्रतिबंधित करने के लिए एक प्रभावशाली, समन्वित और बहुस्तरीय व्यापक योजना बनाई गई है। इस उद्देश्य के लिए, विकासखंड स्तर पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यों की बाल विवाह रोकथाम टीम स्थापित की गई है।
कलेक्टर
श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाल विवाह निगरानी समितियां और कोर ग्रुप बाल विवाह से संबंधित गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज में एक गंभीर सामाजिक समस्या है। इस प्रथा का स्वरूप समाज में अत्यंत भयानक है। कलेक्टर श्री तिवारी ने बाल विवाह को रोकने के लिए समुदाय से भी सहयोग की अपील की है और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से, संबंधित एसडीएम और महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों को दी जा सकती है।
कलेक्टर
ने स्पष्ट किया कि प्रशासन बाल विवाह के खिलाफ सजग और तैयार है। बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 की धाराएं 9,10,11 और 13 उन व्यक्तियों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के लिए दो साल तक की सजा या एक लाख रुपये का जुर्माना या दोनों का प्रावधान करती हैं, जो बाल विवाह का आयोजन या सहयोग करते हैं।
जिला
कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास ने हलवाई, प्रेस करने वालों, कैटरर्स, धार्मिक गुरुओं, समाज के नेताओं, बैंड और घोड़ी वाले, तथा परिवहन सेवा देने वालों से भी अपील की है कि वे बाल विवाह के आयोजन में सहयोग करें, अन्यथा उन्हें भी बाल विवाह के सहयोगी माना जाएगा और वे बाल विवाह रोकथाम अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई के शिकार हो सकते हैं।
बाल
विवाह मुक्त भारत पोर्टल
महिला
बाल विकास मंत्रालय ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत बाल विवाह मुक्त भारत नामक पोर्टल की स्थापना की गई है। यह पोर्टल नागरिकों को बाल विवाह की घटनाओं की रिपोर्ट करने, शिकायतें दर्ज कराने और देश भर में बाल विवाह निषेध अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक होता है। हेल्पलाइन नंबर 181, 1098, 100 और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल (https://stopchildmarriage.wcd.gov.in) पर भी सूचना या जानकारी दर्ज कराई जा सकती है।

पुरानी रंजिश में खूनी खेल: युवक पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला

पुरानी दुश्मनी के चलते युवक पर जानलेवा हमला, तीन के खिलाफ मामला दर्ज

कटनी/आशीष
चौधरी /न्यूज़ एम पी एक्सप्रेस : एन.के.जे. थाना क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है जिसमें मारपीट और धारधार हथियार से हमला शामिल है। बड़ी खिरहनी के एक क्षेत्र में पुरानी दुश्मनी के चलते तीन युवकों ने मिलकर एक युवक पर जानलेवा हमला किया।

प्राप्त
किए गए विवरण के अनुसार, आर्यन दुबे, अंकित और विक्की यादव ने मिलकर अभिषेक साहू उर्फ लव को घेर लिया। पहले आरोपियों ने अभिषेक के साथ गाली-गलौज की, फिर धारधार हथियार से उस पर हमला किया। इस हमले में अभिषेक को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।

घटना
की जानकारी मिलने के तुरंत बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की तहकीकात प्रारंभ की। एन.के.जे. थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के अंतर्गत मामला दर्ज किया है।

पुलिस
अब आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।

थार की टक्कर में 5 घायल, विधायक पुत्र ने कहा सायरन बजा रहा था, लोग नहीं हटे

शिवपुरी/करैरा। टीला रोड दुर्घटना: थार वाहन की टक्कर से 5 लोग घायल, विधायक के बेटे ने कहा– “सायरन बज रहा था, लोग नहीं हटे”।करैरा थानाक्षेत्र के टीला रोड पर गुरुवार सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें पिछोर से भाजपा विधायक Pritam Singh Lodhi के बेटे दिनेश लोधी की थार कार से कई लोग चोटिल हुए। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

टीला
रोड दुर्घटना: थार वाहन की टक्कर से 5 लोग घायल, विधायक के बेटे ने कहा– “सायरन बज रहा था, लोग नहीं हटे”

जानकारी
के मुताबिक, दिनेश लोधी सुबह लगभग 8 बजे जिम जा रहे थे। इसी समय उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पहले एक बाइक से टकरा गई, जिस पर तीन युवक बैठे थे। इसके बाद सड़क के किनारे चल रही एक महिला और दो युवतियां भी गाड़ी के संपर्क में आकर घायल हो गईं। घायलों की पहचान संजय परिहार, आशीष परिहार, अंशुल परिहार, सीता वर्मा और पूजा सोनी के रूप में हुई है। सभी को करैरा अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया, जहां उनकी चिकित्सा की गई।

पीड़ितों
की शिकायत पर पुलिस ने दिनेश लोधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज कर के जांच शुरू कर दी है।

वायरल
वीडियो और बयान
दुर्घटना
के बाद दिनेश लोधी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसमें वह यह दावा कर रहे हैं कि वह लगातार सायरन और हॉर्न बजाते रहे, लेकिन बाइक सवार गाड़ी को लहराते रहे, जिससे यह दुर्घटना हुई।

वहीं
कुछ स्थानीय नागरिक मौके पर यह सवाल करते हुए नजर आए कि अगर वाहन पर नियंत्रण था तो राहगीरों से टक्कर कैसे हुई।

विधायक
का बयान

विधायक
Pritam Singh Lodhi ने कहा कि अगर उनके बेटे की गलती सिद्ध होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि “विधायक के लिए पुत्र का परिवार बड़ा नहीं होता, जनता सबसे पहले है।”

गांव की बेटी एवं प्रतिभा किरण योजना: वंचित छात्राएं अब फिर कर सकेंगी आवेदन

भोपाल। मध्यप्रदेश की सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों एवं प्रतिभा किरण योजना का लाभ लेने से चूक गई विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग ने स्कॉलरशिप पोर्टल को पुनः खोलने के आदेश दिए हैं।
शैक्षणिक
वर्ष 2025-26 में विभिन्न कारणों से योजनाओं का लाभ नहीं ले सकने वाली योग्य छात्राएं अब फिर से आवेदन कर सकेंगी। मंत्री परमार ने विभाग को निर्देशित किया था कि कोई भी पात्र छात्रा योजना से वंचित न रहे और तेजी से कार्रवाई की जाए।
पोर्टल
फिर से शुरू
उच्च
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार गांव की बेटी योजना और प्रतिभा किरण योजना के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल पुनः सक्रिय किया गया है। अब नई और नवीनीकरण दोनों श्रेणी की छात्राएं ऑनलाइन तरीके से आवेदन दे सकेंगी।
आवेदन
की अंतिम तिथि
छात्राओं
के लिए स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन करने की आखिरी तिथि 15 मई 2026 तय की गई है। विभाग ने योग्य छात्राओं से निवेदन किया है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपने आवेदन प्रस्तुत करें।
योजनाओं
का उद्देश्य
इन
योजनाओं का प्रमुख लक्ष्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
सरकार
का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल कर आत्मनिर्भर बनें और शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी को बढ़ावा मिले।

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