स्विट्जरलैंड की राजदूत ने जीएलओएफ प्रभावित इलाकों का किया दौरा

मंगन: भारत में स्विट्जरलैंड की राजदूत माया टिसाफी ने आज अपने आधिकारिक दौरे के तहत प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए टूंग नागा का दौरा किया, जहां ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) की समस्या थी। इस अवसर पर, राजदूत के साथ उनके पति जुर्ग पीटरमैन; प्रथम सचिव साइमन सेवन शेफर; आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए वरिष्ठ क्षेत्रीय सलाहकार पियरे-यवेस पिटेलौड; एससीए-हिमालय की टीम लीडर दिव्या मोहन और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी भी उपस्थित थे।

जब
यह प्रतिनिधिमंडल मंगन पहुंचा, तो मंगन बीडीओ कैलाश थापा ने उनका स्वागत किया। थापा जीएलओएफ के समय टूंग नागा जीपीयू के घटना कमांडर रहे हैं और यह क्षेत्र उनके तहत आता है। उनके साथ मंगन एसएचओ प्रशांत राय भी उपस्थित थे। जब वे टूंग नागा पहुंचे, तो पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य और अन्य पीआरआई पदाधिकारियों ने कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष निम छिरिंग लेप्चा के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस क्षेत्रीय
दौरे के दौरान, बीडीओ कैलाश थापा ने राजदूत और उनके प्रतिनिधिमंडल को जीएलओएफ के स्थानीय प्रभावों के बारे में अवगत कराया और विशेषकर बुनियादी ढांचे और आजीविका के नुकसान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और पुनर्वास के लिए कौन से कदम उठाए हैं और साथ ही यह भी विस्तार से समझाया कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में दीर्घकालिक आपदा तैयारी और लचीलेपन को मजबूत करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।

इस
पर राजदूत ने स्थानीय समुदायों और जिला प्रशासन के आपदा प्रबंधन प्रयासों की सराहना की। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और जलवायु लचीलेपन के लिए निरंतर सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान की महत्ता पर जोर दिया।

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल

कटनी में कृषक समुदाय की गंभीर समस्याओं और गेहूं खरीदी में फैली अव्यवस्थाओं के मुद्दे पर जिला कांग्रेस कमेटी ने एक प्रभावशाली धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। इस अवसर पर कई कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान एकत्रित हुए और सरकारी नीतियों के खिलाफ तीव्र नारेबाजी की।

प्रदर्शन
करने वाले लोगों का कहना था कि गेहूं खरीदने की प्रक्रिया में बहुत सारी समस्याएं हैं, जिससे उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के नेताओं ने कलेक्टर को एक ज्ञापन देते हुए मांग की कि उपार्जन व्यवस्था को तुरंत सुधारें, समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी दें और किसानों को वित्तीय सहायता दें।

जिला
कांग्रेस कमेटी के शहरी अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान लगातार मुसीबत में हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के प्रति उदासीन है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

इसी
दौरान, जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्‍यक्ष सौरभ सिंह ने कहा कि यदि किसान की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो कांग्रेस को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इस
प्रदर्शन में प्रियदर्शन गौर, महिला अध्यक्ष रजनी वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष राजेश जाटव सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान उपस्थित थे।

कांग्रेस
ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का हल तुरन्त नहीं निकला, तो आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।

कटनी में करोड़ों का ‘IPL सट्टा’, माधवनगर के नामचीन सटोरिए गिरफ्तार

कटनी। आईपीएल के उत्साह के बीच, कटनी पुलिस ने सट्टेबाजी के अवैध कारोबार पर एक महत्वपूर्ण प्रहार किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन लिफ्ट’ के अंतर्गत, माधवनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय सट्टा समूह का पर्दाफाश किया है। निस्संदेह, यह जानकर चौंकाने वाली बात है कि सट्टे का यह नेटवर्क कटनी से नहीं, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर दूर गोवा से संचालित हो रहा था।

गोवा
से 4 और कटनी से 2 सटोरिए गिरफ्तार
पुलिस
अधीक्षक को जानकारी मिली थी कि माधवनगर के प्रमुख सटोरिए अपनी गतिविधियां गोवा में स्थानांतरित कर चुके हैं और वहां से पूरे देश में ऑनलाइन सट्टा फैला रहे हैं। एसपी ने तुरंत एक खास टीम बनाई और गोवा भेजा। टीम ने वहां छापा मारते हुए माधवनगर के चार प्रमुख सटोरियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। इसके अलावा, कटनी में भी दो अन्य साझेदारों को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार
किए गए मुख्य आरोपी:
पिंका आडवानी
रोहित
बंटी
सुनील
राहुल (कटनी से गिरफ्तार) और एक अन्य सहयोगी।

करोड़ों
का लेन-देन एवं ऑनलाइन नेटवर्क
पुलिस
की प्रारंभिक जांच और जब्त किए गए दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह कटनी के साथ-साथ कल्याण, जयपुर और गोवा जैसे शहरों में भी फैला हुआ था। आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और नोटबुक में करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन का रिकार्ड मिला है। इस गिरोह ने अत्याधुनिक ऐप्स और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टेबाजी करवाई थी।

कई
‘सट्टा किंग’ हुए भूमिगत, बड़े नाम पुलिस की निगरानी में
पुलिस की
इस कार्रवाई के बाद सट्टा बाजार में खलबली मच गई है। माधवनगर क्षेत्र में सक्रिय जयपाल, रावलानी और बानवानी जैसे कई अन्य प्रमुख सटोरिए पुलिस की कार्रवाई के तत्काल बाद भूमिगत हो गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। जयपाल और बानवानी गैंग के सदस्य अब पुलिस की निगरानी में हैं और उनकी तलाश में छापेमारी का क्रम जारी है।

प्रशासन की बड़वारा के नदी घाटों पर बड़ी कार्रवाई

जिले में अवैध खनिज निकालने, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर एक जिला स्तरीय टीम ने बुधवार को बड़वारा तहसील के विभिन्न नदी किनारों पर एक व्यापक अभियान चलाया, जिसमें कई अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई गई।

अनुविभागीय
अधिकारी

(राजस्व) प्रमोद चतुर्वेदी के नेतृत्व में खनिज, राजस्व, परिवहन और पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने क्षेत्र की बसाड़ी, भदौरा, सकरीगढ़, सुड्डी और आसपास के नदी किनारों पर छापे मारकर व्यापक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान यह पता चला कि स्थानीय स्तर पर अवैध खनन और परिवहन को आसान बनाने के लिए कई अस्थायी पहुंच मार्ग बनाए गए थे।

संयुक्त
टीम की उपस्थिति में इन सभी अवैध मार्गों को जेसीबी मशीन से पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया, ताकि खनिज माफियाओं की गतिविधियों पर तात्कालिक प्रभावी रोक लग सके। निरीक्षण के दौरान अवैध परिवहन में लिप्त एक वाहन को भी जब्त किया गया है, और उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई में पुलिस, राजस्व, खनिज और परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ निरंतर कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई में अनुविभागीय दंडाधिकारी प्रमोद चतुर्वेदी, उपसंचालक खनिज आर. के. दीक्षित, तहसीलदार बड़वारा ऋषि गर्ग, सहायक खनिज अधिकारी पवन कुशवाहा, नायब तहसीलदार हर्षवर्धन रामटेके, उपनिरीक्षक पुलिस रामनाथ साकेत और अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।

3 बच्चों की मां ने किया गैंगस्टर पति का मर्डर

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के चकेरी पुलिस थानाक्षेत्र में एक चौंकाने वाली हत्या का पर्दाफाश किया गया है। 52 वर्षीय मशहूर अपराधी आशीष कुमार शर्मा की हत्या की मुख्य संदिग्ध और कोई नहीं, बल्कि उसकी पत्नी आरती शर्मा है, जिसने अपने प्रेमी सबलू खान (जिसे शफात भी कहते हैं) के सहयोग से यह घिनौना कृत्य किया। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी पत्नी ने अपने पति को शराब पिलाकर उसे बेहोश किया और फिर उन दोनों ने बेहद निर्दयता से उसकी हत्या कर डाली।

प्रेमी
ने शिकार के ऊपर बैठकर उसके हाथ-पैर को पकड़ा, पत्नी ने गला घोंटा
जानकारी
के अनुसार, यह घटना 1 अप्रैल की रात को चकेरी के पीएसी मोड़ मंदिर के निकट एक किराए के घर में हुई। आरती शर्मा अपने प्रेमी सबलू खान के साथ वहाँ पहुँची। पहले आशीष कुमार शर्मा को शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया गया। जब वह पूरी तरह से नशे में हो गए, तब आरती ने उनके गले को दबाना शुरू किया, जबकि सबलू खान ने इनके शरीर पर बैठकर हाथ-पैर पकड़ रखे थे। इस वीभत्स कार्य को अंजाम देने में लगभग 40 मिनट लगे। हत्या के बाद दोनों संदिग्ध शव को वहीं छोड़ कर भाग निकले।

पहचान
छिपाने के लिए साड़ी पहनी
पुलिस
ने बताया कि हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए आरती ने योजना बनाई। नौबस्ता हाईवे के समीप झाड़ियों में छिपकर उसने पहनावे में बदलाव किया और साड़ी पहनकर हमीरपुर की ओर बढ़ गई। पुलिस ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की विस्तृत जांच के बाद पूरे मामले को उजागर किया। चकेरी से हमीरपुर तक कई स्थानों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग ने आरती की गतिविधियों को स्पष्टता से दिखा दिया। अंत में, पुलिस ने उसे नौबस्ता चौराहे के पास रामादेवी रोड से पकड़ लिया। प्रेमी सबलू खान अब भी फरार है और उसकी तलाश में छापे मारे जा रहे हैं।

पत्नी
ने क्या कहा?
आरती
शर्मा ने पुलिस पूछताछ में अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। उसने कहा कि आशीष शर्मा अक्सर उसके साथ हाथापाई करता था। जब वह शराब पीकर घर लौटता था, तो उसे बुरी तरह पीटता था, जिससे वह बहुत परेशान हो गई थी। आरती की मूल निवासी हमीरपुर के कालपी चौराहा क्षेत्र है। दंपति के तीन संतानें हैं, दो बेटे लवकुश और छोटू, तथा एक बेटी बेटू। उनका परिवार गांव में निवास करता था, जबकि आशीष पिछले एक वर्ष से चकेरी में राजमिस्त्री का काम कर रहा था और अकेले किराए के मकान में रह रहा था।

15 दिन पहले हत्या की साजिश बनाई थी।
घटना
के बाद आरती ने स्वीकार किया कि उसने 15 दिन पहले सबलू खान के साथ हत्या की योजना बनाई थी। सबलू हमीरपुर के गांधी नगर नई बस्ती का निवासी है। दोनों के बीच कुछ समय से अवैध संबंध थे। 1 अप्रैल को फोन पर बातचीत में झगड़ा हुआ। 2 अप्रैल को जब आशीष का फोन अनुत्तरित पाया गया, तो परिवार ने संदेह किया। पड़ोस में रहने वाले युवक दुर्गेश ने खिड़की से झांककर शव को देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या को सही बताया गया।

सिटी
फॉरेस्ट कांड का प्रमुख आरोपी था मृत व्यक्ति
आशीष
कुमार शर्मा एक notorious गैंगस्टर था। वह हमीरपुर के सिटी फॉरेस्ट मामले का मुख्य आरोपी था, जिसमें 16 अगस्त 2022 को एक युवती और उसके प्रेमी के साथ सामूहिक दुर्व्यवहार का एक मामला दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, छेड़छाड़ और मारपीट सहित चार केस दर्ज थे। एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा और चकेरी एसीपी अभिषेक कुमार पाण्डेय ने बताया कि आरती शुरू में पूछताछ में झूठ बोल रही थी, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद उसने पूरी सच्चाई बता दी। पुलिस अब फरार प्रेमी सबलू खान की जल्द गिरफ्तारी के लिए तैयार है और मामले की गहन छानबीन जारी है।

20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार

20 साल से बसे आशियानों पर संकट: बेघर होने की कगार पर 6 आदिवासी परिवार, कलेक्टर से लगाई गुहार
कटनी।
कटनी जिले की बड़वारा तहसील के मझगवां गांव में पिछले 20 वर्षों से निवास कर रहे 6 आदिवासी परिवारों के सामने आज बेघर होने की चुनौती उत्पन्न हो गई है। घरों को खाली करने की दी जा रही चेतावनी से भयभीत ये परिवार की महिलाएं जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की आस में अपनी परेशानी साझा करने आईं।

क्या
है पूरा मामला?
पीड़ित
महिलाओं का कहना है कि वे सरकारी भूमि पर कच्चे निर्माण करके पिछले 20 वर्षों से निवास कर रही हैं। सुकवरिया बाई और अन्य महिलाओं ने कहा कि वे निर्धन और बिना जमीन की हैं। इनके पास रहने के लिए यह भूमि ही एकमात्र ठिकाना है और न ही इनके पास आजीविका के लिए कृषि भूमि है।

प्रशासन
और स्थानीय अमले पर गंभीर आरोप
महिलाओं
ने स्थानीय पटवारी और कोटवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, यह कहते हुए कि उन्हें हाल के दिनों में लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्हें बताया गया है कि वे अपने घरों को स्वयं गिरा दें, अन्यथा प्रशासन का बुलडोजर उन्हें मिटा देगा। प्रशासन की ओर से दी जा रही घर खाली करने की चेतावनियों ने इन परिवारों की नींद हराम कर दी है।

कलेक्टर
से मालिकाना हक (पट्टा) की मांग
आदिवासी
महिलाओं ने जिला कलेक्टर को एक शिकायत पत्र सौंपकर मानवीय आधार पर सहायता की प्रार्थना की है। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं: उन्हें वर्षों से काबिज भूमि से न हटाया जाए। इसी स्थान पर निवास की अनुमति प्रदान की जाए और भू-स्वामित्व (पट्टा) दिया जाए। प्रशासन इस मामले में तात्कालिक कदम उठाकर उन्हें बेघर होने से रोकें।

बेघर
हुए तो खुले आसमान के नीचे आएंगे बच्चे
महिलाओं
ने भावुक होकर स्पष्ट किया कि यदि उनके घर छीन लिए गए, तो वे एवं उनके निर्दोष बच्चे इस तेज धूप और खुले आसमान में रहने के लिए विवश होंगे। फिलहाल, जिला प्रशासन ने उनकी शिकायत को दर्ज करके मामले की जांच का आश्वासन दिया है।

ईरान-अमेरिका युद्धविराम

पश्चिम एशिया में लगभग चालीस दिनों से चल रहे गंभीर संघर्ष के बीच महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि…

अमेरिकी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध ड्रोन और हवाई हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने का निर्णय लिया। ईरान द्वारा प्रस्तुत किए गए 10-सूत्रीय योजना के चलते दोनों देशों ने आपसी संघर्ष विराम पर सहमति व्यक्त की है।


ट्रंप
ने झुकाव दिखाया, महायुद्ध पर लगी विराम!

अमेरिका
और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के साथ ही ट्रंप के इस्तीफे की मांगें अमेरिका में तेज हो गई हैं।


पश्चिम
एशिया में लगभग 40 दिनों से जारी भयंकर युद्ध के बीच एक बड़ी कूटनीतिक जीत सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बमबारी और हमलों का अभियान दो हफ्तों के लिए रोक दिया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता तथा ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव के कारण दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय युद्धविराम पर सहमति बना ली है। इस ढाईवाला संघर्ष विराम की एक शर्त यह है कि ईरान Strait of Hormuz को तुरंत, पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से खोले। ईरान ने इस शर्त को स्वीकार किया है। फिर भी, दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विवेचना का काम अभी भी बाकी है। अमेरिका-ईरान सीजफायर की घोषणा ने पूरी दुनिया को चकित कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे ट्रंप का ईरान के समक्ष समर्पण मानते हैं। वहीं, अमेरिका में सीजफायर की घेराबंदी के साथ-साथ ट्रंप के इस्तीफे की मांगें जोर पकड़ने लगी हैं। ट्रंप को राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य करार देने का आग्रह किया जा रहा है। अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने इस युद्धविराम को ट्रंप का संपूर्ण आत्मसमर्पण करार दिया है। इसी बीच, ग्वेन मूरे ने सभी सदस्यों से मिलकर ट्रंप की असामान्य नीति को समाप्त करने की अपील की है। यद्यपि ट्रंप ने पहले ईरान के इस 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को भ्रमित करने वाला कहा था, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर के अनुरोध पर इस प्रस्ताव को कार्यशील मानकर सैन्य गतिविधियों को रोकने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञ इस घटना को ट्रंप के ईरान की शर्तों पर झुकाव के रूप में देख रहे हैं। वहीं, इस संघर्षविराम के परिणामस्वरूप वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई हैं। संघर्षविराम के ऐलान करते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से चर्चा के बाद ईरान पर हमलों को दो सप्ताह के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया है। ईरान ने Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने पर सहमति व्यक्त की है। यह एक दोंसार सीजफायर होगा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने अपने सैन्य उद्देश्य हासिल कर लिए हैं और ईरान द्वारा दी गई 10-सूत्रीय योजना एक स्थायी समझौते के लिए एक प्रभावी आधार है।

बैलगाड़ी की सवारी और देशी खान-पान का लिया आनंद

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की महत्वाकांक्षी योजना ‘ग्रामीण पर्यटन’ अब धरातल पर साकार होती दिख रही है। इसके अंतर्गत फ्रांस से आए चार विदेशी यात्रियों ने कटनी जिले के खितौली और कोनिया गांवों का दौरा किया। यहां की ग्रामीण सेटिंग और ‘होमस्टे’ की सुविधा ने विदेशी मेहमानों को इस हद तक आकर्षित किया कि उन्होंने इसे होटलों और लॉज के मुकाबले बेहतर विकल्प बताया।

विदेशी
मेहमानों का हुआ भव्य स्वागत

भारत
भ्रमण पर आए फ्रांस के नागरिक ग्वेन्डोलिन डेलेपियरे, माएल एरिक कोकॉल्ट, आर्मेल यवोन मैरी जोसेफ लेटोर्ट और यवेस थिएरी फिलिप कोकॉल्ट जब कटनी के खितौली और कोनिया गांव में पहुंचे, तो ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। पर्यावरणविद् और मानव जीवन विकास समिति के सचिव निर्भय सिंह ने इस अवसर पर इन पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से अवगत कराया।

होमस्टे
बना आकर्षण का केंद्र

पर्यटकों
ने कटनी के अलावा, उमरिया जिले के दमना और मरईकला गांवों के होमस्टे में भी समय बिताया। ग्रामीणों द्वारा तैयार किए गए इन होमस्टे को आकर्षक रंगों और स्थानीय कला से सजाया गया था।

विदेशी
मेहमानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लॉज और होटलों की तुलना में होमस्टे में ठहरना अधिक आनंददायक है। यहां रुककर उन्हें स्थानीय परिधान, जीवनशैली और रीति-रिवाजों को करीब से जानने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां के पारंपरिक व्यंजन और स्वदेशी खान-पान का भरपूर आनंद लिया।

बैलगाड़ी
की सवारी और हस्तशिल्प ने जीता दिल

भ्रमण
के दौरान विदेशी सैलानियों के लिए सबसे अविस्मरणीय अनुभव बैलगाड़ी की सवारी रही। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण हस्तशिल्प जैसे बांस शिल्प, मिट्टी के कार्य और मेहंदी कला में भी गहरी रुचि दिखाई। पर्यटक गांव के आसपास के पुराने तालाबों, बांधों, प्राचीन मंदिरों और घने जंगलों का भ्रमण कर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते रहे।

ग्रामीण
अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

सचिव
निर्भय सिंह ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन योजना का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति से जोड़ना और स्थानीय निवासियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। होमस्टे के विकास से गांव की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।

बिलहरी पुलिस ने मुंबई से आरोपी दबोचा

कटनी। जिले में एक प्रमुख साइबर धोखाधड़ी के मामले का पर्दाफाश करते हुए बिलहरी पुलिस ने 4.26 करोड़ रुपये का धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने नकली लेनदेन के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने के बदले में कमीशन प्राप्त किया करता था।

पुलिस
अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में जिले के धोखाधड़ी मामलों में त्वरित कार्रवाई चल रही है। इस संदर्भ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संतोष डेहरिया और थाना प्रभारी कुठला राजेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय और उनकी टीम ने आरोपी को पकड़ने में सफलतापूर्वक कामयाबी हासिल की।

क्या
है पूरा मामला

रोशन
नगर के निवासी राजेंद्र विश्वकर्मा ने शिकायत की थी कि आर्यवत शिक्षा समिति के नाम पर फर्जी डोनेशन देने का प्रलोभन देकर संस्था के एक्सिस बैंक खाता का दुरुपयोग किया गया और उससे 4.26 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेनदेन करके धोखाधड़ी की गई। इसके आधार पर थाना कुठला में अपराध क्रमांक 99/26, धारा 318(4), 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच आरंभ की गई।

मुंबई
से ऐसे पकड़ा गया आरोपी

जांच
के दौरान, जिस बैंक खाते से धोखाधड़ी हुई थी, उससे जुड़े मोबाइल नंबर और उपकरणों के आधार पर पुलिस ने मुंबई के अंधेरी पूर्व स्थित पूनम नगर में रहने वाले आरोपी अभिषेक नार्कर (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान, उसने बताया कि उसे उसके सहयोगियों प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार ने इस कार्य में शामिल किया था। होटल में रहने के बदले में उसे साप्ताहिक 15,000 और मासिक 60,000 रुपये देने का प्रलोभन दिया गया था, जहां उस मोबाइल के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की राशि ट्रांसफर की जाती थी।

मुख्य
आरोपी फरार, दुबई में होने की सूचना

साइबर
धोखाधड़ी के इस प्रकरण में मुख्य आरोपी प्रशांत पद्मने और अब्दुल सत्तार के खिलाफ देश भर में लगभग 54 मामलों का पंजीकरण हो चुका है। दोनों व्यक्ति वर्तमान में फरार हैं और उनकी दुबई में मौजूदगी की जानकारी मिली है। मुंबई पुलिस ने इनके खिलाफ लाल खुफिया नोटिस जारी किया है।

गिरफ्तार
आरोपी अभिषेक नार्कर को न्यायालय में पेश किया गया और उसे जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक राजेंद्र मिश्रा, चौकी प्रभारी बिलहरी सुयश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक दामोदर राव, प्रधान आरक्षक संतोष प्रजापति और आरक्षक लव उपाध्याय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Gwalior: ‘सर मुझे पास कर दो, मेरी साली से आपकी शादी करवा दूंगा’

एमपी में 10वीं और 12वीं की परीक्षा की कॉपियों का निरीक्षण कर रहे शिक्षकों को छात्रों द्वारा लिखी गई अजीबोगरीब अनुरोध, अपीलें और सुझाव पढ़ने को मिल रहे हैं। मध्य प्रदेश में बोर्ड परीक्षा में काम कर रहे शिक्षकों को इस बार अजीब औऱ विचित्र प्रार्थनाएँ, अनुरोध और प्रपोजल मिले हैं, जिन्हें देख कर शिक्षकों को आश्चर्य हुआ। ग्वालियर शहर में हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक के कुल 2,66,173 उत्तर पत्रों का मूल्यांकन संपन्न हो चुका है। इस वर्ष 100 से ज्यादा कॉपियों में छात्रों द्वारा लिखी गई असामान्य अपीलें शिक्षकों को प्राप्त हुईं। कुछ छात्रों ने उत्तीर्ण कराने के लिए चौंकाने वाले सुझाव भी प्रस्तुत किए हैं। एक छात्र ने लिखा, “सर, मुझे पास कर दीजिए, मैं आपकी शादी अपनी साली से करवा दूंगा।“ वहीं एक छात्रा ने लिखा कि “सर, यदि मैं असफल हो गई तो मेरी शादी टूट जाएगी, कृपया मुझे पास कर दें।” एक अन्य छात्र ने बताया कि उसकी पढ़ाई गर्लफ्रेंड के ब्रेकअप के कारण प्रभावित हुई और उसने पास करने की गुहार लगाई। कई छात्राओं ने लिखा कि उनकी शादी तय है और असफल होने पर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, इसलिए उन्हें पास किया जाए। लगभग 23 छात्रों ने अपने माता-पिता की गंभीर बीमारी, जैसे कैंसर का हवाला देकर पढ़ाई न कर पाने की व्यथा लिखी और पास करने की प्रार्थना की। मूल्यांकन की देखरेख करने वाले अधिकारी ने कहा कि कॉपियों पर QR कोड होने के कारण छात्रों या उनके अभिभावकों को मूल्यांकन केंद्र की जानकारी नहीं मिलती। इसी कारण से, असमर्थ या कम तैयारी वाले छात्र भावनात्मक संदेश लिखते हैं। शिक्षकों ने सूचित किया कि कुछ छात्रों ने कॉपियों में 500 रुपये के नोट रख कर पास करने का अनुरोध किया। कुछ ने शायरी लिखी, जबकि कुछ ने मोबाइल नंबर देकर ऑनलाइन रिश्वत देने का प्रस्ताव भी दिया। हालाँकि, शिक्षकों ने इन सभी बातों को नजरअंदाज करते हुए केवल नियमों के अनुसार मूल्यांकन किया।

बोर्ड
के क्षेत्रीय अधिकारी मारुति सोमकुंवर ने जानकारी दी कि इस साल जिले में 49 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने परीक्षाओं में भाग लिया। कॉपियों की जांच अब पूरी हो चुकी है और परिणाम 12 अप्रैल तक जारी होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष परिणाम 6 मई को प्रकाशित हुआ था।

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